Sheetla Mata Ki Aarti:शीतला माता की आरती

Sheetla Mata Ki Aarti;शीतला माता की आरती के लाभ Sheetla Mata Ki Aarti:शीतला माता की आरती का पाठ करने से अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। माता शीतला को रोगों की देवी माना जाता है और उनकी पूजा करने से रोगों से मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं शीतला माता की आरती के कुछ प्रमुख लाभ Sheetla Mata Ki Aarti:शीतला माता की आरती का पाठ कैसे करें Sheetla Mata Ki Aarti:कहां से करें आरती Sheetla Mata Ki Aarti:आप शीतला माता के मंदिर में जाकर आरती में शामिल हो सकते हैं या घर पर भी आरती का पाठ कर सकते हैं। ध्यान रखें शीतला माता की आरती (Sheetla Mata Ki Aarti) जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता ।आदि ज्योति महारानी,सब फल की दाता ॥ॐ जय शीतला माता..॥ रतन सिंहासन शोभित,श्वेत छत्र भाता ।ऋद्धि-सिद्धि चँवर ढुलावें,जगमग छवि छाता ॥ॐ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता । विष्णु सेवत ठाढ़े,सेवें शिव धाता ।वेद पुराण वरणत,पार नहीं पाता ॥ॐ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता । इन्द्र मृदङ्ग बजावत,चन्द्र वीणा हाथा ।सूरज ताल बजावै,नारद मुनि गाता ॥ॐ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता । घण्टा शङ्ख शहनाई,बाजै मन भाता ।करै भक्तजन आरती,लखि लखि हर्षाता ॥ॐ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता । ब्रह्म रूप वरदानी,तुही तीन काल ज्ञाता ।भक्तन को सुख देती,मातु पिता भ्राता ॥ॐ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता । जो जन ध्यान लगावे,प्रेम शक्ति पाता ।सकल मनोरथ पावे,भवनिधि तर जाता ॥ॐ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता । रोगों से जो पीड़ित कोई,शरण तेरी आता ।कोढ़ी पावे निर्मल काया,अन्ध नेत्र पाता ॥ॐ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता । बांझ पुत्र को पावे,दारिद्र कट जाता ।ताको भजै जो नाहीं,सिर धुनि पछताता ॥ॐ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता । शीतल करती जननी,तू ही है जग त्राता ।उत्पत्ति व्याधि बिनाशन,तू सब की घाता ॥ॐ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता । दास विचित्र कर जोड़े,सुन मेरी माता ।भक्ति आपनी दीजै,और न कुछ भाता ॥ जय शीतला माता,मैया जय शीतला माता ।आदि ज्योति महारानी,सब फल की दाता ॥ॐ जय शीतला माता..॥

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Shri Balaji Ki Aarti:श्री बालाजी आरती

Balaji Ki Aarti:बालाजी की आरती का नियमित पाठ करने से अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। बालाजी भगवान हनुमान का एक लोकप्रिय रूप हैं और उनकी भक्ति से जीवन में कई सकारात्मक परिवर्तन आ सकते हैं। आइए जानते हैं बालाजी की आरती के कुछ प्रमुख लाभ: Balaji Ki Aarti:बालाजी की आरती का पाठ कैसे करें Balaji Ki Aarti:कहां से करें आरती Balaji Ki Aarti:आप हनुमान मंदिर में जाकर आरती में शामिल हो सकते हैं या घर पर भी आरती का पाठ कर सकते हैं। ध्यान रखें Shri Balaji Ki Aarti:श्री बालाजी आरती श्री हनुमान जन्मोत्सव, मंगलवार व्रत, शनिवार पूजा, बूढ़े मंगलवार और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से गाये जाने वाली आरती है ॐ जय हनुमत वीरा,स्वामी जय हनुमत वीरा ।संकट मोचन स्वामी,तुम हो रनधीरा ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥ पवन पुत्र अंजनी सूत,महिमा अति भारी ।दुःख दरिद्र मिटाओ,संकट सब हारी ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥ बाल समय में तुमने,रवि को भक्ष लियो ।देवन स्तुति किन्ही,तुरतहिं छोड़ दियो ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥ कपि सुग्रीव राम संग,मैत्री करवाई।अभिमानी बलि मेटयो,कीर्ति रही छाई ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥ जारि लंक सिय-सुधि ले आए,वानर हर्षाये ।कारज कठिन सुधारे,रघुबर मन भाये ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥ शक्ति लगी लक्ष्मण को,भारी सोच भयो ।लाय संजीवन बूटी,दुःख सब दूर कियो ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥ रामहि ले अहिरावण,जब पाताल गयो ।ताहि मारी प्रभु लाय,जय जयकार भयो ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥ राजत मेहंदीपुर में,दर्शन सुखकारी ।मंगल और शनिश्चर,मेला है जारी ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥ श्री बालाजी की आरती,जो कोई नर गावे ।कहत इन्द्र हर्षित,मनवांछित फल पावे ॥॥ ॐ जय हनुमत वीरा..॥

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Sita Mata Aarti:श्री सीता आरती

Sita Mata Aarti:श्री सीता आरती के लाभ Sita Mata Aarti:श्री सीता माता की आरती का पाठ करने से अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। माता सीता आदर्श नारीत्व का प्रतीक हैं और उनकी भक्ति से जीवन में कई सकारात्मक परिवर्तन आ सकते हैं। आइए जानते हैं सीता माता की आरती के कुछ प्रमुख लाभ: Sita Mata Aarti:सीता माता की आरती का पाठ कैसे करें Sita Mata Aarti:कहां से करें आरती Sita Mata Aarti:आप सीता माता के मंदिर में जाकर आरती में शामिल हो सकते हैं या घर पर भी आरती का पाठ कर सकते हैं। ध्यान रखें निष्कर्ष: सीता माता की आरती का पाठ एक शक्तिशाली साधन है जो मन को शांत करने और आध्यात्मिक उन्नति करने में मदद करता है। यदि आप नियमित रूप से आरती का पाठ करते हैं तो आपको कई लाभ प्राप्त हो सकते हैं। Sita Mata Aarti:श्री सीता आरती आरती श्री जनक दुलारी की ।सीता जी रघुवर प्यारी की ॥ जगत जननी जग की विस्तारिणी,नित्य सत्य साकेत विहारिणी,परम दयामयी दिनोधारिणी,सीता मैया भक्तन हितकारी की ॥ आरती श्री जनक दुलारी की ।सीता जी रघुवर प्यारी की ॥ सती श्रोमणि पति हित कारिणी,पति सेवा वित्त वन वन चारिणी,पति हित पति वियोग स्वीकारिणी,त्याग धर्म मूर्ति धरी की ॥ आरती श्री जनक दुलारी की ।सीता जी रघुवर प्यारी की ॥ विमल कीर्ति सब लोकन छाई,नाम लेत पवन मति आई,सुमीरात काटत कष्ट दुख दाई,शरणागत जन भय हरी की ॥ आरती श्री जनक दुलारी की ।सीता जी रघुवर प्यारी की ॥

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Shri Jagganath Sandhya Aarti:श्री जगन्नाथ संध्या आरती

Jagganath Sandhya Aarti:श्री जगन्नाथ संध्या आरती के लाभ Jagganath Sandhya Aarti:श्री जगन्नाथ जी की संध्या आरती का पाठ करना एक पवित्र अनुष्ठान है जो भक्तों को अनेक लाभ प्रदान करता है। यह आरती न केवल भक्ति भाव को बढ़ाती है बल्कि आध्यात्मिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आइए जानते हैं इस आरती के कुछ प्रमुख लाभ: Jagganath Sandhya Aarti:श्री जगन्नाथ संध्या आरती का पाठ कैसे करें: कहां से करें आरती: Jagganath Sandhya Aarti:आप जगन्नाथ पुरी मंदिर में जाकर संध्या आरती में शामिल हो सकते हैं या घर पर भी आरती का पाठ कर सकते हैं। ध्यान रखें: निष्कर्ष: Jagganath Sandhya Aarti:श्री जगन्नाथ संध्या आरती का पाठ एक शक्तिशाली साधन है जो मन को शांत करने और आध्यात्मिक उन्नति करने में मदद करता है। यदि आप नियमित रूप से आरती का पाठ करते हैं तो आपको कई लाभ प्राप्त हो सकते हैं। श्री जगन्नाथ संध्या आरती (Shri Jagganath Sandhya Aarti) अनंत रूप अन्नांत नामअनंत रूप अन्नांत नाम,अनंत रूप अन्नांत नाम,आधी मूला नारायाणाआधी मूला नारायाणा अनंत रूप अन्नांत नाम,अनंत रूप अन्नांत नाम,आधी मूला नारायाणाआधी मूला नारायाणा विस्वा रूपा विस्वा धाराविस्वा रूपा विस्वा धाराविस्ववयापका नारायाणाविस्ववयापका नारायाणाविस्वा तेजसा प्रज्ञा स्वरूपाविस्वा तेजसा प्रज्ञा स्वरूपा हे ढाया सिंधो कृष्णा हे ढायाअनंता सयाना हे जगानाथाअनंता सयाना हे जगानाथाकमला नयना हे माधवाकमला नयना हे माधवाकरुणा सागरा कालिया नर्धनाकरुणा सागरा कालिया नर्धना हे ढाया सिंधो कृष्णाहे ढाया सिंधो कृष्णाहे कृपा सिंधो कृष्णाहे कृपा सिंधो कृष्णा अनंत रूप अन्नांत नाम,अनंत रूप अन्नांत नाम,आधी मूला नारायाणाआधी मूला नारायाणा

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Tukaram Aarti:तुकाराम आरती

Tukaram Aarti:तुकाराम महाराज की आरती करने के अनेक लाभ हो सकते हैं। यह आरती भक्तों के जीवन में आध्यात्मिक, मानसिक, और भावनात्मक शांति प्रदान करती है। इसके प्रमुख फायदे निम्नलिखित हैं: 1. Tukaram Aarti:आध्यात्मिक उन्नति 2. Tukaram Aarti:मन की शांति 3. Tukaram Aarti:कर्मों की शुद्धि 4. Tukaram Aarti:सद्गुणों का विकास 5. Tukaram Aarti:पारिवारिक समृद्धि 6. भक्ति और ध्यान का प्रभाव 7. ईश्वर से जुड़ाव 8. संकटों का निवारण तुकाराम महाराज की आरती न केवल आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है बल्कि जीवन में आनंद और प्रेरणा का स्रोत भी बनती है। इसे नियमित रूप से करने से भक्ति और आस्था का विकास होता है। Tukaram Aarti:तुकाराम आरती आरती तुकाराम ।स्वामी सद्गुरु धाम ॥सच्चिदानंद मूर्ती ।पाय दाखवी आम्हा ॥ आरती तुकाराम ।स्वामी सद्गुरु धाम ॥सच्चिदानंद मूर्ती ।पाय दाखवी आम्हा ॥ राघवे सागरात ।पाषाण तारीले ॥तैसे हें तुकोबाचे ।अभंग उदकी रक्षिले ॥आरती तुकाराम ॥ आरती तुकाराम ।स्वामी सद्गुरु धाम ॥सच्चिदानंद मूर्ती ।पाय दाखवी आम्हा ॥ तुकिता तुलनेसी ।ब्रह्म तुकासी आले ॥म्हणोनि रामेश्वरे ।चरणी मस्तक ठेविले ॥ आरती तुकाराम ।स्वामी सद्गुरु धाम ॥सच्चिदानंद मूर्ती ।पाय दाखवी आम्हा ॥ आरती तुकाराम ।स्वामी सद्गुरु धाम ॥सच्चिदानंद मूर्ती ।पाय दाखवी आम्हा ॥

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Shri Baba Balaknath Aarti:बाबा बालक नाथ आरती

Baba Balaknath Aarti:बाबा बालक नाथ आरती के फायदे Baba Balaknath Aarti:बाबा बालक नाथ जी की आरती का पाठ करने से मन को शांति मिलती है Baba Balaknath Aarti और आध्यात्मिक उन्नति होती है। मान्यता है कि इस आरती के नियमित पाठ से कई लाभ प्राप्त होते हैं, जैसे कि Baba Balaknath Aarti:बाबा बालक नाथ आरती का पाठ कैसे करें Baba Balaknath Aarti:कहां से करें आरती Baba Balaknath Aarti:आप बाबा बालक नाथ जी के मंदिर में जाकर आरती में शामिल हो सकते हैं या घर पर भी आरती का पाठ कर सकते हैं। Shri Baba Balaknath Aarti:बाबा बालक नाथ आरती ॐ जय कलाधारी हरे,स्वामी जय पौणाहारी हरे,भक्त जनों की नैया,दस जनों की नैया,भव से पार करे,ॐ जय कलाधारी हरे ॥ बालक उमर सुहानी,नाम बालक नाथा,अमर हुए शंकर से,सुन के अमर गाथा ।ॐ जय कलाधारी हरे ॥ शीश पे बाल सुनैहरी,गले रुद्राक्षी माला,हाथ में झोली चिमटा,आसन मृगशाला ।ॐ जय कलाधारी हरे ॥ सुंदर सेली सिंगी,वैरागन सोहे,गऊ पालक रखवालक,भगतन मन मोहे ।ॐ जय कलाधारी हरे ॥ अंग भभूत रमाई,मूर्ति प्रभु रंगी,भय भज्जन दुःख नाशक,भरथरी के संगी ।ॐ जय कलाधारी हरे ॥ रोट चढ़त रविवार को,फल, फूल मिश्री मेवा,धुप दीप कुदनुं से,आनंद सिद्ध देवा ।ॐ जय कलाधारी हरे ॥ भक्तन हित अवतार लियो,प्रभु देख के कल्लू काला,दुष्ट दमन शत्रुहन,सबके प्रतिपाला ।ॐ जय कलाधारी हरे ॥ श्री बालक नाथ जी की आरती,जो कोई नित गावे,कहते है सेवक तेरे,मन वाच्छित फल पावे ।ॐ जय कलाधारी हरे ॥ ॐ जय कलाधारी हरे,स्वामी जय पौणाहारी हरे,भक्त जनों की नैया,भव से पार करे,ॐ जय कलाधारी हरे ॥

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स्वप्न शास्त्र: सपने में खुद को पिटते या चोट लगते देखना जैसे सपने किस बात का देते हैं संकेत ?

स्वप्न शास्त्र: अगर कोई व्यक्ति स्वयं को किसी से पिटते हुए या थप्पड़ खाते हुए जैसा अटपटा सपना देखता है तो ये परेशान होने वाली बात नहीं है। क्योंकि स्वप्न शास्त्र के अनुसार यह सपना एक शुभ संकेत है।सपनों की दुनिया बड़ी अटपटी है। कब आपको कौन सा सपना दिखाई दे जाए कोई पता नहीं। आपको कई बार ऐसे सपने भी दिखाई दे जाते हैं जो बड़े ही अटपटे होते हैं और उनका आपकी आपकी निजी ज़िंदगी से कोई संबंध नहीं होता। तो आइए जानते हैं ऐसे अटपटे सपनों का क्या मतलब हो सकता है और ये आपके लिए शुभ संकेत है या अशुभ… स्वप्न शास्त्र: अगर कोई व्यक्ति स्वयं को किसी से पिटते हुए या थप्पड़ खाते हुए जैसा अटपटा सपना देखता है तो ये परेशान होने वाली बात नहीं है। क्योंकि स्वप्न शास्त्र के अनुसार यह सपना एक शुभ संकेत है। सपनों की दुनिया बड़ी अटपटी है। कब आपको कौन सा सपना दिखाई दे जाए कोई पता नहीं। आपको कई बार ऐसे सपने भी दिखाई दे जाते हैं जो बड़े ही अटपटे होते हैं और उनका आपकी आपकी निजी ज़िंदगी से कोई संबंध नहीं होता। तो आइए जानते हैं ऐसे अटपटे सपनों का क्या मतलब हो सकता है और ये आपके लिए शुभ संकेत है या अशुभ… 1. सपने में किसी को थप्पड़ मारना स्वप्न शास्त्र के अनुसार यदि आप ऐसा सपना देखते हैं जिसमें आप किसी को थप्पड़ मारते है तो इस सपने का मतलब है कि आने वाले समय में आप किसी बड़े झंझट या षड़यंत्र में फंसने वाले हैं। इसलिए सतर्क हो जायें और हर कार्य सोच-समझकर करें। 2. सपने में खुद को पिटते हुए देखना अगर कोई व्यक्ति स्वयं को किसी से पिटते हुए या थप्पड़ खाते हुए जैसा अटपटा सपना देखता है तो ये परेशान होने वाली बात नहीं है। क्योंकि स्वप्न शास्त्र के अनुसार यह सपना एक शुभ संकेत है। यानि अगर आप लंबे समय से कोई योजना बना रहे हैं तो उसे अमल करने का वक्त आ गया है और इस कार्य में आपको सफलता मिल सकती है। 3. सपने में रक्त या लाल वस्तु देखना सपने में अगर आप किसी का रक्त बहते हुए या लाल रंग की कोई चीज देखते हैं तो आपको विचलित होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि यह आपके लिए एक अच्छा संकेत है। इस सपने का अर्थ है कि आपको आने वाले समय में कहीं से धन लाभ होने का योग है। इसलिए अगर आप पैसा कमाने की कोई योजना बना रहे हैं तो तुरंत उस काम को शुरू करें। आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। 4. सपने में स्वयं या किसी और की विदाई देखना स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में यदि आप स्वयं की या किसी और की विदाई होते हुए देखते हैं तो इसका मतलब बहुत सकारात्मक होता है। यानि ऐसा सपना देखने पर आपको व्यापार में कोई बड़ी सफलता मिलने के आसार हैं। आपको कोई बड़ा धन लाभ हो सकता है। वहीं जो लोग नौकरी में हैं वे अगर ऐसा सपना देखते हैं तो आने वाले भविष्य में आपको कोई बड़ा पद प्राप्त होने वाला है। साथ ही विदेश यात्रा का भी योग है।

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Guru Nanak Aarti:गुरु नानक आरती

Guru Nanak Aarti:गुरु नानक आरती के फायदे Guru Nanak Aarti:गुरु नानक देव जी की आरती सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, Guru Nanak Aarti बल्कि यह मन को शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरने का एक शक्तिशाली साधन है। इस आरती के नियमित जाप से व्यक्ति को कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। यहां कुछ प्रमुख फायदे दिए गए हैं: Guru Nanak Aarti:गुरु नानक देव जी की आरती का महत्व: Guru Nanak Aarti:गुरु नानक देव जी की आरती का जाप कैसे करें: निष्कर्ष: Guru Nanak Aarti:गुरु नानक देव जी की आरती एक शक्तिशाली साधन है जो व्यक्ति को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाने में मदद करता है। यह न केवल व्यक्तिगत जीवन में बल्कि समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक है। Guru Nanak Aarti:गुरु नानक आरती श्री गुरु नानक देव आरती ॥ धनासरी महला १ आरती ੴ सतिगुर प्रसादि ॥गगन मै थालु रवि चंदु दीपकबने तारिका मंडल जनक मोती ॥ धूपु मल आनलो पवणु चवरो करेसगल बनराइ फूलंत जोती ॥ कैसी आरती होइ भव खंडना तेरी आरती ॥अनहता सबद वाजंत भेरी रहाउ ॥ सहस तव नैन नन नैन है तोहि कउसहस मूरति नना एक तोही ॥ सहस पद बिमल नन एक पद गंध बिनुसहस तव गंध इव चलत मोही ॥ सभ महि जोति जोति है सोइ ॥तिस कै चानणि सभ महि चानणु होइ ॥ गुर साखी जोति परगटु होइ ॥जो तिसु भावै सु आरती होइ ॥ हरि चरण कमल मकरंद लोभित मनोअनदिनो मोहि आही पिआसा ॥ कृपा जलु देहि नानक सारिंगकउ होइ जा ते तेरै नामि वासा ॥ गगन मै थालु, रवि चंदु दीपक बने,तारका मंडल, जनक मोती।धूपु मलआनलो, पवण चवरो करे,सगल बनराइ फुलन्त जोति॥कैसी आरती होइ॥भवखंडना तेरी आरती॥अनहत सबद बाजंत भेरी॥

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Shri Ganesh Shendur Laal Chadhayo Aarti:श्री गणेश – शेंदुर लाल चढ़ायो आरती

Ganesh Shendur Laal Chadhayo Aarti:श्री गणेश – शेंदुर लाल चढ़ायो आरती के फायदे Ganesh Shendur Laal Chadhayo Aarti:श्री गणेश की आरती विशेषकर “शेंदुर लाल चढ़ायो” वाला मंत्र बहुत ही प्रसिद्ध और भक्तों द्वारा प्रिय है। इस आरती के गायन से व्यक्ति को कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। यहां कुछ प्रमुख लाभ दिए गए हैं “शेंदुर लाल चढ़ायो” मंत्र का विशेष महत्व कैसे करें आरती निष्कर्ष श्री गणेश की आरती, विशेषकर “शेंदुर लाल चढ़ायो” वाला मंत्र, भक्तों के लिए एक शक्तिशाली साधन है। यह न केवल आध्यात्मिक लाभ प्रदान करता है बल्कि व्यक्ति के जीवन में समृद्धि और सफलता लाने में भी मदद करता है। क्या आप गणेश जी के बारे में और जानना चाहते हैं? यहां कुछ अन्य प्रश्न पूछे जा सकते हैं: Shri Ganesh Shendur Laal Chadhayo Aarti:श्री गणेश – शेंदुर लाल चढ़ायो आरती शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको ।दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको ।हाथ लिए गुडलद्दु सांई सुरवरको ।महिमा कहे न जाय लागत हूं पादको ॥जय देव जय देव.. जय देव जय देव,जय जय श्री गणराजविद्या सुखदाताधन्य तुम्हारा दर्शनमेरा मन रमता,जय देव जय देव ॥ अष्टौ सिद्धि दासी संकटको बैरि ।विघ्नविनाशन मंगल मूरत अधिकारी ।कोटीसूरजप्रकाश ऐबी छबि तेरी ।गंडस्थलमदमस्तक झूले शशिबिहारि ॥जय देव जय देव.. जय देव जय देव,जय जय श्री गणराजविद्या सुखदाताधन्य तुम्हारा दर्शनमेरा मन रमता,जय देव जय देव ॥ भावभगत से कोई शरणागत आवे ।संतत संपत सबही भरपूर पावे ।ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे ।गोसावीनंदन निशिदिन गुन गावे ॥ जय देव जय देव,जय जय श्री गणराजविद्या सुखदाताधन्य तुम्हारा दर्शनमेरा मन रमता,जय देव जय देव ॥

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Tulsi Mata Aarti:तुलसी माता आरती

Tulsi Mata Aarti:दत्ताची आरतीचे फायदे Tulsi Mata Aarti:दत्ताची आरती हा एक पवित्र अनुष्ठान आहे जो भक्ती आणि श्रद्धेचे प्रतीक आहे. दत्तगुरुंच्या चरणी ही आरती गाणे हा एक आध्यात्मिक अनुभव आहे जो अनेक प्रकारे फायदेशीर ठरू शकतो. Tulsi Mata Aarti:दत्ताची आरतीचे काही प्रमुख फायदे खालीलप्रमाणे आहेत Tulsi Mata Aarti:दत्ताची आरती करताना काही गोष्टी लक्षात ठेवा अंततः, दत्ताची आरती हा एक वैयक्तिक अनुभव आहे. प्रत्येक व्यक्तीला याचा वेगवेगळ्या प्रकारे अनुभव येतो. जर तुम्ही दत्तगुरुंच्या भक्त असाल तर दत्ताची आरती तुमच्या आध्यात्मिक वाटचालीत एक महत्त्वपूर्ण टप्पा ठरू शकते. Tulsi Mata Aarti:तुलसी माता आरती जय जय तुलसी माता,मैया जय तुलसी माता ।सब जग की सुख दाता,सबकी वर माता ॥॥ जय तुलसी माता…॥ सब योगों से ऊपर,सब रोगों से ऊपर ।रज से रक्ष करके,सबकी भव त्राता ॥॥ जय तुलसी माता…॥ बटु पुत्री है श्यामा,सूर बल्ली है ग्राम्या ।विष्णुप्रिय जो नर तुमको सेवे,सो नर तर जाता ॥॥ जय तुलसी माता…॥ हरि के शीश विराजत,त्रिभुवन से हो वंदित ।पतित जनों की तारिणी,तुम हो विख्याता ॥॥ जय तुलसी माता…॥ लेकर जन्म विजन में,आई दिव्य भवन में ।मानव लोक तुम्हीं से,सुख-संपति पाता ॥॥ जय तुलसी माता…॥ हरि को तुम अति प्यारी,श्याम वर्ण सुकुमारी ।प्रेम अजब है उनका,तुमसे कैसा नाता ॥हमारी विपद हरो तुम,कृपा करो माता ॥ [Extra]॥ जय तुलसी माता…॥ जय जय तुलसी माता,मैया जय तुलसी माता ।सब जग की सुख दाता,सबकी वर माता ॥

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Datta Aarti:दत्ताची आरती

Datta Aarti:दत्ताची आरतीचे फायदे Datta Aarti:दत्ताची आरती हा एक पवित्र अनुष्ठान आहे जो भक्ती आणि श्रद्धेचे प्रतीक आहे. दत्तगुरुंच्या चरणी ही आरती गाणे हा एक आध्यात्मिक अनुभव आहे जो अनेक प्रकारे फायदेशीर ठरू शकतो. Datta Aarti:दत्ताची आरतीचे काही प्रमुख फायदे खालीलप्रमाणे आहेत Datta Aarti:दत्ताची आरती करताना काही गोष्टी लक्षात ठेवा अंततः, दत्ताची आरती हा एक वैयक्तिक अनुभव आहे. प्रत्येक व्यक्तीला याचा वेगवेगळ्या प्रकारे अनुभव येतो. जर तुम्ही दत्तगुरुंच्या भक्त असाल तर दत्ताची आरती तुमच्या आध्यात्मिक वाटचालीत एक महत्त्वपूर्ण टप्पा ठरू शकते. Datta Aarti:दत्ताची आरती त्रिगुणात्मक त्रैमूर्ती दत्त हा जाणा ।त्रिगुणी अवतार त्रैलोक्य राणा ।नेती नेती शब्द न ये अनुमाना ॥सुरवर मुनिजन योगी समाधी न ये ध्याना ॥ जय देव जय देव जय श्री गुरुद्त्ता ।आरती ओवाळिता हरली भवचिंता ॥ सबाह्य अभ्यंतरी तू एक द्त्त ।अभाग्यासी कैची कळेल हि मात ॥पराही परतली तेथे कैचा हेत ।जन्ममरणाचाही पुरलासे अंत ॥ दत्त येऊनिया ऊभा ठाकला ।भावे साष्टांगेसी प्रणिपात केला ॥प्रसन्न होऊनि आशीर्वाद दिधला ।जन्ममरणाचा फेरा चुकवीला ॥ दत्त दत्त ऐसें लागले ध्यान ।हरपले मन झाले उन्मन ॥मी तू पणाची झाली बोळवण ।एका जनार्दनी श्रीदत्तध्यान ॥

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Ram Lala Ki Aarti:आरती राम लला की

Ram Lala Ki Aarti:आरती राम लला की के फायदे Ram Lala Ki Aarti:आरती एक धार्मिक अनुष्ठान है जो भक्ति और श्रद्धा को व्यक्त करने का एक माध्यम है। Ram Lala Ki Aarti राम लला भगवान राम का एक रूप हैं, जिन्हें हिंदू धर्म में आदर्श पुरुष माना जाता है। इसलिए, आरती राम लला की करने से कई लाभ मिल सकते हैं। ये लाभ मुख्यतः मानसिक और आध्यात्मिक होते हैं। Ram Lala Ki Aarti:यहां कुछ प्रमुख लाभ दिए गए हैं ध्यान रखें Ram Lala Ki Aarti:आरती राम लला की के फायदे आरती कीजे श्रीरामलला की ।पूण निपुण धनुवेद कला की ॥ धनुष वान कर सोहत नीके ।शोभा कोटि मदन मद फीके ॥ सुभग सिंहासन आप बिराजैं ।वाम भाग वैदेही राजैं ॥ कर जोरे रिपुहन हनुमाना ।भरत लखन सेवत बिधि नाना ॥ शिव अज नारद गुन गन गावैं ।निगम नेति कह पार न पावैं ॥ नाम प्रभाव सकल जग जानैं ।शेष महेश गनेस बखानैं ॥ भगत कामतरु पूरणकामा ।दया क्षमा करुना गुन धामा ॥ सुग्रीवहुँ को कपिपति कीन्हा ।राज विभीषन को प्रभु दीन्हा ॥ खेल खेल महु सिंधु बधाये ।लोक सकल अनुपम यश छाये ॥ दुर्गम गढ़ लंका पति मारे ।सुर नर मुनि सबके भय टारे ॥ देवन थापि सुजस विस्तारे ।कोटिक दीन मलीन उधारे ॥ कपि केवट खग निसचर केरे ।करि करुना दुःख दोष निवेरे ॥ देत सदा दासन्ह को माना ।जगतपूज भे कपि हनुमाना ॥ आरत दीन सदा सत्कारे ।तिहुपुर होत राम जयकारे ॥ कौसल्यादि सकल महतारी ।दशरथ आदि भगत प्रभु झारी ॥ सुर नर मुनि प्रभु गुन गन गाई ।आरति करत बहुत सुख पाई ॥ धूप दीप चन्दन नैवेदा ।मन दृढ़ करि नहि कवनव भेदा ॥ राम लला की आरती गावै ।राम कृपा अभिमत फल पावै ॥

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