Mokshada Ekadashi 2023: इस साल कब है मोक्षदा एकादशी? जानें पूजा विधि, मुहूर्त का सही समय

Mokshada Ekadashi 2023 मोक्षदा एकादशी (Mokshada Ekadashi) 2023 में 22 दिसंबर को मनाई जाएगी. यह एकादशी मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को पड़ती है. मोक्षदा एकादशी को मोक्ष की प्राप्ति देने वाली एकादशी भी कहा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है. भगवान विष्णु की पूजा का विधान है. दरअसल, सालभर में 24 एकादशी होती हैं. इसमें एक कृष्ण और दूसरी एकादशी शुक्ल पक्ष में होती है. लेकिन इस साल अधिकमास होने के कारण 26 एकादशी पड़ीं. मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को मोक्षदा एकादशी के नाम से जाना जाता है. साल 2023 में मोक्षदा एकादशी Mokshada Ekadashi का व्रत 22 और 23 दिसंबर दोनों दिन रखा जाएगा. मान्यता है कि एकादशी का व्रत करने वाले जातकों का जीवन खुशियों से भर जाता है और मृत्यु के पश्चात मोक्ष की प्राप्ति होती है. क्यों मनाते है एकादशी व्रत, आइये जानते है Mokshada Ekadashi Kab hai मोक्षदा एकादशी 2023 कब है साल 2023 में मोक्षदा एकादशी का व्रत 22 और 23 दिसंबर दो दिन रखा जाएगा. 22 दिसंबर को गृहस्थ जन व्रत रखेंगे और 23 दिसंबर को वैष्णव जन व्रत रखेंगे. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की विधि विधान के साथ पूजा करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है. साथ ही जीवन में सभी तरह के कष्ट समाप्त हो जाते हैं. वहीं इस दिन पितरों को मोक्ष के लिए भी व्रत रखा जाता है. Mokshada Ekadashi Muhurt मोक्षदा एकादशी 2023 का मुहूर्त एकादशी तिथि प्रारम्भ – दिसम्बर 22, 2023 को सुबह 07:35 बजेएकादशी तिथि समाप्त – दिसम्बर 23, 2023 को सुबह 07:56 बजे Mokshada Ekadashi Muhurt मोक्षदा एकादशी 2023 का मुहूर्त एकादशी तिथि प्रारम्भ – दिसम्बर 22, 2023 को सुबह 07:35 बजेएकादशी तिथि समाप्त – दिसम्बर 23, 2023 को सुबह 07:56 बजे Mokshada Ekadashi puja Muhurt मोक्षदा एकादशी पर पूजा का मुहूर्त एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है. वहीं संध्या काल में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की भी पूजा का विधान है. ऐसे में एकादशी के दिन भगवान विष्णु व माता लक्ष्मी की पूजा करने का शुभ मुहूर्त संध्या 04:00 बजे से लेकर 05:00 बजे तक का है. Mokshada Ekadashi puja Vidhi मोक्षदा एकादशी की पूजा विधि एकादशी के 1 दिन पहले तामसिक भोजन बंद कर दें. इसके बाद एकादशी के दिन सुबह उठकर स्नान कर सूर्य देव की उपासना कर व्रत का संकल्प लें. घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें. ब्रह्मचर्य रखकर एकादशी व्रत का पालन करें. वहीं, संध्या के समय पीला वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु के सामने पीला पुष्प, पीला फल, धूप, दीप आदि से पूजन करें. फिर विष्णु भगवान के सामने ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए माता लक्ष्मी की भी पूजा करें. इसके बाद भगवान को भोग लगाएं. इस बात का विशेष ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है. भगवान विष्णु के भोग में तुलसी को जरूर शामिल करें. ऐसा माना जाता है कि बिना तुलसी के भगवान विष्णु भोग ग्रहण नहीं करते हैं. तत्पश्चात आरती के साथ पूजा संपन्न करें. मोक्षदा एकादशी के दिन कुछ विशेष उपाय करने से व्रत का अधिक फल मिलता है. इन उपायों में शामिल हैं ? इस दिन भगवान विष्णु को तुलसी के पत्ते अर्पित करना चाहिए. इस दिन भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना चाहिए. इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को दान करना चाहिए.

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What does crying in dreams indicate:सपने में रोना किस बात का है संकेत ?

स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने में रोना एक शुभ संकेत है। इसका मतलब है कि आपके जीवन में जल्द बदलाव आने वाला है। आप किसी विवाद में फंसे थे तो उसका निर्णय आपके पक्ष में आएगा। यह सपना संकेत देता है कि आने वाले समय में आप आर्थिक रूप से और मजबूत होने वाले हैं। अगर आप सपने में रोना देखते हैं तो स्वप्न शास्त्र के अनुसार यह असल जिंदगी में आपके मान सम्मान में वृद्धि का संकेत होता है. इस सपने के अनुसार कहा जा सकता है कि जल्द ही समाज में आपका मान सम्मान बढ़ेगा. स्वप्न शास्त्र बताता है कि सपने में रोते हुए देखना वास्तविकता में कुछ शुभ होने का सूचक माना जाता है. यह लोगों में महज एक धारणा बनी हुई है कि जब किसी को अपने सपनों में विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, तो इसका मतलब वास्तविकता में उनके जीवन में कुछ अच्छा होने की संभावना होती है. मनोविज्ञान के अनुसार, सपने में रोना आपकी भावनाओं को दर्शाता है। यह सपना बताता है कि आप किसी बात से दुखी, परेशान या तनावग्रस्त महसूस कर रहे हैं। यह सपना आपकी दमित भावनाओं को भी दर्शा सकता है। अगर सपने Dreams में आप किसी दूसरे व्यक्ति को रोते हुए देखते हैं तो यह दुख का संकेत देता है. ऐसे सपने से जागने के बाद व्यक्ति को स्वयं की भावना को ध्यान में रखना चाहिए. अगर इससे किसी को घबराहट महसूस हो तो सपने में रोने का मतलब किसी खतरे की ओर संकेत कर सकता है. लेकिन कोई व्यक्ति पूरे दिन उसी सपने के बारे में सोचकर चिंतित महसूस करता है, तो इसका मतलब है कि उस व्यक्ति के जीवन में ऐसा समय आने वाला है जो उसके या उसके करीबी लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है. स्वप्न शास्त्र के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति सपने में खुद को रोते हुए देखता है तो यह अशुभ माना जाता है. सपने में लोगों को रोते हुए देखना लगभग हमेशा अशुभ होता है और इस तरह के संकेत से सावधान रहना चाहिए. अगर कोई व्यक्ति सपने Dreams में किसी दूसरे व्यक्ति के साथ स्वयं को रोता हुआ देखता है, तो ये एक शुभ संकेत हो सकता है. शास्त्रों के अनुसार, इसका अर्थ है कि बहुत जल्द उन्हें मनोवांछित वरदान प्राप्त हो सकता है. अगर कोई सपने में अपने हाथ या कपड़े से अपने आंसू पोंछते हुए दिखे तो ये अच्छा माना जाता है. कहा जा सकता है कि व्यक्ति के जीवन में ऐसा समय आने वाला है जो मौजूदा तनाव से राहत दे सकता है. अगर कोई सपने dreams में खुद को रोती हुई महिला या युवती पर हंसते हुए देखता है, तो यह शुभ माना जाता है. इसका मतलब कि आपके जीवन में किसी नए व्यक्ति का आगमन होगा. यदि कोई व्यक्ति अपने चेहरे को आंसुओं से लथपथ देखता है, तो निश्चित तौर पर उन्हें किसी लाभ की प्राप्ति हो सकती है. इसके अलावा, कोई व्यक्ति खुद अपने आंसू पोंछते हुए दिखे, तो ये वाद-विवाद की ओर संकेत होता है. हालांकि, रोने के अलावा परीक्षा संबंधी सपने भी होते हैं जिनका व्यक्ति के जीवन पर काफी असर पड़ता है. परीक्षा में सफल होने का सपना शुभ संकेत देता है.  परीक्षा पास करने और परीक्षा में प्रथम आने का सपना देखना अच्छी किस्मत का सूचक माना जाता है. परीक्षा में पूर्ण अंक प्राप्त करने का सपना देखने से पता चलता है कि आपकी लोकप्रियता बढ़ेगी और टीम एक्टीविटी में सफलता मिलेगी. एक परीक्षा में नकल करने के बारे में सपने देखना आप में आत्मविश्वास की कमी को दर्शाता है. छात्रों के लिए परीक्षा में नकल करने का सपना असंतोषजनक परिणाम की ओर संकेत करता है. स्वप्न शास्त्र के अनुसार, परीक्षा के लिए देर से आने या परीक्षा छूटने का सपना आत्मविश्वास की कमी को बताता है. दूसरी ओर ये सपना दर्शाता है कि आप अपने जीवन में कुछ चीजों का सामना करने से डरते हैं. इसके अलावा, गलत परीक्षा कक्ष में घुसने का सपना देखना दुर्भाग्य का संकेत देता है और बताता है कि जीवन में उन लोगों से सावधान रहें जो आपको फंसा सकते हैं. परीक्षा को सुपरवाइज करने का सपना देखने का मतलब है कि जीवन में आपका नाम होगा और आप उपलब्धि हासिल करेंगे.

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Sapne:सपने में डरावने चेहरे देखने का क्या मतलब है ?

सपने (Sapne) में डरावने चेहरे देखने का मतलब कई तरह से लगाया जा सकता है। डरावने चेहरों वाले सपने अचेतन भय, चिंताओं और अनसुलझे भावनात्मक मुद्दों की उपस्थिति का प्रतीक हो सकते हैं। Sapne सपने देखने वाले को अवचेतन रूप से किसी ऐसी चीज़ का सामना करना पड़ सकता है जिससे उन्हें डर लग रहा है। सपने देखने वाले के लिए आत्मनिरीक्षण करने और अपने डर के स्रोत की पहचान करने का प्रयास करना मददगार हो सकता है। सपने में डरावने चेहरे देखने के कुछ विशिष्ट अर्थ इस प्रकार हैं: अगर आप सपने Sapne में लगातार डरावने चेहरे देखते हैं, तो यह एक संकेत है कि आपको अपने डर या चिंताओं से निपटने की जरूरत है। आप किसी मनोचिकित्सक से बात कर सकते हैं या खुद ही कुछ तकनीकों का इस्तेमाल करके अपने डर को कम करने की कोशिश कर सकते हैं। सपने Dream में मृत्यु देखने से बढ़ती है उम्र ? यहां कुछ तकनीकें दी गई हैं जो आपको अपने डर का सामना करने में मदद कर सकती हैं: सपने (Sapne) में डरावने चेहरे देखना एक सामान्य अनुभव है। हालांकि, अगर ये सपने आपकी नींद या दिनचर्या में बाधा डाल रहे हैं, तो आपको किसी पेशेवर से मदद लेनी चाहिए।

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Dream:सपने में मृत्यु देखने से बढ़ती है उम्र ? जानें बीमार व्यक्ति को देखने का अर्थ

सपने Dream में मृत्यु देखने से बढ़ती है उम्र ? सपने (Dream) में मृत्यु देखना एक सामान्य सपना है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने में मृत्यु देखना शुभ माना जाता है। इसका मतलब है कि आपकी उम्र लंबी होने वाली है। आप किसी नए कार्य की भी शुरुआत कर सकते हैं। खुद की मौत का सपना (Dream) यह सकेंत भी देता है कि आपके जीवन में आने वाली सभी परेशानियां अब खत्म होने वाली हैं। लंबे समय से आप जिन दिक्कतों से घिर थे उससे आपको छुटकारा मिलने वाला है। सपने में बीमार व्यक्ति को देखने का अर्थ ? सपने sapne में बीमार व्यक्ति को देखने का अर्थ भी स्वप्न शास्त्र के अनुसार शुभ माना जाता है। इसका मतलब है कि जिस व्यक्ति की मृत्यु होते हुए सपने में देख रहे हैं, उस व्यक्ति की सेहत में सुधार होने वाला है। हालांकि, सपनों की व्याख्या व्यक्तिगत अनुभवों और विश्वासों के आधार पर भी होती है। इसलिए, सपने का अर्थ व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकता है। सपने में मृत्यु या बीमार व्यक्ति को देखने पर क्या करें? यदि आप सपने sapne में मृत्यु या बीमार व्यक्ति को देखते हैं, तो घबराएं नहीं। सपने की व्याख्या करते समय सपने Dream के अन्य विवरणों को भी ध्यान में रखें। यदि आपको लगता है कि सपना अशुभ है, तो कुछ उपाय किए जा सकते हैं। इनमें शामिल हैं:

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Dream:सपने मे डूबते सूरज को देखा तो हो जाएगा बंटाधार

सपने में डूबता हुआ सूरज आमतौर पर अशुभ माना जाता है। यह किसी प्रकार के नुकसान, कठिनाई या परेशानी का संकेत हो सकता है। यह निम्नलिखित बातों का संकेत हो सकता है: सपने में डूबता हुआ सूरज Dream me dubta huaa suraj सपने में डूबता हुआ सूरज आमतौर पर अशुभ माना जाता है। यह किसी प्रकार के नुकसान, कठिनाई या परेशानी का संकेत हो सकता है। यह निम्नलिखित बातों का संकेत हो सकता है: हालांकि, सपने की व्याख्या करते समय सपने के अन्य विवरणों को भी ध्यान में रखना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि सपने में डूबता हुआ सूरज sun एक सुंदर दृश्य है, तो इसका अर्थ यह हो सकता है कि आने वाले समय में आपके जीवन में कुछ सकारात्मक बदलाव होने वाले हैं। Sapne:घर में लग गई है आग aag या खुद फंसे हों आग के बीच, ऐसे सपने देखने का क्या है मतलब सपने में डूबते सूरज से बचने के लिए dream me dubte suraj se bachne ke liye सपने (Dream) में डूबते सूरज से बचने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। इनमें शामिल हैं: अगर आप सपने में डूबते सूरज को देखते हैं, तो घबराएं नहीं। सपने की व्याख्या करते समय अन्य विवरणों को भी ध्यान में रखें और यदि आपको लगता है कि सपना अशुभ है, तो इससे बचने के लिए उपरोक्त उपाय करें। सपने मे सूरज को बार बार डूबते हुए देखना सपने ( DREAM )मे यदि आप सूरज (sun) को बार बार डूबते हुए देखते हैं , तो यह अच्छा संकेत नहीं होता है। इसका मतलब यह है , कि आपका दुर्भाग्य आने वाला है। और आपको किसी भी काम के अंदर सफलता नहीं मिलेगी । मतलब आप बार बार असफल होंगे । इसलिए यह सपना (dream) आपके लिए एक बहुत ही बुरा संकेत देता है। इसके बारे मे आपको पता होना चाहिए । इसलिए यदि आप इस तरह का संकेत देखते हैं , तो फिर आपको डर जाने की जरूरत है। और आपको कुछ विचार करते हुए , चीजों को समझना चाहिए , कि आप किस तरह से सब कुछ सही कर सकते हैं।

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Bagwan Shiv :क्यों आए भगवान शिव, महाकाली के पैरों के नीचे ?

भगवती दुर्गा की दस महाविद्याओं में से एक हैं महाकाली। जिनके काले और डरावने रूप की उत्पति राक्षसों का नाश करने के लिए हुई थी। यह एक मात्र ऐसी शक्ति हैं जिन से स्वयं काल भी भय खाता है। उनका क्रोध इतना विकराल रूप ले लेता है की संपूर्ण संसार की शक्तियां मिल कर भी उनके गुस्से पर काबू नहीं पा सकती। उनके इस क्रोध को रोकने के लिए स्वयं उनके पति भगवान शंकर उनके चरणों में आ कर लेट गए थे। इस संबंध में शास्त्रों में एक कथा वर्णित हैं जो इस प्रकार है Bagwan Shiv भगवान शिव भगवान शिव Bagwan Shiv महाकाली के पैरों के नीचे इसलिए आये क्योंकि वे महाकाली के क्रोध को शांत करना चाहते थे। एक बार, रक्तबीज नाम का एक राक्षस था जो बहुत शक्तिशाली था। उसने एक वरदान प्राप्त किया था कि उसके शरीर की एक भी बूंद रक्त धरती पर गिर जाए तो उससे अनेक राक्षसों का जन्म होगा। देवताओं ने रक्तबीज को मारने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन वे असफल रहे। अंत में, महाकाली ने रक्तबीज का वध करने का निर्णय लिया। उन्होंने रक्तबीज का वध किया, लेकिन उसके शरीर की एक बूंद रक्त धरती पर गिर गई। इससे अनेक राक्षसों का जन्म हुआ और देवताओं पर संकट आ गया। देवताओं ने भगवान शिव Bagwan Shiv से मदद मांगी। भगवान शिव ने महाकाली के क्रोध को शांत करने के लिए उनके पैरों के नीचे आ गए। महाकाली का क्रोध शांत हुआ और उन्होंने देवताओं को रक्तबीज के राक्षसों से लड़ने में मदद की। देवताओं ने राक्षसों को पराजित कर दिया और दुनिया को बचा लिया। भगवान शिव Bagwan Shiv के महाकाली के पैरों के नीचे आ जाने की कथा का यह एक अर्थ है। एक अन्य अर्थ यह है कि भगवान शिव ने महाकाली के रूप में शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए, अपने स्वयं के रूप में भक्ति का प्रतिनिधित्व किया। इस प्रकार, उन्होंने भक्ति से शक्ति का मार्ग प्रशस्त किया।

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Shani Pradosh Vrat Katha Puja Vidhi:शनि प्रदोष व्रत कथा, पूजा विधि, उद्यापन विधि

शनि प्रदोष व्रत कथा | Shani Pradosh Vrat Katha in Hindi शनि प्रदोष व्रत कथा Shani Pradosh Vrat Katha एक समय की बात है। एक नगर में एक सेठ रहता था। वह बहुत धनी और दयालु था। वह दूसरों की मदद करने में हमेशा तत्पर रहता था। लेकिन सेठ और उसकी पत्नी को कोई संतान नहीं थी। इससे वे दोनों बहुत दुखी थे। एक दिन, सेठ और उसकी पत्नी तीर्थयात्रा पर गए। रास्ते में उन्हें एक साधु मिले। साधु ने सेठ और उसकी पत्नी को शनि प्रदोष व्रत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस व्रत को करने से उनके संतान प्राप्ति की कामना पूरी होगी। सेठ और उसकी पत्नी ने साधु की बात मान ली और शनि प्रदोष Shani Pradosh व्रत करने लगे। व्रत के दौरान वे नियमपूर्वक पूजा-पाठ करते थे और शनि देव की वंदना करते थे। श्री शनिदेव चालीसा Sri Shani Dev Chalisa कुछ समय बाद, सेठ की पत्नी को एक पुत्र हुआ। सेठ और उसकी पत्नी बहुत खुश हुए। उन्होंने पुत्र का नाम शंकर रखा। शंकर एक बुद्धिमान और कर्मठ व्यक्ति था। उसने अपने माता-पिता की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी। शंकर के जन्म से सेठ और उसकी पत्नी की सभी समस्याएं दूर हो गईं। वे दोनों सुखपूर्वक रहने लगे। शनि प्रदोष व्रत की पूजा विधि SHANI PRADOSH BRAT KI PUJA BIDHI शनि प्रदोष व्रत की पूजा शाम के समय की जाती है। पूजा के लिए सबसे अच्छा समय शाम 4:30 बजे से 7:00 बजे तक का होता है। पूजा के लिए निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता होती है: पूजा विधि: PUJA BIDHI शनि प्रदोष व्रत का महत्व SHANI PRADOSH BRAT KA mahatv शनि प्रदोष Shani Pradosh व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस व्रत को करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है। शनि देव को न्याय का देवता कहा जाता है। वे अच्छे और बुरे दोनों कर्मों का फल देते हैं। शनि प्रदोष व्रत करने से शनि देव के क्रोध से मुक्ति मिलती है। साथ ही, इस व्रत को करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। शनि प्रदोष व्रत करने से निम्नलिखित लाभ होते हैं: शनि प्रदोष व्रत के नियम SHANI PRADOSH BRAT KE NIYAM शनि प्रदोष Shani Pradosh व्रत को करने के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन करना चाहिए: शनि प्रदोष व्रत करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

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Dream:किसी पुराने घर का सपना, जानें इसके संकेत

पुराना घर देखना कभी-कभी अतीत से जुड़े दर्द या दुख का भी संकेत हो सकता है। यह सपना आपको अपने अतीत के घावों को ठीक करने या उनसे निपटने की आवश्यकता के बारे में बता रहा हो सकता है। पुराना घर देखना कभी-कभी परिवर्तन या अनिश्चितता का भी संकेत हो सकता है। यह सपना आपको अपने जीवन में आने वाले बदलावों के लिए तैयार रहने के लिए कह रहा हो सकता है। क्या आपको सपने में कभी कोई ऐसा घर दिखाई देता है जिसका आपसे कोई नाता ही नहीं है? क्या आप अक्सर एक खंडहर को देखकर चौंक कर उठ जाते हैं? क्या आपको ऐसा कोई पुराना घर दिखता है जो आपको ये सोचने पर मजबूर कर देता है कि क्या आप हकीकत में उस जगह पर गए हैं? अगर आप उनमें से एक हैं जो ऐसा कोई भी सपना बार-बार या कभी-कभी देखते हैं तो आपको इसके संकेतों को भी जरूर जान लेना चाहिए। ये सपना आपके मन की कल्पना भी हो सकता है और ये भविष्य की तरफ इशारा भी कर सकता है। Dream सपने में अपना ही कोई पुराना घर देखना अपने सपनों Dream में एक पुराना घर देखना, विशेष रूप से वह जिसमें आप कभी रहते थे तो यह इस बात की ओर इशारा करता है कि आप अपनी भावनाओं को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। आपके मन में उस घर में रहने वाले किसी भी परिवार के व्यक्ति के लिए स्नेह आ रहा है, लेकिन आप उसे जाहिर नहीं करना चाहते हैं। अपने पुराने घर को खराब हालात में देखना यदि आप अपने सपने में अपने पुराने घर के बारे में देखते हैं और ऐसा लगता है कि यह खराब स्थिति में है, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि आप अपने जीवन से बहुत खुश नहीं हैं। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि आप कोई नया कदम उठाने के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन आप इससे डर भी रहे हैं। आप किसी भी काम के परिणामों के बारे में बहुत ज्यादा चिंता करते हैं। ऐसे सपने से निर्धारित करें कि आप अपने जीवन में क्या चाहते हैं और फिर पूरी ईमानदारी और कड़ी मेहनत के साथ उसे पाने की और बेहतर बनाने की कोशिश करें। सपने में जर्जर खंडहर देखना यदि आप सपने में कोई ऐसा घर देखते हैं जो आपने पहले नहीं देखा होता है और उसे बहुत टूटे-फूटे हाल में देखते हैं तो ये इस बात का संकेत देता है कि आपको भविष्य में कोई बड़ी स्वास्थ्य समस्या होने वाली है। यदि आप अपने वर्तमान घर को बदहाल देखते हैं तो ये इस बात का संकेत देता है कि आप अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं जिसकी वजह से आपको कोई बीमारी होने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे किसी भी सपने से आपको भविष्य और अपनी सेहत के लिए सचेत होने की आवश्यकता है। अपने आपको अपने पुराने घर में रहते हुए देखना यदि आप सपने में अपने ही किसी पुराने घर में रहते हुए अपने आपको देखती हैं तो ये आपके लिए एक शुभ संकेत है। ये इस बात को बताता है कि आप किसी पुराने रिश्तेदार या मित्र से जल्द ही मिलने वाले हैं और इससे आपको बहुत फायदा हो सकता है। ये सपना इस बात का भी संकेत देता है कि आप अपने परिवार के साथ काफी लंबे समय बाद समय बिताने जा रहे हैं। पुराने घर को बेचने का सपना सपने में अपना पुराना घर बेचना आपके लिए शुभ संकेत के रूप में देखा जा सकता है। यह इस बात का प्रतीक हो सकता है कि आप आखिरकार अतीत की चीजों को जाने दे रहे हैं और अपने जीवन के साथ आगे बढ़ रहे हैं। अतीत की यादों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना हमेशा आपके लिए अच्छा हो सकता है। इसलिए ये सपना आपके लिए शुभ हो सकता है।  सपने में पुराने घर को तोड़ते हुए देखना यदि आप सपने में किसी पुराने घर को तोड़ते हुए देखते हैं तो यह सपना आपके लिए चिंताजनक हो सकता है। यह किसी के द्वारा आपको नुकसान पहुंचाने के प्रयास का संकेत दे सकता है, लेकिन ये इस बात का भी संकेत देता है कि आपके परिवार का ही कोई व्यक्ति आपको नुकसान पहुंचाना चाह रहा है। पुराने घर के किसी भी सपने का मिला-जुला प्रभाव देखने को मिल सकता है, लेकिन ऐसा हमेशा जरूरी नहीं है कि ये सपना सभी के लिए एक जैसे ही संकेत दे। कई बार ऐसे सपने आपकी कल्पना का भी परिणाम हो सकते हैं।

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Durga Ashtami:दुर्गा अष्टमी व्रत तिथि 2023

हिन्दू धर्म में अष्टमी का महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। अष्टमी के दिन देवी दुर्गा की पूजा व व्रत किया जाता है। हर हिन्दू मास में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को दुर्गाष्टमी Durga Ashtami का व्रत किया जाता है। इस व्रत का देवी दुर्गा का मासिक व्रत भी कहा जाता है। हिन्दू कैलेण्डर में अष्टमी दो बार आती है एक कृष्ण पक्ष में दूसरी शुक्ल पक्ष में। शुक्ल पक्ष की अष्टमी में देवी दुर्गा का व्रत किया जाता है। अश्विन मास में आने वाली शारदीय नवरात्रि के उत्सव के दौरान पड़ने वाली अष्टमी को और चैत्र नवरात्रि के उत्सव के दौरान पड़ने वाली अष्टमी को महाष्टमी व दुर्गाष्टमी Durga Ashtami कहा जाता है।  Durga Ashtami व्रत का महत्व: व्रत की विधि: व्रत के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें: मासिक दुर्गा अष्टमी: दुर्गा अष्टमी व्रत केवल नवरात्रि के दौरान ही नहीं, बल्कि हर महीने में भी किया जा सकता है। माना जाता है कि मासिक दुर्गा अष्टमी व्रत करने से भक्तों को मनचाही वस्तु की प्राप्ति होती है और सभी प्रकार के दुखों और कष्टों से मुक्ति मिलती है।

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Dhanu Sankranti 2023: धनु संक्रांति कब है? जानें कब से शुरू होगा खरमास, इस दौरान क्या करें क्या नहीं

Dhanu Sankranti Date 2023: ग्रहों के राजा सूर्य देव दिसंबर माह में धनु राशि में गोचर करेंगे। सूर्य देव 16 दिसंबर 2023 को धनु राशि में गोचर करेंगे, इसलिए 16 दिसंबर को धनु संक्रांति Dhanu Sankranti के नाम से जाना जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार  जिस राशि में प्रवेश करते हैं, उसी के अनुसार संक्रांति का नामकरण किया जाता है। धनु संक्रांति का पुण्यकाल 16 दिसंबर को प्रातः 09 बजकर 58 मिनट से शाम 04 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। सूर्य की धनु संक्रांति में और खासकर संक्रांति के पुण्यकाल के दौरान गोदावरी नदी में स्नान-दान का बहुत महत्व है। संक्रांति के दिन पितृ तर्पण, दान, धर्म और स्नान आदि का बहुत महत्व माना जाता है।  कब है धनु संक्रांति Dhanu Sankranti ज्योतिष शास्त्र में 12 राशियों का विशेष महत्व है। सभी ग्रह बारी-बारी से इन 12 राशियों में प्रवेश करते हैं। सूर्य ग्रह भी इन्हीं में से एक हैं। जब भी सूर्य देव किसी भी राशि में प्रवेश करते हैं तो उसे संक्रांति के नाम से जाना जाता है। धनु संक्रांति 16 दिसंबर, शनिवार को है। इस संक्रांति को हेमंत ऋतु शुरू होने पर मनाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हेमंत ऋतु का आरंभ 16 दिसंबर से होता है। इस दिन से मौसम में ठंड बढ़ने लगती है और पृथ्वी पर सूर्य की किरणें सीधी पड़ने लगती हैं। इस दिन सूर्य देव वृश्चिक राशि से धनु राशि में प्रवेश करते हैं। धनु राशि को देवताओं की राशि माना जाता है। इस राशि का स्वामी गुरु ग्रह होता है। धनु संक्रांति को लोग बड़े ही धूम-धाम से मनाते हैं। इस दिन लोग नदी, तालाब या समुद्र में स्नान करते हैं और सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं। इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व होता है। धनु संक्रांति के दिन से खरमास शुरू हो जाते हैं। खरमास में कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। इस बार धनु संक्रांति का पुण्यकाल 16 दिसंबर को प्रातः 09 बजकर 58 मिनट से शाम 04 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। Vivah Panchami 2023: कब है विवाह पंचमी? जानें इस दिन विवाह करना क्यों माना जाता है अशुभ धनु संक्रांति के दिन कुछ विशेष उपाय करने से शुभता आती है। इन उपायों में शामिल हैं: कब से शुरू होगा खरमास  कब से शुरू होगा खरमास जब धनु और मीन राशि में सूर्य देव गोचर करते हैं, तो इनके तेज प्रभाव से धनु और मीन राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति का प्रभाव बहुत कमजोर हो जाता है।  इसके चलते एक महीने तक खरमास लगता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, 16 दिसंबर को सूर्य देव सायं 03 बजकर 58 मिनट पर वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इसलिए खरमास की शुरुआत इसी दिन से होगी। खरमास के दौरान क्या करें? खरमास के दौरान क्या न करें?

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Sapne:घर में लग गई है आग aag या खुद फंसे हों आग के बीच, ऐसे सपने देखने का क्या है मतलब

सपने में आग देखना एक सामान्य सपना है। यह सपना कई तरह के अर्थों को दर्शाता है। यह सपना आपकी भावनाओं, इच्छाओं और भविष्य की घटनाओं को दर्शा सकता है। दरअसल सपने यूं ही तो नहीं होते, ये बहुत कुछ कहते भी हैं. ऐसे में जरूरी है कि आप उन सपनों के मतलब को समझें, ताकि समय रहते आप के साथ होने वाले अच्छे-बुरे कार्य की जानकारी हो सके. लोग बहुत तरह के सपने देखते हैं, ऑफिस या दुकान में आग देखना Office ya dukan me aag dekhna सपने में ऑफिस या दुकान में आग देखना एक सकारात्मक सपना माना जाता है। यह सपना आपकी तरक्की और सफलता की ओर इशारा करता है। यदि आप सपने में ऑफिस या दुकान में आग देखते हैं, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि आप अपने काम में सफल होंगे और आपको अपने करियर में प्रगति मिलेगी। यह सपना आर्थिक लाभ या व्यापार में वृद्धि का भी संकेत दे सकता है। सपने के अर्थ को समझने के लिए अन्य कारक भी महत्वपूर्ण हैं। इन कारकों में सपने में आग aag का रंग, आकार और स्थिति शामिल हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप सपने में लाल रंग की आग देखते हैं, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि आपके काम में बहुत ऊर्जा और उत्साह है। यदि आप सपने में छोटी सी आग देखते हैं, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि आपके काम में कोई छोटी सी समस्या आ सकती है। यदि आप सपने में बड़ी सी आग देखते हैं, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि आपके काम में कोई बड़ी समस्या आ सकती है। कुल मिलाकर, सपने में ऑफिस या दुकान में आग aag देखना एक सकारात्मक सपना है। यह सपना आपको बता रहा है कि आप अपने काम में सफल होंगे और आपको अपने करियर में प्रगति मिलेगी। खुद को आग में फंसा देखना khud ko aag me phansa dekhna सपने में यदि आप भयंकर आग को देखते हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. दरअसल इस तरह के मतलब का अर्थ है कि आपका मानसिक तनाव अब समाप्ति की ओर है. आपको विदेश यात्रा का योग बन सकता है. इसके अलावा यदि आप खुद को सपने में आग के बीच खुद को फंसा देखते हैं और खुद को बचा नहीं पा रहे हैं तो इसका अर्थ है कि आपके शरीर में पित्त की समस्या बढ़ सकती है. बेहतर है कि ऐसा सपना देखने पर चेकअप जरूर कराएं Black Cat:सपने में काली बिल्ली देखने का क्या होता है मतलब खुद को आग बुझाते देखना khud ko aag bhujhate huye dekhna सपने में आग बुझाते देखना जीवन में आने वाली नकारात्मक घटनाओं की ओर इशारा है. ऐसे में जरूरी है कि एहतियात के साथ काम लें. बता दें कि यदि आप इस तरह का सपना देखते हैं तो इसका मतलब है कि किसी के साथ आपके रिश्तों में खटास आ सकती है. इस तरह की स्थिति परिवार के सदस्यों के साथ भी हो सकती है. इसके लिए बेहतर है कि आप खुद पर संयम बनाकर रखें. अपने घर में लगी आग देखना apne ghar me lagi aag dekhna यदि आप सपने में अपने घर को जलता देखते हैं और खुश होते हैं, तो इसका मतलब यह है कि आप अपने जीवन में होने वाले बदलावों के लिए तैयार हैं। आप जानते हैं कि ये बदलाव आपके लिए शुभ होंगे। सपने में यदि आप खुद के ही घर में आग लगी देखें तो चिंता करने के बजाह आपको खुश होने की जरूरत है. हालांकि इस तरह का सपना देखते ही कई लोग घबरा भी जाते हैं. बता दें कि, यदि आप सपने में अपने घर को जलता देखते हैं तो संकट दूर होने की ओर इशारा है. दरअसल इस तरह के संकेत का मतलब है कि जल्द ही आपके घर नन्हा मेहमान आने वाला है. यदि आप अविवाहित हैं तो मनपसंद जीवनसाथी की खोज पूर्ण हो सकती है.

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राम – लक्ष्मण की नागपाश से मुक्ति Ramayan katha in Hindi

श्री राम लक्ष्मण के नागपाश में बंधने के बाद युद्ध समाप्त हो जाता है और लंका की सेना अपने नगर में वापस लौट जाते हैं। श्री राम और लक्ष्मण के नागपाश में बंधने के बाद युद्ध समाप्त हो जाता है। लंका की सेना अपने नगर लौट जाती है और रावण अपनी जीत का जश्न मनाता है। इधर सुग्रीव, हनुमान, अंगद, जामवंत और विभीषण सभी श्री राम और लक्ष्मण के इस हालत पर बहुत दुखी होते हैं। राम और लक्ष्मण के साथियों को उनकी हालत पर (Ramayan ) बहुत दुख होता है। वे सभी उनके लिए कोई उपाय खोजने की कोशिश करते हैं। क्योंकि जिनके के लिए पूरी वानर सेना समुंद्र लांघ कर युद्ध करने के लिए आई थी। आज वही श्री राम और लक्ष्मण भूमि पर नागपाश में बंधे मूर्छित पड़े है। और धीरे-धीरे नाग उनके शरीर से प्राण चूस रहे थे। वानर सेना ने राम और लक्ष्मण के लिए ही समुद्र पार किया था। अब जब वे दोनों Ramayan नागपाश में बंधे हैं, तो सभी वानर सेना के सदस्य बहुत दुखी हैं। वे जानते हैं कि अगर राम और लक्ष्मण को जल्दी से नागपाश से मुक्त नहीं किया गया, तो वे मर जाएंगे। श्री राम की सेना में पूरी तरह शौक सागर में डूब जाते हैं। किसी को भी श्री राम और लक्ष्मण को इस संकट से बाहर निकालने में का रास्ता नहीं सूझ रहा था। रावण के पुत्रो का अंत। लक्ष्मण द्वारा अतिकाय का वध | Atikai Vadh Ramayan Story in Hindi विभीषण द्वारा नागपाश अस्त्र की शक्ति का वर्णन ग्रीव के पूछने पर विभीषण बताते हैं कि इंद्रजीत ने घात लगाकर नागपाश अस्त्र का प्रयोग श्रीराम और लक्ष्मण पर किया है। सुग्रीव, हनुमान, अंगद, जामवंत और विभीषण सभी श्री राम और लक्ष्मण के नागपाश में बंधने के बाद बहुत दुखी होते हैं। वे सभी उन्हें बचाने के लिए कोई उपाय खोजने की कोशिश करते हैं। तब सुग्रीव विभीषण से नागपाश से मुक्त होने का कोई उपाय बताने के लिए कहते हैं। के दुनिया में ऐसा कौन सा अस्त्र है जिसका कोई उपाय नहीं है। सुग्रीव विभीषण से नागपाश से मुक्त होने का कोई उपाय पूछते हैं। वह जानता है कि नागपाश एक बहुत ही शक्तिशाली अस्त्र है और इससे मुक्त होना बहुत मुश्किल है। लेकिन विभीषण जी कहते हैं कि एक बार यमपाश से कोई मुक्त हो सकता है लेकिन नागपाश अस्त्र से प्राणी मृत्यु होने तक छूट नहीं सकता। विभीषण सुग्रीव को बताते हैं कि नागपाश अस्त्र एक बहुत ही घातक अस्त्र है। इससे मुक्त होना असंभव है। क्योंकि नागपाश अस्त्र स्वयं ब्रह्मदेव द्वारा प्रकट किया गया था। दुष्टों का संहार करने के लिए भगवान शिव ने ब्रह्मदेव से नागपाश अस्त्र मांग लिया था । और भगवान शिव की कड़ी तपस्या करके रावण पुत्र इंद्रजीत ने उनसे यह वरदान के रूप में प्राप्त किया। इंद्रजीत बहुत विकट परिस्थिति में ही इस अस्त्र का प्रयोग करता है। आज तक नागपाश से कोई भी बच नहीं पाया है। माता सीता का विलाप  वहीं दूसरी और लंका में अशोक वाटिका में बैठी माता सीता श्री राम और लक्ष्मण के नाग पाश में बंध जाने की सुचना पाकर शोकाकुल हो उठती है। और विलाप करते हुए माता जगदंबा से अपने पति और लक्ष्मण की रक्षा की प्रार्थना करती है । इधर रणभूमि में समय बीतता जा रहा था पूरी वानर सेना श्री राम और लक्ष्मण के इस हालत से मायूस हो चुकी थी। ऐसे में सुग्रीव देखते हैं कि बजरंगबली हनुमान वहां पर नहीं है, जोकि हमेशा श्री राम के कार्य सिद्ध करते है। सुग्रीव पूछते हैं कि संकट मोचन महाबली हनुमान कहां है? जब उनके आराध्य श्री राम पर इतना घनघोर संकट छाया है।   वही हनुमान श्री राम और लक्ष्मण के नागपाश में बंधने के बाद ही कुछ विचार करके पहले ही बिना समय गवाएं सीधे भगवान विष्णु के वाहन और पक्षी श्रेष्ठ गरुड़ के पास पहुंच जाते हैं। हनुमान को यह ज्ञात था कि नागपाश अस्त्र को छिन्न भिन्न करने की क्षमता केवल पक्षीराज गरुड़ में ही है। हनुमान और गरुड़ हनुमान शीघ्रता से गरुड़ के पास आते हैं और गरुड़ को लक्ष्मण और मेघनाथ के युद्ध का सारा वृतांत बताते हैं कि कैसे मेघनाथ द्वारा छल से श्री राम और लक्ष्मण को नागपाश में बांध दिया गया है। हनुमान जब गरुड़ के पास आते हैं, तो वे बहुत ही चिंतित होते हैं। वे गरुड़ को बताते हैं कि कैसे इंद्रजीत ने नागपाश अस्त्र का प्रयोग करके श्री राम और लक्ष्मण को बांध दिया है। हनुमान जानते हैं कि नागपाश अस्त्र एक बहुत ही शक्तिशाली अस्त्र है और इससे मुक्त होना बहुत मुश्किल है। हनुमान गरुड़ देव से प्रार्थना करते हैं कि वह शीघ्रता से उनके साथ चले और श्री राम और लक्ष्मण को नागपाश से मुक्त करने की कृपा करें। हनुमान गरुड़ से कहते हैं कि श्री राम और लक्ष्मण उनके आराध्य हैं। वे उनका जीवन बचाने के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार हैं। वे गरुड़ से कहते हैं कि वह केवल पक्षीराज गरुड़ ही हैं जो नागपाश अस्त्र को छिन्न भिन्न कर सकते हैं। शुरुआत में तो गुरुदेव आनाकानी करते हैं लेकिन वहां पर देव ऋषि नारद भी आ जाते हैं। और वे भी गरुड़ को समझाते हैं कि इस समय भगवान विष्णु ने धरती से असुरों का नाश करने के लिए श्री राम के रूप में अवतार लिया है। इसलिए आपका परम धर्म यही है कि इस वक्त पवन पुत्र हनुमान की सहायता करें। देव ऋषि नारद गरुड़ को समझाते हैं कि भगवान विष्णु ने श्री राम के रूप में अवतार लेकर धरती पर असुरों का नाश करने का वचन दिया है। इसलिए गरुड़ का परम धर्म है कि वह श्री राम की सहायता करें। देव ऋषि नारद के समझाने के बाद गरुड़ उनसे सहमत होते हैं और हनुमान के साथ चलने के लिए मान जाते हैं। देव ऋषि नारद के समझाने के बाद गरुड़ हनुमान की सहायता करने के लिए तैयार हो जाते हैं। वे हनुमान के साथ शीघ्रता से लंका की ओर चल पड़ते हैं। इस प्रकार, हनुमान और गरुड़ दोनों मिलकर श्री राम और लक्ष्मण को नागपाश से मुक्त करते हैं और उन्हें युद्ध में विजय प्राप्त करने में मदद करते हैं। राम –

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