Om Jai Jagdish Hare Aarti:ॐ जय जगदीश हरे आरती

Om Jai Jagdish Hare Aarti:दुनियाँ में सबसे ज्यादा लोकप्रिय आरती ओम जय जगदीश हरे पं. श्रद्धाराम फिल्लौरी द्वारा सन् १८७० में लिखी गई थी। यह आरती मूलतः भगवान विष्णु को समर्पित है फिर भी इस आरती को किसी भी पूजा, उत्सव पर गाया / सुनाया जाता हैं। कुछ भक्तों का मानना है कि इस आरती का मनन करने से सभी देवी-देवताओं की आरती का पुण्य मिल जाता है। Om Jai Jagdish Hare Aarti:ॐ जय जगदीश हरे आरती के लाभ Om Jai Jagdish Hare Aarti:”ॐ जय जगदीश हरे” यह आरती भगवान विष्णु को समर्पित एक अत्यंत प्रसिद्ध और भक्तिमय स्तोत्र है। इस आरती का नियमित पाठ करने से भक्तों को अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। Om Jai Jagdish Hare Aarti:ॐ जय जगदीश हरे आरती के कुछ प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं: Om Jai Jagdish Hare Aarti:ॐ जय जगदीश हरे आरती का महत्व कब करें आरती Om Jai Jagdish Hare Aarti:आप इस आरती को किसी भी समय कर सकते हैं। लेकिन विशेष रूप से सुबह और शाम के समय इसका पाठ करना अधिक लाभकारी होता है। Om Jai Jagdish Hare Aarti:कैसे करें आरती निष्कर्ष Om Jai Jagdish Hare Aarti:ॐ जय जगदीश हरे आरती एक अत्यंत शक्तिशाली और पवित्र मंत्र है। इसका नियमित जाप करने से जीवन में कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं। Om Jai Jagdish Hare Aarti:ॐ जय जगदीश हरे आरती ॐ जय जगदीश हरे,स्वामी जय जगदीश हरे ।भक्त जनों के संकट,दास जनों के संकट,क्षण में दूर करे ॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ जो ध्यावे फल पावे,दुःख बिनसे मन का,स्वामी दुःख बिनसे मन का ।सुख सम्पति घर आवे,सुख सम्पति घर आवे,कष्ट मिटे तन का ॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ मात पिता तुम मेरे,शरण गहूं किसकी,स्वामी शरण गहूं मैं किसकी ।तुम बिन और न दूजा,तुम बिन और न दूजा,आस करूं मैं जिसकी ॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ तुम पूरण परमात्मा,तुम अन्तर्यामी,स्वामी तुम अन्तर्यामी ।पारब्रह्म परमेश्वर,पारब्रह्म परमेश्वर,तुम सब के स्वामी ॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ तुम करुणा के सागर,तुम पालनकर्ता,स्वामी तुम पालनकर्ता ।मैं मूरख फलकामी,मैं सेवक तुम स्वामी,कृपा करो भर्ता॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ तुम हो एक अगोचर,सबके प्राणपति,स्वामी सबके प्राणपति ।किस विधि मिलूं दयामय,किस विधि मिलूं दयामय,तुमको मैं कुमति ॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ दीन-बन्धु दुःख-हर्ता,ठाकुर तुम मेरे,स्वामी रक्षक तुम मेरे ।अपने हाथ उठाओ,अपने शरण लगाओ,द्वार पड़ा तेरे ॥॥ ॐ जय जगदीश हरे..॥ विषय-विकार मिटाओ,पाप हरो देवा,स्वमी पाप(कष्ट) हरो देवा ।श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ,सन्तन की सेवा ॥ ॐ जय जगदीश हरे,स्वामी जय जगदीश हरे ।भक्त जनों के संकट,दास जनों के संकट,क्षण में दूर करे ॥ आरती ओम जय जगदीश हरे के रचयिता पं. श्रद्धाराम शर्मा या श्रद्धाराम फिल्लौरी सनातन धर्म प्रचारक, ज्योतिषी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संगीतज्ञ तथा हिन्दी और पंजाबी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे। पंडित जी को हिन्दी साहित्य का पहला उपन्यासकार भी माना जाता है।

Om Jai Jagdish Hare Aarti:ॐ जय जगदीश हरे आरती Read More »

Shri Brihaspati Dev Ji Ki Aarti:श्री बृहस्पति देव की आरती

Brihaspati Dev Ji Ki Aarti:श्री बृहस्पति देव की आरती के लाभ Brihaspati Dev Ji Ki Aarti:श्री बृहस्पति देव को देवताओं का गुरु माना जाता है। वे ज्ञान, बुद्धि और धन के देवता हैं। उनकी आरती करने से कई लाभ प्राप्त होते हैं। Brihaspati Dev Ji Ki Aarti:कब करें आरती कैसे करें आरती नोट: किसी भी देवी-देवता की पूजा करते समय सच्चे मन से की जानी चाहिए। अन्य जानकारी: Shri Brihaspati Dev Ji Ki Aarti:श्री बृहस्पति देव की आरती हिन्दू धर्म में बृहस्पति देव को सभी देवताओं का गुरु माना जाता है। गुरुवार के व्रत में बृहस्पति देव की आरती करने का विधान माना जाता है, अतः श्री बृहस्पति देव की आरती निम्न लिखित है। जय वृहस्पति देवा,ऊँ जय वृहस्पति देवा ।छिन छिन भोग लगा‌ऊँ,कदली फल मेवा ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा,जय वृहस्पति देवा ॥ तुम पूरण परमात्मा,तुम अन्तर्यामी ।जगतपिता जगदीश्वर,तुम सबके स्वामी ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा,जय वृहस्पति देवा ॥ चरणामृत निज निर्मल,सब पातक हर्ता ।सकल मनोरथ दायक,कृपा करो भर्ता ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा,जय वृहस्पति देवा ॥ तन, मन, धन अर्पण कर,जो जन शरण पड़े ।प्रभु प्रकट तब होकर,आकर द्घार खड़े ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा,जय वृहस्पति देवा ॥ दीनदयाल दयानिधि,भक्तन हितकारी ।पाप दोष सब हर्ता,भव बंधन हारी ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा,जय वृहस्पति देवा ॥ सकल मनोरथ दायक,सब संशय हारो ।विषय विकार मिटा‌ओ,संतन सुखकारी ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा,जय वृहस्पति देवा ॥ जो को‌ई आरती तेरी,प्रेम सहित गावे ।जेठानन्द आनन्दकर,सो निश्चय पावे ॥ ऊँ जय वृहस्पति देवा,जय वृहस्पति देवा ॥ सब बोलो विष्णु भगवान की जय ।बोलो वृहस्पतिदेव भगवान की जय ॥

Shri Brihaspati Dev Ji Ki Aarti:श्री बृहस्पति देव की आरती Read More »

Santoshi Mata Aarti:सन्तोषी माता आरती

Santoshi Mata Aarti:संतोषी माता की आरती के लाभ Santoshi Mata Aarti:संतोषी माता हिंदू धर्म में संतोष की देवी के रूप में पूजित हैं। Santoshi Mata Aarti उनकी आरती का पाठ करने से भक्तों को अनेक लाभ मिलते हैं। आइए जानते हैं इन लाभों के बारे में: Santoshi Mata Aarti:कब करें आरती: Santoshi Mata Aarti:कैसे करें आरती: Santoshi Mata Aarti:संतोषी माता की आरती के बोल आप आसानी से इंटरनेट पर या किसी भी भजन संग्रह में पा सकते हैं। नोट: किसी भी देवी-देवता की पूजा करते समय सच्चे मन से की जानी चाहिए। अन्य जानकारी: क्या आप संतोषी माता के बारे में और जानना चाहते हैं? Santoshi Mata Aarti:सन्तोषी माता आरती जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ।अपने सेवक जन की,सुख सम्पति दाता ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ॥ सुन्दर चीर सुनहरी,मां धारण कीन्हो ।हीरा पन्ना दमके,तन श्रृंगार लीन्हो ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ॥ गेरू लाल छटा छबि,बदन कमल सोहे ।मंद हंसत करुणामयी,त्रिभुवन जन मोहे ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ॥ स्वर्ण सिंहासन बैठी,चंवर दुरे प्यारे ।धूप, दीप, मधु, मेवा,भोज धरे न्यारे ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ॥ गुड़ अरु चना परम प्रिय,तामें संतोष कियो ।संतोषी कहलाई,भक्तन वैभव दियो ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ॥ शुक्रवार प्रिय मानत,आज दिवस सोही ।भक्त मंडली छाई,कथा सुनत मोही ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ॥ मंदिर जग मग ज्योति,मंगल ध्वनि छाई ।विनय करें हम सेवक,चरनन सिर नाई ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ॥ भक्ति भावमय पूजा,अंगीकृत कीजै ।जो मन बसे हमारे,इच्छित फल दीजै ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ॥ दुखी दारिद्री रोगी,संकट मुक्त किए ।बहु धन धान्य भरे घर,सुख सौभाग्य दिए ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ॥ ध्यान धरे जो तेरा,वांछित फल पायो ।पूजा कथा श्रवण कर,घर आनन्द आयो ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ॥ चरण गहे की लज्जा,रखियो जगदम्बे ।संकट तू ही निवारे,दयामयी अम्बे ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ॥ सन्तोषी माता की आरती,जो कोई जन गावे ।रिद्धि सिद्धि सुख सम्पति,जी भर के पावे ॥ जय सन्तोषी माता,मैया जय सन्तोषी माता ।अपने सेवक जन की,सुख सम्पति दाता ॥

Santoshi Mata Aarti:सन्तोषी माता आरती Read More »

Swapna Shastra: सपने में भूत या बुरी आत्माओं दिखाई देना, किस बात का है संकेत

Swapna Shastra: सपनों (Dreams) में डरावनी चीजें दिखने का अर्थ अक्सर हमारी सोच से परे होता है. जानें सपने में भूत (Ghost) और बुरी आत्माएं दिखने का मतलब क्या होता है. ये सपने क्या संकेत देते हैं. Swapna Shastra: स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने हमें हमारे भविष्य के बारे में शुभ या अशु संकेत देते हैं. कभी-कभी हम समझ नहीं पाते कि इन सपनों का क्या मतलब है. हर सपनों का एक उद्देश्य होता है. किसी सपने का मतलब अच्छा होता है तो किसी का मतलब बुरा होता है. सपने में भूत (Ghost) या बुरी आत्माएं (Bad Soul) दिखाई दें तो इसका क्या अर्थ होता है. जानें. सपने में भूत दिखने का मतलब (Sapne me Bhoot Dikhana) स्वप्न शास्त्र: सपने में भूत या बुरी आत्माओं का दिखाई देना स्वप्न शास्त्र में सपनों का गहन महत्व है। इसे जीवन के विभिन्न पहलुओं, भावनाओं, और भविष्य की घटनाओं का संकेत माना जाता है। यदि किसी व्यक्ति को सपने में भूत, प्रेत, या बुरी आत्माएं दिखाई देती हैं, तो यह कई प्रकार के संदेश और संकेत दे सकता है। यह स्वप्न आमतौर पर व्यक्ति की मानसिक स्थिति, आंतरिक भय, या भविष्य की संभावनाओं से जुड़ा होता है। 1. अवचेतन मन का प्रतिबिंब भूत-प्रेत या बुरी आत्माएं प्रायः हमारे अवचेतन मन में छिपे हुए डर, चिंता, और अनिश्चितताओं का प्रतीक होती हैं। यह सपने अक्सर उन लोगों को आते हैं जो मानसिक तनाव, भय, या किसी प्रकार की असुरक्षा से ग्रस्त होते हैं। 2. आत्मा की चेतावनी स्वप्न शास्त्र के अनुसार, यदि सपने में बार-बार भूत या बुरी आत्माएं दिखाई देती हैं, तो यह किसी चेतावनी का संकेत हो सकता है। 3. कार्मिक प्रभाव हिंदू धर्म में कर्म का गहरा महत्व है। यदि व्यक्ति अपने कर्मों के कारण मानसिक अशांति का सामना कर रहा है, तो ऐसे सपने आना स्वाभाविक है। Dream Science:ये 10 चीजें सपने में दिखे तो होगी पैसों की बारिश, जीवन में सुख समृद्धि का संकेत 4. सपने में भूत-प्रेत का अलग-अलग रूपों में दिखना सपने में भूत या बुरी आत्माओं के विभिन्न रूप अलग-अलग संकेत देते हैं। 5. धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण हिंदू शास्त्रों के अनुसार, भूत-प्रेत के सपने कभी-कभी आध्यात्मिक उन्नति के संकेत भी होते हैं। 6. सपनों का समाधान यदि व्यक्ति को बार-बार ऐसे सपने आ रहे हैं, तो इससे बचने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। 7. पारिवारिक और सामाजिक संबंधों का महत्व कभी-कभी ऐसे सपने परिवार और समाज से जुड़ी समस्याओं का संकेत भी हो सकते हैं। यदि किसी रिश्ते में दरार है या कोई सामाजिक समस्या है, तो इन पर ध्यान देना जरूरी है। निष्कर्ष सपने में भूत या बुरी आत्माएं दिखने का अर्थ व्यक्ति की मानसिक और आध्यात्मिक स्थिति पर निर्भर करता है। इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, बल्कि इसे आत्ममंथन और सुधार का अवसर मानना चाहिए। धार्मिक अनुष्ठानों, साधना, और सकारात्मक सोच के माध्यम से इन सपनों के प्रभाव को कम किया जा सकता है। Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि KARMASU.IN किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Swapna Shastra: सपने में भूत या बुरी आत्माओं दिखाई देना, किस बात का है संकेत Read More »

Annapurna Aarti:अन्नपूर्णा आरती

Annapurna Aarti:अन्नपूर्णा देवी की आरती के लाभ Annapurna Aarti:अन्नपूर्णा देवी को समृद्धि और खाद्य की देवी माना जाता है। Annapurna Aarti उनकी पूजा करने से भक्तों को अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। अन्नपूर्णा देवी की आरती करने से निम्नलिखित लाभ मिलते हैं Annapurna Aarti:अन्नपूर्णा देवी की आरती का जाप कैसे करें Annapurna Aarti:अन्नपूर्णा देवी की आरती के बोल आप अन्नपूर्णा देवी की आरती के बोल आसानी से इंटरनेट पर या किसी भजन संग्रह में पा सकते हैं। ध्यान रखें अन्नपूर्णा देवी के बारे में कुछ और क्या आप अन्नपूर्णा देवी के बारे में और जानना चाहते हैं? अन्नपूर्णा आरती (Annapurna Aarti) बारम्बार प्रणाम,मैया बारम्बार प्रणाम । जो नहीं ध्यावे तुम्हें अम्बिके,कहां उसे विश्राम ।अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो,लेत होत सब काम ॥ बारम्बार प्रणाम,मैया बारम्बार प्रणाम । प्रलय युगान्तर और जन्मान्तर,कालान्तर तक नाम ।सुर सुरों की रचना करती,कहाँ कृष्ण कहाँ राम ॥ बारम्बार प्रणाम,मैया बारम्बार प्रणाम । चूमहि चरण चतुर चतुरानन,चारु चक्रधर श्याम ।चंद्रचूड़ चन्द्रानन चाकर,शोभा लखहि ललाम ॥ बारम्बार प्रणाम,मैया बारम्बार प्रणाम । देवि देव! दयनीय दशा में,दया-दया तब नाम ।त्राहि-त्राहि शरणागत वत्सल,शरण रूप तब धाम ॥ बारम्बार प्रणाम,मैया बारम्बार प्रणाम । श्रीं, ह्रीं श्रद्धा श्री ऐ विद्या,श्री क्लीं कमला काम ।कांति, भ्रांतिमयी, कांति शांतिमयी,वर दे तू निष्काम ॥ बारम्बार प्रणाम,मैया बारम्बार प्रणाम ।॥ माता अन्नपूर्णा की जय ॥

Annapurna Aarti:अन्नपूर्णा आरती Read More »

Khatu Shyam Aarti:खाटू श्याम आरती

Khatu Shyam Aarti:खाटू श्याम आरती के लाभ Khatu Shyam Aarti:खाटू श्याम जी की आरती करना भक्तों के लिए एक अत्यंत पवित्र अनुष्ठान है। Khatu Shyam Aarti बाबा श्याम की कृपा पाने और उनके आशीर्वाद से लाभान्वित होने के लिए भक्त नियमित रूप से उनकी आरती करते हैं। खाटू श्याम आरती के कई लाभ हैं, जिनमें शामिल हैं: Khatu Shyam Aarti:खाटू श्याम आरती का जाप कैसे करें ध्यान रखें Khatu Shyam Aarti:क्या आप खाटू श्याम जी के बारे में और जानना चाहते हैं? अन्य जानकारी Khatu Shyam Aarti:खाटू श्याम आरती ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे ।खाटू धाम विराजत,अनुपम रूप धरे॥ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे । रतन जड़ित सिंहासन,सिर पर चंवर ढुरे ।तन केसरिया बागो,कुण्डल श्रवण पड़े ॥ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे । गल पुष्पों की माला,सिर पार मुकुट धरे ।खेवत धूप अग्नि पर,दीपक ज्योति जले ॥ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे । मोदक खीर चूरमा,सुवरण थाल भरे ।सेवक भोग लगावत,सेवा नित्य करे ॥ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे । झांझ कटोरा और घडियावल,शंख मृदंग घुरे ।भक्त आरती गावे,जय-जयकार करे ॥ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे । जो ध्यावे फल पावे,सब दुःख से उबरे ।सेवक जन निज मुख से,श्री श्याम-श्याम उचरे ॥ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे । श्री श्याम बिहारी जी की आरती,जो कोई नर गावे ।कहत भक्त-जन,मनवांछित फल पावे ॥ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे । जय श्री श्याम हरे,बाबा जी श्री श्याम हरे ।निज भक्तों के तुमने,पूरण काज करे ॥ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे । ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे।खाटू धाम विराजत,अनुपम रूप धरे॥ॐ जय श्री श्याम हरे,बाबा जय श्री श्याम हरे ।

Khatu Shyam Aarti:खाटू श्याम आरती Read More »

Shri Ganga Aarti:श्री गंगा आरती

Shri Ganga Aarti:श्री गंगा आरती के लाभ Shri Ganga Aarti:श्री गंगा आरती एक पवित्र अनुष्ठान है जो माँ गंगा की पूजा में किया जाता है। यह न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है बल्कि इसके कई लाभ भी हैं। गंगा आरती करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक रूप से कई लाभ प्राप्त होते हैं। Shri Ganga Aarti:श्री गंगा आरती के प्रमुख लाभ Shri Ganga Aarti:गंगा आरती करने का तरीका कब करें ध्यान रखें निष्कर्ष Shri Ganga Aarti:श्री गंगा आरती एक ऐसा अनुष्ठान है जो व्यक्ति को आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक रूप से कई लाभ प्रदान करता है। यह न केवल व्यक्ति के जीवन में बल्कि समाज के लिए भी लाभदायक है। Shri Ganga Aarti:क्या आप गंगा आरती के बारे में और कुछ जानना चाहते हैं? Shri Ganga Aarti:श्री गंगा आरती ॥ श्री गंगा मैया आरती ॥नमामि गंगे ! तव पाद पंकजम्,सुरासुरैः वंदित दिव्य रूपम् ।भक्तिम् मुक्तिं च ददासि नित्यं,भावानुसारेण सदा नराणाम् ॥ हर हर गंगे, जय माँ गंगे,हर हर गंगे, जय माँ गंगे ॥ ॐ जय गंगे माता,श्री जय गंगे माता ।जो नर तुमको ध्याता,मनवांछित फल पाता ॥ चंद्र सी जोत तुम्हारी,जल निर्मल आता ।शरण पडें जो तेरी,सो नर तर जाता ॥॥ ॐ जय गंगे माता..॥ पुत्र सगर के तारे,सब जग को ज्ञाता ।कृपा दृष्टि तुम्हारी,त्रिभुवन सुख दाता ॥॥ ॐ जय गंगे माता..॥ एक ही बार जो तेरी,शारणागति आता ।यम की त्रास मिटा कर,परमगति पाता ॥॥ ॐ जय गंगे माता..॥ आरती मात तुम्हारी,जो जन नित्य गाता ।दास वही सहज में,मुक्त्ति को पाता ॥॥ ॐ जय गंगे माता..॥ ॐ जय गंगे माता,श्री जय गंगे माता ।जो नर तुमको ध्याता,मनवांछित फल पाता ॥ ॐ जय गंगे माता,श्री जय गंगे माता ।

Shri Ganga Aarti:श्री गंगा आरती Read More »

Durga Maa Kali Aarti:जगदम्बे काली आरती 

Durga Maa Kali Aarti:जगदम्बे काली आरती के लाभ Durga Maa Kali Aarti:जगदम्बे काली की आरती करना एक पवित्र अनुष्ठान है जो भक्तों को अनेक लाभ प्रदान करता है। माँ काली, शक्ति की देवी हैं और उनका स्वरूप अत्यंत उग्र और दिव्य है। उनकी आराधना करने से भक्तों को निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं: Durga Maa Kali Aarti:जगदम्बे काली आरती का जाप कैसे करें Durga Maa Kali Aarti:जगदम्बे काली आरती के बोल Durga Maa Kali Aarti:आप जगदम्बे काली आरती के बोल आसानी से इंटरनेट पर या किसी भजन संग्रह में पा सकते हैं। ध्यान रखें क्या आप जगदम्बे काली के बारे में और जानना चाहते हैं? Durga Maa Kali Aarti:जगदम्बे काली आरती माँ दुर्गे का साप्ताहिक दिन शुक्रवार, दोनों नवरात्रि, अष्टमी, माता की चौकी एवं जगराते में सबसे अधिक गाई जाने वाली आरती। अम्बे तू है जगदम्बे काली,जय दुर्गे खप्पर वाली ।तेरे ही गुण गाये भारती,ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥ तेरे भक्त जनो पर,भीर पडी है भारी माँ ।दानव दल पर टूट पडो,माँ करके सिंह सवारी ।सौ-सौ सिंहो से बलशाली,अष्ट भुजाओ वाली,दुष्टो को पलमे संहारती ।ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥ अम्बे तू है जगदम्बे काली,जय दुर्गे खप्पर वाली ।तेरे ही गुण गाये भारती,ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥ माँ बेटे का है इस जग मे,बडा ही निर्मल नाता ।पूत – कपूत सुने है पर न,माता सुनी कुमाता ॥सब पे करूणा दरसाने वाली,अमृत बरसाने वाली,दुखियो के दुखडे निवारती ।ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥ अम्बे तू है जगदम्बे काली,जय दुर्गे खप्पर वाली ।तेरे ही गुण गाये भारती,ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥ नही मांगते धन और दौलत,न चांदी न सोना माँ ।हम तो मांगे माँ तेरे मन मे,इक छोटा सा कोना ॥सबकी बिगडी बनाने वाली,लाज बचाने वाली,सतियो के सत को सवांरती ।ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥ अम्बे तू है जगदम्बे काली,जय दुर्गे खप्पर वाली ।तेरे ही गुण गाये भारती,ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥—– Addition —-चरण शरण मे खडे तुम्हारी,ले पूजा की थाली ।वरद हस्त सर पर रख दो,मॉ सकंट हरने वाली ।मॉ भर दो भक्ति रस प्याली,अष्ट भुजाओ वाली,भक्तो के कारज तू ही सारती ।ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥ अम्बे तू है जगदम्बे काली,जय दुर्गे खप्पर वाली ।तेरे ही गुण गाये भारती,ओ मैया हम सब उतरें, तेरी आरती ॥

Durga Maa Kali Aarti:जगदम्बे काली आरती  Read More »

विन्ध्येश्वरी आरती:Sun Meri Devi Parvat Vasani

विन्ध्येश्वरी आरती के लाभ विन्ध्येश्वरी आरती माता हिमालय की पुत्री और आदि शक्ति का एक स्वरूप हैं। उनकी आराधना करने से भक्तों को अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। विन्ध्येश्वरी आरती का नियमित रूप से जाप करने से निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं: विन्ध्येश्वरी आरती का जाप कैसे करें विन्ध्येश्वरी आरती के बोल आप विन्ध्येश्वरी आरती के बोल आसानी से इंटरनेट पर या किसी भजन संग्रह में पा सकते हैं। ध्यान रखें क्या आप विन्ध्येश्वरी माता के बारे में और जानना चाहते हैं? Sun Meri Devi Parvat Vasani:विन्ध्येश्वरी आरती भक्त इन पंक्तियां को स्तुति श्री हिंगलाज माता और श्री विंध्येश्वरी माता की आरती के रूप मे प्रयोग करते हैं: सुन मेरी देवी पर्वतवासनी ।कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ पान सुपारी ध्वजा नारियल ।ले तेरी भेंट चढ़ायो माँ ॥सुन मेरी देवी पर्वतवासनी ।कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ सुवा चोली तेरी अंग विराजे ।केसर तिलक लगाया ॥ सुन मेरी देवी पर्वतवासनी ।कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ नंगे पग मां अकबर आया ।सोने का छत्र चडाया ॥सुन मेरी देवी पर्वतवासनी ।कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ ऊंचे पर्वत बनयो देवालाया ।निचे शहर बसाया ॥ सुन मेरी देवी पर्वतवासनी ।कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ सत्युग, द्वापर, त्रेता मध्ये ।कालियुग राज सवाया ॥सुन मेरी देवी पर्वतवासनी ।कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ धूप दीप नैवैध्य आर्ती ।मोहन भोग लगाया ॥ सुन मेरी देवी पर्वतवासनी ।कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥ ध्यानू भगत मैया तेरे गुन गाया ।मनवंचित फल पाया ॥सुन मेरी देवी पर्वतवासनी ।कोई तेरा पार ना पाया माँ ॥

विन्ध्येश्वरी आरती:Sun Meri Devi Parvat Vasani Read More »

Shri Deviji Ki Aarti:श्रीदेवीजी की आरती

Shri Deviji Ki Aarti:श्रीदेवी जी की आरती के लाभ Shri Deviji Ki Aarti:श्रीदेवी जी की आरती करना एक पवित्र अनुष्ठान है जिसके कई लाभ माने जाते हैं। हिंदू धर्म में, देवी-देवताओं की आरती करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक शक्ति और मानसिक शांति प्राप्त होती है। Deviji Ki Aarti श्रीदेवी जी, लक्ष्मी जी का ही एक रूप हैं, जो धन, वैभव और समृद्धि की देवी मानी जाती हैं। उनकी आरती करने से निम्नलिखित लाभ हो सकते हैं: Shri Deviji Ki Aarti:श्रीदेवी जी की आरती करने का तरीका: ध्यान रखें Shri Deviji Ki Aarti:श्रीदेवी जी की आरती के बोल आप आसानी से इंटरनेट पर या किसी भजन संग्रह में पा सकते हैं। अस्वीकरण: यह जानकारी सामान्य जानकारी के लिए है Deviji Ki Aarti और किसी भी तरह से चिकित्सा या पेशेवर सलाह नहीं है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान को करने से पहले अपने गुरु या पंडित से सलाह लेना उचित होगा। क्या आप श्रीदेवी जी की आरती के बारे में कुछ और जानना चाहते हैं? Shri Deviji Ki Aarti:श्रीदेवीजी की आरती जगजननी जय! जय!!माँ! जगजननी जय! जय!!भयहारिणि, भवतारिणि,माँ भवभामिनि जय! जय ॥जगजननी जय जय..॥ तू ही सत-चित-सुखमय,शुद्ध ब्रह्मरूपा ।सत्य सनातन सुन्दर,पर-शिव सुर-भूपा ॥जगजननी जय जय..॥ आदि अनादि अनामय,अविचल अविनाशी ।अमल अनन्त अगोचर,अज आनँदराशी ॥जगजननी जय जय..॥ अविकारी, अघहारी,अकल, कलाधारी ।कर्त्ता विधि, भर्त्ता हरि,हर सँहारकारी ॥जगजननी जय जय..॥ तू विधिवधू, रमा,तू उमा, महामाया ।मूल प्रकृति विद्या तू,तू जननी, जाया ॥जगजननी जय जय..॥ राम, कृष्ण तू, सीता,व्रजरानी राधा ।तू वांछाकल्पद्रुम,हारिणि सब बाधा ॥जगजननी जय जय..॥ दश विद्या, नव दुर्गा,नानाशस्त्रकरा ।अष्टमातृका, योगिनि,नव नव रूप धरा ॥जगजननी जय जय..॥ तू परधामनिवासिनि,महाविलासिनि तू ।तू ही श्मशानविहारिणि,ताण्डवलासिनि तू ॥जगजननी जय जय..॥ सुर-मुनि-मोहिनि सौम्या,तू शोभाऽऽधारा ।विवसन विकट-सरुपा,प्रलयमयी धारा ॥जगजननी जय जय..॥ तू ही स्नेह-सुधामयि,तू अति गरलमना ।रत्‍‌नविभूषित तू ही,तू ही अस्थि-तना ॥जगजननी जय जय..॥ मूलाधारनिवासिनि,इह-पर-सिद्धिप्रदे ।कालातीता काली,कमला तू वरदे ॥जगजननी जय जय..॥ शक्ति शक्तिधर तू ही,नित्य अभेदमयी ।भेदप्रदर्शिनि वाणी,विमले! वेदत्रयी ॥जगजननी जय जय..॥ हम अति दीन दुखी माँ!,विपत-जाल घेरे ।हैं कपूत अति कपटी,पर बालक तेरे ॥जगजननी जय जय..॥ निज स्वभाववश जननी!,दयादृष्टि कीजै ।करुणा कर करुणामयि!चरण-शरण दीजै ॥जगजननी जय जय..॥ जगजननी जय! जय!!माँ! जगजननी जय! जय!!भयहारिणि, भवतारिणि,माँ भवभामिनि जय! जय ॥जगजननी जय जय..॥

Shri Deviji Ki Aarti:श्रीदेवीजी की आरती Read More »

Dream Science:ये 10 चीजें सपने में दिखे तो होगी पैसों की बारिश, जीवन में सुख समृद्धि का संकेत

 Dream Science:सपने हमारे मन, भावनाओं, चिंताओं, अनुभवों और दैहिक स्वास्थ्य की अवस्था का प्रतिबिम्ब होते हैं। सपने हमें एक अलग दुनिया में ले जाते हैं। ये विभिन्न भावनाओं या घटनाओं का परिचायक हो सकते हैं। सपने विशेष रूप से रेम (रैपिड आई मूवमेंट) नींद के समय दिखाई देते हैं, जो गहरी नींद की स्थिति में होती है। माना जाता है कि कई सपने भविष्य का संकेत भी देते हैं। हालांकि इसका वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है लेकिन दुनियाभर में अलग अलग स्थानों पर वहां की धारणाओं और धार्मिक मान्यताओं के आधार पर सपनों को अलग अलग तरह से परिभाषित किया गया है। Dream Science:इस सपनों से मिलते हैं शुभ संकेत हमारे यहां ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर सपने का कोई न कई अर्थ होता है। मान्यता है कि ब्रह्म मुहूर्त में देखे गए सपने विशेष रूप से फलदायी होते हैं। सपनों के भी शुभ और अशुभ दोनों संकेत बताए गए हैं। कुछ वस्तुएं या घटनाएं देखना अच्छा माना गया है और इसे भविष्य के लिए शुभ संकेत बताया गया है। आज हम जानेंगे कि किस तरह के सपने देखना शुभ माना जाता है। Dream Science:सपने में दिखने वाली 10 चीजें जो धन और समृद्धि का संकेत देती हैं सपने हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। कई बार सपनों में देखी गई चीजें हमारे जीवन में आने वाले अच्छे या बुरे समय का संकेत देती हैं। Dream Science खासकर जब बात धन और समृद्धि की हो, तो कुछ विशेष सपने हमें संकेत देते हैं कि हमारे जीवन में सुख-समृद्धि और पैसों की बारिश होने वाली है। आइए जानते हैं उन 10 चीजों के बारे में, जो सपने में दिखने पर आपके जीवन में धन और समृद्धि के आने का संकेत देती हैं। 1. सफेद हाथी सपने में सफेद हाथी दिखना बहुत शुभ माना जाता है। यह संकेत देता है कि आपके जीवन में जल्द ही धन और वैभव की प्राप्ति होगी। सफेद हाथी को राजा-महाराजाओं का प्रतीक माना गया है और यह आपके लिए समृद्धि का द्वार खोल सकता है। 2. सोने-चांदी के गहने यदि आप सपने में सोने-चांदी के गहने देखते हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि आपके घर में धन-धान्य की कोई कमी नहीं होगी। यह आर्थिक उन्नति और संपत्ति में वृद्धि का प्रतीक है। 3. पानी का साफ और शांत प्रवाह सपने में बहते हुए साफ और शांत पानी को देखना भी बहुत शुभ होता है। Dream Science यह आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक लाभ के संकेत देता है। 4. हरे-भरे खेत हरे-भरे खेतों को सपने में देखना शुभ होता है। यह इस बात का संकेत है कि आपके प्रयास सफल होंगे और आपको आर्थिक लाभ मिलेगा। Dream Science यह सुख-शांति और समृद्धि का प्रतीक है। 5. मंदिर या पूजा स्थल सपने में मंदिर या पूजा स्थल का दिखना शुभ माना जाता है। Dream Science इसका मतलब है कि आपके जीवन में आध्यात्मिक उन्नति के साथ-साथ धन और समृद्धि का आगमन होगा। 6. स्वर्ण मुद्रा या सिक्के यदि आप अपने सपने में सोने की मुद्राएं या सिक्के देखते हैं, तो यह बहुत ही शुभ संकेत है। यह धन-संपत्ति में वृद्धि और आर्थिक स्थिरता का प्रतीक है। 7. मछली सपने में मछली दिखना भी शुभ माना जाता है। Dream Science खासकर यदि आप सपने में जीवित और तैरती हुई मछली देखते हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि आपके जीवन में जल्द ही आर्थिक प्रगति होगी। 8. गाय सपने में गाय का दिखना शुभ माना जाता है। गाय को धन और संपत्ति का प्रतीक माना जाता है। यह इस बात का संकेत है कि आपके घर में सुख-शांति और आर्थिक समृद्धि आएगी। 9. हरे पौधे या पेड़ यदि आप सपने में हरे-भरे पेड़ या पौधे देखते हैं, Dream Science तो यह आपके जीवन में स्थिरता और समृद्धि का संकेत देता है। यह आपके व्यवसाय या नौकरी में उन्नति का भी प्रतीक हो सकता है। 10. चमकदार सूर्य सपने में चमकता हुआ सूर्य देखना बहुत ही शुभ होता है। Dream Science यह इस बात का संकेत है कि आपके जीवन में नई शुरुआत होगी और आपको आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी। इन संकेतों का महत्व सपनों का हमारे जीवन में गहरा प्रभाव पड़ता है। ये संकेत हमें बताते हैं कि हमें किस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि, इन सपनों के आधार पर अपने जीवन के फैसले लेने से पहले अपनी मेहनत और ईमानदारी को न भूलें। सपनों को सकारात्मक रूप से लें सपनों का सही अर्थ तभी निकलता है जब आप उन्हें सकारात्मक रूप से लेते हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी सपना बार-बार दिखता है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आपके जीवन में जल्द ही बड़ी आर्थिक सफलता आने वाली है। निष्कर्ष सपने हमारे अवचेतन मन का प्रतिबिंब होते हैं। वे हमें जीवन के विभिन्न पहलुओं के बारे में जागरूक करते हैं। यदि आप इन शुभ संकेतों को समझकर उनके अनुसार काम करेंगे, तो निश्चित ही आपके जीवन में धन और समृद्धि का आगमन होगा। (डिस्क्लेमर : ये लेख विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त जानकारियों पर आधारित है। KARMASU.IN इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।)

Dream Science:ये 10 चीजें सपने में दिखे तो होगी पैसों की बारिश, जीवन में सुख समृद्धि का संकेत Read More »

Shri Gaumata Aarti:गौमता आरती

Shri Gaumata Aarti:गौ माता की आरती के लाभ Shri Gaumata Aarti:गौ माता को हिंदू धर्म में माँ के समान माना जाता है। गौ माता की पूजा करने और उनकी आरती करने से व्यक्ति को अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। Shri Gaumata Aarti:गौ माता की आरती के प्रमुख लाभ: Shri Gaumata Aarti:गौ माता की आरती क्यों महत्वपूर्ण है? Shri Gaumata Aarti:गौ माता की आरती कैसे करें? गौ माता की आरती करने के लिए आप किसी भी शुभ मुहूर्त में बैठकर गौ माता की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाकर आरती कर सकते हैं। आरती के दौरान आप गौ माता के मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं। नोट: गौ माता की सेवा करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप गौशाला में जाकर गौ माता की सेवा करें। निष्कर्ष: Shri Gaumata Aarti:गौ माता की आरती करने से व्यक्ति को अनेक लाभ प्राप्त होते हैं। इसलिए हमें गौ माता की सेवा करनी चाहिए और उनकी आरती नियमित रूप से करनी चाहिए। Shri Gaumata Aarti:गौमता आरती श्री गौमता जी की आरतीआरती श्री गैय्या मैंय्या की,आरती हरनि विश्‍व धैय्या की ॥ अर्थकाम सद्धर्म प्रदायिनि,अविचल अमल मुक्तिपददायिनि ।सुर मानव सौभाग्य विधायिनि,प्यारी पूज्य नंद छैय्या की ॥ आरती श्री गैय्या मैंय्या की,आरती हरनि विश्‍व धैय्या की ॥ अख़िल विश्‍व प्रतिपालिनी माता,मधुर अमिय दुग्धान्न प्रदाता ।रोग शोक संकट परित्राता,भवसागर हित दृढ़ नैय्या की ॥ आरती श्री गैय्या मैंय्या की,आरती हरनि विश्‍व धैय्या की ॥ आयु ओज आरोग्य विकाशिनि,दुख दैन्य दारिद्रय विनाशिनि ।सुष्मा सौख्य समृद्धि प्रकाशिनि,विमल विवेक बुद्धि दैय्या की ॥ आरती श्री गैय्या मैंय्या की,आरती हरनि विश्‍व धैय्या की ॥ सेवक जो चाहे दुखदाई,सम पय सुधा पियावति माई ।शत्रु मित्र सबको दुखदायी,स्नेह स्वभाव विश्‍व जैय्या की ॥ आरती श्री गैय्या मैंय्या की,आरती हरनि विश्‍व धैय्या की ॥ आरती श्री गैय्या मैंय्या की,आरती हरनि विश्‍व धैय्या की ॥

Shri Gaumata Aarti:गौमता आरती Read More »