HANUMAN JI

Hanuman Jayanti

Tamil Hanuman Jayanti 2025 Date And Time:कन्नड़ और तमिल हनुमान जयंती कब है,जानें….

Kannada Hanuman Jayanti 2025 Date And Puja Vidhi: दक्षिण भारत  में हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वहीं तमिलनाडु में हनुमान जयंती मार्गशीर्ष माह की अमावस्या को मनाई जाएगी। हिंदू पौराणिक कथाओं में भगवान हनुमान की बहुत प्रासंगिकता है और हनुमान जयंती पूरे देश में बहुत धूमधाम और भव्यता के साथ मनाई जाती है। भक्तों का मानना ​​है कि भक्ति और समर्पण के साथ देवता की पूजा करने से उनके दुख और दर्द दूर हो जाते हैं और उनके स्थान पर उत्साह, साहस और बहादुरी आ जाती है। दक्षिण भारत में, मुख्य रूप से तमिलनाडु में हनुमान जयंती को हनुमत जयंती के रूप में मनाया जाता है। Kannada Hanuman Jayanti 2025 Date And Puja Vidhi:  इसके साथ ही मार्गशीर्ष माह के शुक्ल की त्रयोदशी तिथि है। इसके चलते आज कर्नाटक में हनुमान जयंती मनाई जाएगी। वहीं, तमिल में हनुमान जयंती मार्गशीर्ष माह की अमावस्या को पड़ेगी। Hanuman Jayanti इस कारण आज के दिन हनुमान जी का पूजन बेहद ही फलदायक रहेगा। वहीं, मार्गशीर्ष माह की अमावस्या पर तमिल में हनुमान जयंती मनाई जाएगी। क्या है तमिल हनुमान जयंती की डेट:What is the date of Tamil Hanuman Jayanti? उत्तर भारत में चैत्र माह की पूर्णिमा को भगवान हनुमान का जन्मदिन मनाया जाता है। वहीं, दक्षिण भारत में मार्गशीर्ष माह की त्रयोदशी और अमावस्या को मनाया जाता है। अब मार्गशीर्ष माह के शु्क्ल पक्ष की त्रयोदशी तो 3 दिसंबर को है, लेकिन मार्गशीर्ष माह की अमावस्या 19 दिसंबर को होगी। दरअसल दक्षिण भारत में पहले शुक्ल पक्ष आता है और फिर कृष्ण पक्ष आता है। ऐसे में उत्तर भारत में पौष माह के कृष्ण पक्ष की जब अमावस्या होगी, तब वहां मार्गशीर्ष माह की अमावस्या तिथि होगी। दक्षिण भारत का कैलेंडर उत्तर भारत के कैलेंडर से 15 दिन पीछे रहता है। तमिल कैलेंडर में मार्गशीर्ष माह की अमावस्या को हनुमान जयंती मनाते हैं और यह 2025 में 19 दिसंबर को पड़ रही है। इस दिन विशेष अभिषेक, वेनाई काप्पू और वडई माला चढ़ाई जाती है। अलग-अलग तिथियों पर मनाई जाती है हनुमान जयंती:Hanuman Jayanti is celebrated on different dates हनुमान जयंती साल में चार बार विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग तिथियों पर मनाई जाती है। उत्तर भारत में चैत्र पूर्णिमा पर, आंध्र-तेलंगाना में ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष दशमी पर, लेकिन दक्षिण में ये मार्गशीर्ष में मनाई जाती है। हनुमान जयंती का क्या है महत्व:What is the significance of Hanuman Jayanti? ऐसा माना जाता है कि भगवान हनुमान का जन्म मार्गशीर्ष अमावस्या के दौरान हुआ था जब मूलम नक्षत्र प्रबल था। अधिकांश वर्ष मार्गशीर्ष अमावस्या मूलम नक्षत्र के साथ मेल खाती है। जिन वर्षों में मार्गशीर्ष अमावस्या मूलम नक्षत्र के साथ मेल नहीं खाती है, तो उत्सव की तारीख निर्धारित करने के लिए अमावस्या के दिन को प्राथमिकता दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि भगवान हनुमान का जन्म सूर्योदय के दौरान हुआ था – इसलिए, मंदिरों में आध्यात्मिक प्रवचन शुरू होते हैं जो भोर में शुरू होते हैं और सूर्योदय के बाद समाप्त होते हैं। हनुमान जी रामभक्त और संकटमोचन हैं। प्रभु का पूजन भय, नकारात्मक ऊर्जा और असफलता से मुक्ति दिलाता है।। कन्नड़ परंपरा में यह व्रत ‘हनुमान व्रतम’ कहलाता है, जो साहस, सफलता और बाधा निवारण के लिए रखा जाता है। आज के दिन हनुमान जी की उपासना से जीवन में स्थिरता आती है और हर काम आसान हो जाता है। कन्नड़ हनुमान जयंती पूजा विधि:Kannada Hanuman Jayanti Puja Method सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें। घर के बाहर रंगोली बनाएं। शुभ मुहूर्त में हनुमान जी की मूर्ति या फोटो स्थापित करें। सिंदूर, रोली, अक्षत, चंदन और फूल चढ़ाएं। माला अवश्य चढ़ाएं। धूप जलाकर हनुमान चालीसा और बजरंग बान का पाठ करें। हनुमान मंत्रों का जप करें। भोग में लड्डू, बेसन के लड्डू या फल चढ़ाएं। आरती करें और भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें। व्रत शाम तक रखें या फलाहार करें। इसके साथ ही हनुमान जी के ॐ हं हनुमते नमः और ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा मंत्रों का जाप करें।

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Mangalwar Daan: मंगलवार को इन चीजों के दान से चमक उठेगी किस्मत,हनुमान जी की कृपा से शांत रहेंगे मंगलदेव

Mangalwar ko Kya Daan Kare : मंगलवार के दिन कुछ चीजों के दान करने से मंगलदेव शांत रहते हैं। जैसे, मंगलवार को माचिस दान करने से हनुमान की कृपा से जीवन में सुख और समृद्धि का वास होता है। आइए, जानते हैं मंगलवार को किन चीजों का दान करें। मंगलवार Mangalwar का दिन हनुमान जी को समर्पित होता है। इस दिन मंगल और शनि की शांति के लिए भी विशेष उपाय किए जाते हैं। मंगल की शांति से वैवाहिक और पारिवारिक जीवन शांत रहता है। मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा के साथ कुछ विशेष चीजें दान करने से मंगल का नकारात्मक प्रभाव शांत होता है और आपकी जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर में माचिस का दान करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से जीवन में खुशहाली आती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए, जानते हैं मंगलवार के दिन क्या दान करना चाहिए। संपत्ति विवाद से मिल सकता है छुटकारा Can get relief from property dispute अगर आपका कोई संपत्ति विवाद चल रहा हो तो और वह काफी समय से सोल्व नहीं हो पा रहा हो तो मंगलवार (Mangalwar) के दिन हनुमान मंदिर में एक नारंगी रंग का तिकोना ध्वज चढ़ा दें। ऐसा करने से आपको हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त होगा। साथ ही संपत्ति विवाद जल्द ही सुलझ सकता है। संतान सुख के बन सकते हैं योग: santaan sukh ke ban sakate hain yog ज्योतिष अनुसार अगर काफी कोशिश के बाद भी संतान सुख नहीं मिल पा रहा हो तो  पति-पत्नी मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंदिर जाएं और एक लड्डू हनुमान जी को अर्पित करें. साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करें और इसके बाद उस लड्डू को आधा- आधा पति- पत्नी खा लें। ऐसा करने से जल्दी ही संतान प्राप्ति के योग बनेंगे। साथ ही मंगल ग्रह का आशीर्वाद प्राप्त होगा। मुकदमा के मिल सकता है छुटकारा: mukadama ke mil sakata hai chutakara अगर आप पर कोई कोर्ट केस या मुकदमा चल रहा हो और आप उससे परेशान है। फिजूल धन खर्च हो रहा हो तो मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर में जाकर उनकी प्रतिमा के आगे लाल रंग का कपड़ा सुबह के समय अर्पित कर दें। ऐसा करने से आपको जल्दी कोर्ट- कचहरी के मामलों में सफलता मिल सकती है। साथ ही अगर मंगल ग्रह कुंडली में निगेटिव है तो भी यह उपाय कर सकते हैं। mangalwar ko chola chadhaen hanumaan jee ko: मंगलवार को चोला चढ़ाएं हनुमान जी को मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर में चमेली का तेल मिलाकर चोला चढ़ाएं। ऐसा करने से आपको शनि दोष और मंगल दोष दोनो से मुक्ति मिल सकती है। इन वस्तुओं का करें दान: Donate these items मंगलवार के दिन सुबह किसी जरूरतमंद या ब्राह्राण को गेंहू, गुड, माचिस, तम्बा, स्वर्ण, गौ, मसूर दाल, रक्त चंदन, रक्त पुष्प, मिष्टान एवं द्रव्य और भूमि दान करना चाहिए। ऐसा करने से मंगल दोष से मुक्ति मिलती है। साथ ही उनकी कृपा प्राप्ति होती है। मंगलवार को दान करें लाल रंग की वस्तुएं mangalwar ko daan kare lal Rang ki bastuye लाल रंग के वस्त्रों का दान शुभ फलदायी होता है। कुर्ता, साड़ी या रुमाल जैसे लाल कपड़े दान करने से जीवन में सुख और समृद्धि आती है। विशेषकर मंगलवार को लाल वस्त्र दान करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मंगलवार को दान करें बेसन के लड्डू mangalwar ko daan kare besan ke laddu हनुमान जी को बेसन के लड्डू पसंद हैं। मंगलवार को बेसन के लड्डू दान करना अच्छा माना जाता है। बेसन के लड्डू का दान शुभ फल देता है। मंगलवार को हनुमान जी को बेसन के लड्डू अर्पित करने से विशेष कृपा मिलती है। मंगलवार को दान करें दलिया-चावल mangalwar Ko dan kare daliya chawal मंगलवार को आर्थिक संकट दूर करने के लिए दान अवश्य करना चाहिए। मंगलवार को दलिया और चावल का दान करना शुभ होता है। ऐसा करने से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। दरिद्रता दूर करने में यह दान सहायक है।

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Tuesday Hanuman Bhog Recipes:मंगलवार को ये 10 मीठी चीजें चढ़ाएं श्री हनुमान को, धन समृद्धि के साथ मिलेगा विजय का आशीर्वाद

Tuesday Hanuman Bhog Recipes:हिंदू धर्म में हनुमानजी का अत्यंत महत्व है। ऐसी मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा, उपासना, मंत्र और पाठ से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं। धार्मिक मान्यतानुसार, श्रीराम की आज्ञा का पालन करते हुए आज भी हनुमान जी भक्तों की रक्षा और कल्याण के लिए पृथ्वी लोक में वास करते हैं। लोगों की हनुमान जी में इतनी आस्था और विश्वास है कि माना जाता है कि बड़ी से बड़ी समस्या का निवारण हनुमानजी की पूजा से हो जाता है। हनुमानजी की कृपा से ही धन, विजय और आरोग्य की प्राप्ति होती है। Tuesday Hanuman Bhog Recipes ज्योतिषविद्या में हनुमान जी के पूजा के लिए कुछ उपाय बताएं गए हैं, ऐसा माना जाता है कि इन उपायों से जीवन के दुर्भाग्य को सौभाग्य में बदला जा सकता है। आइए जानते हैं। मंगलवार Tuesday Hanuman Worship के दिन पवनपुत्र श्री राम के प्रिय भक्त हनुमान जी का पूजन करने का विधान है। मंगलवार के दिन बजरंगबली को बूंदी के लड्डू या बूंदी के प्रसाद का भोग Hanuman Prasad Recipes लगाने से वे प्रसन्न होते है। वैसे तो मंगलवार और शनिवार दोनों ही दिन हनुमान Hanuman जी का पूजन करने और उन्हें प्रसन्न करने के लिए मिठाई Sweets, पकवानों का प्रसाद या भोग Bhog लगाएं, तो निश्चित ही उनकी कृपा बरसती है तथा जीवन के हर संकट दूर होते हैं। Tuesday Hanuman Bhog Recipes:यहां पढ़ें हनुमान जी के प्रिय 10 भोग- 10 Best Hanuman Bhog Recipes 1. केसरी बूंदी लड्‍डू Kesari Bundi Laddu सामग्री : 3 कटोरी बेसन (दरदरा पिसा हुआ), 2 कटोरी चीनी, एक छोटा चम्मच इलायची पावडर, काजू अथवा बादाम पाव कटोरी, केसर 5-6 लच्छे, मीठा पीला रंग चुटकी भर, तलने के लिए पर्याप्त मात्रा में देसी घी, पाव कप दूध। विधि : सबसे पहले बेसन को छान लें। उसमें चुटकी भर मीठा पीला रंग मिलाइए और पानी से घोल तैयार कर लीजिए। Tuesday Hanuman Bhog Recipes अब एक तपेले में पानी एवं शकर को मिलाकर एक तार की चाशनी तैयार कर लें। चाशनी में थोड़ा-सा पीला रंग और केसर हाथ से मसलकर डाल दीजिए। साथ ही पिसी इलायची भी डाल दें। एक कड़ाही में घी गर्म करके छेद वाली स्टील की चलनी या झारे की सहायता से थोड़ी-थोड़ी करके सारे घोल की बूंदी बनाते जाइए और चाशनी में डालते जाइए। जब बूंदी पूरी तरह चाशनी पी लें, तब हाथ पर हल्का-सा घी या पानी लगाकर हल्के से दबाते हुए सभी बूंदी के लड्‍डू तैयार कर लें। लड्‍डू बनाते समय सभी पर एक-एक काजू अथवा बादाम लड्‍डू के ऊपर हाथ से दबा दें। Tuesday Hanuman Bhog Recipes घर पर तैयार किए गए इन खास लड्‍डूओं से भोग लगाएं। 2. बेसन लड्डू Besan Laddu  सामग्री : एक कप दरदरा पिसा मोटा बेसन, 4-5 बड़ा चम्मच घी, शकर बूरा एक कप, 1 चम्मच पिसी इलायची, चांदी का वर्क, मेवे की कतरन अंदाज से। विधि : सबसे पहले एक कड़ाही में बेसन लेकर 4-5 चम्मच घी डालें व लगातार चलाते रहें, जब तक कि बेसन हल्का भूरा ना हो जाए। यह भी ध्यान रखें कि बेसन जल न जाएं। अब ठंडा करें। अब शकर बूरा, पिसी इलायची व मेवे की कतरन डालकर चलाते रहें। Tuesday Hanuman Bhog Recipes जब गुनगुना हो जाए तब इसके लड्डू बनाएं और ऊपर से चांदी का वर्क लगाकर भगवान को भोग लगाएं।  3. रसभरी इमरती Imrati Sweets सामग्री : 250 ग्राम छिलकेरहित उड़द की दाल, 50 ग्राम अरारोट, 500 ग्राम शकर, 1 चुटकी केसरिया पीला रंग खाने का, तलने के लिए घी, जलेबी बनाने वाला गोल छेद का रुमाल के बराबर मोटा कपड़ा। विधि : सबसे पहले उड़द की दाल को धोकर 4-5 घंटे पानी में गलाइए। निथारकर मिक्सर में हल्का-सा पानी का छींटा देकर चिकना पीसिए। पिसी हुई दाल में पीला रंग और अरारोट मिलाकर खूब अच्छी तरह फेंटिए (थाली या परात में हथेली की सहायता से फेंटने में आसानी रहेगी)। अब शकर की डेढ़ तार की चाशनी बनाइए। एक समतल कड़ाही लेकर उसमें घी गर्म करें। जलेबी बनाने वाले कपड़े में फेंटी हुई दाल का थोड़ा घोल भरें। मुट्ठी से कपड़ा बंद कर तेज आंच पर गोल-गोल कंगूरेदार इमरती बनाकर कुरकुरी तलिए। झारे से निथारकर इन्हें चाशनी में डुबोकर निकाल लें। लीजिए घर पर बनी रसीली इमरती तैयार है। Tuesday Hanuman Bhog Recipes इस पकवान से भगवान को भोग लगाएं। 4. मलाई-मिश्री लड्‍डू Mlai Mishri Laddu  सामग्री : सूखे खोपरे का बूरा 150 ग्राम, 200 ग्राम मिल्‍क मेड, Tuesday Hanuman Bhog Recipes एक कप गाय के दूध की फ्रेश मलाई, आधा कप गाय का दूध, इलायची पावडर, 5 छोटे चम्मच मिल्‍क पावडर, कुछेक लच्छे केसर। भरावन मसाला सामग्री : 250 ग्राम मिश्री बारीक पिसी हुई, पाव कटोरी पिस्ता कतरन, 1 चम्मच मिल्‍कमेड, दूध मसाला एक चम्मच। विधि : सर्वप्रथम खोपरा बूरा, मिल्क मेड, दूध, मिल्क पावडर और पिसी इलायची को अच्छी तरह मिला लें। तत्पश्चात माइक्रोवेव में 5-7 मिनट तक इसे माइक्रो कर लें। अब भरावन सामग्री को अलग से 1 कटोरे में मिक्स कर लें। 1 छोटी कटोरी में 4-5 केसर के लच्छे कम पानी में गला दें। अब माइक्रोवेव से निकले मिश्रण को 10-15 मिनट तक सूखने दें, फिर उसमें भरावन मसाला सामग्री डालकर मिश्रण को अच्छी तरह मिलाएं और उसके छोटे-छोटे लड्डू बना लें। सभी लड्‍डू तैयार हो जाने पर उनके ऊपर केसर का टीका लगाएं। Tuesday Hanuman Bhog Recipes ऊपर से केसर-पिस्ता से सजाएं और मलाई-मिश्री के लड्‍डू पेश करें। 5. केसरिया मालपुए Kesriya Malpua  सामग्री : एक कप ताजा दूध, एक कप मैदा, एक कप चीनी, एक चम्मच नीबू रस, एक चम्मच सौंफ, तेल (तलने और मोयन के लिए), कुछेक केसर के लच्छे, पाव कटोरी मेवे की कतरन। विधि : सबसे पहले मैदा छानकर उसमें 2 चम्मच तेल का मोयन मिलाकर दूध तथा सौंफ डालकर गाढ़ा घोल तैयार कर लें। Tuesday Hanuman Bhog Recipes अब एक बर्तन में चीनी, नींबू रस और पानी डालकर चाशनी तैयार कर लें, उसमें केसर के लच्छे डालें और उबालें। तत्पश्चात एक कड़ाही में तेल गरम करके एक कड़छी से घोल डालें और कुरकुरा होने तक तल लें। Tuesday Hanuman Bhog Recipes फिर चाशनी में डुबोकर एक अलग बर्तन में रखते जाएं। ऊपर से मेवे की कतरन बुरकाकर भोग लगाएं।

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Bada Mangal 2025 Mai Kab Hai: कब शुरू होगा बड़ा मंगल? जानें इसका महत्व, पूजा विधि और डेट

Bada Mangal 2025 Mai Kab Hai:ज्येष्ठ महीने के सभी मंगलवारों को भगवान हनुमान Hanuman की विशेष आराधना की जाती है और लोग भंडारे राम कथा सुंदरकांड जैसे मांगलिक काम करवाते हैं। का यह पर्व भगवान हनुमान के प्रति अटूट श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। इसे बुढ़वा मंगल (Bada Mangal 2025 Start Date) भी कहा जाता है। इस दिन पूजा-अर्चना करने से भक्तों के सभी कष्टों का अंत होता है। बड़ा मंगल ज्येष्ठ मास के प्रत्येक मंगलवार को मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण हिन्दू पर्व है। यह विशेष रूप से उत्तर भारत में मनाया जाता है। यह पर्व भगवान हनुमान की पूजा के लिए समर्पित है। Bada Mangal 2025 Mai Kab Hai भक्त इस दिन विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और उपवास रखते हैं। पंचाग के अनुसार, इस साल बड़ा मंगल 13 मई, 2025 से शुरू होगा। ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले सभी मंगलवार बड़े मंगल के रूप में मनाए जाएंगे, तो आइए सभी बड़े मंगल (Bada Mangal 2025) की डेट जानते हैं। Kab Hai Bada Mangal 2025: सनातन धर्म में सप्ताह के सभी दिन का विशेष महत्व है। हर दिन किसी न किसी देवी-देवताओं को समर्पित है। ठीक इसी प्रकार मंगलवार के दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम के परम भक्त हनुमान की पूजा करने का विधान है। Bada Mangal 2025 Mai Kab Hai साथ ही जीवन के संकटों को दूर करने के लिए व्रत किया जाता है। Bada Mangal 2025 Mai Kab Hai शास्त्रों के अनुसार, ज्येष्ठ माह के प्रथम मंगलवार को भगवान श्री राम और हनुमान जी की मुलाकात हुई थी। इसलिए ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले सभी मंगलवार को अधिक महत्वपूर्ण माना गया है। इस माह के मंगलवार को बड़ा मंगल और बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है।  बड़े मंगल की डेट (Bada Mangal 2025 Date) बड़ा मंगल का धार्मिक महत्व (Bada Mangal 2025 Significance) Bada Mangal 2025 Mai Kab Hai:बड़े मंगल का बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है। ऐसी मान्यता है कि त्रेता युग में ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन ही भगवान राम और हनुमान जी की पहली मुलाकात हुई थी। तभी से इस दिन को अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। एक अन्य कथा के अनुसार, अवध के नवाब शुजा-उद-दौला की पत्नी को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, जिसके बाद उन्होंने अलीगंज में हनुमान मंदिर का निर्माण कराया। मंदिर का निर्माण ज्येष्ठ मास में पूरा हुआ, और इसी दिन से इस महीने के सभी मंगलवार को बड़ा मंगल के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हुई। बड़ा मंगल आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का भी प्रतीक है। Bada Mangal 2025 Mai Kab Hai इस दिन हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग मिलकर भंडारे आयोजित करते हैं और भगवान हनुमान की सेवा करते हैं। Bada Mangal 2025 Mai Kab Hai:इन चीजों का लगाएं भोग हनुमान जी की पूजा के दौरान उन्हें भोग जरूर लगाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि प्रभु को इमरती का भोग लगाने से वह प्रसन्न होते हैं। हनुमान जी को बेसन के लड्डू प्रिय है। बड़ा मंगल के दिन बजरंगबली को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं। इससे जातक की सभी मनचाही मनोकामनाएं पूरी होती हैं। हनुमान जी पूजा मंत्र (Bada Mangal 2025 Puja Mantra) ॐ हनु हनुमते नमः ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय अमित विक्रमाय प्रकटपराक्रमाय महाबलाय सूर्य कोटिसमप्रभाय रामदूताय स्वाहा। बड़ा मंगल पूजा विधि (Bada Mangal Puja Vidhi) इस दिन सुबह उठकर स्नान करें। सूर्य देव को जल अर्पित करें। चौकी पर पर हनुमान जी की मूर्ति विराजमान करें। उन्हें सिंदूर और फूलों की माला अर्पित करें। देशी घी का दीपक जलाकर आरती करें। इसके बाद लड्डू, फल और मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं। सच्चे मन से सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करें। जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति और संकटों को दूर करने के लिए प्रार्थना करें। श्रद्धा अनुसार गरीब लोगों में धन, अन्न और वस्त्र का दान करें।

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Hanuman Ji:मंगलवार को इस उपाय से प्रसन्न होते हैं बजरंगबली, इन मंत्रों का भी जरूर करें जाप

Hanuman Ji:हिंदू धर्म में सप्ताह का हर दिन देवी-देवताओं की पूजा के लिए समर्पित होता है. मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है. मान्यता है कि मंगलवार के दिन बजरंगबली की पूजा करने से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं. हनुमान जी बल, बुद्धि और विद्या के दाता हैं. इनकी पूजा करने से बल के साथ-साथ बुद्धि भी प्राप्त होती है. ऐसे में आइए पढ़ते हैं हनुमान जी के कुछ चमत्कारी मंत्र. मंगलावर का दिन काफी खास माना जाता है. इस दिन बजरंग बली की पूजा की जाती है. इस दिन अगर आप कुछ उपाय करते हैं तो जीवन की सभी परेशानियों को दूर हो सकती हैं. आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं, जिन्हें अगर आप मंगलवार को करते हैं तो हनुमान जी Hanuman Ji को प्रसन्न कर आपकी मनोकामना पूरी कर सकते हैं. Mangalwar ke Mantra:मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने से कई लाभ मिलते हैं. मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी के कुछ मंत्रों का जाप करने से सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं. आइए एस्ट्रोलॉजर डॉ.रुचिका अरोड़ा से जानते हैं हनुमान जी के कुछ चमत्कारी मंत्रों के बारे में. हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित होता है. भगवान राम के भक्त हनुमान जी को प्रसन्न करना काफी आसान होता है. इस दिन किए जाने वाले कुछ उपायों से जीवन की सभी परेशानियां दूर होती हैं. ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें मंगलवार के दिन करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है और हनुमान जी Hanuman Ji सभी मनोकामनाओं को पूरा भी करते हैं. आइए जानते हैं मंगलवार के उपाय-  पीपल के पत्ते- हनुमान जी Hanuman Ji को प्रसन्न करने के लिए मंगलवार और शनिवार के दिन बजरंगबली को 11 पीपल के पत्ते अर्पित करें. ऐसा करने से घर में चल रही आर्थिक तंगी दूर होती है. ध्यान रखें कि ये पत्ते खंडित नहीं होने चाहिए.  पीपल के पत्तों की माला- मंगलवार और शनिवार के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर पीपल के 11 पत्ते तोड़ लें. ये पत्ते कहीं से भी कटे और फटे नहीं होने चाहिए. इन पत्तों में कुमकुम और चावल से श्रीराम लिखें और Hanuman Ji हनुमान चालीसा का पाठ करें. इसके बाद इन पत्तों की माला बनाएं और हनुमान जी को अर्पित करें. Hanuman Ji:जब जीवन में मिले ये संकेत, तो समझ लीजिए आप पर बनी हुई है हनुमान जी की कृपा नारियल का उपाय- मंगलवार के दिन हनुमान मंदिर में नारियल लेकर जाएं. फिर अपने सिर से 7 बार वार कर इसे हनुमान जी के सामने फोड़ दें.  सिंदूर का उपाय- मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाएं. इस दिन हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें. मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करने से आर्थिक तंगी दूर होती है  तुलसी का उपाय-  हनुमान जी को तुलसी बेहद प्रिय है इसीलिए हर मंगलवार उनके चरणों में तुलसी के पत्ते पर सिंदूर से श्री राम लिखकर अर्पित करें. इस उपाय से बजरंग बली जरूर प्रसन्न होंगे और सभी दुखों को हर लेंगे.  भोग-  मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान जी को बूंदी के लड्डू का भोग लगाना चाहिए. इससे मनचाही इच्छा हनुमान जी जरुर पूरी करते हैं.  Hanuman Ji मंगलवार के मंत्र Mangalwar ke Mantra ॐ हं हनुमते नम:.’ अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम्।सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि॥ ॐ अंजनिसुताय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि तन्नो मारुति प्रचोदयात्।

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Hanuman Mantra: संकट से मुक्ति पाना है तो हनुमान जी सिंदूर चढ़ाते समय इन मंत्रों का करें जाप

Hanuman Mantra:संकट से मुक्ति पाना है तो हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाते समय करें इन मंत्रों का जाप Hanuman Mantra:हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है। उनका स्मरण करने मात्र से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं। यदि आप जीवन में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना कर रहे हैं, तो हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाकर पूजा करना अत्यधिक प्रभावशाली माना जाता है। साथ ही, विशेष मंत्रों का जाप करने से आपकी समस्याओं का शीघ्र समाधान होता है। Hanuman Mantra इस लेख में हम जानेंगे कि हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने का महत्व, सही विधि और साथ में कौन-कौन से मंत्रों का जाप करना चाहिए। Hanuman Mantra:हनुमान जी को संकटमोचन कहा जाता है। उनका स्मरण करने मात्र से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं। यदि आप जीवन में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना कर रहे हैं, तो हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाकर पूजा करना अत्यधिक प्रभावशाली माना जाता है। साथ ही, विशेष मंत्रों का जाप करने से आपकी समस्याओं का शीघ्र समाधान होता है। इस लेख में हम जानेंगे कि Hanuman Mantra हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने का महत्व, सही विधि और साथ में कौन-कौन से मंत्रों का जाप करना चाहिए। Hanuman Mantra:हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने का महत्व हनुमान Hanuman Mantra जी को सिंदूर अत्यंत प्रिय है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब माता सीता ने हनुमान जी से उनके शरीर पर सिंदूर लगाने का कारण पूछा, तो उन्होंने बताया कि यह भगवान राम को खुश करने के लिए है। इसके बाद से ही हनुमान भक्तों द्वारा उन्हें सिंदूर चढ़ाने की परंपरा शुरू हुई। हनुमान जी को सिंदूर अत्यंत प्रिय है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब माता सीता ने हनुमान जी से उनके शरीर पर Hanuman Mantra सिंदूर लगाने का कारण पूछा, तो उन्होंने बताया कि यह भगवान राम को खुश करने के लिए है। Hanuman Mantra। सनातन धर्म में मंगलवार का दिन महाबली हनुमान को समर्पित माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से जीवन में सभी संकट दूर हो जाते हैं। हनुमान जी को सिंदूर अति प्रिय है। Hanuman Mantra यदि मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाते हैं तो इस समय कुछ विशेष मंत्रों का जाप करने से जीवन में आने वाले सभी संकट दूर हो जाते हैं तो मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। हनुमानजी को सिंदूर चढ़ाते समय इन मंत्रों का जाप जरूर करें – सिन्दूर समर्पण मंत्र दिव्यनागसमुद्भुतं सर्वमंगलारकम् | तैलाभ्यंगयिष्यामि सिन्दूरं गृह्यतां प्रभो || सर्वदुख निवारण मंत्र ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय आध्यात्मिकाधिदैवीकाधिभौतिक तापत्रय निवारणाय रामदूताय स्वाहा। स्वरक्षा मंत्र ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय वज्रदेहाय वज्रनखाय वज्रमुखाय वज्ररोम्णे वज्रदन्ताय वज्रकराय वज्रभक्ताय रामदूताय स्वाहा। शत्रु संकट निवारण मंत्र ऊँ पूर्वकपिमुखाय पंचमुखहनुमते टं टं टं टं टं सकल शत्रुसंहरणाय स्वाहा। प्रेत बाधा दूर करने हेतु मंत्र ॐ दक्षिणमुखाय पच्चमुख हनुमते करालबदनाय नारसिंहाय ॐ हां हीं हूं हौं हः सकलभीतप्रेतदमनाय स्वाहाः। प्रनवउं पवनकुमार खल बन पावक ग्यानधन। जासु हृदय आगार बसिंह राम सर चाप घर।। शत्रु पराजय हेतु मंत्र ऊँ नमो हनुमते रुद्रावताराय रामसेवकाय रामभक्तितत्पराय रामहृदयाय लक्ष्मणशक्ति भेदनिवावरणाय लक्ष्मणरक्षकाय दुष्टनिबर्हणाय रामदूताय स्वाहा। व्यापार में लाभ पाने के लिए मंत्र अज्जनागर्भ सम्भूत कपीन्द्र सचिवोत्तम। रामप्रिय नमस्तुभ्यं हनुमन् रक्ष सर्वदा।। धन प्राप्ति के लिए मंत्र मर्कटेश महोत्साह सर्वशोक विनाशन । शत्रून संहर मां रक्षा श्रियं दापय मे प्रभो।। प्रसन्न करने हेतु मंत्र सुमिरि पवन सुत पावन नामू। अपने बस करि राखे रामू।। अर्घ्य मंत्र कुसुमा-क्षत-सम्मिश्रं गृह्यतां कपिपुन्गव | दास्यामि ते अन्जनीपुत्र | स्वमर्घ्यं रत्नसंयुतम् || सिंदूर चढ़ाने की विधि

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Hanuman ji:रामायण के बाद हनुमानजी यहां चले गए थे और अब वे इन जगहों पर मिलते हैं…

Hanuman ji :हिंदू शास्त्रों में हनुमान जी को कलयुग का देवता बताया गया है। पौराणिक ग्रथों के अनुसार हनुमान जी को मां सीता से अमरता का वरदान प्राप्त हुआ था। कई धार्मिक ग्रंथों और पुराणों में इस बात का वर्णन मिलता है कि कलयुग में हनुमान जी कहां निवास करेंगे। दरअसल हनुमान जी के निवास स्थान को लेकर अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित हैं। बजरंगबली रामायण के प्रमुख पात्रों में से एक हैं। साथ ही वह आठ चिरंजीवियों में भी शामिल हैं। ऐसा माना जाता है कि रामायण के बाद श्री राम समेत अन्य सभी पृथ्वीलोक से प्रस्थान कर गए थे, लेकिन हनुमान जी को कलयुग की रक्षा का भार सौंपा गया, जिस कारण वह पृथ्वी पर ही रहे। इसलिए उन्हें कलयुग का जागृत देवता भी कहा जाता है। तो चलिए जानते हैं कि कलयुग में हनुमान जी कहां वास करते हैं। Hanuman ji:चारों जुग परताप तुम्हारा, है परसिद्ध जगत उजियारा॥ चारों युग में हनुमानजी Hanuman ji के ही परताप से जगत में उजियारा है। हनुमान को छोड़कर और किसी देवी-देवता में चित्त धरने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आज भी हनुमानजी हमारे बीच इस धरती पर सशरीर मौजूद हैं।हनुमान इस कलियुग में सबसे ज्यादा जाग्रत और साक्षात हैं। कलियुग में हनुमान Hanuman ji की भक्ति ही लोगों को दुख और संकट से बचाने में सक्षम हैं। बहुत से लोग किसी बाबा, देवी-देवता, ज्योतिष और तांत्रिकों के चक्कर में भटकते रहते हैं, क्योंकि वे हनुमान की भक्ति-शक्ति को नहीं पहचानते। ऐसे भटके हुए लोगों का राम ही भला करे। आजो जानते हैं कि हनुमानजी कहां कहां उपस्थित है। Hanuman Ji:जब जीवन में मिले ये संकेत, तो समझ लीजिए आप पर बनी हुई है हनुमान जी की कृपा 1. जहां रामकथा वहां हनुमानजी ”यत्र-यत्र रघुनाथ कीर्तन तत्र कृत मस्तकान्जलि। वाष्प वारि परिपूर्ण लोचनं मारुतिं नमत राक्षसान्तक॥” अर्थात : कलियुग में जहां-जहां भगवान श्रीराम की कथा-कीर्तन इत्यादि होते हैं, वहां हनुमानजी गुप्त रूप से विराजमान रहते हैं। सीताजी के वचनों के अनुसार- अजर-अमर गुन निधि सुत होऊ।। करहु बहुत रघुनायक छोऊ॥ यदि मनुष्य पूर्ण श्रद्घा और विश्वास से इनका आश्रय ग्रहण कर लें तो फिर तुलसीदासजी की भांति उसे भी हनुमान और राम-दर्शन होने में देर नहीं लगती। 2.चित्रकुट के घाट पर हनुमानजी 6वीं सदी के महान संत कवि तुलसीदासजी को हनुमानजी Hanuman ji की कृपा से ही रामजी के दर्शन प्राप्त हुए। कथा है कि हनुमानजी ने तुलसीदासजी से कहा था कि राम और लक्ष्मण चित्रकूट नियमित आते रहते हैं। मैं वृक्ष पर तोता बनकर बैठा रहूंगा, जब राम और लक्ष्मण आएंगे मैं आपको संकेत दे दूंगा। हनुमानजी की आज्ञा के अनुसार तुलसीदासजी चित्रकूट घाट पर बैठ गए और सभी आने- जाने वालों को चंदन लगाने लगे। राम और लक्ष्मण जब आए तो हनुमानजी गाने लगे ‘चित्रकूट के घाट पै, भई संतन के भीर। तुलसीदास चंदन घिसै, तिलक देत रघुबीर।।’ हनुमान के यह वचन सुनते ही तुलसीदास प्रभु राम और लक्ष्मण को निहारने लगे।’ इस प्रकार तुलसीदासजी को रामजी के दर्शन हुए। 3.गंधमादन पर्वत पर हनुमानजी Hanuman ji हनुमानजी Hanuman ji कलियुग में गंधमादन पर्वत पर निवास करते हैं, ऐसा श्रीमद भागवत में वर्णन आता है। उल्लेखनीय है कि अपने अज्ञातवास के समय हिमवंत पार करके पांडव गंधमादन के पास पहुंचे थे। एक बार भीम सहस्रदल कमल लेने के लिए गंधमादन पर्वत के वन में पहुंच गए थे, जहां उन्होंने हनुमान को लेटे देखा और फिर हनुमान ने भीम का घमंड चूर कर दिया था। गंधमादन में ऋषि, सिद्ध, चारण, विद्याधर, देवता, गंधर्व, अप्सराएं और किन्नर निवास करते हैं। वे सब यहां निर्भीक विचरण करते हैं। हिमालय के कैलाश पर्वत के उत्तर में (दक्षिण में केदार पर्वत है) स्थित गंधमादन पर्वत की। यह पर्वत कुबेर के राज्यक्षेत्र में था। सुमेरू पर्वत की चारों दिशाओं में स्थित गजदंत पर्वतों में से एक को उस काल में गंधमादन पर्वत कहा जाता था। आज यह क्षेत्र तिब्बत के इलाके में है। पुराणों के अनुसार जम्बूद्वीप के इलावृत्त खंड और भद्राश्व खंड के बीच में गंधमादन पर्वत कहा गया है, जो अपने सुगंधित वनों के लिए प्रसिद्ध था। 4.श्रीलंका में हनुमान Hanuman ji श्रीलंका के जंगलों में एक आदिवासी समूह से हनुमानजी प्रत्येक 41 साल बाद मिलने आते हैं। सेतु के शोधानुसार श्रीलंका के जंगलों में एक ऐसा कबीलाई समूह रहता है जोकि पूर्णत: बाहरी समाज से कटा हुआ है। इसका संबंध मातंग समाज से है जो आज भी अपने मूल रूप में है। उनका रहन-सहन और पहनावा भी अलग है। उनकी भाषा भी प्रचलित भाषा से अलग है। यह समूह पिदुरुथालागाला पर्वत की तलहटी में स्थित एक छोटे से गांव नुवारा में है। Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि KARMASU.IN किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

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Raashi 2 राशियों पर हमेशा बरसती है हनुमान जी की कृपा, धन से भरी रहती है तिजोरी

Raashi: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की स्थिति और राशियों का हमारे जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। कुछ विशेष राशियों पर देवताओं की कृपा बनी रहती है और वे जीवन में धन, समृद्धि और सफलता प्राप्त करते हैं। हनुमान जी, जो कि बल, बुद्धि और सिद्धियों के देवता हैं, की कृपा पाने वाली कुछ विशेष राशियाँ हैं। इन राशियों के जातकों को जीवन में कई तरह के लाभ मिलते हैं, जिनमें धन और समृद्धि भी शामिल है। Raashi सनातन धर्म में मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा की जाती है। साथ ही मनचाहा वर पाने के लिए मंगलवार का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से जातक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिषियों की मानें तो हनुमान जी की कृपा 2 राशि के जातकों पर हमेशा रहती है। 1.मेष राशि Mesh raashi मेष राशि के स्वामी मंगल देव हैं। इस राशि के आराध्य राम भक्त हनुमान जी हैं। उनकी कृपा मेष राशि के जातकों पर हमेशा बरसती है। इस राशि के जातकों के लिए शुभ रंग लाल होता है। वहीं, हनुमान जी को लाल रंग अति प्रिय है। जबकि मेष राशि के जातकों के लिए शुभ दिन मंगलवार होता है। सनातन धर्म में मंगलवार का दिन राम भक्त हनुमान जी को समर्पित होता है। इस दिन श्रद्धा भाव से हनुमान जी की पूजा की जाती है। Raashi ज्योतिषियों की मानें तो मेष राशि के जातकों के सभी बिगड़े काम हनुमान जी की कृपा से बन जाते हैं। लेकिन मेष राशि के जातकों को अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना चाहिए। इस राशि के जातक गुस्से के तेज होते हैं। कई अवसर पर इनके बने काम बिगड़ जाते हैं। इसके लिए हर मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करें। साथ ही हनुमान जी को लाल रंग का चोला अर्पित करें। इन उपायों को करने से जीवन में कभी धन की कमी नहीं होगी। मंगल का प्रभाव: मेष राशि का स्वामी मंगल ग्रह है और हनुमान जी भी मंगल के अवतार माने जाते हैं। इसी कारण मेष राशि के जातकों पर हनुमान जी की विशेष कृपा रहती है। साहस और ऊर्जा: मेष राशि के जातक बहुत ही साहसी और ऊर्जावान होते हैं। वे जीवन में हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहते हैं। हनुमान जी की कृपा से इनकी ये विशेषताएं और भी मजबूत होती हैं। धन और समृद्धि: मेष राशि के जातक कड़ी मेहनत और लगन से काम करते हैं। हनुमान जी की कृपा से इनके सभी प्रयास सफल होते हैं और वे जीवन में धन और समृद्धि प्राप्त करते हैं। 2. वृश्चिक राशि Vrshchik raashi वृश्चिक राशि के स्वामी भी मंगल देव हैं। इस राशि के आराध्य हनुमान जी हैं। ज्योतिषियों की मानें तो कुंडली में मंगल ग्रह मजबूत होने से जातक अपने जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल करता है। समय के साथ जातक की पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। इस राशि के जातकों को सरकारी नौकरी में जल्द सफलता मिलती है। साथ ही निजी कार्य में भी मनमुताबिक सफलता प्राप्त होती है। बजरंबली बली की कृपा से इनके सभी बिगड़े काम बन जाते हैं। अगर जीवन में कोई मुसीबत आती है, तो जल्द ही किसी की सहायता से दूर हो जाती है। वृश्चिक राशि के जातकों को सलाह है कि अपनी वाणी पर कंट्रोल रखें। वाद-विवाद से दूर रहें। रोजाना स्नान-ध्यान के बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें। मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर अवश्य ही अर्पित करें। इन उपायों को करने से धन लाभ अवश्य ही प्राप्त होगा। मंगल का प्रभाव: वृश्चिक राशि का स्वामी भी मंगल ग्रह है। इसीलिए मेष राशि की तरह वृश्चिक राशि के जातकों पर भी हनुमान जी की विशेष कृपा रहती है। रहस्यमयी और मेहनती: वृश्चिक राशि के जातक रहस्यमयी और मेहनती होते हैं। वे अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। धन लाभ: हनुमान जी की कृपा से वृश्चिक राशि के जातकों को अचानक धन लाभ होने की संभावना रहती है। वे जीवन में कई तरह के सुख-सुविधाएं प्राप्त करते हैं। हनुमान जी की कृपा पाने के उपाय: अस्वीकरण: यह जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे किसी भी चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। यदि आपको कोई गंभीर मनोवैज्ञानिक समस्या है, तो कृपया एक पेशेवर से संपर्क करें।

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