Bhairav Aarti:भैरव आरती
Bhairav Aarti:भैरव आरती के लाभ Bhairav Aarti:भैरव जी को शिव जी का ही एक उग्र रूप माना जाता है। Bhairav Aarti वे रक्षकों के देवता हैं और उनके पास भयंकर शक्ति होती है। भैरव जी की आरती करने से कई लाभ प्राप्त होते हैं। Bhairav Aarti:भैरव आरती के प्रमुख लाभ: Bhairav Aarti:भैरव आरती का महत्व कब करें आरती कैसे करें आरती निष्कर्ष भैरव जी की आरती करने से व्यक्ति को कई लाभ प्राप्त होते हैं। उनकी कृपा से व्यक्ति को शक्ति, साहस, सुरक्षा और सुख-शांति मिलती है। Bhairav Aarti:भैरव आरती ॥ श्री भैरव देव जी आरती ॥जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा ।जय काली और गौर देवी कृत सेवा ॥॥ जय भैरव देवा…॥ तुम्ही पाप उद्धारक दुःख सिन्धु तारक ।भक्तो के सुख कारक भीषण वपु धारक ॥॥ जय भैरव देवा…॥ वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी ।महिमा अमित तुम्हारी जय जय भयहारी ॥॥ जय भैरव देवा…॥ तुम बिन देवा सेवा सफल नहीं होवे ।चौमुख दीपक दर्शन दुःख खोवे ॥॥ जय भैरव देवा…॥ तेल चटकी दधि मिश्रित भाषावाली तेरी ।कृपा कीजिये भैरव, करिए नहीं देरी ॥॥ जय भैरव देवा…॥ पाँव घुँघरू बाजत अरु डमरू दम्कावत ।बटुकनाथ बन बालक जल मन हरषावत ॥॥ जय भैरव देवा…॥ बटुकनाथ जी की आरती जो कोई नर गावे ।कहे धरनी धर नर मनवांछित फल पावे ॥॥ जय भैरव देवा…॥
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