MYTHOLOGICAL STORIES

Story of Sawan

The Story of Sawan in Mythology : महादेव का अति प्रिय श्रावण मास: जानिए समुद्र मंथन से जुड़ी उत्पत्ति, पौराणिक कथा, अचूक पूजा विधि…..

The Story of Sawan : सनातन धर्म, हमारी अत्यंत प्राचीन भारतीय वैदिक संस्कृति और ज्योतिष विज्ञान की इस असीम आध्यात्मिक दुनिया में आपका एक बार फिर से बहुत-बहुत स्वागत है! हिन्दू पंचांग की सटीक गणनाओं के अनुसार, पूरे वर्ष का पांचवां महीना श्रावण मास (सावन) कहलाता है, जो देवों के देव महादेव की पूर्ण आराधना,

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Somvar Vrat Katha

Somvar Vrat Katha:सोमवार के व्रत में जरूर सुनें ये कथा, मिलेगी श‍िव-पार्वती की कृपा

Somvar Vrat Katha: सोमवार का दिन शंकर भगवान को समर्पित होता है. आज के दिन भक्त भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. कुछ लोग आज के दिन व्रत भी रखते हिन्दू धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवता को समर्पित होता है, और सोमवार का दिन देवों के

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Three Chariots of Puri Jagannath Rath Yatra: पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा के तीन रथ

Jagannath Rath Yatra: आज से पूरे देश में जगन्नाथ यात्रा (Jagannath Yatra) शुरू हो गई है, जो 8 जुलाई तक चलनी है। यह यात्रा हर साल आषाढ़ माह से शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर आरंभ होती है। इसका आयोजन ओडिशा (Odisha) के पुरी (Puri) में खास तौर पर बड़े ही उत्सव के साथ मनाया

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Bhagwan Jagannath: भगवान जगन्नाथ के नील माधव के रूप में होने के पीछे क्या कहानी है?

Bhagwan Jagannath: भगवान जगन्नाथ की उत्पत्ति के बारे में विभिन्न धर्मग्रंथों में अलग-अलग वर्णन हैं। यहाँ हम स्कंद पुराण के पुरुषोत्तम क्षेत्र महात्म्य और ओडिशा की जगन्नाथ परंपरा की लोकप्रिय कथाओं का उल्लेख कर रहे हैं। एक बार, सत्य युग में, इंद्रद्युम्न नामक एक महान सूर्यवंशी राजा अवंती (वर्तमान उज्जैन) पर शासन करता था। भगवान

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Raja Harischandra Ki Katha:सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र इसलिए कहलाए महादानी, जरूर पढ़ें यह कथा

Raja Harischandra Ki Katha:सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र (Raja Harischandra) की कहानी सदियों से अनुकरणीय है। सत्य की चर्चा जब भी कही जाएगी, महाराजा हरिश्चन्द्र का नाम जरूर लिया जायेगा। सूर्यवंशी सत्यव्रत के पुत्र राजा हरिश्चंद्र, जिन्हें उनकी सत्यनिष्ठा के लिए आज भी जाना जाता है। उनकी सत्य के प्रति निष्ठा उनके युगों बाद भी सत्य का प्रतीक बनी हुई है। इनका

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How Kirhsna paksha and shukla paksha started story:कैसे शुरू हुए कृष्णपक्ष और शुक्लपक्ष,जानिए इसके पीछे की पौराणिक मान्यता

How Kirhsna paksha and shukla paksha started story:हिन्दू कैलेंडर यानी पंचांग के अनुसार हर माह में तीस दिन होते हैं और इन महीनों की गणना सूरज और चंद्रमा की गति के अनुसार की जाती है। चन्द्रमा की कलाओं के ज्यादा या कम होने के अनुसार ही महीने को दो पक्षों में बांटा गया है जिन्हे

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Story of Kedarnath Temple :भगवान शिव ने भैंसे का रूप बनाकर पांडवों को किया था पाप मुक्त, ऐसी है केदारनाथ मंदिर की कथा

Story of Kedarnath Temple:धार्मिक मान्यतानुसार केदारनाथ (Kedarnath Temple) को द्वादश ज्योतिर्लिंगों (Jyotirlinga) में 11वां माना जाता है. साथ ही यह सबसे पवित्र तीर्थस्थलों (Holy Pilgrimage) में से एक है. कहा जाता है कि केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) की कहानी बेहद अनोखी और दिलचस्प है. History of Kedarnath Dham : द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक केदारनाथ धाम

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Lord Brahma:आखिर कैसे हुई ब्रह्मा जी की उत्पत्ति,ब्रह्मा जी ने कैसे की थी सृष्टि की रचना? जानें इसके पीछे की खास कथा

Lord Brahma:सनातन धर्म में भगवान ब्रह्मा एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। शास्त्रों के अनुसार ब्रह्मा tridev त्रिदेवों में से एक हैं जो सृष्टि के सृजन का कार्यभार संभालते हैं। सृष्टि के सृजन के लिए ही उन्होंने मानस पुत्रों को भी जन्म दिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिसने इस सृष्टि का निर्माण किया है

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Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति पर ही भीष्म पितामह ने त्यागी थी देह, जानें क्या है पौराणिक महत्व

Makar Sankranti 2025: हिंदू धर्म में मकर संक्रांति काफी महत्व है. इस दिन सूर्य देव उत्तरायण होते हैं. मान्यता है कि इसी दिन से वसंत ऋतु की भी शुरुआत होती है. वैसे मकर संक्रांति का महाभारत से भी गहरा संबंध है. भीष्म पितामह 58 दिनों तक बाणों की शैया पर रहे, लेकिन अपना शरीर नहीं

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Raksha Bandhan:राखी क्यों मनाई जाती है? इसके पीछे की कहानी क्या है?

रक्षाबंधन हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन धूम-धाम से मनाया जाता है, जो इस बार 26 अगस्त को होगा। हर साल बहन अपने भाई की कलाई में विधि अनुसार राखी बांधती है और अपनी रक्षा का वचन मांगती है। रक्षा करने और करवाने के लिए बांधा जाने वाला पवित्र धागा Raksha Bandhan रक्षा

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Baba Bhootnath:हिमाचल में यहां स्‍वयंभू प्रकट शिवलिंग में विराजे हैं बाबा भूतनाथ

यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसका इतिहास 5वीं शताब्दी का बताया जाता है।यहाँ स्वयंभू शिवलिंग है, जो कि धरती से निकला हुआ माना जाता है।यह मंदिर हिमाचल प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है और हर साल हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। भगवान शिव हिमाचल प्रदेश के

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Jagannath Bhagwan:जगन्नाथ रथ यात्रा से जुड़े ये रोचक तथ्य, जब 9 दिनों की यात्रा पर निकलते हैं भगवान

जगन्नाथ रथ यात्रा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस रथ यात्रा का आयोजन प्रतिवर्ष उड़ीसा के जगन्नाथ मंदिर से होता है। यह रथ यात्रा हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल आषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को निकाली जाती है। ऐसा माना जाता है कि आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की

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