Ganga Dussehra Stotra:गंगा दशहरा स्तोत्र

Ganga Dussehra Stotra:गंगा दशहरा स्तोत्र: यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से किसी पवित्र नदी या जलाशय में स्नान करके गंगा दशहरा स्तोत्र का पाठ करता है, तो व्यक्ति के सभी दोष और पाप नष्ट हो जाते हैं। साथ ही जातक को अग्नि, चोर, सांप आदि का भय नहीं रहता। भविष्य पुराण में इसके बारे में बताया गया है। इस दिन गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने के बाद मां गंगा स्तोत्र का पाठ करने से दस प्रकार के दोष नष्ट हो जाते हैं। भक्तिपूर्वक गंगा दशहरा स्तोत्र पढ़ने, सुनने और शरीर द्वारा किए जा रहे दस प्रकार के पापों से मुक्ति दिलाता है। गंगा दशहरा स्तोत्र जिसके घर में लिखकर रखा जाता है, उसे अग्नि, चोर, सांप आदि का कभी भय नहीं रहता। वैदिक शास्त्रों के अनुसार, राजा सगर सत्य युग में सूर्यवंश के एक प्रसिद्ध राजा थे। विदर्भ की राजकुमारी और शाही सिवी राजवंश की दूसरी राजकुमारी से विवाहित, राजा राजा भगीरथ, राजा दशरथ और राजकुमार राम (भगवान कृष्ण के अवतार) के पूर्वज थे। हिंदुओं का मानना ​​है कि इस दिन पवित्र नदी गंगा स्वर्ग से धरती पर उतरी थी। Ganga Dussehra Stotra गंगा दशहरा स्तोत्र हिंदू कैलेंडर महीने ज्येष्ठ के शुक्ल पक्ष की दशमी (10वें दिन) को होता है। एक बार की बात है, राजा सगर ने योग्य ब्राह्मणों की मदद से अश्वमेध यज्ञ नामक एक यज्ञ किया। यह राजा की संप्रभुता को साबित करने के लिए था। स्वर्ग के राजा इंद्र को यज्ञ के परिणामों पर चिंता होने लगी और फिर उन्होंने अपनी रहस्यमय शक्तियों के माध्यम से घोड़ों को चुरा लिया। Ganga Dussehra Stotra:गंगा दशहरा स्तोत्र लाभ वैदिक पुराण में लिखा है कि, जो व्यक्ति इस दशहरा के दिन गंगा के जल में खड़ा होकर इस स्तोत्र का दस बार पाठ करता है, चाहे वह दरिद्र हो, असमर्थ हो, तो भी वह प्रयासपूर्वक गंगा की पूजा करके फल प्राप्त करता है। दशहरा पर स्नान की यह विधि पूरी हुई। स्कंद पुराण के वचनों को गंगा दशहरा स्तोत्र कहा जाता है और इसके पाठ की विधि – सभी घटकों से युक्त सुंदर तीन नेत्रों वाला चतुर्भुज, जो चार भुज, रत्न कुंभ, श्वेतकमल, वरद और अभय से सुशोभित है, सफेद वस्त्र पहने हुए है। Ganga Dussehra Stotra:किसको करना है यह स्तोत्र गंगा दशहरा स्तोत्र Ganga Dussehra Stotra का जाप कोई भी व्यक्ति कर सकता है क्योंकि यह सार्वभौमिक है और इस मानव जीवन में जाने-अनजाने में पाप होते हैं। वैदिक नियम के अनुसार गंगा दशहरा स्तोत्र का जाप करने से व्यक्ति सभी बुराइयों से मुक्त हो जाता है।गंगा दशहरा स्तोत्र के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया एस्ट्रो मंत्र से संपर्क करें। गंगा दशहरा स्तोत्र | Ganga Dussehra Stotra ॐ नमः शिवायै गंगायै, शिवदायै नमो नमः। नमस्ते विष्णु-रुपिण्यै, ब्रह्म-मूर्त्यै नमोऽस्तु ते।। नमस्ते रुद्र-रुपिण्यै, शांकर्यै ते नमो नमः। सर्व-देव-स्वरुपिण्यै, नमो भेषज-मूर्त्तये।। सर्वस्य सर्व-व्याधीनां, भिषक्-श्रेष्ठ्यै नमोऽस्तु ते। स्थास्नु-जंगम-सम्भूत-विष-हन्त्र्यै नमोऽस्तु ते।। संसार-विष-नाशिन्यै, जीवानायै नमोऽस्तु ते। ताप-त्रितय-संहन्त्र्यै, प्राणश्यै ते नमो नमः।। शन्ति-सन्तान-कारिण्यै, नमस्ते शुद्ध-मूर्त्तये। सर्व-संशुद्धि-कारिण्यै, नमः पापारि-मूर्त्तये।। भुक्ति-मुक्ति-प्रदायिन्यै, भद्रदायै नमो नमः। भोगोपभोग-दायिन्यै, भोग-वत्यै नमोऽस्तु ते।। मन्दाकिन्यै नमस्तेऽस्तु, स्वर्गदायै नमो नमः। नमस्त्रैलोक्य-भूषायै, त्रि-पथायै नमो नमः।। नमस्त्रि-शुक्ल-संस्थायै, क्षमा-वत्यै नमो नमः। त्रि-हुताशन-संस्थायै, तेजो-वत्यै नमो नमः।। नन्दायै लिंग-धारिण्यै, सुधा-धारात्मने नमः। नमस्ते विश्व-मुख्यायै, रेवत्यै ते नमो नमः।। बृहत्यै ते नमस्तेऽस्तु, लोक-धात्र्यै नमोऽस्तु ते। नमस्ते विश्व-मित्रायै, नन्दिन्यै ते नमो नमः।। पृथ्व्यै शिवामृतायै च, सु-वृषायै नमो नमः। परापर-शताढ्यै, तारायै ते नमो नमः।। पाश-जाल-निकृन्तिन्यै, अभिन्नायै नमोऽस्तु ते। शान्तायै च वरिष्ठायै, वरदायै नमो नमः।। उग्रायै सुख-जग्ध्यै च, सञ्जीविन्यै नमोऽस्तु ते। ब्रह्मिष्ठायै-ब्रह्मदायै, दुरितघ्न्यै नमो नमः।। प्रणतार्ति-प्रभञजिन्यै, जग्मात्रे नमोऽस्तु ते। सर्वापत्-प्रति-पक्षायै, मंगलायै नमो नमः।। शरणागत-दीनार्त-परित्राण-परायणे। सर्वस्यार्ति-हरे देवि! नारायणि ! नमोऽस्तु ते।। निर्लेपायै दुर्ग-हन्त्र्यै, सक्षायै ते नमो नमः। परापर-परायै च, गंगे निर्वाण-दायिनि।। गंगे ममाऽग्रतो भूया, गंगे मे तिष्ठ पृष्ठतः। गंगे मे पार्श्वयोरेधि, गंगे त्वय्यस्तु मे स्थितिः। आदौ त्वमन्ते मध्ये च, सर्व त्वं गांगते शिवे! त्वमेव मूल-प्रकृतिस्त्वं पुमान् पर एव हि।। गंगे त्वं परमात्मा च, शिवस्तुभ्यं नमः शिवे।। ।।फल-श्रुति।। य इदं पठते स्तोत्रं, श्रृणुयाच्छ्रद्धयाऽपि यः। दशधा मुच्यते पापैः, काय-वाक्-चित्त-सम्भवैः।। रोगस्थो रोगतो मुच्येद्, विपद्भ्यश्च विपद्-युतः। मुच्यते बन्धनाद् बद्धो, भीतो भीतेः प्रमुच्यते।

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Vastu Tips: ये वस्तुएं बनती हैं जीवन में दुर्भाग्य का कारण, तुरंत इन चीजों को कर दें घर से बाहर

Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसी चीजों के बारे में जिक्र किया गया है, जो यदि घर में मौजूद हों तो नकारात्मक ऊर्जा आती है और एक के बाद एक परेशानियां बनी रहती हैं। Vastu Tips For Home: हर व्यक्ति यही चाहता है कि उसके पास पर्याप्त धन हो। पूरा जीवन सुख शांति में बीते और कभी भी धन-धान्य की कमी न हो। इसके लिए लोग कड़ी मेहनत भी करते हैं, लेकिन आपने देखा होगा कि कुछ लोग चाहे जितनी भी कोशिश कर लें, उन्हें सफलता हासिल नहीं होती है। ऐसे लोगों के जीवन में कोई न कोई मुसीबत लगी रहती है। वास्तु के जानकारों की मानें तो घर में ही मौजूद नकारात्मक ऊर्जा के कारण व्यक्ति को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसी चीजों के बारे में जिक्र किया गया है, जो यदि घर में मौजूद हों तो नकारात्मक ऊर्जा आती है और एक के बाद एक परेशानियां बनी रहती हैं। आइए जानते हैं किन चीजों को घर में नहीं रखना चाहिए वरना ये पैसों से जुड़ी दिक्कतें पैदा कर सकती हैं… स्टोर में रखे पुराने सामान  जिन चीजों की जरूरत नहीं होती है, लोग उसे फेंकने के बजाय स्टोर रूम में रख देते हैं। जबकि अनुपयोगी चीजों को स्टोर में रखना सही नहीं होता है। इन चीजों की वजह से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं, जिसकी वजह से आपको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। बंद घड़ी घड़ियां आपको जीवन में आगे ले जाती हैं और ये आपके बुरे समय को टाल भी सकती हैं. इसलिए, घर में बंद घड़ियां बिल्कुल ना रखें. इससे आपकी किस्मत एक जगह पर रुक जाएगी. आपका खराब समय समाप्त होने का नाम ही नहीं लेगा. खराब ताले   ताला आपकी किस्मत को खोल भी सकता है और ये ही आपकी किस्मत को बंद भी कर सकता है. घर में भूलकर भी खराब या बंद ताले ना रखें, इससे आपके करियर में रुकावट आएगी. साथ ही, विवाह हो पाना मुश्चिल होता जाएगा.  पुरानी डायरी पुरानी डायरी जिनका इस्तेमाल आप नहीं करते हैं, उन्हें भी घर में न रखें। वास्तु शास्त्र के अनुसार पुरानी डायरी भी नकारात्मक ऊर्जा का कारण बनती हैं, जिसका असर परिवार के लोगों और उनकी तरक्की पर पड़ता है। ऐसे में पुरानी या बेकार डायरी को भी तुरंत बाहर निकाल दें। पुराने अखबार  घर में पुराने अखबार भी जमा कर नहीं रखने चाहिए। ये भी नकारात्मकता का कारण बनते हैं, जिसकी वजह से परिवार में अशांति का वातावरण बन जाता है। ऐसे में यदि आपके भी घर में काफी समय से पुराने अखबार पड़े हुए हैं तो आज ही बाहर निकाल दें या कबाड़ वाले को दे दें। पुराने-खराब इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और मोबाइल फोन घर में खराब मोबाइल फोन, चार्जर, केबल, बल्ब आदि चीजें भी नहीं रखनी चाहिए। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है और परिवार के लोगों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। कपड़ों का सीधा संबंध आपके भाग्य से होता है. घर में अनुपयोगी या खराब कपड़े हमेशा दुर्भाग्य लाते हैं. ऐसे कपड़ों को हटा देना या बांट देना ही बेहतर होता है. जूते चप्पल का संबंध हो आपके संघर्ष से होता है. जीवन में संघर्ष को कम करना हो तो जूते चप्पल ठीक रखें. घर में फटे या खराब जूते चप्पल रखने से संघर्ष बढ़ेगा और हर कदम कदम पर मेहनत करनी पड़ेगी. ऐसे जूते चप्पलों को शनिवार को हटा दें या बांट दें. 

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मोरपंख और एक रुपये ONE RUPEE के सिक्के से किया ये टोटका किस्मत को करेगा मजबूत, हर मोड़ पर मिलेगा भाग्य का साथ

One Rupee Coin Upay: धार्मिक शास्त्रों में एक रुपये के सिक्का का विशेष महत्व बताया गया है. अक्सर आपने देखा होगा मंदिर या किसी भी शुभ काम में एक रुपये का सिक्का इस्तेमाल किया जाता है. जानें एक रुपये का सिक्का किस्मत कैसे चमका सकता है.   1. आर्थिक समृद्धि के लिएअगर आप आर्थिक तंगी से परेशान हैं, तो शुक्रवार के दिन मुख्य रूप से पूजा करें. माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करके एक मिट्टी या पीतल के कलश में केसर से स्वास्तिक बनाएं. इस कलश में एक सिक्का डालें और इसे एक चौकी पर रखें. प्रतिदिन इस कलश की पूजा करें, जिससे घर में धन की कमी नहीं होगी और मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहेगी. 2. भाग्य को जागृत करेंअगर आप चाहते हैं कि आपका भाग्य हमेशा आपका साथ दे और सफलता आपके कदम चूमे, तो अपनी जेब में एक मोर पंख के साथ 1 रुपए का सिक्का रखें. यह उपाय आपके भाग्य को जगा सकता है और इससे मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहेगी, जिससे हर काम में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है. Astro tips for 1 rupee coin: कई बार व्यक्ति इतनी समस्याओं और परेशानियों में घिर जाता है कि उसे उनसे बाहर निकलने का रास्ता दिखाई नहीं देता. ज्योतिष शास्त्र में इन समस्यओं से बचने के लिए कई उपाय बताए गए हैं. अगर इन उपायों को विधिपूर्वक किया जाए, तो व्यक्ति को जल्द ही छुटकारा मिलता है. अगर लाख कोशिशों के बाद भी आपको मेहनत का फल नहीं मिल रहा है तो  1 रुपये के सिक्के के उपायों को अपनाया जा सकता है.  वास्तु शास्त्र के अनुसार कई वास्तु दोष व्यक्ति के जीवन में परेशानियां उत्पन्न करते हैं. इन समस्याओं को एक रुपये के सिक्के के उपायों से दूर किया जा सकता है. आर्थिक परेशानी से लेकर किसी भी प्रकार की मनोकामना पूर्ति के लिए 1 रुपये के सिक्कों का इस्तेमाल किया जा सकता है. जानें इससे जुड़े कुछ उपायों के बारे में.  सभी परेशानियों से छुटकारे के लिए यदि व्यक्ति की कोई समस्या लंबे समय से चली आ रही है तो इससे छुटकारा 1 रुपए का सिक्का दिला सकता है. इसके लिए एक मुट्ठी चावल और 1 रुपए का सिक्का अपने हाथों से छूकर पास के मंदिर में अपनी परेशानी को बोल कर चुपके से रख दें. फिर पीछे पलट कर ना देखें. ऐसा करने से जल्द ही परेशानी दूर हो जाएगी. नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए यदि घर में कई समय से नकारात्मक ऊर्जा का वास है तो ऐसे में 1 रुपए के सिक्के के अचूक उपाय को अपनाएं. इसके लिए पूजा समाप्त होने के बाद घर के द्वार पर घी का चौमुखी दिया जलाकर उसमें 1 रुपए का सिक्का डाल दें. इससे ना केवल नकारात्मक  ऊर्जा दूर होगी साथ ही दरिद्रता का भी व्यक्ति के घर से कोई वास्ता नहीं रहेगा. किस्मत को मजबूत बनाने के लिए यदि व्यक्ति चाहता है कि उसे नए अवसर मिले और वह उसमे सफलता हासिल करे तो इसके लिए पॉकेट में मोर पंख के साथ 1 रुपए का सिक्का रखें. इससे ना केवल आपकी किस्मत का नया उदय होगा बल्कि धन की प्राप्ति के भी योग बनेंगे. आर्थिक तंगी से दिलाएगा छुटकारा यदि घर में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है तो ऐसे में शुक्रवार के दिन मंदिर में चौकी बनाकर भगवान के सामने पानी का कलश रख कर उसमें 1 रुपए का सिक्का रख दें. ध्यान रखें कि कलश पर स्वास्तिक जरूर बनाएं.  (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. KARMASU.IN इसकी पुष्टि नहीं करता है.) 

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सपने में धतूरे का फूल देखना Sapne mein dhature ka phool dekhna

Swapn Shastra of Plants: स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में पेड़-पौधों का दिखना बहुत लकी माना जाता है. कहते हैं कि सपने में कुछ पेड़-पौधों का दिखना किस्मत चमका सकता है. आइए जानें इन पेड़-पौधों के बारे में.  Plant In Dream Meaning: वास्तु शास्त्र में पेड़-पौधों का विशेष महत्व बताया गया है. वहीं, ज्योतिष शास्त्र में भी पेड़-पौधों को शुभ और पवित्र माना गया है. स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में पेड़-पौधों का दिखना बहुत लकी माना जाता है. स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में पेड़-पौधों का दिखना शुभ संकेत माना जाता है. सपने में कुछ खास पौधों का दिखना आर्थिक लाभ के साथ-साथ जीवन में खुशियां भी भर सकता है. आइए जानें सपने में किन पेड़-पौधों का दिखना शुभ संकेत होता है.  बेलपत्र का पौधा Belptra ka poudha dekhna सपने में बेलपत्र का पौधा दिखना भी बहुत शुभ होता है. सपने में बेल पत्र का दिखना मतलब आपके ऊपर भगवान शिव की कृपा है औऱ भोलेनाथ आपकी मनोकामना पूरी करेंगे. केले का पेड़ kele ka paudha dekhna सपने में केले का पौधा दिखना भी अच्छा माना जाता है. कहते हैं सपने में केले का पौधा दिखना मतलब की आपको आर्थिक लाभ होले वाला है. मनी प्लांट money plant dekhna सपने में मनी प्लांट का दिखना बेहद शुभ होता है. मनी प्लांट धन का प्रतीक हैं इसका सपने में दिखना यानी की आपको धन लाभ होने वाला है. सपने में धतूरे का फूल देखना sapne mein dhature ka phool dekhna सपने में धतूरे का फूल देखना : इस सपने का मतलब होता है कि भविष्य में आपको आपके द्वारा किए गए कार्यों से धन की प्राप्ति हो सकती है। यह सपना आपको धन मिलने से पूर्व धन के आने का संकेत देता है । इस प्रकार के शुभ सपनों को दिखाई देने के बाद किसी को बताना नहीं चाहिए । सपने में धतूरे का फूल दिखाई देने वाला सपना बहुत ही शुभ सपना माना गया है। सपने में धतूरे का फल तोड़ना sapne mein dhature ka fal todna सपने में धतूरे का फल तोड़ना : सपने में धतूरे का फल फल तोड़ना बहुत ही शुभ माना गया है। यदि आप सपने में धतूरे का फल शिवलिंग पर चढ़ने के लिए तोड़ रहे हैं तो यह सपना आपके लिए बहुत ही शुभ सपना होने वाला है। इस सपने का मतलब होता है कि जल्द ही आपकी आर्थिक परेशानियां, मानसिक परेशानियों और स्वास्थ्य से जुड़े हुए परेशानियां समाप्त होने वाली है । सपने में धतूरे का पौधा देखना sapne mein dhature ka paudha dekhna सपने में धतूरे का पौधा देखना : सपने में धतूरे का पौधा देखना बहुत ही शुभ माना गया है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में धतूरे का पौधा देखने का मतलब होता है कि आपके ऊपर से नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव और दूर होने वाला है। सपने में धतूरे का पौधा देखना इस बात की ओर संकेत करता है कि जल्द ही भगवान भोलेनाथ आप पर से नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव दूर कर देंगे । sapne me dhatura dekhna सपने में धतूरा देखना sapne me dhatura dekhna : सपने में धतूरा देखना बहुत ही शुभ माना गया है। सपने में धतूरा देखने का मतलब होता है कि आपके जीवन में सुख शांति आने वाली है नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव दूर होने वाला है और आपको धन लाभ होने वाला है। यह सपना आपको आर्थिक लाभ की ओर संकेत करता है और धन हानि से बचने का प्रयास करता है । (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. KARMASU.IN इसकी पुष्टि नहीं करता है.) 

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Kshama Stotra:क्षमा स्तोत्र

क्षमा स्तोत्र: क्षमा स्तोत्र प्रायश्चित की प्रार्थना है जिसमें भगवान से किसी भी प्रकार की भूल, चूक, भूल या गलती के लिए क्षमा मांगी जाती है जो भक्ति पूजा के दौरान जानबूझकर या अनजाने में हुई हो। अधिकांश हिंदू अनुष्ठानों में यह अनिवार्य रूप से पूजा का एक अभिन्न अंग है, और इसका प्रचलन ऋग्वेद काल से है, जिसके दौरान ब्राह्मण पुजारी (या मुख्य पुजारी) स्तोत्र का उच्चारण करते थे। क्षमा स्तोत्र आपको उन सभी समस्याओं से उबरने में मदद कर सकता है जो एक आम आदमी अपने जीवन में सामना करता है। भक्त इस प्रार्थना का पाठ करते हैं और किसी भी पाप के लिए क्षमा, आध्यात्मिक सुंदरता, प्रसिद्धि और आंतरिक शत्रुओं से विजय की प्रार्थना करते हैं। क्षमा स्तोत्र देर से शादी के मामले में भी मदद करता है। क्षमा स्तोत्र की व्याख्या भगवान से दया मांगने के रूप में की जाती है, लेकिन गहन अध्ययन और सीखने के साथ, आप प्रत्येक श्लोक में खुशहाल जीवन जीने की कई छिपी और गुप्त कुंजियाँ भी पा सकते हैं। क्षमा स्तोत्र का पाठ आमतौर पर पूजा के बाद या पूजा के पूरा होने के बाद किया जाता है। यह देवी से विभिन्न गलतियों के लिए क्षमा मांगने जैसा है जो किसी ने पाठ/पूजा के दौरान की हो सकती हैं, जिसमें मंत्र का गलत उच्चारण, बिन्दु विसर्ग आदि का छूट जाना, उचित मुद्रा न दिखाना आदि शामिल हैं। भगवान की पूजा के दौरान भी इसी स्तोत्र का एक छोटा रूपांतर किया जाता है। क्षमा स्तोत्र का विषय भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण और उनसे क्षमा मांगना है। जिस तरह माता-पिता अपने बेटे को कभी नहीं छोड़ते, चाहे उसने कितनी भी गलतियाँ की हों, उसी तरह क्षमा स्तोत्र में देवी से अपने बेटे की तरह हमारी रक्षा करने और हमें क्षमा करने के लिए कहा जाता है। क्षमा स्तोत्र के लाभ क्षमा स्तोत्र का (ईमानदारी से) पाठ करने का लाभ स्पष्ट रूप से भगवान द्वारा किए गए अपराधों और पापों के लिए क्षमा प्राप्त करना है। जीवन में जाने-अनजाने में हुए सभी पाप पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगे और जीवन सुख और समृद्धि से भर जाएगा। इस स्तोत्र का पाठ किसे करना चाहिए जो व्यक्ति जानबूझकर या अनजाने में अपने जीवन में किए गए गलत कार्यों के कारण भगवान के श्राप के अधीन हैं, उन्हें क्षमा स्तोत्र का धार्मिक रूप से पाठ करना चाहिए ताकि उनके सभी दुख दूर हो जाएं और एक पुण्य जीवन की शुरुआत हो। क्षमा स्तोत्र | Kshama Stotra यह क्षमापन स्तोत्र है, जो देवी के भक्त है उनके लिए देवी को प्रसन्न करने का इससे बड़ा न कोई स्तोत्र है, न काव्य, इस स्तोत्र के माध्यम से देवी प्रसन्न होकर साधक के पाप, दोष, त्रुटि क्षमा करके सभी मनोरथ पूर्ण करती है। न मन्त्रं नो यन्त्रं तदापि च न जाने स्तुतिमहो न चाह्वानं ध्यानं तदापि च न जाने स्तुतिकथाः । न जाने मुद्रास्ते तदापि च न जाने विलपनं परं जाने मातस्त्वदनुसरणं क्लेशहरणम् ॥ 1॥ विधेरज्ञानेन द्रविणविरहेणालसतया विधेयाशक्यत्वात्तव चरणयोर्या च्युतिरभूत् । तदेतत्क्षन्तव्यं जननि सकलोद्धारिणि शिवे कुपुत्रो जायेत क्वचिदपि कुमाता न भवति ॥2॥ पृथिव्यां पुत्रास्ते जननि बहवः सन्ति सरलाः परं तेषां मध्ये विरलतरलोऽहं तव सुतः । मदीयोऽयं त्यागः समुचितमिदं नो तव शिवे कुपुत्रो जायते क्वचिदपि कुमाता न भवति ॥3॥ जगन्मातर्मातस्तव चरणसेवा न रचिता न वा दत्तं देवि द्रविणमपि भूयस्तव मया । तथापि त्वं स्नेहं मयि निरुपमं यत्प्रकुरुषे कुपुत्रो जायेत क्वचिदपि कुमाता न भवति ॥ 4॥ परित्यक्ता देवा विविधविधसेवाकुलतया मया पञ्चाशीतेरधिकमपनीते तु वयसि । इदानीं चेन्मातस्तव यदि कृपा नापि भविता निरालम्बो लम्बोदरजननि कं यामि शरणम् ॥ 5॥ श्र्वपाको जल्पाको भवति मधुपाकोपमगिरा निरातङ्को रङ्को विहरति चिरं कोटिकनकैः । तवापर्णे कर्णे विशति मनुवर्णे फलमिदं जनःको जानीते जनानि जपनीयं जपविधौ ॥ 6॥ चिताभस्मालेपो गरलमशनं दिक्पटधरो जटाधारी कण्ठे भुजगपतिहारी पशुपतिः । कपाली भूतेशो भजति जगदीशैकपदवीं भवानि त्वत्पाणिग्रहणपरिपाटीफलमिदम् ॥ 7॥ न मोक्षस्याकाङ्क्षा भवविभववाञ्छापि च न मे न विज्ञानापेक्षा शशिमुखि सुखेच्छापि न पुनः । अतस्त्वां संयाचे जननि जननं यातु मम वै मृडानी रुद्राणी शिव शिव भवानीति जपतः ॥ 8॥ नाराधितासि विधिना विविधोपचारैः किं रुक्षचिन्तनपरैर्न कृतं वचोभिः । श्यामे त्वव यदि किञ्चन मय्यनाथे धत्से कृपामुचितमम्ब परं तवैव ॥ 9॥ आपत्सु मग्नः स्मरणं त्वदीयं करोमि दुर्गे करुणार्णवेशि । नैतच्छठत्वं मम भावयेथाः क्षुधातृषार्ता जननीं स्मरन्ति ॥ 10॥ जगदम्ब विचित्रमत्र किं परिपूर्णा करुणास्ति चेन्मयि । अपराधपरम्परावृत्तं न हि माता समुपेक्षते सुतम् ॥ 11॥ मत्समः पातकी नास्ति पापघ्नी त्वत्समा न हि । एवं ज्ञात्वा महादेवि यथा योग्यं तथा कुरु ॥ 12॥

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Kopin Panchakam Stotra:कोपीनपञ्चकं स्तोत्र

Kopin Panchakam Stotra:कोपीनपञ्चकं स्तोत्र: हम अपने जीवन में प्रतिदिन तीन अवस्थाओं से गुजरते हैं। ये हैं जाग्रत, स्वप्न और सुषुप्ति अवस्थाएँ। इन्हें जाग्रत, स्वप्न और सुषुप्ति अवस्थाएँ कहते हैं। जाग्रत अवस्था में हम क्रियाशील होते हैं और अपने से बाहर की दुनिया से लेन-देन करते हैं। इस अवस्था में हमारे लिए अन्य दो अवस्थाएँ मौजूद नहीं होतीं। इसी तरह स्वप्न अवस्था में स्वप्नदर्शी क्रियाशील होता है और अपने से बाहर की दुनिया से लेन-देन करता है। इस अवस्था में भी स्वप्नदर्शी के लिए अन्य दो अवस्थाएँ मौजूद नहीं होतीं। स्वप्न की दुनिया वास्तविक नहीं है, बल्कि केवल मानसिक प्रक्षेपण है। यह केवल स्वप्नदर्शी के मन में ही मौजूद होती है, लेकिन वह इसे ऐसे देखता है जैसे यह उसके बाहर हो। इसमें वास्तविक दुनिया की सभी विशेषताएँ होती हैं जो हम अपनी जाग्रत अवस्था में पाते हैं। इसमें स्थान, समय आदि के आयाम होते हैं। यह उसके शरीर और मन पर ठोस प्रभाव डाल सकती है। कोई व्यक्ति स्वप्न में देख सकता है कि वह किसी खाई से गिर रहा है या बाघ उसका पीछा कर रहा है, और जागता है, लेकिन फिर भी उसे घबराहट और अत्यधिक पसीना आना जारी रहता है। स्वप्न देखने वाले के लिए स्वप्न की दुनिया वास्तविक है। गहरी नींद की अवस्था में, इंद्रियाँ और मन एकाग्र हो जाते हैं। इसलिए, कोई संसार नहीं है। हम स्वयं आनंद के रूप में हैं। यह आनंद किसी भी इंद्रियों के माध्यम से प्राप्त होने वाले किसी भी सुख से श्रेष्ठ है। यहाँ तक कि एक सम्राट जिसके पास सारी संपत्ति और शक्ति हो, वह भी हमेशा जागते रहने और अपने अधीन सुखों का आनंद लेने के लिए तैयार नहीं होगा। वह सो जाना और उच्च आनंद का आनंद लेना चाहेगा जो उसका वास्तविक स्वभाव है। लेकिन यह अवस्था अस्थायी है क्योंकि हमारा मन अज्ञानता से ढका रहता है। इसलिए जब हम जागते हैं तो हम वापस वहीं होते हैं जहाँ हम थे, अपनी सारी समस्याओं के साथ अपनी इस दुनिया में। यह कोपिन पंचकम स्तोत्र भ्रम, मिथ्या कल्पना और नकारात्मक भावनाओं से मुक्ति दिलाता है। तीनों चरण सकारात्मक हो जाते हैं और बेहतर जीवन बनाने में मदद करते हैं। कोपिन पंचकम स्तोत्र के लाभ जो कोई भी भक्त प्रतिदिन इस कोपिन पंचकम स्तोत्र का पाठ करता है, देवी की कृपा से उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही, उसका जीवन सुखी, स्वस्थ, धनवान, सफल और शांतिपूर्ण होता है। किसको करना चाहिए यह स्तोत्र जिन लोगों को भ्रम है और उन्हें मनचाहा फल नहीं मिल रहा है, उन्हें इस कोपिन पंचकम स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए। कोपीनपञ्चकं स्तोत्र | Kopin Panchakam Stotra वेदांतवाक्येषु सदा रमन्तो भिक्षान्नमात्रेण च तुष्टिमन्त: । अशोकवन्त: करुणैकवन्त: कौपीनवन्त: खलु भाग्यवन्त: ।।1।। मूलं तरो: केवलमाश्रयन्त: पाणिद्वये भोक्तुममत्रयन्त: । कन्थामपि स्त्रीमिव कुत्सयन्त: कौपीनवन्त: खलु भाग्यवन्त: ।।2।। देहाभिमानं परिह्रत्य दूरादात्मानमात्मन्यवलोकयन्त: । अहर्निशं ब्रम्हाणि ये रमन्त: कौपीनवन्त: खलु भाग्यवन्त: ।।3।। स्वानन्दभावे परितुष्टिमन्त: स्वशांतसर्वेन्द्रियवृत्तिमन्त: । नान्तं न मध्यं न बहि: स्मरन्त: कौपीनवन्त: खलु भाग्यवन्त: ।।4।। पञ्चाक्षरं पावनमुच्चरन्त: पतिं पशूनां हृदि भावयन्त: । भिक्षाशना दिक्षु परिभ्रमन्त: कौपीनवन्त: खलु भाग्यवन्त: ।।5।।

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Astro Tips:सपने में मोती या माला टूटना शुभ है या अशुभ ?

Astro Tips:आपमें से ज्यादातर लोग सोते समय सपने देखते हैं। स्वप्नशास्त्र में ऐसा माना जाता है कि सपनों के भी कुछ शुभ और अशुभ फल हो सकते हैं।  Sapne Me Mala Tutna: अक्सर आपको सोते समय कुछ ऐसी चीजें दिखती हैं जिनके कुछ शुभ अशुभ फल हो सकते हैं। कई बार हम सपने में ऐसी चीजें देखते हैं जिनका वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं होता है लेकिन इनका आने वाले जीवन में कुछ न कुछ असर जरूर होता है। ऐसा ही एक सपना है माला टूटते हुए देखना। सपने में मोती देखना (Sapne Me Moti Dekhna) – मोती सीप से उत्पन्न होता है जो देखने में बहुत ही प्यारा लगता है । ज्योतिष के नजरिए से भी मोती का महत्व अधिक होता है। बहुमूल्य आभूषणों में भी इसका प्रयोग होता है । इसलिए यही चीज अगर सपने में दिख जाए तो व्यक्ति को बेहद ही अच्छा लगेगा। लेकिन साथ-साथ व्यक्ति इसके अर्थ को जानने के लिए तब तक बेचैन रहेगा जब तक उसे इसका अर्थ पता नहीं चल जाता । हिन्दू धर्म में मंत्रों के (mantro ka jap) जाप के लिए माला का उपयोग किया जाता है और हमारा ऐसा विश्वास होता है कि माला जपने से हमारे इष्ट देव प्रसन्न होते हैं और हमारी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं। माला जपने का जीवन में धार्मिक महत्व के साथ वैज्ञानिक आधार भी होता है। माला जपने से व्यक्ति के अंदर सकारात्मक विचारधाराएं प्रवेश करती हैं। अतः अपने देवी देवताओं को प्रसन्न करने के लिए मंत्रों का जाप करना लाभदायक होता है। ज्यादातर लोग जाप करने के लिए रुद्राक्ष (Rudraksh Mala ka prayog) की माला का प्रयोग करते हैं। रुद्राक्ष की माला भगवान शिव के लिए विशेष मानी गई है। इसलिए इससे भगवान शिव के लिए जाप करने से अत्यधिक लाभ मिलता है। लेकिन यदि सपने में कभी आप किसी भी माला को टूटते हुए देखते हैं तो इसके अलग -अलग फल होते हैं और जीवन में कुछ अलग प्रभाव होते हैं। आइए ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ डॉ.आरती दहिया से जानें सपने में माला टूटते हुए देखना आपके जीवन में क्या प्रभाव डाल सकता है। सपने में मोती देखना इस तरह देता है अशुभ फल sapne me moti dekhna es tarah ka hota hai sasubh fal सपने में मोतियों का दिखना हानि का सूचक है। अगर कोई पुरुष सपने में मोती देखें तो उसकी आय कम होगी। अगर कोई स्त्री ऐसा सपना देखे तो उसके गहने खो जाएंगे। अगर कोई पुरुष सपने में मोती मोतियों की माला आदि गहना पहने तो समझ लीजिए कि उसकी पत्नी को कोई कष्ट होगा। सपने में माला देखने का मतलब (Sapne Me Mala Dekhna) दि कोई सपने में रुद्राक्ष की माला देखता है तो यह उसके लिए शुभ माना जाता है। आप सपने में रुद्राक्ष की मालादेखें या सिर्फ उसका 1 मनका देखें तो यह आपके लिए बहुत शुभ है। रुद्राक्ष का सपने में आना भगवान शिव को देखने जैसा होता है। यदि आप रुद्राक्ष की माला सपने में देखते हैं तो समझें कि जल्द ही आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने वाली हैं। इसका मतलब यह कि आपका भाग्योदय होने वाला है। माला का दिखना बीमारी दूर कर सकता है ( Sapne Me Rudraksh Mala) यदि कोई बीमार व्यक्ति सपने में रुद्राक्ष की माला देखता है तो इससे यह संकेत मिलता है कि उसकी बीमारी जल्द है ठीक होने वाली है। भगवान शिव (शिव जी को क्यों नहीं चढ़ाई जाती है हल्दी)का उसे आशीर्वाद मिलने वाला है और स्वास्थ्य लाभ मिलने वाला है। यदि आप रुद्राक्ष का हरा भरा पेड़ देखते हैं तो इसका अर्थ है कि आप जिस क्षेत्र में हैं वहां बहुत जल्दी उन्नति करेंगे। यह जीवन में हर तरफ तरक्की का संकेत देता है। रुद्राक्ष कीमाला टूटते हुए देखना हो सकता है अशुभ (Rudraksh Mala) यदि कोई सपने में रुद्राक्ष की माला टूटते हुए देखता है तो यह आपके लिए एक अशुभ संकेत है। यदि सपने में माला टूटती है तो इसका मतलब है कि आपके साथ कोई अनहोनी होने वाली है। आपका कोई काम पूरा नहीं होने वाला है। आप उस कार्य में असफल हो सकते हैं जिसमें आप पूरी मेहनत कर रहे हैं । टूटी हुई रुद्राक्ष की माला नकारात्मकता को दिखाती है। यह इस बात का भी संकेत देता है कि भविष्य में आपको धन हानि हो सकती है। आपका स्वास्थ्य भी ख़राब हो सकता है। यह आपके जीवन में किसी अनिष्ट का संकेत भी देता है। सपने में मोती की माला टूटते हुए देखना (Moti Ki Mala) आमतौर पर सपने में यदि आप मोती की माला देखते हैं तो ये आपके लिए शुभ माना जाता है। यदि आपको ऐसी माला दिखे तो समझ लें कि आपके जीवन में सकारात्मकता आने वाली है। लेकिन यदि आप मोती की माला को टूटते हुए देखते हैं तो यह आपके परिवार के बिखरने या फिर किसी परिवारीजन के स्वास्थ्य में खराबी के संकेत हो सकते हैं। इस प्रकार सपने में माला दिखना आपके लिए शुभ हो सकता है लेकिन यदि आप माला टूट्ते हुए देखते हैं तो ये जीवन में कुछ नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकता है। अगर आपको यह लेख अच्छा लगा हो तो इसे शेयर जरूर करें व इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट हरजिन्दगी के साथ। सपने में सर्राफ मोती देखे तो sapne me saraf moti dekhe अगर कोई सर्राफ सपने में मोती देखें तो उसका व्यापार चमकेगा और वह खूब धन कमाएगा। सपने में मोतियों का खोना बताता है कि व्यक्ति स्वयं परिवार के किसी सदस्य का विवाह करेगा। अगर कोई नौकरी पेशा सपने में मोती खरीदे तो नौकरी में उसकी पदवृद्धि होगी। अगर बेकार आदमी यह सपने देखे तो शीघ्र ही नौकरी मिलेगी। डिसक्लेमर– इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।

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Swapna Shastra:सपने में पानी देखना शुभ होता है या अशुभ, जानें जीवन पर कैसे पड़ता है असर

According To Swapna Shastra: सपने में नदी, तालाब, या कुंड के पानी को देखने का अलग अलग फल मिलता है. कई बार सपने में पानी को देखना आपके जीवन को खुशियों से भर देता है और कई बार यह किसी अप्रिय घटना की ओर इशारा करता है.  Swapna Shastra: व्यक्ति जब गहरी नींद में होता है तो वह सपने देखता है। व्यक्ति सपने में न जाने से कहां से कहां पहुंच जाता है, पर जब उठता है तो खुद को बेड पर ही पाता है। हालांकि देखे हुए सपने का कोई न कोई मतलब जरूर निकलता है। ऐसे में यदि आपको सपने में पानी से जुड़ी चीजें दिखती हैं तो उनका क्या मतलब होता है? तो चलिए जानते हैं कि इन सपनों का क्या अर्थ होता है और साथ ही जानेंगे कि ये सपने शुभ होते हैं या फिर अशुभ। सपने में समुद्र देखने का अर्थ Sapne me samudra Dekhne ka Arth सपने में यदि आप समुद्र देखते हैं तो ये सपना आपके लिए अशुभ होता है। जब भी ऐसे सपने देखें तो भविष्य के प्रति सतर्क हो जाएं। स्वप्न शास्त्र की मानें तो ऐसा सपना देखना भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना के होने की आशंका होती है। इसके साथ ही धन हानि भी हो सकती है। इसके अलावा यदि आप समुद्र में खुद को खड़ा हुआ देखते हैं तो इसका अर्थ है कि आपसे कोई ऐसी गलती हुई है जिसे सुधारने की जरूरत है। सपने में नदी देखने का अर्थ Sapne me nadi dekhne ka arth सपने में यदि आप नदी देखते हैं तो इसका भी एक गहरा अर्थ होता है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार ऐसा सपना देखना शुभ होता है। यदि आप सपने में नदी देखते हैं तो आपको अपने काम में सफलता हासिल होने वाली है। यदि आप नदी में खुद को खड़े देखते हैं या उसके पास खड़ा देखते हैं तो ये सपना भी शुभ है। यदि आप सपने में दूर से नदी देखते हैं तो ये भी शुभ है। सपने में ये सब देखने का अर्थ होता है जीवन में कोई सकारात्मक परिवर्तन होने वाला है। सपने में तालाब देखने का अर्थ sapne me talab dekhne ka arth सपने में यदि आप तालाब देखते हैं तो स्वप्न शास्त्र में इसे भी शुभ माना गया है। सपने में तालाब को देखना शुभ होता है। यदि तालाब का पानी साफ दिखता है तो ये शुभ होता है। यदि आप ने तालाब में या किसी भी जगह पर गंदा पानी देखा है तो ये अशुभ होता है। पानी में कोई चीज तैरते हुए देखना यह सपना आपको शुभ संकेत देता है. इसका अर्थ है कि आपके जीवन कि जो भी उलझनें अभी चल रही हैं उनके समाप्त होने का समय आ गया है.  बहता हुआ पानी दिखना sapne me baheta huaa pani dikhna सपने में अगर आपको बहता हुआ  पानी दिखे तो इसका मतलब है कि आपके जीवन में उतार चढ़ाव आते रहेंगे. मुश्किलें आएंगी लेकिन ज्यादा देर नहीं ठहर पाएंगी. बहते पानी का संकेत यह भी है कि किसी से बिना वजह वाद विवाद न करें.  गड्ढे या कुंड में पानी दिखना Gddhe ya kundh ka pani dekhna सपने में किसी गहरे कुंड या गड्ढे में पानी दिखने का मतलब है कि आपको वहां से भी धन मिल सकता है जहाँ से आपको कोई उम्मीद न हो. आने वाले दिनों में हाथ में लक्ष्मी आएगी.  गन्दा पानी दिखना gandha pani dekhna  सपने में गन्दा पानी दिखाई देना अशुभ होता है. यह सपना जीवन में आने वाली परेशानियों की ओर इशारा करता है. अगर आप कोई शुभ कार्य करने वाले हैं या कहीं यात्रा पर जा रहे हैं तो फिलहाल इसको टाल दें.  डिसक्लेमर– इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।

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Makar Sankranti 2025 Daan:मकर संक्रांति पर करें ये उपाय, भगवान सूर्य का मिलेगा आशीर्वाद

Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति का पर्व पौष माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है. हालांकि, मकर संक्रांति को देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नामों जैसे लोहड़ी, उत्तरायण, खिचड़ी, टिहरी, पोंगल आदि कई नामों से जाना जाता है. इसी दिन से खरमास खत्म होता है और शुभ व मांगलिक कार्यों जैसे शादी, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश आदि की शुरुआत होती है.  Makar Sankranti 2025: सनातन धर्म में मकर संक्रांति तिथि का विशेष महत्व है। यह पर्व सूर्य देव के मकर राशि में गोचर करने की तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन गंगा समेत पवित्र नदियों में स्नान-ध्यान कर सूर्य देव की पूजा की जाती है। साथ ही दान-पुण्य किया जाता है। सूर्य देव की उपासना करने से साधक को करियर में मनमुताबिक सफलता मिलती है। राशि अनुसार दान Rasi ke anusar kare dhan मेष राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन मूंगफली, गुड़ और शहद का दान करें। वृषभ राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन सफेद तिल और तिल के लड्डू का दान करें। मिथुन राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन साबुत मूंग और हरी सब्जियों का दान करें। कर्क राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन दूध, चावल और उड़द दाल का दान करें। सिंह राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन गेहूं, गुड़, चिक्की आदि चीजों का दान करें। कन्या राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन गन्ने और हरे रंग के कपड़े का दान करें। तुला राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन पोहा (चूड़ा), दही और तिल का दान करें। वृश्चिक राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन मूंगफली, शहद और चिक्की का दान करें। धनु राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन पीले रंग के कपड़े और लड्डू का दान करें। मकर राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन उड़द की दाल और काले तिल का दान करें। कुंभ राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन कंबल और चमड़े के चप्पल-जूते का दान करें। मीन राशि के जातक मकर संक्रांति के दिन बेसन, चने की दाल और पके केले का दान करें। Makar Sankranti per kare ye upay मकर संक्रांति पर करें ये उपाय 1. मकर संक्रांति के दिन स्नान करने के पानी में काले तिल डालें. तिल के पानी से स्नान करना बेहद ही शुभ माना जाता है. साथ ही ऐसा करने वाले व्यक्ति को रोग से मुक्ति मिलती है. 2. मकर संक्रांति के दिन स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें और सूर्य देव को चढ़ाए जाने वाले जल में तिल अवश्य डालें. ऐसा करने से इंसान की बंद किस्मत के दरवाजे खुलते हैं. 3. इस दिन कंबल, गर्म कपड़े, घी, दाल चावल की खिचड़ी और तिल का दान करने से गलती से भी हुए पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख समृद्धि आती है.  4. पितरों की शांति के लिए इस दिन उन्हें जल देते समय उसमें तिल अवश्य डालें. ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. मकर संक्रांति पूजन विधि Makar Sankranti pujan vidhi इस दिन पूजा करने के लिए सूर्योदय से पहले उठकर साफ सफाई कर लें. इसके बाद यदि संभव हो तो आसपास किसी पवित्र नदी में स्नान करें. यदि ऐसा करना संभव न हो तो घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें. यदि आप व्रत रखना चाहते हैं तो इस दिन व्रत का संकल्प लें. इस दिन पीले वस्त्र पहनें क्योंकि इस दिन पीले वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है और फिर सूर्यदेव को अर्घ्य दें. इसके बाद सूर्य चालीसा पढ़ें और आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ जरूर करें.  अंत में आरती करें और गरीबों को दान करें क्योंकि इस दिन दान करने का विशेष महत्व है. Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति पर तिल के लड्डू क्यों बनाए जाते हैं, क्या है मान्यता? Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति पर क्यों बनाई जाती है खिचड़ी? जानें इसका पौराणिक महत्व Makar Sankranti 2025:मकर संक्रांति 2025 कब है 14 या 15 जनवरी, जानें, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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Peacock Dream Meaning:सपने में दिखे मोर, तो जीवन में होने वाले हैं ये तीन बड़े बदलाव

Dream Intrepretation About Peacock: सपने में हमें बहुत अलग-अलग चीजें दिखाई देते हैं। कई बार सपने में आई चीजें हमें किसी बात का संकेत देती हैं। अधिकतर लोगों ने सपने में मोर को देखा होगा। तो आइए जानते हैं सपने में मोर का अलग अलग तरीकों से दिखना किस बात का संकेत है। सपनों की दुनिया बहुत ही अजब गजब होती है। सपनों में हम बहुत सी विचित्र चीजें देख लेते हैं। लेकिन, हर सपने का मतलब जरूर होता है। सपनों के बारे में विस्तार से स्वप्न शास्त्र नाम में बताया गया है। आपने अक्सर सुना होगा की सुबह के समय जो सपने आते हैं वह बहुत ही शुभ होते हैं लेकिन, कई बार रात के समय देखे गए सपने भी बहुत शुभ फल देते हैं। लेकिन रात में आने वाले सपने भी कई बार लाभकारी साबित होते हैं। कुछ सपने ऐसे होते हैं जो अधिकतर लोगों को आते हैं। तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं सपने में मोर देखना का क्या मतलब होता है। देखा है सफेद मोर? white moor dekhna अगर आपने सपने में सफेद रंग का मोर देखा है, तो इसका मतलब होता है कि मां लक्ष्मी आपसे खुश हैं और जल्द ही आपको धन लाभ होगा और आपके घर से दरिद्रता दूर होगी और साथ ही आपकी आर्थिक स्थिथि मजबूत होती है. इसके अलावा सपने में सफेद मोर देखने का मतलब होता है कि अगर आपके ऊपर कर्जा है, तो वो भी जल्द ही दूर होगा. Sapne me moor or morni dekhna:मोर और मोरनी देखना अगर आपने सपने में मोर और मोरनी को साथ में देखा है, तो यह आपके जीवन के लिए बहुत ही शुभ संकेत माना जाता है. सपने में मोर को देखने का मतलब होता है कि जल्द ही आपका रिश्ता होने वाला है और आपको वैवाहिक सुख प्राप्त होगा. इसके अलावा शादीशुदा लोग अगर मोर और मोरनी के जोड़े को एक साथ देखते हैं, तो पति और पत्नी के बीच प्यार बढ़ने के संकेत होते हैं.  सपने में मोर को जमीन पर बैठा देखना अगर कोई व्यक्ति सपने में मोर को जमीन पर बैठे देखते हैं तो इस तरह का सपना आना शुभ नहीं माना जाता है।इस तरह के सपना नौकरी में परेशानी आने का संकेत देता है। इतना ही नहीं घर का कोई सदस्य बीमार भी हो सकता है। सपने में सांप और मोर की लड़ाई देखना अगर किसी को सपने में सांप और मोर की लड़ाई होते दिखती है तो इस तरह के सपने आपके लिए शुभ संकेत हैं। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, इस तरह के सपने आना शत्रु कम होने का संकेत हैं। इस तरह के सपने आने का मतलब है कि आपके शत्रु कम हो जाएंगे और वो जो आपके खिलाफ साजिश रचेंगे वो सभी विफल रहेंगी। सपने में शनि महाराज के साथ मोर को देखना अगर आप सपने में मोर के साथ शनि महाराज को देखते हैं इस तरह के सपना बहुत अच्छा माना जाता है। शनि चालीसा के अनुसार, इस तरह के सपने आने का मतलब होता है कि आपको धन लाभ होगा। साथ ही तरक्की के भी कई अवसर मिलेंगे।

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Ram Mandir Pran Pratishtha: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ की कैसी है तैयारी

Ram Mandir Pran Pratishtha:22 जनवरी 2024 को अयोध्या में रामलला मंदिर में विराजमान होंगे, श्री राम भगवान की प्राण प्रतिष्ठा होगी और फिर रामलला के भव्य दर्शन होंगे। राम मंदिर की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम की रूपरेखा काफी आगे है। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए 7 दिनों तक अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। अयोध्या में भगवान राम का पूरे विधि-विधान के साथ स्वागत किया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा उत्सव के लिए प्रायश्चित पूजा, कर्मकुटी पूजा, तीर्थ पूजा, जल यात्रा, जलाधिवास और गंधाधिवास, औषधिधिवास, केसराधिवास, घृताधिवास, धन्याधिवास, कर्कराधिवास, फलधिवास और पुष्पाधिवास, मध्याधिवास और शयाधिवास आदि नियमों का पालन किया जा रहा है। First Anniversary Of Ayodhya Ram Mandir: श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा (First Anniversary of The Ayodhya Ram Mandir Prana Pratishtha) की पहली वर्षगांठ धूमधाम से मनाई जाएगी. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (Shri Ram Janmbhoomi Teerth) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दी. पोस्ट में बताया गया है कि अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर (Shri Ram Janmabhoomi Mandir in Ayodhya) में श्री राम लला विग्रह (Shri Ram Lalla Vigraha) के प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ 11 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी. कैसा है प्लान? राम जन्मभूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ को प्रतिष्ठा द्वादशी (Pratishtha Dwadashi) के रूप में मनाया जाएगा. इस दिन मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. यज्ञ मंडप में शुक्ल यजुर्वेद के मंत्रों के साथ अग्निहोत्र का आयोजन सुबह 8 से 11 बजे और फिर दोपहर 2 से 5 बजे तक किया जाएगा. इसके अलावा, 6 लाख श्री राम मंत्रों का जप और राम रक्षा स्तोत्र, हनुमान चालीसा सहित अन्य धार्मिक मंत्रों का उच्चारण भी किया जाएगा. मंदिर के भूतल पर 3 से 5 बजे तक राग सेवा 6-9 बजे तक बधाई गीत प्रस्तुत किए जाएंगे. इसके बाद, यात्री सुविधा केंद्र की पहली मंजिल पर रामचरितमानस का संगीतबद्ध पाठ होगा. अंगद टीला पर राम कथा (2 से साढ़े तीन बजे तक), रामचरितमानस पर प्रवचन (साढ़े तीन से 5 बजे तक), साढ़े पांच से साढ़े सात बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम और सुबह से श्री राम के प्रसाद का वितरण होगा. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने सभी श्रद्धालुओं और भक्तों को इस ऐतिहासिक अवसर पर भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है. यह दिन अयोध्या और भारत के लिए एक विशेष धार्मिक महत्व का दिन होगा, जिसमें भक्तगण श्री राम के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति को व्यक्त करेंगे. 22 जनवरी 2024 को अयोध्या राम मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा हुआ था. प्राण प्रतिष्ठा के लिए 84 सेकंड का शुभ मुहूर्त निकाला गया था. 22 जनवरी को 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड तक प्राण प्रतिष्ठा हुआ था. प्राण प्रतिष्ठा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आरएसएस चीफ मोहन भागवत समेत कई दिग्गज शामिल हुए थे.

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Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति पर तिल के लड्डू क्यों बनाए जाते हैं, क्या है मान्यता?

Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है. भगवान सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर ये त्योहार मनाया जाता है. मकर संक्रांति हिंदुओं का साल का पहला त्योहार होता है. मकर संक्रांति पर हर घर में तिल के लड्डू बनाए और खाए जाते हैं, लेकिन आपको पता है कि इस दिन तिल के लडडू बनाने और खाने की परंपरा क्यों शुरू हई. आइए जानते हैं… Makar Sankranti Til ke Laddu: मकर संक्रांति को हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में गिना जाता है. भगवान सूर्य जब धनु से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब मकर संक्रांति मनाई जाती है. मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान बहुत पुण्यकारी माना गया है. मकर संक्रांति पर तिल का दान करने और खिचड़ी खाने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इस साल 14 जनवरी मंगलवार को 9 बजकर 3 मिनट पर भगवान सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे. ऐसे में 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जाएगी. इस दिन तिल के लड्डू बनाने की भी परंपरा है. इस दिन हर घर में तिल के लड्डू बनाएं जाते हैं. तिल के लड्डओं को भगवान सूर्य को भेंट किया जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि मकर संक्रांति पर तिल के लड्डू बनाए और खाए क्यूं जाते हैं. क्यों बनाए जाते हैं मकर संक्रांति पर लिल के लड्डू? पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि देव से काफी क्रोधित हो गए थे. क्रोध में उन्होंने अपने तेज से शनि देव का कुंभ राशि वाला घर जला दिया था. इसके बाद शनि देव ने अपने पिता से माफी मांगी. फिर जाकर भगवान सूर्य का क्रोध शांत हुआ. इसके बाद भगवान सूर्य ने शनि देव से कहा कि जब भी उनका प्रवेश मकर राशि में होगा, तो वो घर धन-धान्य और खुशियों भर जाएगा. मकर राशि शनि देव का एक और अन्य घर माना जाता है. इसके बाद जब भगवान सूर्य शनि देव के मकर राशि वाले घर में आए तो पुत्र ने तिल और गुड़ से अपने पिता की पूजा की. साथ ही शनि देव ने अपने पिता को तिल और गुड़ खाने के लिए दिया. शनि देव ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि भगवान सूर्य द्वारा उनका कुंभ राशि वाला घर जला दिए जाने के बाद उनके पास कुछ भी बाकी नहीं बचा था. भगवान सूर्य शनि देव द्वारा तिल और गुड़ भेंट किए जाने से बहुत प्रसन्न हुए. इसके बाद कहा कि जो भी लोग मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ से उनकी पूजा करेंगे, उस पर शनि देव सहित उनका भी आर्शीवाद बना रहेगा. यही कारण है कि मकर संक्रांति पर तिल के लड्डू बनाने और खाने की परंपरा है. Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है. KARMASU.IN इसकी पुष्टि नहीं करता है. Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति पर क्यों बनाई जाती है खिचड़ी? जानें इसका पौराणिक महत्व Makar Sankranti 2025:मकर संक्रांति 2025 कब है 14 या 15 जनवरी, जानें, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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