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Nuakhai 2025 Date: नुआखाई 2025: पश्चिम ओडिशा का महान कृषि उत्सव – तिथि, महत्व और परंपराएँ

Nuakhai 2025 Date:नुआखाई 2025: पश्चिम ओडिशा का महान कृषि उत्सव – तिथि, महत्व और परंपराएँ परिचय: नुआखाई (Nuakhai) केवल एक त्योहार नहीं है; यह पश्चिम ओडिशा की आत्मा है, जो कृषि समाज में प्रकृति, कृतज्ञता और एकता का प्रतीक है। ‘नुआ’ का अर्थ है नया और ‘खाई’ का अर्थ है खाना। यह नए चावल का

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Shri Krishnanamashtakam: श्रीकृष्णनामाष्टकम्

Shri Krishnanamashtakam: श्रीकृष्णनामाष्टकम् निखिलश्रुतिमौलिरत्नमाला द्युतिनीराजितपादपङ्कजान्त । अयि मुक्तकुलैरुपास्यमानं परितस्त्वां हरिनाम संश्रयामि ॥ १॥ जय नामधेय मुनिवृन्दगेय हे जनरञ्जनाय परमाक्षराकृते । त्वमनादरादपि मनाग् उदीरितं निखिलोग्रतापपटलीं विलुम्पसि ॥ २॥ यदाभासोऽप्युद्यन् कवलितभवध्वान्तविभवो दृशं तत्त्वान्धानामपि दिशति भक्तिप्रणयिनीम् । जनस्तस्योदात्तं जगति भगवन्नामतरणे कृती ते निर्वक्तुं क इह महिमानं प्रभवति ॥ ३॥ यद् ब्रह्मसाक्षात्कृतिनिष्ठयापि विनाशमायाति विना न भोगैः । अपैति नाम

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Shri Krishnanamakaranapra Stava: श्रीकृष्णनामकरणप्रस्तवः

Shri Krishnanamakaranapra Stava: श्रीकृष्णनामकरणप्रस्तवः गोलोकनाथो भगवाञ्छ्रीकृष्णो राधिकापतिः ॥ ४८॥ नारायणो यो वैकुण्ठे कमलाकान्त एव च । श्वेतद्वीपनिवासी यः पिता विष्णुश्च सोऽप्यजः ॥ ४९॥ कपिलोऽन्ये तदंशाश्च नरनारायणावृषी । सर्वेषां तेजसां राशिर्मूर्तिमानागतः किमु ॥ ५०॥ तं वसुं दर्शयित्वा च शिशुरूपो बभूव ह । साम्प्रतं सूतिकागारादाजगाम तवालयम् ॥ ५१॥ अयोनिसम्भवश्चायमाविर्भूतो महीतले । वायुपूर्णं मातृगर्भे कृत्वा च मायया हरिः

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shrIkRiShNadvAdashama~njarI: श्रीकृष्णद्वादशमञ्जरी

shrIkRiShNadvAdashama~njarI: श्रीकृष्णद्वादशमञ्जरी ॥ श्री श्रीधरवेंकटेशार्येण कृता ॥ दुराशान्धो-ऽमुष्मिन्विषय-विसरावर्तजठरेतृणच्छन्ने कूपे तृणकबललुब्धः पशुरिव ।पतित्वा खिद्येऽसावगतिरित उद्धृत्य कलयेःकदा मां कृष्ण त्वत्पदकमललाभेन सुखितम् ॥ १॥ कथंचि-द्यच्चित्ते कमलभव-कामान्तकमुखाःवहन्तो मज्जन्ति स्वय-मनवधौ हर्षजलधौ ।Vक्व तद्दिव्य-श्रीमच्चरणकमलं कृष्ण भवतःक्व चाहं तत्रेहा मम शुन इवा-खण्डलपदे ॥ २॥ दुरापस्त्वं कृष्ण स्मरहर-मुखानां तदपि तेक्षतिः का कारुण्या-दगतिरिति मां लालयसि चेत् ।प्रपश्यन् रथ्यायां शिशु-मगति-मुद्दामरुदितंन सम्राडप्यङ्गे दधदुरुदयस्सान्त्वयति किम् ॥ ३॥

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ShrIkRiShNajayantI nirNayaH: श्रीकृष्णजयन्ती निर्णयः

ShrIkRiShNajayantI nirNayaH: श्रीकृष्णजयन्ती निर्णयः श्री गुरुभ्यो नमः हरिः ॐ श्रीमदानन्दतीर्थ भगवत्पादाचार्य विरचितः श्रीकृष्णजयन्ती निर्णयः रोहिण्या मध्यरात्रे तु यदा कृष्णाष्टमी भवेत् ।जयन्ती नाम सा प्रोक्ता सर्वपापप्रणाशनी(नं) ॥ १॥ यस्यां जातो हरिः साक्षान्नि शेते भगवानजः ।तस्मात्तद्दिनमत्यर्थं पुण्यं पापहरं शुभपरम् ॥ २॥ तस्मात्सर्वैर्रुपोश्या सा जयन्ती नाम सा(वै) सदा ।द्विजातिभिर्विशेषेण तद्भक्तैश्च विशेषतः ॥ ३॥ यो भुङ्क्ते तद्दिने मोहा(लोभा)त् पूयशोणितमत्ति

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Devakikritam Shrikrishnastotram or Krishnajanmastutih: देवकीकृतं श्रीकृष्णस्तोत्रम् कृष्णजन्मस्तुतिः

Devakikritam Shrikrishnastotram or Krishnajanmastutih: देवकीकृतं श्रीकृष्णस्तोत्रम् कृष्णजन्मस्तुतिः देवक्युवाच । रूपं यत्तत्प्राहुरव्यक्तमाद्यं ब्रह्म ज्योतिर्निर्गुणं निर्विकारम् । सत्तामात्रं निर्विशेषं निरीहं स त्वं साक्षाद्विष्णुरध्यात्मदीपः ॥ २४॥ नष्टे लोके द्विपरार्धावसाने महाभूतेष्वादिभूतं गतेषु । व्यक्तेऽव्यक्तं कालवेगेन याते भवानेकः शिष्यते शेषसंज्ञः ॥ २५॥ योऽयं कालस्तस्य तेऽव्यक्तबन्धो चेष्टामाहुश्चेष्टते येन विश्वम् । निमेषादिर्वत्सरान्तो महीयां- स्तं त्वेशानं क्षेमधाम प्रपद्ये ॥ २६॥ मर्त्यो मृत्युव्यालभीतः पलायन्

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Krishnachaitanya Dvadashanama Stotram:कृष्णचैतन्यद्वादशनामस्तोत्रम्

Krishnachaitanya Dvadashanama Stotram:कृष्णचैतन्यद्वादशनामस्तोत्रम् चैतन्यः कृष्णचैतन्यो गौराङ्गो द्विजनायकः ।यतीनां दण्डिनां चैव न्यासिनां च शिरोमणिः ॥ १॥ रक्ताम्बरधरः श्रीमान् नवद्वीपसुधाकरः ।प्रेमभक्तिप्रदश्चैव श्रीशचीनन्दनस्तथा ॥ २॥ द्वादशैतानि नामानि त्रीसन्ध्यं यः पठेन्नरः ।तस्य वाञ्छासुसिद्धिः स्याद्भक्तिः श्रीलपदाम्बुजे ॥ ३॥ इति सार्वभौम भट्टाचार्यविरचितं कृष्णचैतन्यद्वादशनामस्तोत्रं सम्पूर्णम् ।

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Ganesh Chaturthi August 2025 : गणेश चतुर्थी 2025: कब है गणेश महोत्सव का प्रारंभ? जानें शुभ मुहूर्त, योग और मंगल प्रवेश की विधि

Ganesh Chaturthi: हिंदू धर्म में, भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना जाता है, जिनकी पूजा हर शुभ कार्य से पहले की जाती है। हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को उनके जन्मोत्सव के रूप में Ganesh Chaturthi गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इस दिन से 10 दिवसीय गणेश महोत्सव का

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कब है ऋषि पंचमी? जानें महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

Rishi Panchami 2025 Date: कब है ऋषि पंचमी? जानें महत्व, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

Rishi Panchami 2025: ऋषि पंचमी व्रत का महत्व हिन्दू धर्म में दोषों से मुक्त होने के लिए किया जाता हैं। यह एक त्यौहार नहीं अपितु एक व्रत हैं, इस व्रत में सप्त-ऋषियों की पूजा-अर्चना की जाती हैं। हिन्दू धर्म में माहवारी के समय, स्त्रियों द्वारा बहुत से नियम नियमों का पालन किया जाता हैं। अगर गलती

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एक व्यक्ति ध्यान की मुद्रा में बैठकर गीता पाठ कर रहा है।

पितृपक्ष 2025: गीता पाठ कराने से मिलती है पितरों को शांति, जानें 7 अद्भुत लाभ

पितृपक्ष हिन्दू धर्म में एक महत्वपूर्ण समय होता है, जब हम अपने पितरों (पूर्वजों) को याद करते हैं और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं। इस 16-दिन की अवधि में, लोग कई तरह के धार्मिक अनुष्ठान करते हैं ताकि उनकी आत्मा को शांति मिले। इन अनुष्ठानों में श्रीमद्भगवद्गीता का पाठ करवाना सबसे प्रभावी और पुण्यकारी

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कृतिका नक्षत्र में जन्माष्टमी मनाए जाने से संबंधित समाचार पत्र की क्लिपिंग

कृतिका नक्षत्र में 16 अगस्त को मनाई जाएगी जन्माष्टमी है – रामदेव मिश्र शास्त्री

🌸 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ 🌸 जन्माष्टमी—भगवान श्रीकृष्ण के प्रकट होने का पावन दिन—हर वर्ष भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। यह केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, धर्म, नीति, संगीत और संस्कृति का अद्भुत संगम है। इस वर्ष जन्माष्टमी 16 अगस्त को मनाई जाएगी। 15 अगस्त की

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Shri Krishnacharitra Manjari: श्रीकृष्णचारित्रमञ्जरी

Shri Krishnacharitra Manjari: श्रीकृष्णचारित्रमञ्जरी विष्णुर्ब्रह्मादिदेवैः क्षितिभरहरणे प्रार्थितः प्रादुरासीद् देवक्यां नन्दनन्दी शिशुवधविहितां पूतनां यो जघान ।उत्थानौत्सुक्यकाले रथचरणगतं चासुरं पादघातै- श्चक्रावर्तं च मात्रा गुरुरिति निहितो भूतले सोऽवतान्माम् ॥ १॥ यो मातुर्जृम्भमाणो जगदिदमखिलं दर्शयन्नङ्करूढो गर्गेणाचीर्णनामा कृतरुचिरमहाबाललीलो वयस्यैः ।गोपीगेहेषु भाण्डस्थितमुरुदयया क्षीरदध्यादि मुष्णन् मृन्ना भक्षीति मातुः स्ववदनगजगद्भासयन् भासतां मे ॥ २॥ दध्नोमत्रस्य भङ्गादुपगमितरुषा नन्दपत्न्याऽथ बद्धः कृच्छ्रेणोलूखले यो धनपतितनयौ मोचयामास शापात्

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