पार्वती

सकलजननीस्तवः Sakalajannistvah

सकलजननिष्ट्वा एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है “सभी प्राणियों की माता”। यह शब्द भगवान शिव की पत्नी देवी पार्वती को संदर्भित करता है। देवी पार्वती को हिंदू धर्म में सभी प्राणियों की माता माना जाता है। वह सभी प्राणियों के लिए प्रेम और करुणा की देवी हैं। वह उनका पालन-पोषण करती हैं और उन्हें

सकलजननीस्तवः Sakalajannistvah Read More »

श्रीशिवास्तुतिकदम्बम् Sri Shivastutikdambam

श्री शिवस्तुतिकदंबम एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान शिव की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 10 श्लोकों में विभाजित है, और प्रत्येक श्लोक भगवान शिव के एक अलग गुण या रूप का वर्णन करता है। श्री शिवस्तुतिकदंबम का पहला श्लोक इस प्रकार है: नमो देवाय शर्वाय, सर्वशक्तिमते। नमस्तेऽस्तु योगिने, चंद्रशेखराय मुनीन्द्रार्चिताय। इस श्लोक में, भक्त

श्रीशिवास्तुतिकदम्बम् Sri Shivastutikdambam Read More »

श्रीशिवास्तुतिः Shrishivastuti:

श्रीशिवस्तुति: नमो महादेवाय, शिवाय परमात्मने। नमस्तेऽस्तु योगिने, चंद्रशेखराय मुनीन्द्रार्चिताय। नमस्तेऽस्तु योगनिद्रिहराय, परब्रह्म स्वरूपाय शंकाय। नमस्तेऽस्तु त्रिगुणात्मकाय, सर्वदेवमनोहारिणे। नमस्तेऽस्तु त्रिनेत्राय, सर्वशत्रु विनाशनाय। नमस्तेऽस्तु त्रिपुरांतकाय, भक्तवत्सल त्रिनेत्राय। नमस्तेऽस्तु त्रिलोकनाथाय, सर्वलोकहिताय। नमस्तेऽस्तु त्रिशूलधारकाय, ब्रह्मा विष्णु महेश्वराय। नमस्तेऽस्तु सर्वभूतानां, माता शरणमाश्रिता। तस्यै नमो नमस्तेऽस्तु, पार्वत्यै परमेश्वरि। अर्थ: हे महादेव, हे परमात्मा, हे योगिराज, हे चंद्रशेखर, हे मुनियों द्वारा पूजित,

श्रीशिवास्तुतिः Shrishivastuti: Read More »

श्रीशिवपुराम्बाष्टकम् Srisivapurambashtakam

श्री योगमब्शटकम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान शिव की योगमूर्ति की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 8 श्लोकों में विभाजित है, और प्रत्येक श्लोक भगवान शिव के एक अलग गुण या रूप का वर्णन करता है। श्री योगमब्शटकम् का पहला श्लोक इस प्रकार है: नमो योगिने चतुर्मुखाय, चंद्रशेखराय मुनीन्द्रार्चिताय। नमस्तेऽस्तु योगनिद्रिहराय, परब्रह्म स्वरूपाय शंकाय।

श्रीशिवपुराम्बाष्टकम् Srisivapurambashtakam Read More »

श्रीयोगाम्बाष्टकम् Sriyogambashtakam

श्री योगमब्शटकम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान शिव की योगमूर्ति की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 8 श्लोकों में विभाजित है, और प्रत्येक श्लोक भगवान शिव के एक अलग गुण या रूप का वर्णन करता है। श्री योगमब्शटकम् का पहला श्लोक इस प्रकार है: नमो योगिने चतुर्मुखाय, चंद्रशेखराय मुनीन्द्रार्चिताय। नमस्तेऽस्तु योगनिद्रिहराय, परब्रह्म स्वरूपाय शंकाय।

श्रीयोगाम्बाष्टकम् Sriyogambashtakam Read More »

श्रीपार्वत्यष्टकम् Shriparvatyashtakam

श्री पार्वती अष्टकम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो देवी पार्वती की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 8 श्लोकों में विभाजित है, और प्रत्येक श्लोक देवी पार्वती के एक अलग गुण या रूप का वर्णन करता है। श्री पार्वती अष्टकम् का पहला श्लोक इस प्रकार है: नमो देवी पार्वती, शंकरप्रियायै। सर्वदेवमनोहारि, नमस्तुभ्यं पद्मजाय। इस श्लोक में,

श्रीपार्वत्यष्टकम् Shriparvatyashtakam Read More »

श्रीपार्वतीस्तोत्रम् Sriparvatistotram

श्रीपार्वतीस्तोत्रम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो देवी पार्वती की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 10 श्लोकों में विभाजित है, और प्रत्येक श्लोक देवी पार्वती के एक अलग गुण या रूप का वर्णन करता है। श्रीपार्वतीस्तोत्रम् का पहला श्लोक इस प्रकार है: या देवी सर्वभूतानां, माता शरणमाश्रिता। तस्यै नमो नमस्तेऽस्तु, पार्वत्यै परमेश्वरि। इस श्लोक में, भक्त

श्रीपार्वतीस्तोत्रम् Sriparvatistotram Read More »

श्रीपार्वतीश्रीकण्ठस्तोत्रम् Sri ParvatiSrikanthastotram

श्री पार्वती श्रीकंठस्तव एक संस्कृत स्तोत्र है जो देवी पार्वती और भगवान शिव के मिलन की महिमा का वर्णन करता है। यह स्तोत्र 10 श्लोकों में विभाजित है, और प्रत्येक श्लोक देवी पार्वती और भगवान शिव के प्रेम और भक्ति को दर्शाता है। श्री पार्वती श्रीकंठस्तव का पहला श्लोक इस प्रकार है: देवी पार्वती शंकरस्य

श्रीपार्वतीश्रीकण्ठस्तोत्रम् Sri ParvatiSrikanthastotram Read More »

श्रीपार्वतीश्रीकण्ठस्तुतिः Shree ParvatiShreeKanthastutiH

श्री पार्वती श्रीकंठस्तव एक संस्कृत स्तोत्र है जो देवी पार्वती और भगवान शिव के मिलन की महिमा का वर्णन करता है। यह स्तोत्र 10 श्लोकों में विभाजित है, और प्रत्येक श्लोक देवी पार्वती और भगवान शिव के प्रेम और भक्ति को दर्शाता है। श्री पार्वती श्रीकंठस्तव का पहला श्लोक इस प्रकार है: देवी पार्वती शंकरस्य

श्रीपार्वतीश्रीकण्ठस्तुतिः Shree ParvatiShreeKanthastutiH Read More »

श्रीजगदम्बास्तुतिः २ Srijagadambastutih 2

श्री जगदम्बास्तुति 2 एक संस्कृत स्तोत्र है जो देवी दुर्गा की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 10 श्लोकों में विभाजित है, और प्रत्येक श्लोक देवी के एक अलग गुण या रूप का वर्णन करता है। श्री जगदम्बास्तुति 2 का पहला श्लोक इस प्रकार है: सर्वमंगलमांगल्ये, शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरी, नारायणि नमोऽस्तु ते। इस श्लोक

श्रीजगदम्बास्तुतिः २ Srijagadambastutih 2 Read More »

श्रीजगदम्बास्तुतिः Shrijagdambastutih

श्री जगदम्बास्तुति एक संस्कृत स्तोत्र है जो देवी दुर्गा की स्तुति करता है। यह स्तोत्र 10 श्लोकों में विभाजित है, और प्रत्येक श्लोक देवी के एक अलग गुण या रूप का वर्णन करता है। श्री जगदम्बास्तुति का पहला श्लोक इस प्रकार है: नमो देव्यै महादेव्यै, नमस्ते जगदम्बिके। सर्वशक्तिमते देवी, नमस्तेऽस्तु परमेश्वरि। इस श्लोक में, भक्त

श्रीजगदम्बास्तुतिः Shrijagdambastutih Read More »

श्रीगौरीगिरीशकल्याणस्तवः Shreegaureegirish kalyaanastavah

श्रीगौरीगीरिषकल्याणस्तोत्रम् (Shri Gauri Girish Kalyana Stavarah) एक संस्कृत स्तोत्र है जो भगवान शिव और पार्वती के विवाह का वर्णन करता है। यह स्तोत्र 10 श्लोकों में विभाजित है, और प्रत्येक श्लोक विवाह के एक अलग पहलू का वर्णन करता है। श्रीगौरीगीरिषकल्याणस्तोत्रम् का पहला श्लोक इस प्रकार है: श्रीगौरीगीरिषकल्याणस्तोत्रं श्रृणु देवि। यत्पठनात्सर्वकामानां सिद्धिर्भवति निश्चयम्। इस श्लोक

श्रीगौरीगिरीशकल्याणस्तवः Shreegaureegirish kalyaanastavah Read More »

App Download