Jagannath Mangal Aarti:जगन्नाथ मंगल आरती

Jagannath Mangal Aarti:जगन्नाथ मंगल आरती के लाभ Jagannath Mangal Aarti:जगन्नाथ मंगल आरती का गायन या सुनना भक्तों के जीवन में अनेक लाभकारी प्रभाव डालता है। माना जाता है कि भगवान जगन्नाथ की कृपा से भक्तों के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सफलता आती है। Jagannath Mangal Aarti:जगन्नाथ मंगल आरती के कुछ प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं: कुल मिलाकर, जगन्नाथ मंगल आरती करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। यहां कुछ अन्य लाभ भी हो सकते हैं: ध्यान रखें कि ये लाभ व्यक्ति की आस्था और भक्ति पर निर्भर करते हैं। नियमित रूप से भगवान जगन्नाथ की पूजा करने से इन लाभों को प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है। Jagannath Mangal Aarti:भगवान जगन्नाथ की कृपा से आपका जीवन सुखमय हो! क्या आप भगवान जगन्नाथ के बारे में और कुछ जानना चाहते हैं? यहां कुछ अतिरिक्त जानकारी दी गई है: Jagannath Mangal Aarti:भगवान जगन्नाथ की कृपा से आपका जीवन सुखमय हो! Jagannath Mangal Aarti:जगन्नाथ मंगल आरती आरती श्री जगन्नाथआरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी, मंगलकारी नाथ आपादा हरि,कंचन को धुप दीप ज्योत जगमगी,अगर कपूर बाटी भव से धारी,आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,घर घरन बजता बाजे बंसुरी,घर घरन बजता बाजे बंसुरी,झांझ या मृदंग बाजे, ताल खनजरी,आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,निरखत मुखारविंद परसोत चरनारविन्द आपादा हरि,जगन्नाथ स्वामी के अताको चढे वेद की धुवानी,जगन्नाथ स्वामी के भोग लागो बैकुंठपुरी,आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी, इंद्र दमन सिंह गजे रोहिणी खड़ी,इंद्र दमन सिंह गजे रोहिणी खड़ी,मार्कंडेय स्व गंगा आनंद भरि,आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,सरनार मुनि द्वारे तदे ब्रह्म वेद भानी,सरनार मुनि द्वारे तदे ब्रह्म वेद भानी,धन धन ओह सुर स्वामी आनंद गढ़ी,आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,मंगलकारी नाथ आपादा हरि, कंचन को धुप दीप ज्योत जगमगी,अगर कपूर बाटी भव से धारी,आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी

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Babosa Aarti:बाबोसा आरती

Babosa Aarti:बाबोसा आरती के लाभ Babosa Aarti:बाबोसा भगवान की आरती का गायन या सुनना भक्तों के जीवन में अनेक लाभकारी प्रभाव डालता है। माना जाता है कि बाबोसा भगवान की कृपा से भक्तों के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सफलता आती है। Babosa Aarti:बाबोसा आरती के कुछ प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं: कुल मिलाकर, Babosa Aarti बाबोसा भगवान की आरती करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। यहां कुछ अन्य लाभ भी हो सकते हैं: ध्यान रखें कि ये लाभ व्यक्ति की आस्था और भक्ति पर निर्भर करते हैं। नियमित रूप से बाबोसा भगवान की पूजा करने से इन लाभों को प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है। बाबोसा भगवान की कृपा से आपका जीवन सुखमय हो! क्या आप बाबोसा भगवान के बारे में और कुछ जानना चाहते हैं? यहां कुछ अतिरिक्त जानकारी दी गई है: बाबोसा भगवान की कृपा से आपका जीवन सुखमय हो! Babosa Aarti:बाबोसा आरती ॥ बाबोसा चूरू वाले की आरती ॥देवा बाबोसा चूरू वाले,भक्तो के है रखवाले,रिम झिम उतारे तेरी आरती,बाबोसा रिम झिम उतारे तेरी आरती ॥ सिर पे मुकुट कान में कुंडल,हाथ में सोटा साजे,जग मग जग मग रूप निराला,जग मग जग मग रूप निराला,भुत प्रेत सब भागे,जय हो माता छगनी के लाले,कोठारी कुल के तारे,रिम झिम उतारे तेरी आरती,बाबोसा रिम झिम उतारे तेरी आरती ॥ बालाजी ने राज तिलक से,अपनी गोद बिठाया,मृगसर पांचू भरे है मेला,मृगसर पांचू भरे है मेला,भक्तो के मन है भाया,सबके मन को हरषाने वाले,विपदा मिटाने वाले,रिम झिम उतारे तेरी आरती,बाबोसा रिम झिम उतारे तेरी आरती ॥ भक्ति भाव से करे आरती,तेरे सारे पुजारी,मन दर्पण में बसों बाबोसा,मन दर्पण में बसों बाबोसा,कलयुग के अवतारी,तेरा मंजूदेवी गुण गाये,गोपाला शीश नवाये,रिम झिम उतारे तेरी आरती,बाबोसा रिम झिम उतारे तेरी आरती ॥ देवा बाबोसा चूरू वाले,भक्तो के है रखवाले,रिम झिम उतारे तेरी आरती,बाबोसा रिम झिम उतारे तेरी आरती ॥

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 Shri Yugal Kishore Aarti:युगलकिशोर आरती  

Yugal Kishore Aarti:श्री युगल किशोर आरती के लाभ Yugal Kishore Aarti:श्री युगल किशोर की आरती का गायन या सुनना भक्तों के जीवन में अनेक लाभकारी प्रभाव डालता है। माना जाता है कि श्री युगल किशोर की कृपा से भक्तों के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सफलता आती है। Yugal Kishore Aarti:श्री युगल किशोर आरती के कुछ प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं: कुल मिलाकर, श्री युगल किशोर की आरती करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। यहां कुछ अन्य लाभ भी हो सकते हैं ध्यान रखें कि ये लाभ व्यक्ति की आस्था और भक्ति पर निर्भर करते हैं। नियमित रूप से श्री युगल किशोर की पूजा करने से इन लाभों को प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है। Yugal Kishore Aarti:श्री युगल किशोर की कृपा से आपका जीवन सुखमय हो! Shri Yugal Kishore Aarti:युगलकिशोर आरती आरती युगलकिशोर की कीजै ।तन मन धन न्योछावर कीजै ॥ गौरश्याम मुख निरखन लीजै ।हरि का रूप नयन भरि पीजै ॥ रवि शशि कोटि बदन की शोभा ।ताहि निरखि मेरो मन लोभा ॥ ओढ़े नील पीत पट सारी ।कुंजबिहारी गिरिवरधारी ॥ फूलन सेज फूल की माला ।रत्न सिंहासन बैठे नंदलाला ॥ कंचन थार कपूर की बाती ।हरि आए निर्मल भई छाती ॥ श्री पुरुषोत्तम गिरिवरधारी ।आरती करें सकल नर नारी ॥ नंदनंदन बृजभान किशोरी ।परमानंद स्वामी अविचल जोरी ॥

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Shri Banke Bihari Aarti:श्री बांके बिहारी आरती 

Shri Banke Bihari Aarti:श्री बांके बिहारी आरती के लाभ Shri Banke Bihari Aarti:श्री बांके बिहारी जी की आरती का गायन या सुनना भक्तों के जीवन में अनेक लाभकारी प्रभाव डालता है। माना जाता है कि श्री बांके बिहारी जी की कृपा से भक्तों के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सफलता आती है। Shri Banke Bihari Aarti :श्री बांके बिहारी आरती के कुछ प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं: कुल मिलाकर, श्री बांके बिहारी जी की आरती करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। यहां कुछ अन्य लाभ भी हो सकते हैं: ध्यान रखें कि ये लाभ व्यक्ति की आस्था और भक्ति पर निर्भर करते हैं। Shri Banke Bihari Aarti नियमित रूप से श्री बांके बिहारी जी की पूजा करने से इन लाभों को प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है। क्या आप श्री बांके बिहारी जी की आरती के बारे में और कुछ जानना चाहते हैं? यहां कुछ अतिरिक्त जानकारी दी गई है Shri Banke Bihari Aarti:श्री बांके बिहारी जी की कृपा से आपका जीवन सुखमय हो! Shri Banke Bihari Aarti:श्री बांके बिहारी आरती श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥ मोर मुकुट प्यारे शीश पे सोहे,प्यारी बंसी मेरो मन मोहे ।देख छवि बलिहारी मैं जाऊं ।॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥ चरणों से निकली गंगा प्यारी,जिसने सारी दुनिया तारी ।मैं उन चरणों के दर्शन पाऊं ।॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥ दास अनाथ के नाथ आप हो,दुःख सुख जीवन प्यारे साथ आप हो ।हरी चरणों में शीश झुकाऊं ।॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥ श्री हरीदास के प्यारे तुम हो ।मेरे मोहन जीवन धन हो।देख युगल छवि बलि बलि जाऊं ।॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं..॥ श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं ।आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं ।

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Mata Parvati Aarti:माता पार्वती आरती 

Mata Parvati Aarti:माता पार्वती आरती के लाभ Mata Parvati Aarti:माता पार्वती की आरती का गायन या सुनना भक्तों के जीवन में अनेक लाभकारी प्रभाव डालता है। Mata Parvati Aarti माना जाता है कि माता पार्वती की कृपा से भक्तों के जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सफलता आती है। Mata Parvati Aarti:माता पार्वती आरती के कुछ प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं: कुल मिलाकर, माता पार्वती की आरती करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। यहां कुछ अन्य लाभ भी हो सकते हैं: ध्यान रखें कि ये लाभ व्यक्ति की आस्था और भक्ति पर निर्भर करते हैं। नियमित रूप से माता पार्वती की पूजा करने से इन लाभों को प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है। Mata Parvati Aarti:माता पार्वती आरती  जय पार्वती माता,जय पार्वती माताब्रह्मा सनातन देवी,शुभ फल की दाता ।॥ जय पार्वती माता… ॥ अरिकुल कंटक नासनि,निज सेवक त्राता,जगजननी जगदम्बा,हरिहर गुण गाता ।॥ जय पार्वती माता… ॥ सिंह को वहान साजे,कुंडल है साथा,देव वधू जस गावत,नृत्य करत ता था ।॥ जय पार्वती माता… ॥ सतयुग रूप शील अतिसुंदर,नाम सती कहलाता,हेमाचंल घर जन्मी,सखियाँ संगराता ।॥ जय पार्वती माता… ॥ शुम्भ निशुम्भ विदारे,हेमाचंल स्थाता,सहस्त्र भुजा तनु धरिके,चक्र लियो हाथा ।॥ जय पार्वती माता… ॥ सृष्टि रूप तुही है जननी,शिव संग रंगराता,नन्दी भृंगी बीन लही,सारा जग मदमाता ।॥ जय पार्वती माता… ॥ देवन अरज करत हम,चरण ध्यान लाता,तेरी कृपा रहे तो,मन नहीं भरमाता ।॥ जय पार्वती माता… ॥ मैया जी की आरती,भक्ति भाव से जो नर गाता,नित्य सुखी रह करके,सुख संपत्ति पाता ।॥ जय पार्वती माता… ॥ जय पार्वती माता,जय पार्वती माता,ब्रह्मा सनातन देवी,शुभ फल की दाता । जय पार्वती माता,जय पार्वती माताब्रह्मा सनातन देवी,शुभ फल की दाता ।

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Money in dream:सपने में किसी को पैसे देना हो सकता है इस बात का संकेत

Money in dream:सपनों का आपके जीवन से कुछ संबंध हो सकता है। ये आपके भविष्य की कल्पना और वर्तमान की परिस्थितियों की ओर इशारा भी करते हैं। अगर आप सपने में किसी को पैसे दे रहे हैं तो इसके संकेतों के बारे में जानें। कई बार हम दिन भर में जो बातचीत करते हैं, उससे जुड़ी चीजें सपने में जरूर देखते हैं. कई बार हम कुछ सपने बुरे भी देख लेते हैं जिसके कारण रात में नींद टूट जाती है. आज हम इस लेख में पैसे का लेन-देन सपने में देखने का क्या मतलब होता है, उसके बारे में बताने वाले हैं. ताकि आप ऐसा कुछ देखते हैं तो आपको उसका अर्थ (Money in dream) पता रहे, तो आइए जानते हैं इसका मतलब. सपने एक रहस्यमयी घटना की तरह होते हैं जो शायद आपके भूत, वर्तमान और भविष्य के बारे में बहुत कुछ बता सकते हैं। कई बार हम जो सपने में देखते हैं उसका हमारे जीवन से कुछ न कुछ जुड़ाव जरूर होता है। Money in dream:सपने में मां को पैसे देने का क्या है मतलब ऐसे ही सपनों में से एक है सपने में पैसों का दान देना या किसी को पैसे देना। हो सकता है कि आप में से कई लोगों को ऐसा सपना कभी न कभी आया हो या फिर अक्सर ही आता हो। सपने के मतलब और इससे मिलने वाले संकेतों के बारे में। Money in dream:सहायता की तलाश अगर आप सपने में किसी को पैसे दे रहे हैं तो असल जीवन में ऐसा संभव है कि आप सहायता की तलाश में हों, वास्तव में ऐसा हो सकता है कि आपको किसी काम के लिए जल्द ही पैसों की आवश्यकता हो लेकिन आप अपनी इच्छा किसी के सामने जाहिर नहीं कर पा रही हों। ऐसा सपना इस बात की ओर भी इशारा करता है (Money in dream) कि आपने कभी किसी से पैसे उधार लिए हैं और अब आपको वापस कर देने चाहिए। Money in dream:सपने में मां को पैसे देना जब कभी आप अपनी मां को पैसे देने का सपना देखती हैं तो आमतौर पर यह संकेत मिलता है कि आप अपने माता-पिता की किसी प्रकार की सहायता प्रदान करना चाह रही हैं। इसका मतलब यह भी हो सकता है कि आप किसी तरह से अपनी मां की देखभाल करने की कोशिश कर रही हैं या उन्हें आपसे किसी तरह की सहायता चाहिए। यदि सपने में आप अपनी मां को पैसे दे रही हैं और वो मना कर रही हैं तो ये आपके जीवन में आने वाली किसी समस्या का संकेत हो सकता है। Money in dream:खुद को स्वतंत्र महसूस करती हैं किसी को पैसा देने के बारे में सपने देखना भी इस बात का संकेत हो सकता है कि यह आपके लिए अपने जीवन में अधिक स्वतंत्रता प्राप्त करने और दूसरों पर कम निर्भर होने का समय है। आप स्वयं को स्वतंत्र महसूस करती हैं, लेकिन यह सपना बताता है कि यह खुद पर यकीन रखने और अपने निर्णय स्वयं लेने का समय है। इसके अलावा ऐसा सपना देखने वाला व्यक्ति किसी ऐसे व्यक्ति का प्रतिनिधित्व करता है जिसे आप जानते हैं और जिसका आपके जीवन में सकारात्मक प्रभाव है। Money in dream:गरीबों को दान दें यदि आप सपने में किसी को पैसे दे रही हैं तो समझें कि आपको किसी जरूरतमंद को पैसे दान में देने की आवश्यकता है। यदि आप सपने में गरीबों या जरूरतमंदों को पैसे दे रही हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि आप दुनिया को कुछ मूल्यवान वस्तु देना चाहते हैं। किसी को पैसे देने का सपना यह भी संकेत दे सकता है कि आगे बढ़ने के लिए आपको कुछ चीजों की आवश्यकता है। Money in dream:आत्मसंतुष्टि का एहसास यदि आप सपने में किसी ऐसे व्यक्ति को पैसे दे रही हैं जो आपके असल जीवन से जुड़ाव रखता है तो इस सपने का मतलब यह हुआ कि आप जीवन में जो भी कर रहे हैं उससे पूरी तरह से संतुष्ट हैं और आपको आगे भी आत्म संतुष्टि मिलेगी। जब आप सपने में किसी दोस्त को पैसे देती हैं तो आमतौर पर यह सपना संकेत करता है कि आपके किसी करीबी को सहारे की जरूरत है। ऐसे में आप अपने करीबियों की जरूरतों का पता लगाने की कोशिश करें। सपने में किसी को पैसे देना आपके असल जीवन के लिए मिले-जुले संकेत दे सकता है। ऐसा हमेशा जरूरी नहीं है कि यह सपना आपके लिए हमेशा सच हो, लेकिन कुछ लोगों को इसके यहां बताए गए परिणाम भी मिल सकते हैं। Money in dream:कई बार हम दिन भर में जो बातचीत करते हैं, उससे जुड़ी चीजें सपने में जरूर देखते हैं. कई बार हम कुछ सपने बुरे भी देख लेते हैं जिसके कारण रात में नींद टूट जाती है. आज हम इस लेख में पैसे का लेन-देन सपने में देखने का क्या मतलब होता है, उसके बारे में बताने वाले हैं. अगर आप सपने में पैसे का लेन देने करते हैं, तो इसका मतलब आपको आगे पैसे की जरूरत पड़ सकती है या आप किसी से सहायता मांग सकते हैं पैसे को लेकर. इसका अर्थ यह भी हो सकता है कि आपने किसी से पैसे लिए हैं और उसे लौटाने हैं वहीं, आप सपने में मां को पैसे दे रही हैं, लेकिन वो मना कर रही हैं Money in dream तो इसका मतलब आपके जीवन में किसी तरह की समस्या आने वाली है. आप सपने में किसी को पैसे दे रही हैं तो इसका अर्थ यह भी हो सकता है कि आप आगे बढ़ने के लिए कुछ चीजों की आवश्यकता है

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Shri Siddhivinayak Aarti:श्री सिद्धिविनायक आरती

Siddhivinayak Aarti:सिद्धिविनायक आरती गणपति जी की विशेष आरती है, जो भक्तों को भगवान गणेश की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने का एक सशक्त माध्यम है। भगवान सिद्धिविनायक को विघ्नहर्ता और बुद्धि, विवेक, और समृद्धि के दाता माना जाता है। इस आरती को श्रद्धा से करने से अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। Siddhivinayak Aarti:सिद्धिविनायक आरती के लाभ 1. विघ्नों और बाधाओं का निवारण 2. समृद्धि और आर्थिक लाभ 3. बुद्धि और विवेक की वृद्धि 4. मनोकामनाओं की पूर्ति 5. पारिवारिक सुख और शांति 6. मानसिक शांति और सकारात्मकता 7. शुभ कार्यों में सफलता 8. स्वास्थ्य में सुधार 9. ईश्वरीय कृपा और आशीर्वाद सिद्धिविनायक आरती के शब्द: “जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती,दर्शन मात्रे मन कामना पूर्ति।“ Siddhivinayak Aarti:यह आरती भगवान गणेश की महिमा का गुणगान करती है और उनके भक्तों के जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि लाने का मार्ग प्रशस्त करती है। नियमित रूप से इस आरती का पाठ करने से भक्त गणेश जी की कृपा से अपने जीवन को सफल बना सकते हैं। Shri Siddhivinayak Aarti:श्री सिद्धिविनायक आरती Siddhivinayak Aarti:श्री सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई का सबसे प्रसिद्ध भगवान श्री गणेश मंदिर है, यहाँ होने वाली पूर्ण आरती मे श्री गणेश की विभिन्न स्तुतियाँ, भगवान शिव एवं देवी दुर्गा की स्तुतियाँ भी जुड़ी हैं। सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची ।नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची ।सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची ।कंठी झलके माल मुकताफळांची ।जय देव जय देव.. जय देव जय देव,जय मंगल मूर्ति ।दर्शनमात्रे मनः,कामना पूर्तिजय देव जय देव ॥ रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा ।चंदनाची उटी कुमकुम केशरा ।हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा ।रुन्झुनती नूपुरे चरनी घागरिया ।जय देव जय देव.. जय देव जय देव,जय मंगल मूर्ति ।दर्शनमात्रे मनः,कामना पूर्तिजय देव जय देव ॥ लम्बोदर पीताम्बर फनिवर वंदना ।सरल सोंड वक्रतुंडा त्रिनयना ।दास रामाचा वाट पाहे सदना ।संकटी पावावे निर्वाणी, रक्षावे सुरवर वंदना ।जय देव जय देव.. जय देव जय देव,जय मंगल मूर्ति ।दर्शनमात्रे मनः,कामना पूर्तिजय देव जय देव ॥ ॥ श्री गणेशाची आरती ॥शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको ।दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको ।हाथ लिए गुड लड्डू सांई सुरवरको ।महिमा कहे न जाय लागत हूं पादको ॥जय देव जय देव.. जय देव जय देव,जय जय श्री गणराज ।विद्या सुखदाताधन्य तुम्हारा दर्शनमेरा मन रमता,जय देव जय देव ॥ अष्टौ सिद्धि दासी संकटको बैरि ।विघ्नविनाशन मंगल मूरत अधिकारी ।कोटीसूरजप्रकाश ऐबी छबि तेरी ।गंडस्थलमदमस्तक झूले शशिबिहारि ॥जय देव जय देव.. जय देव जय देव,जय जय श्री गणराज ।विद्या सुखदाताधन्य तुम्हारा दर्शनमेरा मन रमता,जय देव जय देव ॥ भावभगत से कोई शरणागत आवे ।संतत संपत सबही भरपूर पावे ।ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे ।गोसावीनंदन निशिदिन गुन गावे ॥जय देव जय देव.. जय देव जय देव,जय जय श्री गणराज ।विद्या सुखदाताधन्य तुम्हारा दर्शनमेरा मन रमता,जय देव जय देव ॥ ॥ श्री शंकराची आरती ॥लवथवती विक्राळा ब्रह्मांडी माळा,वीषे कंठ काळा त्रिनेत्री ज्वाळालावण्य सुंदर मस्तकी बाळा,तेथुनिया जळ निर्मळ वाहे झुळझुळा ॥जय देव जय देव.. जय देव जय देव,जय श्रीशंकरा ।आरती ओवाळू,तुज कर्पुरगौराजय देव जय देव ॥ कर्पुरगौरा भोळा नयनी विशाळा,अर्धांगी पार्वती सुमनांच्या माळाविभुतीचे उधळण शितकंठ नीळा,ऐसा शंकर शोभे उमा वेल्हाळा ॥जय देव जय देव.. जय देव जय देव,जय श्रीशंकरा ।आरती ओवाळू,तुज कर्पुरगौराजय देव जय देव ॥ देवी दैत्यी सागरमंथन पै केले,त्यामाजी अवचित हळहळ जे उठलेते त्वा असुरपणे प्राशन केले,नीलकंठ नाम प्रसिद्ध झाले ॥जय देव जय देव.. जय देव जय देव,जय श्रीशंकरा ।आरती ओवाळू,तुज कर्पुरगौराजय देव जय देव ॥ व्याघ्रांबर फणिवरधर सुंदर मदनारी,पंचानन मनमोहन मुनिजनसुखकारीशतकोटीचे बीज वाचे उच्चारी,रघुकुलटिळक रामदासा अंतरी ॥जय देव जय देव.. जय देव जय देव,जय श्रीशंकरा ।आरती ओवाळू,तुज कर्पुरगौराजय देव जय देव ॥ ॥ श्री देवीची आरती ॥दुर्गे दुर्घट भारी तुजविण संसारी,अनाथनाथे अंबे करुणा विस्तारी ।वारी वारीं जन्ममरणाते वारी,हारी पडलो आता संकट नीवारी ॥जय देवी जय देवी.. जय देवी जय देवी,जय महिषासुरमथनी ।सुरवर-ईश्वर-वरदे,तारक संजीवनीजय देवी जय देवी ॥ त्रिभुवनी भुवनी पाहतां तुज ऎसे नाही,चारी श्रमले परंतु न बोलावे काहीं ।साही विवाद करितां पडिले प्रवाही,ते तूं भक्तालागी पावसि लवलाही ॥जय देवी जय देवी.. जय देवी जय देवी,जय महिषासुरमथनी ।सुरवरईश्वरवरदे,तारक संजीवनीजय देवी जय देवी ॥ प्रसन्न वदने प्रसन्न होसी निजदासां,क्लेशापासूनि सोडी तोडी भवपाशा ।अंवे तुजवांचून कोण पुरविल आशा,नरहरि तल्लिन झाला पदपंकजलेशा ॥जय देवी जय देवी.. जय देवी जय देवी,जय महिषासुरमथनी ।सुरवरईश्वरवरदे,तारक संजीवनीजय देवी जय देवी ॥ ॥ घालीन लोटांगण आरती ॥घालीन लोटांगण, वंदीन चरण ।डोळ्यांनी पाहीन रुप तुझें ।प्रेमें आलिंगन, आनंदे पूजिन ।भावें ओवाळीन म्हणे नामा ॥ त्वमेव माता च पिता त्वमेव ।त्वमेव बंधुक्ष्च सखा त्वमेव ।त्वमेव विध्या द्रविणं त्वमेव ।त्वमेव सर्वं मम देवदेव ॥ कायेन वाचा मनसेंद्रीयेव्रा,बुद्धयात्मना वा प्रकृतिस्वभावात ।करोमि यध्य्त सकलं परस्मे,नारायणायेति समर्पयामि ॥ अच्युतं केशवं रामनारायणं,कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम ।श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं,जानकीनायकं रामचंद्र भजे ॥ हरे राम हर राम,राम राम हरे हरे ।हरे कृष्ण हरे कृष्ण,कृष्ण कृष्ण हरे हरे ।

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Panch Parmeshthi Aarti:पंच परमेष्ठी आरती

Panch Parmeshthi Aarti:पंच परमेष्ठी आरती जैन धर्म की एक महत्वपूर्ण आरती है, जो पाँच परम पूज्य व्यक्तित्वों को समर्पित है। यह आरती धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा और विशेष अवसरों पर की जाती है। पंच परमेष्ठी में निम्नलिखित पूज्य शामिल होते हैं: Panch Parmeshthi Aarti:पंच परमेष्ठी आरती के लाभ 1. आध्यात्मिक उन्नति 2. धर्म में रुचि और समर्पण 3. मन की शांति और स्थिरता 4. सकारात्मक ऊर्जा का संचार 5. पुण्य और धर्म लाभ 6. सही मार्गदर्शन 7. संपूर्ण समाज के कल्याण की भावना पंच परमेष्ठी आरती (शब्द) “जय जय अरिहंत, जय जय अरिहंत।जय जय सिद्ध, जय जय सिद्ध।जय जय आचार्य, जय जय आचार्य।जय जय उपाध्याय, जय जय उपाध्याय।जय जय साधु, जय जय साधु।“ यह आरती जैन धर्म के पंच परमेष्ठी की महिमा और उनके द्वारा बताए गए मोक्ष मार्ग को अपनाने की प्रेरणा देती है। नियमित रूप से इसे करने से व्यक्ति के जीवन में धार्मिक, मानसिक, और आध्यात्मिक संतुलन बना रहता है। Panch Parmeshthi Aarti:पंच परमेष्ठी आरती इह विधि मंगल आरति कीजे,पंच परमपद भज सुख लीजे ।इह विधि मंगल आरति कीजे,पंच परमपद भज सुख लीजे ॥ पहली आरति श्रीजिनराजा,भव दधि पार उतार जिहाजा ।इह विधि मंगल आरति कीजे,पंच परमपद भज सुख लीजे ॥ दूसरी आरति सिद्धन केरी,सुमिरन करत मिटे भव फेरी ।इह विधि मंगल आरति कीजे,पंच परमपद भज सुख लीजे ॥ तीजी आरति सूरि मुनिंदा,जनम मरन दु:ख दूर करिंदा ।इह विधि मंगल आरति कीजे,पंच परमपद भज सुख लीजे ॥ चौथी आरति श्री उवझाया,दर्शन देखत पाप पलाया ।इह विधि मंगल आरति कीजे,पंच परमपद भज सुख लीजे ॥ पाँचमि आरति साधु तिहारी,कुमति विनाशन शिव अधिकारी ।इह विधि मंगल आरति कीजे,पंच परमपद भज सुख लीजे ॥ छट्ठी ग्यारह प्रतिमाधारी,श्रावक वंदूं आनंदकारी ।इह विधि मंगल आरति कीजे,पंच परमपद भज सुख लीजे ॥ सातमि आरति श्रीजिनवानी,‘द्यानत’ सुरग मुकति सुखदानी ।इह विधि मंगल आरति कीजे,पंच परमपद भज सुख लीजे ॥

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Shri Satyanarayan Ji Ki Aarti:श्री सत्यनारायण जी आरती

Satyanarayan Ji Ki Aarti:श्री सत्यनारायण जी की आरती करने से अनेक आध्यात्मिक, मानसिक और भौतिक लाभ प्राप्त होते हैं। यह आरती सत्यनारायण भगवान की कृपा पाने का एक सशक्त माध्यम है। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं: 1. Satyanarayan Ji Ki Aarti:संकटों और बाधाओं का निवारण 2. धन, समृद्धि और खुशहाली 3. सकारात्मक ऊर्जा और शांति 4. मनोकामनाओं की पूर्ति 5. पारिवारिक सुख और एकता 6. धार्मिकता और अच्छे संस्कारों का विकास 7. स्वास्थ्य लाभ 8. पुण्य और ईश्वरीय कृपा 9. आध्यात्मिक उन्नति 10. विवाह और अन्य शुभ कार्यों में सफलता आरती के शब्द: नियमित रूप से श्री सत्यनारायण जी की आरती करने से जीवन के सभी क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन होते हैं। यह आरती भक्तों को ईश्वरीय मार्ग पर चलने और उनके आशीर्वाद से जीवन को सफल बनाने में मदद करती है। Shri Satyanarayan Ji Ki Aarti:श्री सत्यनारायण जी आरती जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।सत्यनारायण स्वामी,जन पातक हरणा ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । रत्‍‌न जडि़त सिंहासन,अद्भुत छवि राजै ।नारद करत निराजन,घण्टा ध्वनि बाजै ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । प्रकट भये कलि कारण,द्विज को दर्श दियो ।बूढ़ा ब्राह्मण बनकर,कंचन महल कियो ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । दुर्बल भील कठारो,जिन पर कृपा करी ।चन्द्रचूड़ एक राजा,तिनकी विपत्ति हरी ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । वैश्य मनोरथ पायो,श्रद्धा तज दीन्ही ।सो फल भोग्यो प्रभुजी,फिर-स्तुति कीन्हीं ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । भाव भक्ति के कारण,छिन-छिन रूप धरयो ।श्रद्धा धारण कीन्हीं,तिनको काज सरयो ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । ग्वाल-बाल संग राजा,वन में भक्ति करी ।मनवांछित फल दीन्हों,दीनदयाल हरी ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । चढ़त प्रसाद सवायो,कदली फल, मेवा ।धूप दीप तुलसी से,राजी सत्यदेवा ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । श्री सत्यनारायण जी की आरती,जो कोई नर गावै ।ऋद्धि-सिद्ध सुख-संपत्ति,सहज रूप पावे ॥ जय लक्ष्मी रमणा,स्वामी जय लक्ष्मी रमणा ।सत्यनारायण स्वामी,जन पातक हरणा ॥

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Swaminarayan Arti:स्वामीनारायण आरती 

Swaminarayan Arti:स्वामीनारायण आरती का पाठ और इसके दर्शन करने से कई आध्यात्मिक और मानसिक लाभ प्राप्त होते हैं। इसके मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं: Swaminarayan Arti:श्री स्वामीनारायण आरती प्रतिदिन सभी BAPS मंदिरों में तथा भक्ति भाव से भरे अनगिनत घरों में और विशेष अवसरों पर गाई जाती है। यह आरती उपासकों के ह्रदय को अक्षरपुरूषोत्तम प्रभु के दिव्य रूपों की महिमा की याद दिलाती है। श्री स्वामीनारायण आरती के बोल हिंदी में इस प्रकार से हैं.. 1. आध्यात्मिक उन्नति 2. मानसिक शांति 3. सकारात्मक ऊर्जा 4. संकटों का निवारण 5. धार्मिक संस्कारों का विकास 6. सामूहिक भक्ति का अनुभव 7. शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार 8. ईश्वरीय कृपा और आशीर्वाद Swaminarayan Arti:स्वामीनारायण आरती के शब्द नियमित रूप से स्वामीनारायण आरती करने से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक और सांसारिक दोनों ही क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन होता है। Swaminarayan Arti:स्वामीनारायण आरती  जय स्वामीनारायण, जय अक्षरपुरुषोत्तम,अक्षरपुरुषोत्तम जय, दर्शन सर्वोत्तमजय स्वामीनारायण मुक्त अनंत सुपुजित, सुंदर साकारम्,सर्वोपरी करुणाकर, मानव तनुधारम्जय स्वामीनारायण पुरूषोत्तम परब्रह्म, श्रीहरि सहजानन्द,अक्षरब्रह्म अनादि, गुणातीतानंदजय स्वामीनारायण प्रकट सदा सर्वकर्ता, परम मुक्तिदाता,धर्म एकान्तिक स्थापक, भक्ति परित्राताजय स्वामीनारायण दशभाव दिव्यता सह, ब्रह्मरूपे प्रीति,सुह्राद्भाव अलौकिक, स्थापित शुभ रीतिजय स्वामीनारायण धन्य धन्य मम जीवन, तव शरणे सुफलम्,यज्ञपुरुष प्रवर्तित, सिद्धांतम् सुखदम्जय स्वामीनारायण, जय स्वामीनारायण, जय अक्षरपुरुषोत्तम,अक्षरपुरुषोत्तम जय, दर्शन सर्वोत्तमजय स्वामीनारायण भगवान स्वामीनारायण के छठे आध्यात्मिक उत्तराधिकारी परम पूज्य महंत स्वामी महाराज ने अक्षर पुरूषोत्तम प्रभु की महिमा भरी आरती को रचकर इसके गायन की एवं प्रेरणा दी है।

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Tiger in Dream Meaning: सपने में टाइगर का दिखना शुभ या अशुभ? जानें क्या कहता है स्वप्न शास्त्र

Tiger in Dream Meaning: सपने में बाघ का दिखना हमेशा से शुभ ही माना जाता है. सपने में बाघ आपकी जीत की ओर संकेत कर रहा है. सपने में बाघ को देखना आपके आत्मविश्वास और मजबूत मनोबल की ओर इशारा करता है. Tiger in Dream Meaning: सपनों पर किसी का नियंत्रण नहीं होता. कब किसको क्या सपना आ जाए, मालूम ही नहीं पड़ता. हालांकि, इतनी सहूलियत जरूर है कि इन्हें देखने के बाद हम ये पता लगा सकते हैं कि सपने का अर्थ क्या है. Tiger in Dream Meaning आज हम आपको बताने जा रहे हैं स्पबे मव टाइगर के दिखने का मतलब.  Tiger in Dream:जीत का संकेत सपने में बाघ का दिखना हमेशा से शुभ ही माना जाता है. सपने में बाघ आपकी जीत की ओर संकेत कर रहा है. स्वप्न शास्त्र के मुताबिक, सपने में बाघ को देखना आपके आत्मविश्वास और मजबूत मनोबल की ओर इशारा करता है. Tiger in Dream:सपने में दौड़ता बाघ देखना यदि आप सपने में बाघ को दौड़ते हुए देख रहे हैं, तो इसका स्पष्ट मतलब है कि आप उन्नति करेंगे. Tiger in Dream Meaning आप तेजी से सफलता की ओर बढ़ रहे हैं. अपनी मंजिल को पाने के लिए आपमें ललक है, जिसे बनाए रखें. जल्द ही आप सफलता के सोपान चढ़ेंगे. Tiger in Dream:बाघ का दूसरे जानवरों के पीछे दौड़ना Tiger in Dream Meaning सपने में बाघ को अन्य जानवरों कब पीछे भागते हुए देखने का मतलब है Tiger in Dream Meaning कि आपको अपने दोस्तों के वारे में फिक्र है. वे किसी मुसीबत में फंसे हुए हैं. लिहाजा, आप चाहते हैं कि वे इस परेशानी से निकल आएं. यही कारण है कि आपको ऐसा सपना आया. बाघ को शक्ति, साहस और अदम्य साहस का प्रतीक माना जाता है। Tiger in Dream Meaning यदि आप अपने सपने में बाघ देखते हैं, तो यह संकेत हो सकता है कि आपके अंदर अद्वितीय ताकत और आत्मविश्वास है। यह सपना आपको जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना करने और अपने लक्ष्य को पाने के लिए प्रोत्साहित करता है। सपने में बाघ देखना कई प्रकार के संकेत देता है, जो आपके जीवन की परिस्थितियों और सपने में आपकी भावनाओं पर निर्भर करता है। यहाँ इसके कुछ मुख्य अर्थ बताए गए हैं: 1. Tiger in Dream:शक्ति और साहस का प्रतीक 2. Tiger in Dream:डर या खतरा 3. अनियंत्रित भावनाएँ 4. रक्षा और संरक्षण 5. जंगली प्रवृत्तियाँ 6. सफलता और आत्मविश्वास बाघ को देखना यह भी दर्शा सकता है कि आप अपने जीवन में सफलता और आत्मविश्वास प्राप्त करने की राह पर हैं। सपने का अर्थ आपकी परिस्थितियों और सपने में बाघ की स्थिति पर निर्भर करता है। यदि यह सपना बार-बार आता है, तो यह किसी महत्वपूर्ण संदेश की ओर संकेत हो सकता है। (Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. KARMASU.IN इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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Narmada Aarti:नर्मदा आरती

Narmada Aarti:नर्मदा माता की आरती के लाभ Narmada Aarti:नर्मदा माता को भारत की पवित्र नदियों में से एक माना जाता है। उनकी पूजा और आरती करने से अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। आइए जानते हैं नर्मदा माता की आरती के कुछ प्रमुख लाभ Narmada Aarti:नर्मदा माता की आरती का पाठ कैसे करें Narmada Aarti:कहां से करें आरती Narmada Aarti:आप नर्मदा नदी के किनारे स्थित किसी मंदिर में जाकर आरती में शामिल हो सकते हैं या घर पर भी आरती का पाठ कर सकते हैं। Narmada Aarti:नर्मदा आरती ॐ जय जगदानन्दी,मैया जय आनंद कन्दी ।ब्रह्मा हरिहर शंकर, रेवाशिव हर‍ि शंकर, रुद्रौ पालन्ती ॥॥ ॐ जय जगदानन्दी..॥ देवी नारद सारद तुम वरदायक,अभिनव पदण्डी ।सुर नर मुनि जन सेवत,सुर नर मुनि…शारद पदवाचन्ती ।॥ ॐ जय जगदानन्दी..॥ देवी धूमक वाहन राजत,वीणा वाद्यन्ती।झुमकत-झुमकत-झुमकत,झननन झमकत रमती राजन्ती ।॥ ॐ जय जगदानन्दी..॥ देवी बाजत ताल मृदंगा,सुर मण्डल रमती ।तोड़ीतान-तोड़ीतान-तोड़ीतान,तुरड़ड़ रमती सुरवन्ती ।॥ ॐ जय जगदानन्दी..॥ देवी सकल भुवन पर आप विराजत,निशदिन आनन्दी ।गावत गंगा शंकर, सेवत रेवाशंकर तुम भट मेटन्ती ।॥ ॐ जय जगदानन्दी…॥ मैयाजी को कंचन थार विराजत,अगर कपूर बाती ।अमर कंठ में विराजत,घाटन घाट बिराजत,कोटि रतन ज्योति ।॥ ॐ जय जगदानन्दी..॥ मैयाजी की आरती,निशदिन पढ़ गा‍वरि,हो रेवा जुग-जुग नरगावे,भजत शिवानन्द स्वामीजपत हर‍ि नंद स्वामी मनवांछित पावे। ॐ जय जगदानन्दी,मैया जय आनंद कन्दी ।ब्रह्मा हरिहर शंकर, रेवाशिव हर‍ि शंकर, रुद्रौ पालन्ती ॥

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