नाग पंचमी पौराणिक कथा पौराणिक कथा के अनुसार जनमेजय अर्जुन के पौत्र राजा परीक्षित के पुत्र थे। जब जनमेजय ने...
- All Posts
- AARTI
- ASTROLOGY
- AUSTRALIA
- AVATAR
- AYODHYA
- AYURVEDA
- BHAJAN
- BHOPAL
- BLOG
- CHALISA
- DEV
- DEVI
- DURGA
- DURGA MANTRA
- EKADASHI
- FESTIVAL
- GANESH
- GANESH MANTRA
- GORAKHPUR
- HANUMAN JI
- HARIDWAR
- HOROSCOPE
- INDORE
- KRISHNA
- KRISHNA MANTRA
- LAKSHMI
- MADHYA PRADESH
- MANDIR
- MANTRA
- MATA ANNAPURNA MANTRA
- MATHURA
- MYTHOLOGICAL PLACE
- MYTHOLOGICAL STORIES
- PITRU PAKSHA
- PRASANG
- PRAYAGRAJ
- PUJA
- RAHASY
- RAM
- RISHI MUNI
- RISHIKESH
- SANSKRIT
- SANT
- SARASWATI
- SHIV
- SHIV MANTRA
- STOTRAM
- UJJAIN
- UTTAR PRADESH
- UTTARAKHAND
- VIKRAM AND BETAAL
- VISHNU
- VRAT
- VRAT KATHA
- VRINDAVAN
- Back
- RAMAYANA
विष्णु भगवान की तीन पत्नियां थीं। लक्ष्मी, सरस्वती और गंगा। तीनों बड़ी गुणवती और सौम्य हृदयया थीं, पर तीनों की...
प्रसंग द्वैत वन का है। चित्रसेन गंधर्व के बन्धन से राजा दुर्योधन को छुडाकर युधिष्ठिर पुनः द्वैत वन लौट गए।...
प्राचीन समय में उज्जयिनी नगरी में राजा आदित्य सेन राज करते थे। वह बडे ही शूरवीर तथा प्रजा-वत्सल थे। एक...
पूर्वकाल में उत्कल (उड़ीसा) प्रदेश के शबरपल्ली नगर में विश्ववसु नामक एक व्यक्ति रहता था। वह विष्णु का भक्त था।...
बहुत पहले की बात है, नरोत्तम नाम का एक ब्राह्मण था। उसके घर में मां बाप थे तथापि वह उनकी...
एक बार मुनियों में परस्पर इस विषय पर बड़ा विवाद हुआ कि किस समय का किया गया थोड़ा-सा भी पुण्य...
प्राचीन काल में एक राजा थे, जिनका नाम था इन्द्रद्युम्न । वे बड़े दानी, धर्मज्ञ और सामर्थ्यशाली थे। धनार्थियों को...
वन में श्री शंकरजी का एक मन्दिर था। भीलकुमार कण्णप्प आखेट करने निकला और घूमता-घामता उस मन्दिर तक पहुंच गया।...










KARMASU