Pitru Paksha

Pitru Paksha 2025 Date: पितृ पक्ष जानें क्या करें और क्या न करें, ताकि पितर रहें प्रसन्न और घर में आए सुख-समृद्धि !

Pitru Paksha 2025: सनातन धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व होता है। इसे श्राद्ध पक्ष भी कहा जाता है और यह अवधि हमारे पूर्वजों को समर्पित होती है। साल में ये 15 दिन पितरों के लिए होते हैं। मान्यता है कि इन दिनों हमारे पूर्वज पृथ्वी पर आते हैं और अपने परिवार को आशीर्वाद देते

Pitru Paksha 2025 Date: पितृ पक्ष जानें क्या करें और क्या न करें, ताकि पितर रहें प्रसन्न और घर में आए सुख-समृद्धि ! Read More »

Pitru Paksha 2025

Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष कब से शुरू होगा पितृपक्ष? जानें सही तिथि, महत्व और श्राद्ध के नियम

Pitru Paksha 2025: हिंदू धर्म में पितृपक्ष का विशेष महत्व है। यह वह समय है जब हम अपने पूर्वजों को याद करते हैं, उनका सम्मान करते हैं, और उनकी आत्मा की शांति के लिए विभिन्न अनुष्ठान करते हैं। पितृ पक्ष Pitru Paksha के दौरान पितरों का श्राद्ध और तर्पण करने का विधान है। यह माना

Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष कब से शुरू होगा पितृपक्ष? जानें सही तिथि, महत्व और श्राद्ध के नियम Read More »

Puratanapureshvari

Bhagavati Puratanapureshvari Stava: भगवती पुरातनपुरेश्वरीस्तवः

Bhagavati Puratanapureshvari Stava: भगवती पुरातनपुरेश्वरीस्तवः ॐ अन्नपूर्णेश्वर्यै नमः । पुराणपुरनायिके सुरवरेन्दुचूडप्रिये सुरासुरनमस्कृते कुरु कृपामनाथे मयि । जरामरणनाशिनीमधिगतास्सुरां वै सुराः चराचरसवित्रि ते चरणसेवयैवामराः ॥ १॥ पुरातनपुरालयप्रियविहारलोले, शिवे, पुरान्तकमनःप्रिये, पुरुषसोदरि, श्रीपुरे । सुरारिकुलमर्दिनि त्रिदिववीरसंरक्षिणि, स्फुरद्गुरुकृपानिधे कुरु कृपामनाथे मयि ॥ २॥ पुराणनिगमागमप्रकरबोधितप्राभवे, पुराणपुरुषार्चिते, शरणमम्ब तेऽङ्घ्रिद्वयम् । पुराणसुकृतव्रजप्रकटलब्धसन्दर्शने, पुराणपुरनायिके कुरु कृपामनाथे मयि ॥ ३॥ पुरा किल सुरेश्वरि, त्रिदशदुःखसम्भेदने पुरारिमुखदेवतानिचयलब्धरूपाऽभवः

Bhagavati Puratanapureshvari Stava: भगवती पुरातनपुरेश्वरीस्तवः Read More »

Puratanapureshvari

Annapurna Upanishad: अन्नपूर्णोपनिषत्

Annapurna Upanishad: अन्नपूर्णोपनिषत् सर्वापह्नवसंसिद्धब्रह्ममात्रतयोज्ज्वलम् ।त्रैपदं श्रीरामतत्त्वं स्वमात्रमिति भावये ॥ ॐ भद्रं कर्णेभिः श‍ृणुयाम देवाः ॥ भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्राः ॥ स्थिरैरङ्गैस्तुष्टुवाꣳसस्तनूभिः ॥ व्यशेम देवहितं यदायुः ॥ स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः ॥ स्वस्ति नः पूषा विश्ववेदाः ॥ स्वस्ति नस्तार्क्ष्यो अरिष्टनेमिः ॥ स्वस्ति नो बृहस्पतिर्दधातु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥ प्रथमोऽध्यायःहरिः ॐ निदाघो नाम योगीन्द्र ऋभुं ब्रह्मविदां वरम्

Annapurna Upanishad: अन्नपूर्णोपनिषत् Read More »

Puratanapureshvari

Annapurnastotram 3: अन्नपूर्णास्तोत्रम् ३

Annapurnastotram 3: अन्नपूर्णास्तोत्रम् ३ मन्दार-कल्प-हरिचन्दन-पारिजात- मध्ये शशाङ्क-मणिमण्डित-वेदिसंस्थे ।अर्धेन्दु-मौलि-सुललाट-षडर्धनेत्रे भिक्षां प्रदेहि गिरिजे! क्षुधिताय मह्यम् ॥ १॥ केयूर-हार-कटाङ्गद -कर्णपूरे काञ्ची कलाप-मणिकान्त-लसद्दुकूले ।दुग्धा-ऽन्नपात्र-वर-काञ्चन-दर्विहस्ते भिक्षां प्रदेहि गिरिजे! क्षुधिताय मह्यम् ॥ २॥ आली-कदम्ब-परिसेवित-पार्श्वभागे शक्रादिभि-मुकुलिताञ्जलिभिः पुरस्तात् ।देवि! त्वदीय-चरणौ शरणं प्रपद्ये भिक्षां प्रदेहि गिरिजे! क्षुधिताय मह्यम् ॥ ३॥ गन्धर्व-देव-ऋषिनारद-कौशिकाऽत्रि व्यासा-ऽम्वरीष -कलशोद्भव -कश्यपाद्याः ।भक्त्या स्तुवन्ति निगमाऽऽगम-सूक्तमन्त्रै- र्भिक्षां प्रदेहि गिरिजे! क्षुधिताय मह्यम् ॥ ४॥

Annapurnastotram 3: अन्नपूर्णास्तोत्रम् ३ Read More »

Puratanapureshvari

annapUrNAstotram 2: अन्नपूर्णास्तोत्रम् २

annapUrNAstotram 2: अन्नपूर्णास्तोत्रम् २ श्रीब्रह्मभैरव उवाच –साधनानि च सर्वाणि श्रुतानि तव सुव्रत ।इदानीं वद देवेश स्तोत्राणि कवचानि च ॥ १॥ श्रीशिव उवाच –कथयामि तव स्नेहात् स्तोत्राणि कवचानि च ।अन्नपूर्णाप्रीतिदानि सावधानोऽवधारय ॥ २॥ ह्रींकारं प्रथमं नमो भगवति स्वाहावसानां ध्रुवं मन्त्रं सप्तदशाक्षरं जपति ते माहेश्वरि प्रोक्षितम् ।ध्यायेऽम्बे तरुणारुणं तव वपुर्नित्यान्नपूर्णे शिवे गेहे तस्य विराजते सरभसं दिव्यान्नराशिर्ध्रुवम् ॥

annapUrNAstotram 2: अन्नपूर्णास्तोत्रम् २ Read More »

Anant Chaturdashi

Anant Chaturdashi 2025 Date: अनंत चतुर्दशी तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और गणेश विसर्जन का सम्पूर्ण ज्ञान

Anant Chaturdashi: हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी का पर्व एक विशेष महत्व रखता है. यह भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. यह दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा के लिए समर्पित है और इसी दिन गणेश उत्सव का भी समापन होता है, यानी गणेश जी का विसर्जन किया जाता

Anant Chaturdashi 2025 Date: अनंत चतुर्दशी तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और गणेश विसर्जन का सम्पूर्ण ज्ञान Read More »

Ganesh Visarjan

Ganesh Visarjan: गणेश उत्सव 2025: बप्पा के घर रहते और विसर्जन के दौरान भूलकर भी न करें ये काम, वरना लगेगा पाप !

Ganesh Visarjan:गणेश चतुर्थी का त्योहार भारत के सबसे प्रसिद्ध और प्रतीक्षित त्योहारों में से एक है। यह उत्सव पूरे वातावरण को आस्था और सकारात्मकता से भर देता है। 27 अगस्त 2025 से गणेश उत्सव की शुरुआत हो चुकी है, और घर-घर में बप्पा की स्थापना की जा रही है। भक्त 10 दिनों तक बप्पा की

Ganesh Visarjan: गणेश उत्सव 2025: बप्पा के घर रहते और विसर्जन के दौरान भूलकर भी न करें ये काम, वरना लगेगा पाप ! Read More »

Puratanapureshvari

ShrI Annapurnastotram: श्रीअन्नपूर्णास्तोत्रम् अपरनाम अन्नपूर्णाष्टकम्

ShrI Annapurnastotram: श्रीअन्नपूर्णास्तोत्रम् अपरनाम अन्नपूर्णाष्टकम् नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्यरत्नाकरीनिर्धूताखिलघोरपावनकरी प्रत्यक्षमाहेश्वरी । var घोरपापनिकरीप्रालेयाचलवंशपावनकरी काशीपुराधीश्वरीभिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी ॥ १॥ नानारत्नविचित्रभूषणकरी हेमाम्बराडम्बरीमुक्ताहारविलम्बमान विलसत् वक्षोजकुम्भान्तरी ।काश्मीरागरुवासिता रुचिकरी काशीपुराधीश्वरीभिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी ॥ २॥ योगानन्दकरी रिपुक्षयकरी धर्मार्थनिष्ठाकरीचन्द्रार्कानलभासमानलहरी त्रैलोक्यरक्षाकरी ।सर्वैश्वर्यसमस्तवाञ्छितकरी काशीपुराधीश्वरीभिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी ॥ ३॥ कैलासाचलकन्दरालयकरी गौरी उमा शङ्करीकौमारी निगमार्थगोचरकरी ओङ्कारबीजाक्षरी ।मोक्षद्वारकपाटपाटनकरी काशीपुराधीश्वरीभिक्षां देहि कृपावलम्बनकरी माताऽन्नपूर्णेश्वरी ॥ ४॥ दृश्यादृश्य

ShrI Annapurnastotram: श्रीअन्नपूर्णास्तोत्रम् अपरनाम अन्नपूर्णाष्टकम् Read More »

Puratanapureshvari

shrI annapUrNA sahasranAmAvaliH: श्रीअन्नपूर्णासहस्रनामावली

shrI annapUrNA sahasranAmAvaliH: श्रीअन्नपूर्णासहस्रनामावली ॥ श्रीगणेशाय नमः ॥ ॐ अन्नपूर्णायै नमः ॐ अन्नदात्र्यै नमः ॐ अन्नराशिकृताऽलयायै नमः ॐ अन्नदायै नमः ॐ अन्नरूपायै नमः ॐ अन्नदानरतोत्सवायै नमः ॐ अनन्तायै नमः ॐ अनन्ताक्ष्यै नमः ॐ अनन्तगुणशालिन्यै नमः ॐ अमृतायै नमः ॥ १०॥ ॐ अच्युतप्राणायै नमः ॐ अच्युतानन्दकारिणै नमः ॐ अव्यक्तायै नमः ॐ अनन्तमहिमायै नमः ॐ अनन्तस्य कुलेश्वर्यै

shrI annapUrNA sahasranAmAvaliH: श्रीअन्नपूर्णासहस्रनामावली Read More »

Puratanapureshvari

Shriannapurnasahasranamastotram: श्रीअन्नपूर्णासहस्रनामस्तोत्रम्

Shriannapurnasahasranamastotram: श्रीअन्नपूर्णासहस्रनामस्तोत्रम् श्रीरुद्रयामले कैलासशिखरासीनं देवदेवं महेश्वरम् ।प्रणम्य दण्डवद्भूमौ पार्वती परिपृच्छति ॥ १॥ श्रीपार्वत्युवाच ।अन्नपूर्णा महादेवी त्रैलोक्ये जीवधारिणी ।नाम्नां सहस्रं तस्यास्तु कथयस्व महाप्रभो ॥ २॥ श्रीशिव उवाच ।श‍ृणु देवि वरारोहे जगत्कारणि कौलिनि ।आराधनीया सर्वेषां सर्वेषां परिपृच्छसि ॥ ३॥ सहस्रैर्नामभिर्दिव्यैस्त्रैलोक्यप्राणिपूजितैः ।अन्नदायास्स्तवं दिव्यं यत्सुरैरपि वाञ्छितम् ॥ ४॥ कथयामि तव स्नेहात्सावधानाऽवधारय ।गोपनीयं प्रयत्नेन स्तवराजमिदं शुभम् ॥ ५॥ न प्रकाश्यं

Shriannapurnasahasranamastotram: श्रीअन्नपूर्णासहस्रनामस्तोत्रम् Read More »

Puratanapureshvari

Annapurnakavacham: अन्नपूर्णाकवचम्

Annapurnakavacham: अन्नपूर्णाकवचम् द्वात्रिंशद्वर्णमन्त्रोऽयं शङ्करप्रतिभाषितः ।अन्नपूर्णा महाविद्या सर्वमन्त्रोत्तमोत्तमा ॥ १॥ पूर्वमुत्तरमुच्चार्य सम्पुटीकरणमुत्तमम् ।स्तोत्रमन्त्रस्य ऋषिर्ब्रह्मा छन्दो त्रिष्टुबुदाहृतः ॥ २॥ देवता अन्नपूर्णा च ह्रीं बीजमम्बिका स्मृता ।स्वाहा शक्तिरिति ज्ञेयं भगवति कीलकं मतम् ॥ ३॥ धर्माऽर्थ-काम-मोक्षेषु विनियोग उदाहृतः ।ॐ ह्रीं भगवति माहेश्वरि अन्नपूर्णायै स्वाहा ।सप्तार्णवमनुष्याणां जपमन्त्रः समाहितः ॥ ४॥ अन्नपूर्णे इमं मन्त्रं मनुसप्तदशाक्षरम् ।सर्व सम्पत्प्रदो नित्यं सर्वविश्वकरी तथा ॥

Annapurnakavacham: अन्नपूर्णाकवचम् Read More »

App Download