Matra Navami

Matra Navami 2025 Date: मातृ नवमी तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और पितरों को प्रसन्न करने के अचूक उपाय

Matra Navami: मातृ नवमी पितृ पक्ष के दौरान एक अत्यंत महत्वपूर्ण दिन होता है, विशेषकर उन माताओं, बहुओं और बेटियों के लिए जिनका निधन सुहागिन के रूप में हुआ हो। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष का इंतजार साल भर किया जाता है, क्योंकि यह पितरों की आत्मा की शांति के लिए सबसे पवित्र समय माना

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Surya Gochar 2025

Surya Gochar 2025: कन्या संक्रांति कब है तिथि, शुभ मुहूर्त और जानें किन राशियों को मिलेगी करियर में गुड न्यूज !

Surya Gochar 2025: सनातन धर्म में संक्रांति का विशेष महत्व है, और जब सूर्य देव एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस दिन को संक्रांति कहा जाता है। वर्ष 2025 में, कन्या संक्रांति तब मनाई जाएगी जब सूर्य देव अपनी सिंह राशि को छोड़कर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। यह दिन

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Durga in dreams

Maa Durga in dreams: सपने में मां दुर्गा को देखना शुभ या अशुभ? जानें क्या है इसका वास्तविक जीवन पर प्रभाव !

Maa Durga in dreams: सपने हमारे अवचेतन मन का एक आईना होते हैं, जो अक्सर हमारे वास्तविक जीवन में होने वाली घटनाओं या हमारे मन की स्थिति का संकेत देते हैं। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, ये सपने भविष्य में आने वाले शुभ या अशुभ प्रभावों की झलक भी दिखा सकते हैं। हर सपने का अपना

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Lord Rama

Where Does Lord Rama Stayed During 14 Years Of Exile: 14 वर्ष के वनवास के दौरान इन स्थानों पर ठहरे थे भगवान श्रीराम

Lord Rama: रामायण की कथा अनुसार जब भगवान राम अपनी पत्नी सीता और भाई के साथ 14 वर्षों के वनवास पर निकल गए थे तब उन्होंने यह समय भिन्न-भिन्न स्थानों पर व्यतीत किया था। आइए जानते हैं उन स्थानों के विषय में जहां श्रीराम ने अपना वनवास बिताया था। बस कुछ ही दिनों में भगवान

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Shri Navadurgasvarupanusandhana Stuti: श्री नवदुर्गास्वरूपानुसन्धानस्तुतिः

Shri Navadurgasvarupanusandhana Stuti: श्री नवदुर्गास्वरूपानुसन्धानस्तुतिः वक्ष्येऽहं नव दुर्गायाः स्वरूपाण्यधुना क्रमात् । प्रथमा वन दुर्गा स्यात् शूलिन्याख्या द्वितीयिका ॥ १॥ तृतीया जातवेदास्तु शान्तिदुर्गा चतुर्थिका । पञ्चमी शबरी दुर्गा ज्वलद् दुर्गा च षष्ठिका ॥ २॥ सप्तमी लवणाभिख्या दीपदुर्गा तथाऽष्टमी । नवमी ह्यासुरी दुर्गा प्रोक्ता एता नवाम्बिकाः ॥ ३॥ पुरा भण्डमहायुद्धे ललिताम्बाऽट्टहासतः । आविर्भूता इमा देव्यः मध्वाद्यसुरभीकराः ॥

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Shri Durgastavanam: श्रीदुर्गास्तवनम्

Shri Durgastavanam: श्रीदुर्गास्तवनम् महाकाली महालक्ष्मी महासरस्वती शिवे ।जगदम्बे महामाये शक्तिरूपे नमोऽस्तुते ॥ १॥ सुमाङ्गल्ये महेशानि सच्चिदानन्दरूपिणे ।सर्वदुःख हरे देवि मातर्दुर्गे नमोऽस्तुते ॥ २॥ सिंहस्कन्धसमारूढे सशस्त्रैर्समलङ्कृते ।अभयं कुरु मे मात तस्यैनित्यै नमो नमः ॥ ३॥ सृष्टि स्थितिलय कर्त्री परिपूर्णाच सर्वदा ।गौराङ्गीदैत्यदमनीं मातर्तस्यै नमो नमः ॥ ४॥ भक्तानां सुखदां नित्यां योगक्षेमकरीं सदा ।भयान्मे त्राहित्वन्नित्यं दुर्गेदेवि नमोऽस्तुते ॥

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ShrIchaNDIdhvajastotram: श्रीचण्डीध्वजस्तोत्रम्

ShrIchaNDIdhvajastotram: श्रीचण्डीध्वजस्तोत्रम् अस्य श्री चण्डीध्वज स्त्रोत्र महामन्त्रस्य । मार्कण्डेय ऋशिः ।अनुश्तुप् छन्दः । श्रीमहालक्ष्मीर्देवता । श्रां बीजम् । श्रीं शक्तिः ।श्रूं कीलकम् । मम वाञ्छितार्थ फलसिद्ध्यर्थं विनियोगः ।अङ्गन्यसः ।श्रां श्रीं श्रुं श्रैं श्रौं श्रः इति कर हृदयादिन्यासौ । श्यानन् ।ॐ श्रीं नमो जगत्प्रतिष्ठायै देव्यै भूत्यै नमो नमः ।परमानन्दरूपायै नित्यायै सततं नमः ॥ १ ॥ नमस्तेऽस्तु

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tIvrachaNDikAstotram: तीव्रचण्डिकास्तोत्रम्

tIvrachaNDikAstotram: तीव्रचण्डिकास्तोत्रम् अथवा श्रीमार्कण्डेयपुराणोक्त चण्डिकास्तोत्रम् । ॥ ध्यानम् ॥ चामुण्डा प्रेतगा विकृता चाऽहि भूषणादंष्ट्रालि क्षीणदेहा च गर्ताक्षी कामरूपिणी ।दिग्बाहुः क्षामकुक्षि मुशलं चक्रचामरेअङ्कुशं विभ्रती खड्गं दक्श्ःइणे चाथ वामके ॥ खेटं पाशं धनुर्दण्डं कुठारं चापि बिभ्रती या देवी खड्गहस्ता सकलजनपदव्यापिनी विश्वदुर्गाश्यामाङ्गी शुक्लपाशा द्विजगणगणिता ब्रह्मदेहार्थवासा । var शुक्लनासा द्विजगणनमिताज्ञानानां साधयन्ती यतिगिरिगमनज्ञान दिव्य प्रबोधा var साधयित्रीसा देवी दिव्यमूर्तिः प्रदहतु

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Vrat Tyohar List

September 2025 Vrat Tyohar List: ये है सितंबर के व्रत की लिस्ट, जानिए कब से शुरू हो रहे हैं शारदीय नवरात्र ?

September 2025 Vrat Tyohar List: सितंबर के महीने में त्योहारों की भरमार है, इसी महीने में शारदीय नवरात्र भी है तो वहीं ये महीना इस बार चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण दोनों का गवाह बनेगा। यहां हम लाए हैं सितंबर माह के व्रत-त्योहारों की लिस्ट, जिसे देखकर आप अपने पूरी महीने की प्लानिंग कर सकते हैं।

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Shri Navadurga Vandanam Prayer to Goddess Sri NavaDurga:श्रीनवदुर्गावन्दनम्

Shri Navadurga Vandanam Prayer to Goddess Sri NavaDurga:श्रीनवदुर्गावन्दनम् जगद्-वन्द्या नवदुर्गा देव्यः सुदिव्य-मातरः । आद्यं नुमः शैलपुत्रीं द्वितीयं ब्रह्मचारिणीम् ॥ १॥ चन्द्रघण्टां तृतीयं च कुष्माण्डां चतुर्थं तथा । पञ्चमं स्कन्दमातरं षष्ठं कात्यायनीं नुमः ॥ २॥ कालरात्रिं सप्तमं च महागौरीं नुमोऽष्टमम् । नवमं सिद्धिदात्रीं च सुभक्त्या प्रणता वयम् ॥ ३॥ प्रयच्छन्तु शुभं देव्यः सम्पदां चानुकम्पया । यातु

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Devi kavacha: देवीकवचम्

devI kavacha: देवीकवचम् ॥ अथ देव्याः कवचम् ॥ ॐ अस्य श्री चण्डीकवचस्य ॥ ब्रह्मा ऋषिः । अनुष्टुप् छन्दः । चामुण्डा देवता । अङ्गन्यासोक्तमातरो बीजम् । दिग्बन्ध देवतास्तत्त्वम् । श्रीजगदम्बाप्रीत्यर्थे सप्तशती पाठाङ्गत्वेन जपे विनियोगः ॥ ॥ ॐ नमश्चण्डिकायै ॥ मार्कण्डेय उवाच । ॐ यद्गुह्यं परमं लोके सर्वरक्षाकरं नृणाम् । यन्न कस्यचिदाख्यातं तन्मे ब्रूहि पितामह ॥ १॥

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durgAstutiH Essence of devI mAhAtmya kathA: दुर्गास्तुती देवीमाहात्म्यकथसाररूपा

durgAstutiH Essence of devI mAhAtmya kathA: दुर्गास्तुती देवीमाहात्म्यकथसाररूपा कल्पान्ते मधुकैटभासुरपराभूतस्य धातुः स्तवैःप्रीता पङ्कजलोचनस्य नयनान्निर्गत्य निद्रामयी ।तौ युद्धे परिमोह्य घातितवती तेनैव विश्वेश्वरीरोद्धुं घोरकृतान्तसैन्यमिह मे दुर्गैव दुर्गायताम् ॥ १॥ Being pleased by the praises sung by Brahma who was troubledby the asuras Madhu and Kaitabha at the end of a kalpa, She,the supreme Devi, supporter of the

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