राम घाट:उज्जैन, मध्य प्रदेश, भारत

MADHYA PRADESH
राम घाट:उज्जैन, मध्य प्रदेश, भारत
KARMASU 10 March 2025 3 मिनट पढ़ें
MADHYA PRADESHMANDIRUJJAIN📅 10 March 2025⏱ 3 मिनट
इस लेख में
  1. राम घाट क्षिप्रा नदी के तट पर बना है
  2. मंदिर का इतिहास
  3. मंदिर का महत्व
  4. मंदिर की वास्तुकला
  5. मंदिर का समय
  6. प्रतिदिन होने वाली सायंकाल घाट में संध्या आरती का समय
  7. मंदिर का प्रसाद
  8. Table of Contents

राम घाट क्षिप्रा नदी के तट पर बना है

राम घाट भारत के मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर के क्षिप्रा नदी के किनारे बना है। मोक्षदायिनी और उत्तरवाहिनी क्षिप्रा नदी को भगवान महाकाल की गंगा के रूप में जाना जाता है। जानकारों की माने तो भगवान श्रीराम राम घाट ने अपने पिता दशरथ और माता कौशल्या का यहां पर तर्पण किया था। इसलिए क्षिप्रा नदी के तट को रामघाट के रूप में जाना जाता है। आज भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने पूर्वजों के मोक्ष की प्राप्ति के लिए यहां पर तर्पण और पूजा करने के लिए आते हैं। यहां पर कालसर्प और पितृ दोष पूजा होती है। राहु-केतु को शांत करने के लिए भी यहां पूजा की जाती है।

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, अमृत मंथन के दौरान क्षिप्रा नदी के समीप स्थित एक सुंदर कुंड में अमृत की कुछ बूंदे गिरी थी, इसलिए क्षिप्रा नदी का महत्व और भी बढ़ जाता है। साथ ही यहां पर भगवान श्रीराम ने अपने पूर्वजों का तर्पण किया था, राम घाट इसलिए क्षिप्रा नदी के इस प्रमुख तट को रामघाट के रूप में जाना जाता है। इस हिसाब से रामघाट का इतिहास भारत के पौराणिक काल से जुड़ा हुआ है।

-रामघाट कुंभ समारोह के संबंध में सबसे पुराने स्नान घाटों में से एक माना जाता है। मेगा कुंभ उत्सव के दौरान लाखों लोग इस स्थान पर आते हैं क्योंकि ऐसी मान्यता है राम घाट कि कि यहां एक डुबकी लगाने से आपके सभी पाप धूल जाते हैं। -रामघाट में ही भगवान श्रीराम ने अपने पिता दशरथ और माता कौशल्या का तर्पण किया था। तब से रामघाट पर पितृ दोष की पूजा होती जा रही है।

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रामघाट घाट ऐतिहासिक एवं पौराणिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है और प्राचीन भारतीय वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। वहीं रामघाट में कई सीढ़ियाँ बनी हुई हैं, जो क्षिप्रा नदी तक जाती हैं। रामघाट के आरती स्थल पर एक भव्य द्वार भी बना हुआ है, जिसकी सुंदरता श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है।

प्रतिदिन होने वाली सायंकाल घाट में संध्या आरती का समय

07:00 PM – 09:00 PM

रामघाट पर मुख्य रूप से श्रद्धालु कालसर्प पूजा और पितृ दोष पूजा करवाने आते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार प्रसाद चढ़ाते हैं।

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