हरसिद्धि माता मंदिर:इंदौर, मध्य प्रदेश, भारत

इसे शहर का सबसे पुरातन मंदिर माना जाता है। हरसिद्धि माता मंदिर, भारत के मध्य प्रदेश राज्य के इंदौर शहर में स्थित है। इसे शहर का सबसे पुरातन मंदिर माना जाता है। हरसिद्धि माता मंदिर के दाई और एक पुराना सा खंडहर भी बना है जिसे रुक्मणी देवी का मंदिर कहा जाता है जो पुरातत्व विभाग के देख-रेख में संचालित होता है। हरसिद्धि माता मंदिर में मुंडन संस्कार से लेकर शादी समारोह का आयोजन भी होता है। मंदिर के पुजारी के अनुसार वर्ष में दो बार चैत्र नवरात्रि की दशमी और अश्विन मास की दशमी को मां का विशेष श्रृंगार किया जाता है। भक्तगण इस दिन मां के दर्शन सिंहवाहिनी के रूप में करते हैं। Harsiddhi Mata Temple:हरसिद्धि माता मंदिर का इतिहास हरसिद्धि माता मंदिर का निर्माण देवी अहिल्याबाई होलकर ने 21 मार्च 1766 को कराया था। तब यहाँ उनके पुत्र श्रीमंत मालेरावजी का शासन था। मंदिर में स्थापित देवी की दिव्य मूर्ति पूर्वाभिमुखी महिषासुर मर्दिनी मुद्रा में है। मंदिर परिसर में बाद में निर्मित शंकरजी व हनुमान जी के मंदिर भी हैं। मंदिर के सामने कभी एक पक्की बाव़ड़ी हुआ करती थी। माँ की मूर्ति इसी बाव़ड़ी से मिली थी। मंदिर का महत्व लोगों की मान्यता है कि यहाँ पूजा करने से शरीर पर निकलने वाले दाने, जिन्हें स्थानीय बोलचाल में (माता) कहते हैं, नहीं निकलते। देवी हरसिद्धि के नेत्र अलग से लगाए हैं। प्रतिमा के जो नेत्र हैं वह थोड़े छोटे हैं। कई वर्षों से उन्हें मीनाकार (मछली के आकार की) नेत्र लगाए जा रहे हैं। यह नेत्र नाथद्वारा से आते हैं। चांदी पर मीना लगाकर इन नेत्रों को तैयार किया जाता है। खास बात यह है कि इन नेत्रों को लगाने के लिए किसी भी केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता। नेत्रों को लगाने के लिए मधुमक्खी के छत्ते से निर्मित मेंढ लगाया जाता है। मंदिर की वास्तुकला हरसिद्धि माता मंदिर मराठा शैली में बना है। मंदिर में देवी हरसिद्धि, देवी महालक्ष्मी और देवी सिद्धिदात्री विराजमान है। देवियों की प्रतिमाएं भी काफी विशेष है। दिर का निर्माण वास्तु के अनुरूप किया गया है।सूर्योदय के समय सूर्य की किरणें मूर्ति पर पड़ती हैं। परिसर में अष्ट भैरव स्थापित है। मंदिर में हरसिद्धि देवी का महिषासुर मर्दिनी के रूप में है। चारभुजाधारी देवी के दाए हाथों में से एक में तलवार और दूसरे में त्रिशुल है जबकि बाए हाथों में से एक में घंटी और दूसरे में नरमुंड है। हरसिद्धि देवी की संगमरमर की यह प्रतिमा करीब चार फीट की है। इसी प्रकार मंदिर में विराजित महालक्ष्मी की प्रतिमा भी कुछ खास है। हरसिद्धि माता मंदिर में महालक्ष्मी की प्रतिमा काले पाषाण की है। यह प्रतिमा करीब ढ़ाई फीट की है। देवी के एक हाथ में अमृत तो दूसरे हाथ में पद्मपुष्प (कमल) है। जबकि तीसरी प्रतिमा सिद्धिदात्री की है, जो बिलकुल देवी हरसिद्धि के रुप से मिलती जुलती है। सिद्धिदात्रि की यह प्रतिमा संगमरमर की है। चारभुजाधारी इस प्रतिमा के दाए हाथों में से एक में खट्ग और त्रिशुल है, जबकि बाए हाथों में से एक में ढाल और दूसरे में मुंड है। मंदिर का समय मंदिर खुलने का समय 05:30 AM – 09:00 PM श्रृंगार आरती 08:30 AM – 09:15 AM सुबह की आरती 05:30 AM – 06:00 AM सायंकाल आरती 07:30 PM – 08:15 PM मंदिर का प्रसाद हरसिद्धि माता मंदिर में मां को फल, लड्डू, ड्राई फ्रूट्स और पेड़े का भोग चढ़ाते है। कुछ श्रद्धालु माता को अपनी श्रद्धा के अनुसार पूड़ी-सब्जी का भोग भी लगाते हैं।

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Ganesh Ji Ko Prasann Karne Ke Upay: भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए बुधवार के दिन करें ये आसान उपाय

Ganesh Ji Ko Prasann Karne Ke Upay:भगवान गणेश प्रथम पूजनीय देव हैं। किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा- अर्चना की जाती है। बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित होता है। इस दिन विधि- विधान से भगवान गणेश…. Budhwar ke totke:हिन्दू धर्म में हर एक दिन किसी न किसी देवी या देवता का माना जाता है. जैसे सोमवार भगवान शिव के लिए, तो मंगलवार हनुमानजी के लिए वैसे ही बुधवार भगवान गणेशजी के लिए माना जाता है. कहा जाता है, बुधवार के दिन गणेश जी की पूजा करने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं. आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं Budhwar Upay: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश को प्रथम देव माना गया है Ganesh Ji Ko Prasann Karne Ke Upay यानि की कोई भी शुभ कार्य हो या मांगलिक कार्य या प्रतिदिन होने वाली सामान्य पूजा , सभी तरह की पूजा में सबसे पहले गणेश जी की ही पूजा की जाती है,उसके बाद ही अन्य देवताओं का पूजन किया जाता है. बुधवार का दिन भगवान गणेश जी का दिन माना जाता है. मान्यता है कि बुधवार के दिन विधिविधान के साथ Ganesh ji का पूजन करने से गणेश जी सभी कष्टों से मुक्ति प्रदान करते हैं और मनोकामनाएं पूरी करते हैं ,साथ ही अगर किसी शुभ कार्य में रुकावट आ रही है तो वो रुकावट भी गणेश जी की कृपा से शीघ्र दूर हो जाती है. आइए जानते हैं बुधवार के दिन किस तरह गणेश जी का पूजन करने से बिगड़े काम बनते हैं और मांगी गई मनोकामनाएं पूरी होती हैं. Solutions to remove obstacles and problems in work:कार्य में बाधा और परेशानी दूर करने के लिए उपाय अगर जीवन में कई तरह की बाधाएं आ रहीं हों या परेशानियां साथ न छोड़ रहीं हों इससे निजात पाने के Ganesh Ji Ko Prasann Karne Ke Upay लिए प्रत्येक बुधवार के दिन गाय को हरी ताजी घास खिलाएं. इससे जीवन में आ रही परेशानियां दूर होंगी और घर में सुख- शांति का वास होगा. Remedies for Mercury being weak:बुध ग्रह कमजोर हो तो इसके लिए उपाय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुधवार के दिन हरे रंग के कपड़े पहनना मंगलकारी माना जाता है और अगर आपकी कुंडली में बुध ग्रह कमजोर है तो इसके लिए हमेशा अपने पास हरे रंग का रूमाल रखें. Ganesh Ji Ko Prasann Karne Ke Upay और बुधवार के दिन हरी मूंग की दाल और हरे वस्त्रों का दान किसी जरूरतमंद को दें, इससे आपकी कुंडली में बुध मजबूत होगा. Ganesh Ji Ko Prasann Karne Ke Upay:मनोकामना पूर्ति के लिए उपाय धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर आपके मन में कोई मनोकामना है तो उसकी पूर्ति के लिए प्रत्येक बुधवार के दिन गणेश जी के मंदिर जाएं और बार बार उनके सामने मनोकामना की पूर्ति के लिए अनुरोध करें,ऐसा तबतक करें जब तक की आपकी मनोकामना पूरी नहीं हो जाती. Remedies for happiness and peace at home:घर में सुख शांति के लिए उपाय दूर्वा भगवान गणेश को बहुत ज्यादा प्रिय मानी जाती है Ganesh Ji Ko Prasann Karne Ke Upay इसलिए प्रत्येक बुधवार को 21 दूर्वा गणेश जी को अर्पित करना बेहद कल्याणकारी माना जाता है. ऐसा करने से घर में सुख एवं शांति का वास होता है. Remedies to remove mental disturbance:मन की अशांति दूर करने के लिए उपाय अगर मन अशांत रहता हो तो मन की शांति के लिए प्रत्येक बुधवार के दिन गणेश जी को शमी के पत्ते अर्पित करें ,Ganesh Ji Ko Prasann Karne Ke Upay ऐसा करने से मानसिक कष्ट दूर होते हैं. Tips for success in work:कार्य में सफलता के लिए उपाय बुधवार के दिन गणेश जी की पूजा के समय गणेश जी को सिंदूर का तिलक लगाएं इसके बाद अपने और परिवार के लोगो को भी तिलक लगाएं. माना जाता है कि ऐसा करने से सभी कार्य पूर्ण होते हैं. keep modak in prasad:प्रसाद में मोदक रखें गणेश जी को मोदक अति प्रिय हैं इसलिए उनकी पूजा में खासकर बुधवार के दिन प्रसाद में मोदक का भोग गणेशजी को लगाए ,इससे गणेश भगवान प्रसन्न होते हैं. Offer Durva to Lord Ganesha:भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें भगवान गणेश को दूर्वा घास अति प्रिय होती है। भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए उन्हें दूर्वा घास जरूर अर्पित करें। जो भक्त भगवान गणेश को दूर्वा घास अर्पित करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। Ganesh Ji Ko Prasann Karne Ke Upay आप रोजाना भी भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित कर सकते हैं। अगर आपके कार्यों में बार- बार विघ्न आ जाता है तो भगवान गणेश को दूर्वा जरूर अर्पित करें। ऐसा करने से आपके कार्यों के विघ्न दूर हो जाएंगे। Apply vermillion to Lord Ganesha:भगवान गणेश को सिंदूर लगाएं भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए उन्हें सिंदूर भी लगाएं। Ganesh Ji Ko Prasann Karne Ke Upay सिंदूर लगाने से गणपित भगवान प्रसन्न होते हैं। भगवान गणेश को सिंदूर लगाने के बाद अपने माथे में भी सिंदूर लगा लें। भगवान गणेश को सिंदूर लगाने से आरोग्य की प्राप्ति होती है। आप रोजाना भी भगवान गणेश को सिंदूर लगा सकते हैं।

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Sapne Me Nandi Bail Ko Dekhna:सपने में नंदी बैल को देखना शुभ या अशुभ? जानिए क्या कहता है स्वप्न शास्त्र

Sapne Me Nandi Bail Ko Dekhna:रात में सोते हुए समय सपने देखना हर व्यक्ति के लिए आम बात है. स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने में नंदी बैल दिखाई देना बहुत शुभ माना गया है. यह सपना घर में सुख-शांति आने का संकेत देता है. आइए जानते हैं, इस सपने के संकेतों के बारे में…  Sapne Me Nandi Bail Ko Dekhna:दोस्तों हम जब रात को सोते है तो गहरी नींद के बाद हमे जो दिखाई देता है वो है सपना। सपने में हम कुछ न कुछ देखते है कभी हमे अच्छा सपना आता है तो कभी बुरा जिसे देखके हम सोच में पड जाते है आखिर ऐसे सपने का मतलब क्या होता है। अगर अच्छा सपना होता है तो हम खुश हो जाते है और बुरा होता है तो डर लगता है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने हमे आने वाले भविष्य में क्या होने वाला है उसकी और इशारा करता है। सपना अगर देवी देवता का हो तो हमे कोई न कोई संकेत देने के लिए सपने में आते है। Sapne Me Nandi Bail Ko Dekhna:सपने में नंदी देखने का मतलब स्वप्न शास्त्र के अनुसार, अगर सपने में नंदी बैल देखा है Sapne Me Nandi Bail Ko Dekhna तो इसका मतलब ये है आपके जीवन में नए काम की शुरुआत होगी. इसके बाद आपका जीवन सुखमय हो जाएगा. आपको शिव और पार्वती की पूजा अवश्य करनी चाहिए ताकि आपको इस सपने का पूरा लाभ मिल सके और आप भी एक सुखमय जीवन का लाभ ले सकें. Nandi indicates happiness and prosperity:सुख-समृद्धि का संकेत देता है नंदी स्वप्न शास्त्र के अनुसार, अगर सपने में आपको नंदी बैल दिखाई देता है तो इसका एक खास मतलब होता है. इस सपने को शुभ माना गया है. यह सपना शांति, समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक है. अगर आप सपने में भगवान शिव नंदी पर सवार हैं Sapne Me Nandi Bail Ko Dekhna तो इसका मतलब है कि आपको सफलता, तरक्की और मान-सम्मान मिलने वाला है.  Meaning of Nandi bull in a pregnant woman’s dream:गर्भवती स्त्री के सपने में नंदी बैल आने का मतलब  स्वप्न शास्त्र के अनुसार, अगर किसी गर्भवती स्त्री को सपने में नंदी दिखाई देते है तो इसे काफी शुभ माना जाता है. Sapne Me Nandi Bail Ko Dekhna इसका मतलब है कि आपको भाग्यशाली संतान की प्राप्ति होगी. इस तरह के सपने धन वृद्धि के संकेत भी देते हैं. Killing a white bull in a dream:सपने में सफेद बैल का मारना स्वप्न शास्त्र के अनुसार, एक सफेद बैल के मारने का सपना देखना कोई असामान्य घटना नहीं है. Sapne Me Nandi Bail Ko Dekhna यह छिपी हुई आक्रामकता, अनसुलझे क्रोध या खुद को अभिव्यक्त करने की दबी हुई इच्छा का प्रतिनिधित्व कर सकता है.  सपने में नंदी बैल की पूजा करना (Sapne Me Nandi Bail Ki Puja Karna) सपने में नंदी बैल की पूजा करना ऐसा सपना आना इंसान के जीवन में शुभ दिनों की शरुआत का संकेत देता है। इस सपने का मतलब है की जिस इंसान के पास नौकरी नहीं है कोई काम नहीं है तो जल्द ही आपको बड़ी जगह पर काम मिल जायेगा। Sapne Me Nandi Bail Ko Dekhna अगर व्यक्ति सच्चे मन से काम करेगा तो उसकी तरक्की भी हो सकती जिससे परिवार की स्थिति में सुधार आ सकता है। श्रावण मास में सपने में नंदी बैल की पूजा करने से सारे दुःख दूर हो जाते है नंदी महादेव का भक्त है तो दोनों का आशीर्वाद आप को मिलता है। नंदी हमेशा महादेव के साथ रहता है महादेव की आज्ञा का पालन करता है। Sapne Me Nandi Bail Ko Dekhna अगर आप नंदी से सच्चे मन से कुछ मांगते है तो जल्द ही आपकी मनोकामना पूर्ण हो जाएगी। सपने में नंदी बैल को कैलाश पर्वत पर देखना (Sapne Me Nandi Bail Ko Kailash Parvat Par Dekhna) सपने में नंदी बैल को कैलाश पर्वत पर देखना इसका मतलब है की इस व्यक्ति को जल्द ही उच्चाईया हासिल होगी। आप को जल्द ही कोई ऐसा कार्य करने को मिलेगा जिससे आप सबकी नजर में अच्छे इंसान बन जायेंगे। Sapne Me Nandi Bail Ko Dekhna लोगो की भलाई का कार्य करने से लोग आपका मान-सम्मान करेंगे और आपकी इज़्ज़त करेंगे। इंसान को हमेशा ऐसे कार्य करने चाहिए जिससे सबका भला हो। सपने में कैलाश पर्वत देखना भी शुभ सपना होता है कैलाश पर्वत जितनी उच्चाईया हासिल कर सकते है। इंसान अगर मन लगाकर कोई भी कार्य करेगा तो उसमे में वो तेजी से आगे बढ़ जायेगा। ऐसा सपना देखने से हर परेशानी दूर हो जाएगी। Seeing Mahadev riding Nandi in the dream:सपने में महादेव को नंदी की सवारी करते देखना स्वप्न शाश्त्र के अनुसार सपने में महादेव को नंदी की सवारी करते देखना इसका मतलब है की इंसान के जीवन में अगर विवाह को लेकर कोई परेशानी हो रही है आप को अच्छी खबर मिलने वाली है। यह सपना देखने इंसान का विवाह का योग जल्द ही मिल जाता है और उनकी परेशानी दूर हो जाती है। महादेव को नंदी के साथ देखना आपके जीवन में शुभ संकेत प्रदान करता है। सपने में नंदी बैल को गुस्से में देखना (Sapne Me Nandi Bail Ko Gusse Me Dekhna) सपने में नंदी बैल को गुस्से में देखना ऐसा सपना आना स्वप्न शास्त्र के अनुसार अशुभ माना जाता है। जिस व्यक्ति ने सपने में नंदी बैल को गुस्से में देखा है उसे आने वाले दिनों में मुसीबतो का सामना करना पड़ सकता है। Sapne Me Nandi Bail Ko Dekhna अगर इंसान ने कोई गलती की है तो भविष्य में कठिन समय आने का संकेत मिलता है जिससे परेशानी हो सकती है। इसलिए आपको नंदी बैल की पूजा करके उनसे क्षमा मांग लेनी चाहिए जिससे उसे कम परेशानी का सामना करना पड़े। अगर आपका मन सच्चा है तो वो आपको क्षमा कर देंगे और आपकी परेशानी जल्द दूर हो जाएगी। सपने में काला नंदी बैल देखना (Sapne Me Kala Nandi Bail Dekhna) सपने में काला नंदी देखना इसका मतलब है की आने वाले दिनों में व्यक्ति की आर्थिक स्थिति में उन्नति होगी तथा आपके जो भी कार्य अधूरे रह गए है वो पुरे होने का संकेत है। Sapne Me Nandi Bail Ko Dekhna इस सपने से व्यक्ति के जीवन में और उनके घर परिवार में खुशिया आएगी जिससे उनका मान सम्मान

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वैष्णो धाम मंदिर:इंदौर, मध्य प्रदेश, भारत

माता का यह मंदिर कटरा के वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर ही बना हुआ है। इंदौर मध्यप्रदेश में ऐसे भी मंदिर है जो धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्त्व रखते है। उनमे से एक है माँ वैष्णो धाम मंदिर। यह मंदिर गुरु नानक कॉलोनी लालबाग में है। जो लोग इंदौर घूमने आते है वह इस मंदिर के दर्शन करने जरूर जाते है। माता का यह मंदिर कटरा के वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर ही बना हुआ है। इस मंदिर के दर्शन करने से ऐसा लगता है मानों कटरा में स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर के साक्षात् दर्शन हो रहे हों। वैष्णो धाम मंदिर का इतिहास Vaishno Dham Temple:एक बार श्रीमती सुरिंदर कौर ग्रोवर के सपने में माँ वैष्णो माता प्रकट हुईं और उन्होंने इंदौर शहर में भव्य मंदिर निर्माण की इच्छा प्रकट की और उन्हें आशीर्वाद दिया। श्रीमती सुरिंदर कौर ग्रोवर ने माता की इच्छा अनुसार सन 2009 में मंदिर निर्माण करवाया। “वैष्णव धाम” को पूर्ण होने में चार साल का समय लगा। गुफाओं के निर्माण में सात महीनों का समय लगा। 2 अखंड ज्योति मंदिर के गर्भगृह में सदैव जलती रहती है। वैष्णो धाम मंदिर का महत्व पहाड़ियों पर गुफाओं से होते हुए मां वैष्णोदेवी के दर्शन करने से मन को असीम शांति मिलती है। गुफाओं में अंदर मां वैष्णो के दर्शन से पहले रिद्धि-सिद्धि के साथ भगवान श्री गणेश के दर्शन होते हैं। गुफाओं में जाते समय झरने, पक्षियों का कोलाहल मन को आनंदित कर देता है। गुफाओं से होते हुए शिवधाम पहुंचते हैं जहां भगवान शिव के साथ विराजमान संपूर्ण शिव परिवार के भव्य दर्शन होते हैं। माता की प्रतिमा के समीप ही परम भक्त हनुमान जी के दर्शन होते हैं। माता की तीनों पिण्डियों को कटरा से लाया गया है। साथ ही अखंड ज्योति भी कटरा से लायी गयी है। जो आज भी जल रही है। वैष्णो धाम मंदिर की वास्तुकला मंदिर की वास्तुकला हूबहू माता वैष्णो देवी के मंदिर से मिलती जुलती है। मंदिर में कई गुफाएं है। जिसमे में गुजरते हुए आप माता के दर्शन कर सकते हैं। यह गुफा भव्य और सुन्दर बनाई गई है। जिसकी खूबसूरती देखते ही बनती है। गुफा के रास्ते में आकर्षक जलप्रपात भी बने हुए हैं। जो मंदिर की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। मंदिर में महाकाली, महालक्ष्मी और महा सरस्वती पिंड स्वरुप में विराजित है। मंदिर में माता के साथ साथ अन्य देवता गणेश जी, भगवान शिव, हनुमान जी, कालभैरव और साईं बाबा भी विराजित हैं। मंदिर का समय सुबह मंदिर खुलने का समय 06:00 AM – 12:00 PM शाम को मंदिर खुलने का समय 06:00 PM – 10:00 PM मंदिर का प्रसाद वैष्णो धाम मंदिर लड्डू, पेड़ा, चना- चिरौंजी आदि का भोग लगाया जाता है। साथ ही माता को चुनरी भी चढ़ाई जाती है।

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नवग्रह शनि मंदिर:इंदौर, मध्य प्रदेश, भारत

नवग्रह शनि मंदिर में शनि देव सौम्य और प्रसन्ना मुद्रा में विराजमान है। नवग्रह शनि मंदिर शनि देव का नाम सुनते ही आम जन के मन में सबसे पहले डर बैठ जाता है। लेकिन शनि को एक न्याय प्रिय देवता माना गया है। शनि जातक को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। बुरे कुकर्म करने वालों को शनि दंडित करते हैं। अच्छे कर्म करने वालों पर शनि अपनी कृपा बरसाते हैं। नवग्रह शनि मंदिर में शनि देव सौम्य और प्रसन्ना मुद्रा में विराजमान है। सोने-चांदी के आभूषणों से शनि देव को सुसज्जित किया जाता है। जैसे राजाधिराज होते है वैसे ही उनका पूजन-अर्चन किया जाता है। शनि देव के इस स्वरूप को देख भक्तों को भय नहीं लगता है बल्कि भक्तों को प्रेम की अनुभूति होती है। शनि देव के दर्शन मात्र से ही भक्तों की मनोकामना पूर्ण हो जाती है। माना जाता है कि मंदिर में पहुंचकर नवग्रह की आराधना करने से कुंडली दोष, शनि दोष, राहु की दशा, साढ़ेसाती, ढैय्या और कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग नवग्रह शनि मंदिर में पहुंचकर शनिदेव और नवग्रह की की विशेष आराधना एक साथ करते हैं और अपने ग्रहों को शांत करते हैं। नवग्रह शनि मंदिर का इतिहास Navagraha Shani Temple:नवग्रह शनि मंदिर करीब 450 साल से भी ज्यादा पुराना है। यहं भगवान की प्रतिमा स्वयंभू है। यह भारत का एकमात्र ऐसा मंदिर है जहां भगवान शनिदेव का 16 श्रृंगार किया जाता है। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि शनि देव का नाम सुनकर लोगों के मन में भगवान की काले पाषण की प्रतिमा उत्पन्न होती है। वहीं भारत के मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित नवग्रह शनि मंदिर इसी भक्ति का उदाहरण हैं जिससे लोगों की भारी आस्था जुड़ी हुई है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग इस मंदिर में पहुंचकर नवग्रह की पूजा करते हैं। मंदिर का महत्व शनिदेव की प्रतिमा के साथ इस मंदिर में होने वाली पूजा विधि भी अनोखी है। यहां तेल से नहीं बल्कि दूध और जल से शनिदेव के प्रसन्न होने की मान्यता है। मंदिर में शनि देव को फूलों और शाही पोशाकों से सजाया जाता है। शनिदेव के शृंगार में करीब छह घंटों का समय लगता है। इस शनि मंदिर में आरती से ठीक पहले शहनाई बजाई जाती है, जो आरती पूरी होने तक लगातार बजती रहती है। नवग्रह शनि मंदिर में श्रद्धालु स्नान के बाद पनोती के रूप में अपने जूते चप्पल वही छोड़कर चले जाते है। मंदिर की वास्तुकला नवग्रह शनि मंदिर के निर्माण में मराठा और आधुनिक वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है। मंदिर को मजबूत स्तंभों पर बनाया गया है। नवग्रह शनि मंदिर में विशाल परिसर बना है जहां भक्त आकर नवग्रहों की शांति के लिए पूजा अर्चना करते हैं। मंदिर के गर्भ गृह में शनि देव की प्रसन्न मुद्रा में प्रतिमा स्थापित है। मंदिर में एक प्रवेश द्वार है। नवग्रह शनि मंदिर में नवग्रहों की प्रतिमाओं के साथ शिव जी और हनुमान जी की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। मंदिर का समय सुबह मंदिर खुलने का समय 05:30 AM – 12:00 PM सायंकाल आरती का समय Invalid date – 08:00 PM सायंकाल मंदिर खुलने का समय 04:00 PM – 10:00 PM मंदिर का प्रसाद नवग्रह शनि मंदिर में शनि देव को फल, फूल, तेल, तिल और गुड चढ़ाया जाता है। साथ ही शनि देव का दूध का भी भोग चढ़ाया जाता है।

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Mata Lakshmi Ko Prasann Karne Ke Mantra:मां लक्ष्‍मी को प्रसन्न करने के लिए इन मंत्रों का करें जाप, सुख और सौभाग्य में होगी वृद्धि

Mata Lakshmi Ko Prasann Karne Ke Mantra:मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है. इसलिए लक्ष्मी जी की पूजा करने से आर्थिक संकट दूर होता है और धन का लाभ होता है. लक्ष्मी की पूजा करने के साथ मंत्रों का उच्चारण करने से धन लाभ होने के साथ ही सुख-समृद्धि का वास होता है. कई बार कड़ी मेहनत के बाद भी पैसों की बरकत नहीं होती है, जिस कारण जीवन में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है. लिहाजा मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए. मां लक्ष्मी को धन की देवी कहा जाता है, Mata Lakshmi Ko Prasann Karne Ke Mantra इसलिए लक्ष्मी जी की पूजा करने से आर्थिक संकट दूर होता है और धन का लाभ होता है. शुक्रवार को धन की देवी मां लक्ष्मी का दिन माना जाता है. इस दिन लक्ष्मी की पूजा करने के साथ मंत्रों का उच्चारण करने से धन लाभ होने के साथ ही सुख-समृद्धि का वास होता है. Mata Lakshmi Ko Prasann Karne Ke Mantra आइये जानते हैं मां लक्ष्मी के प्रभावी मंत्र (Maa Laxmi Mantra). Mata Lakshmi Ko Prasann Karne Ke Mantra:मां लक्ष्मी के प्रभावी मंत्र Chanting mantra according to zodiac sign:राशि अनुसार मंत्र जप मेष राशि के जातक मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने हेतु ‘ॐ सरस्वत्यै नमः’ मंत्र का जप करें। वृषभ राशि के जातक मनचाहा वरदान पाने के लिए ‘ॐ भैरव्यै नमः’ मंत्र का जप करें। मिथुन राशि के जातक कारोबार में सफलता के लिए ‘ॐ त्रिपुरायै नमः’ मंत्र का जप करें। कर्क राशि के जातक तनाव से मुक्ति पाने के लिए ‘ॐ नादिन्यै नमः’ मंत्र का जप करें। सिंह राशि के जातक करियर में सफल होने के लिए ‘ॐ हंसायै नमः’ मंत्र का जप करें। कन्या राशि के जातक बिजनेस में दोगुना लाभ के लिए ‘ॐ महाकाल्यै नमः’ मंत्र का जप करें। तुला राशि के जातक Mata Lakshmi Ko Prasann Karne Ke Mantra सौभाग्य में वृद्धि पाने के लिए ‘ॐ काल्यै नमः’ मंत्र का जप करें। वृश्चिक राशि के जातक आर्थिक तंगी दूर करने हेतु ‘ॐ कामदायै नमः’ मंत्र का जप करें। Mata Lakshmi Ko Prasann Karne Ke Mantra धनु राशि के जातक मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए ‘ॐ देव्यै नमः’ मंत्र का जप करें। मकर राशि के जातक शनि बाधा दूर करने के लिए ‘ॐ दाक्षायण्यै नमः’ मंत्र का जप करें। कुंभ राशि के जातक निवेश में लाभ कमाने के लिए ‘ॐ देवमात्रे नमः’ मंत्र का जप करें। मीन राशि के जातक शुक्रवार के दिन पूजा के समय ‘ॐ परायै नमः’ मंत्र का जप करें। Mantras of Goddess Lakshmi:मां लक्ष्मी के मंत्र 1. या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशु तेजस्विनी। या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी॥ या रत्नाकरमन्थनात्प्रगटिता विष्णोस्वया गेहिनी। सा मां पातु मनोरमा भगवती लक्ष्मीश्च पद्मावती ॥ 2. ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्मांक दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ । 3. ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ ।। 4. ॐ सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो, धन धान्यः सुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः ॐ ।। ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥ 5. ॐ ह्रीं क्ष्रौं श्रीं लक्ष्मी नृसिंहाय नमः । ॐ क्लीन क्ष्रौं श्रीं लक्ष्मी देव्यै नमः ।। 6. ॐ ह्री श्रीं क्रीं श्रीं क्रीं क्लीं श्रीं महालक्ष्मी मम गृहे धनं पूरय पूरय चिंतायै दूरय दूरय स्वाहा । 7. ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं सौं ॐ ह्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं सकल ह्रीं सौं ऐं क्लीं ह्रीं श्री ॐ। 8. ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥ 9. ऊँ हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम ।। 10. ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम: Lakshmi Narayan Namah:लक्ष्मी नारायण नम:सुखी दांपत्य के लिए मां देवी लक्ष्मी के इस मंत्र का जाप करना चाहिए. या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशु तेजस्विनी।या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी॥या रत्नाकरमन्थनात्प्रगटिता विष्णोस्वया गेहिनी।सा मां पातु मनोरमा भगवती लक्ष्मीश्च पद्मावती ॥ Mata Lakshmi Ko Prasann Karne Ke Mantra सभी संकटों से मुक्ति के लिए इस मंत्र का जाप करना शुभ होता है. Mata Lakshmi Ko Prasann Karne Ke Mantra इससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है.

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Sapne Me Ganesh Ji Ko Dekhna:सपने में भगवान गणेश को देखने का क्या होता है मतलब

Sapne Me Ganesh Ji Ko Dekhna:हम सभी तरह के सपने देखते हैं, लेकिन अगर सपने में कोई देवता दिख जाए तो उसका खास महत्व होता है। और अगर आपके सपने में भगवान गणपति हों तो ऐसे सपने का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। आइए जानें कि सपने में भगवान गणेश को देखने का क्या मतलब होता है। Lord Ganesha Dreams Meaning: सपने में खुद को गणेशजी की पूजा करते देखना बेहद शुभ माना जाता है। मतलब आपको धनलाभ हो सकता है हर इंंसान आमतौर पर सपने देखता है। साथ ही कुछ सपने देखकर व्यक्ति भय में पड़ जाता है। Sapne Me Ganesh Ji Ko Dekhna साथ ही कुछ सपने देखकर व्यक्ति सुखद अनुभव करता है। लेकिन आपको बता दें कि ये जरूरी नहीं है कि जो सपने आपने देखा हो उसका असल जिंदगी में भी वो ही मतलब हो। आपको बता दें कि 10 दिन का गणेशोत्सव शुरू हो गया है और हम आपको बताने जा रहे हैं कि अगर सपने में आपको भगवान गणेश दिखें तो उसका क्या मतलब होता हैं, आइए जानते हैं Sapne Me Ganesh Ji Ko Dekhna:सपने में गणेशजी की पूजा करना स्वप्न शास्त्र अनुसार यदि सपने में आप खुद को गणेश जी की पूजा- अर्चना करते देखते हैं, तो इसका मतलब है कि आपको जल्दी कोई खुशखबरी मिल सकती है।स साथ ही किसी समस्या से निजात मिल सकती है। Sapne Me Ganesh Ji Ko Dekhna वहीं आने वाले दिनों में आपको आकस्मिक धनलाभ हो सकता है। आप पर गणेश जी की असीम कृपा रहने वाली है।  सुबह गणेश जी का सपना आना:Dreaming of Lord Ganesha in the morning अगर आपको सुबह के समय में भगवान गणेश जी का सपना आता है तो यह एक बेहद शुभ संकेत है। इसका मतलब है कि आपकी कोई मनोकामना पूर्ण हो सकती है। साथ ही आपको आर्थिक लाभ हो सकता है। धन- संपत्ति का लाभ हो सकता है। वहीं करियर में कोई अच्छा अवसर मिल सकता है। इच्छाओं की पूर्ति हो सकती है। गणेशजी की मूर्ति सपने में दिखना:Seeing Ganeshji idol in dream स्वप्न शास्त्र अनुसार यदि आपको सपने में भगवान गणेश जी की मूर्ति दिखे तो यह एक बेहद शुभ संकेत है। साथ ही इसका मतलब है कि आपके घर- परिवार में कोई धार्मिक या मांगलिक कार्यक्रम हो सकता है। Sapne Me Ganesh Ji Ko Dekhna साथ ही आपके जो रुके हुए काम थे वो बन सकते हैं। वहीं आपको आकस्मिक धनलाभ हो सकता है। वहीं किसी योजना में आपको सफलता मिल सकती है। seeing ganesh ji on horseback:गणेश जी को सवारी पर देखना यदि सपने में आप भगवान गणेश जी को मूषक सवारी करते हुए दिखते हैं Sapne Me Ganesh Ji Ko Dekhna तो यह एक बेहद शुभ संकेत है। इसका मतलब है कि आपको कहीं से धन की प्राप्ति हो सकती है। कार्यों में सिद्धि मिल सकती है। वहीं आपकी कोई मनोकामना पूर्ण होने वाली है या आपको नौकरी में तरक्की मिलने वाली है। Darshan of the idol of Lord Ganesha:भगवान गणेश की मूर्ति के दर्शन स्वप्न शास्त्र के अनुसार अगर आपको सपने में भगवान गणेश की मूर्ति दिखाई दे तो यह बहुत ही शुभ संकेत है। इस सपने का मतलब है कि जल्द ही आपको कोई ऐसी बात सुनने को मिलेगी जिसकी आप लंबे समय से कामना कर रहे थे। Sapne Me Ganesh Ji Ko Dekhna दरअसल, आपको कोई शुभ समाचार मिल सकता है। इसके अलावा आपके घर में शुभ कार्य होने वाले हैं। Staff picks Lord Ganesha comes riding in your dreams:भगवान गणेश आपके सपनों में सवार होकर आते हैं अगर कोई व्यक्ति सपने में भगवान गणेश को घोड़े पर सवार देखता है तो यह भी बहुत अच्छा संकेत माना जाता है। इस सपने का मतलब है कि आप जल्द ही किसी शुभ यात्रा पर जा सकते हैं। Sapne Me Ganesh Ji Ko Dekhna इसके अलावा आपकी कई इच्छाएं भी पूरी हो सकती हैं। वहीं इन सपनों के बारे में कभी किसी और से बात या शेयर नहीं करना चाहिए वरना सपनों का फल नष्ट हो जाएगा। भगवान गणेश का विसर्जनस्वप्न शास्त्र के अनुसार, अगर आपको सपने में भगवान गणेश का विसर्जन दिखाई देता है तो इसका मतलब है कि आपके जीवन में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। आपको कुछ आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में आपको सतर्क रहना होगा। इस सपने को देखने के बाद भगवान गणेश की पूजा शुरू कर देनी चाहिए। Seeing Sindoori Ganesh idol in dream:स्वप्न में सिन्दूरी गणेश जी की मूर्ति देखना Sapne Me Ganesh Ji Ko Dekhna:सिंदूरी वस्तुओं का चमकीला या कुछ गहरे/समृद्ध रंगों में दिखना सपने देखने वाले की भविष्य की सफलता या प्रसिद्धि का संकेत देता है। इसके अलावा, सिंदूरी गणेश का दिखना सपने देखने वाले को बहुत स्नेह, आकर्षण और भक्ति का अनुभव होने की भविष्यवाणी करता है। व्यक्ति अपनी भावनाओं को बेहतर ढंग से प्रबंधित कर सकता है और इस ऊर्जा की सहायता से अपने इच्छित परिणाम की ओर अपना ध्यान केंद्रित कर सकता है।

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Brihaspati Stotram | ब्रहस्पति स्तोत्र

Brihaspati Stotram बृहस्पति स्तोत्र: बृहस्पति या गुरु बृहस्पति एक दयालु ग्रह है और अपने आस-पास सभी सकारात्मकता को फैलाता है। ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक होने के कारण, यह भक्तों को भाग्य और अच्छा जीवन प्रदान करता है। लेकिन कई बार, चीजें गलत हो जाती हैं। यदि कुंडली में बृहस्पति की स्थिति सही स्थान पर नहीं है, तो बृहस्पति उस व्यक्ति पर कठोर हो जाता है और दुर्भाग्य लाता है। ऐसी स्थिति में, बृहस्पति का नकारात्मक प्रभाव होगा। दयालु बृहस्पति अशुभ होगा और बृहस्पति का प्रकोप व्यक्ति के जीवन को बदतर बना देगा। बृहस्पति स्तोत्र का जाप करने से भक्तों को शारीरिक और मानसिक कल्याण, आत्मविश्वास और शिक्षा में उत्कृष्टता, सभी प्रयासों में सफलता, कार्यस्थल में पदोन्नति, समृद्धि और खुशी सहित कई अत्यधिक सकारात्मक लाभ मिलते हैं। नवग्रह में, बृहस्पति को पीतांबर या पीले रंग की पोशाक पहने हुए दिखाया गया है। पीले कपड़े पहनने से बृहस्पति ग्रह से सकारात्मक कंपन प्राप्त होते हैं। बृहस्पति को देव-गुरु (देवताओं के गुरु) के रूप में भी जाना जाता है। बृहस्पति अन्य चीजों के अलावा भाग्य, धन, प्रसिद्धि, सौभाग्य, भक्ति, ज्ञान, करुणा, आध्यात्मिकता, धर्म और नैतिकता का एक अच्छा संकेतक है। बृहस्पति पेट और यकृत पर शासन करता है। बृहस्पति या बृहस्पति धनु और मीन राशियों पर शासन करता है। Brihaspati Stotram बृहस्पति सभी देवताओं के गुरु हैं। वे चार दाँतों वाले सफ़ेद हाथी अयिरावत पर सवार होते हैं। खगोलीय रूप से, बृहस्पति सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है और इसलिए ज्योतिष में भी इसे उच्च स्थान प्राप्त है। Brihaspati Stotram Ke Labh:बृहस्पति स्तोत्रम के लाभ: भगवान बृहस्पति या बृहस्पति देवताओं के गुरु हैं। वे आकार और प्रभाव के हिसाब से सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह हैं। सभी लोगों की कुंडली में इस ग्रह का प्रभाव गहरा होता है। भगवान बृहस्पति स्तोत्रम का जाप करने से व्यक्ति की इच्छाओं को पूरा करने और जीवन के हर मोर्चे पर खुशी और सफलता पाने में मदद मिल सकती है। बृहस्पति स्तोत्रम का जाप करने से डर दूर हो सकता है और भक्तों के दिलों में आत्मविश्वास पैदा हो सकता है। सभी उलझनें दूर हो जाती हैं और विचारों में स्पष्टता आती है। Brihaspati Stotram इन मंत्रों का जाप करने वाले व्यक्ति के घर और जीवन में शांति और समृद्धि आती है। विवाह में देरी से बचा जाता है और वर या वधू को अपने जीवन में सबसे अच्छा साथी मिलता है। छात्र अच्छे अंक प्राप्त करके और आसानी से प्रतियोगी परीक्षाओं को पास करके पढ़ाई में चमक सकते हैं। चुने हुए बृहस्पति स्तोत्रम का जाप करने से सभी प्रकार की देरी से बचा जाता है Brihaspati Stotram और लोगों को स्वाभाविक रूप से सफलता मिलती है। कुंडली में बृहस्पति स्तोत्रम की स्थिति के शुभ प्रभाव बढ़ जाते हैं और इस जाप से अशुभ गुरु के नकारात्मक प्रभाव कम हो जाते हैं। गुरु ग्रह भाग्य और सौभाग्य के लिए जिम्मेदार है। बृहस्पति स्तोत्रम आपको पढ़ाई और पेशे में प्रसिद्धि, धन और सफलता दिलाने में मदद करेगा। यह बृहस्पति स्तोत्रम आपको किसी भी त्वचा या तंत्रिका संबंधी समस्याओं से भी राहत दिलाएगा। Brihaspati Stotram बृहस्पति स्तोत्रम आपको गुरु ग्रह को खुश करने में मदद करेगा। एक अनुकूल गुरु ग्रह आपको खुशी, वित्तीय कल्याण, अच्छी सामाजिक स्थिति, पदोन्नति और अच्छे स्वास्थ्य को प्राप्त करने में मदद करेगा। इस स्तोत्र का पुनः जाप किसे करना चाहिए Brihaspati Stotram जिन लोगों को जीवन में सफलता नहीं मिल रही है, भाग्य अवरुद्ध है और वे अपमानजनक जीवन जी रहे हैं, उन्हें तुरंत राहत के लिए बृहस्पति स्तोत्र का जाप करना चाहिए। ब्रहस्पति स्तोत्र | Brihaspati Stotra क्रौं शक्रादि देवै: परिपूजितोसि त्वं जीवभूतो जगतो हिताय। ददाति यो निर्मलशास्त्रबुद्धिं स वाक्पतिर्मे वितनोतु लक्ष्मीम्।।1।। पीताम्बर: पीतवपु: किरीटश्र्वतुर्भजो देव गुरु: प्रशांत:। दधाति दण्डं च कमण्डलुं च तथाक्षसूत्रं वरदोस्तुमहम्।।2।। ब्रहस्पति: सुराचार्योदयावानछुभलक्षण:। लोकत्रयगुरु: श्रीमान्सर्वज्ञ: सर्वतो विभु:।।3।। सर्वेश: सर्वदा तुष्ठ: श्रेयस्क्रत्सर्वपूजित:। अकोधनो मुनिश्रेष्ठो नितिकर्ता महाबल:।।4।। विश्र्वात्मा विश्र्वकर्ता च विश्र्वयोनिरयोनिज:। भूर्भुवो धनदाता च भर्ता जीवो जगत्पति:।।5।। पंचविंशतिनामानि पुण्यानि शुभदानि च। नन्दगोपालपुत्राय भगवत्कीर्तितानि च।।6।। प्रातरुत्थाय यो नित्यं कीर्तयेत्तु समाहितः। विप्रस्तस्यापि भगवान् प्रीत: स च न संशय:।।7।। तंत्रान्तरेपि नम: सुरेन्द्रवन्धाय देवाचार्याय ते नम:। नमस्त्त्वनन्तसामर्थ्य वेदसिद्वान्तपारग।।8।। सदानन्द नमस्तेस्तु नम: पीड़ाहराय च। नमो वाचस्पते तुभ्यं नमस्ते पीतवाससे।।9।। नमोऽद्वितियरूपाय लम्बकूर्चाय ते नम:। नम: प्रहष्टनेत्राय विप्राणां पतये नम:।।10।। नमो भार्गवशिष्याय विपन्नहितकारक। नमस्ते सुरसैन्याय विपन्नत्राणहेतवे।।11।। विषमस्थस्तथा न्रणां सर्वकष्टप्रणाशमन्। प्रत्यहं तु पठेधो वै तस्यकामफलप्रदम्।।12।।

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Sapne Mai Hanuman Ji Ko Dekhna:सपने में हनुमान जी को देखना शुभ संकेत है या अशुभ, जानिये क्या कहता है स्वप्न शास्त्र

Sapne Mai Hanuman Ji Ko Dekhna:सपने में हर एक भगवान को देखने का अलग अर्थ होता है। वहीं सपने में हनुमान जी मूर्ति देखना शुभ संकेत माना गया है। निद्रावस्था के दौरान मस्तिष्क में होने वाली क्रियाओं को सपना कहते हैं। दरअसल सोते समय व्यक्ति की जो मानसिक स्थिति होती है, उसी से संबंधित चीजों के बारे में सपने आते हैं। कई बार सपनों में हमको भगवान भी दिखते हैं, जो कि शुभ है लेकिन सपने में भगवान किस तरह और क्या करते दिखाई दे रहे हैं, इसका महत्व होता है। आज हम आपको सपने में हनुमानजी के देखने का मतलब बताने जा रहे हैं। शास्त्रों में हनुमानजी को भगवान शिव का रुद्र अवतार बताया गया है। Dream Interpretation हनुमानजी की पूजा अर्चना करने से जीवन के कई बड़े संकट टल जाते हैं और शनि के ढैय्या व साढ़ेसाती के अशुभ प्रभाव में भी कमी आती है। हनुमानजी के आशीर्वाद से कई बिगड़े काम बन जाते हैं और जीवन में मंगल ही मंगल बना रहता है। Sapne Mai Hanuman Ji Ko Dekhna लेकिन क्या आपको पता है कि अगर सपने में हनुमानजी दिखें तो उसका क्या मतलब होता है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने यूं ही नहीं आते बल्कि हर सपने का कोई ना कोई मतलब जरूर होता है। कुछ सपनों का खास महत्व होता है और वह आने वाली जिंदगी में शुभ व अशुभ घटनाओं के बारे में सूचना देते हैं। Sapne Mai Hanuman Ji Ko Dekhna लेकिन सपने में हनुमानजी दिख जाए तो इससे अच्छा क्या हो सकता है लेकिन वह किस रूप में और किस तरह दिखाई दे रहे हैं। यह बहुत मायने रखता है। आइए जानते हैं सपने में हनुमानजी को देखने का क्या है मतलब… सपने में हनुमान जी का गदा देखना:Seeing Hanuman ji’s mace in dream स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में हनुमान जी का गदा देखना बेहद ही शुभ संकेत माना गया है। इसका मतलब है कि हनुमान जी हमेशा आपके साथ हैं। आप पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़िए आपका कार्य अवश्य पूरा होगा। Sapne Mai Hanuman Ji Ko Dekhna:सपने में लेटे हुए हनुमान जी का दिखाई देना सपने में लेटे हुए हनुमान जी का दिखाई देना भी शुभ माना गया है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार ऐसा होने पर आपके या आपके परिवार जो भी लंबी बीमारी के पीड़ित है। वह जल्द ही ठीक हो सकता है। सपने में हनुमान जी को मुस्कुराते हुए देखना:Seeing Hanuman ji smiling in dreams सपने में हनुमान जी को मुस्कुराते हुए देखना का मतलब होता है Sapne Mai Hanuman Ji Ko Dekhna कि जल्द ही आपकी कोई इच्छा पूरी हो सकती है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में बाल हनुमान को देखना का मतलब होता है कि जल्द ही घर में खुशियां आ सकती है। सपने में पंचमुखी हनुमानजी देखना:Seeing Panchmukhi Hanumanji in dream सपने में पंचमुखी हनुमानजी का देखना बहुत शुभ माना जाता है। Sapne Mai Hanuman Ji Ko Dekhna स्वपन शास्त्र के अनुसार, सपने में पंचमुखी हनुमानजी देखने का अर्थ है कि आपकी मनोकामना जल्द ही पूरी होने वाली है और पर्सनल या प्रफेशनल लाइफ में परेशान कर रहे शत्रुओं से मुक्ति भी मिलेगी। Sapne Mai Hanuman Ji Ko Dekhna वहीं सपने में अगर आप हनुमानजी की पूजा या भजन कर रहे हैं तो इसका मतलब है कि आपकी सभी मनोकामना पूरी होने वाली हैं। सपने में हनुमानजी का प्रसाद खाना:Eating Hanumanji’s Prasad in dream सपने में अगर आप हनुमानजी का प्रसाद खा रहे हैं तो इसका स्वप्न शास्त्र के अनुसार मतलब है कि हनुमानजी की घर में धन धान्य की कभी कमी नहीं होगी और आपके कार्य बिना अड़चन के पूरे होंगे। वहीं सपने में अगर आप हनुमानजी को चोला चढ़ा रहे हैं तो इसका मतलब है कि भगवान ने आपकी पूजा स्वीकार कर ली है और उनकी कृपा से धन व सम्मान में अच्छी वृद्धि होगी। सपने में हनुमानजी को रौद्र रूप में देखना:Seeing Hanumanji in a fierce form in the dream अगर आप सपने में हनुमानजी को रौद्र रूप यानी गुस्से में देख रहे हैं Sapne Mai Hanuman Ji Ko Dekhna तो इसका मतलब है कि भगवान आपको मौका दे रहे हैं कि अपनी गलती को सुधारें और क्षमा मांगे। हनुमानजी कभी भी अपने भक्त से नाराज नहीं होते, अगर आप सपने में हनुमानजी का रौद्र रूप देख रहे हैं तो इसका मतलब है Sapne Mai Hanuman Ji Ko Dekhna कि यह नहीं है कि हनुमानजी आपसे क्रोधित हैं बल्कि वह आपको मौका दे रहे हैं। इसके लिए आप अगले दिन सुबह हनुमान मंदिर में जाएं और भगवान से क्षमा मांगे। साथ ही अपनी गलती भी सुधारें। सपने में बंदर देखना:seeing a monkey in a dream अगर सपने में आपको बंदर दो बार दिखाई दे चुका है तो स्वप्न शास्त्र के अनुसार यह सपना बहुत शुभ है। इसका अर्थ है कि हनुमानी का आशीर्वाद आप है। Sapne Mai Hanuman Ji Ko Dekhna इस सपने को देखने के बाद अगले दिन से हर रोज बंदर व अन्य जानवरों को कुछ ना कुछ खाने को अवश्य दें ताकि हनुमानजी की कृपा लगातार पर बनी रहे। सपने में हनुमानजी को बाल रूप में देखना:Seeing Hanumanji in child form in dreams सपने में अगर आप बालाजी को देख रहे हैं तो यह बहुत शुभ माना जाता है। बालाजी हनुमानजी का बाल स्वरूप है। इसका अर्थ है कि आपका जीवन नई दिशा की ओर जाने वाला है, जहां आपको जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता मिलेगी और बालाजी की कृपा से भूत प्रेत व नकारात्मक शक्तियां आपसे दूर रहेंगी। सपने में श्रीराम के साथ हनुमानजी:Hanumanji with Shri Ram in dream सपने में अगर आप हनुमानजी को प्रभु श्रीराम के चरणों में देखते हैं कि इसका मतलब बहुत शुभ होता है। इस सपने का अर्थ है कि हनुमानजी की आप पर कृपा रहेगी और जीवन के किसी भी क्षेत्र में आपको तरक्की मिलेगी। वहीं अगर आप सपने में भूत प्रेत देखते हैं और डरते नही हैं तो इसका मतलब है कि हनुमानजी की आप पर कृपा बनी रहेगी।

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Bagalamukhi Jayanti Kab Hai 2025 Me: किस दिन मनाई जाएगी बगलामुखी जयंती? यहां दूर करें सही डेट का कन्फ्यूजन

Bagalamukhi Jayanti Kab Hai 2025 Me:धार्मिक मत है कि देवी मां बगलामुखी की पूजा (Baglamukhi Jayanti 2025 Puja Vidhi) करने से शत्रुओं का भय समाप्त होता है। साथ ही साधक को अभयता का वरदान मिलता है। देवी मां बगलामुखी की महिमा अपरंपार है। उनके शरण में रहने वाले साधक जीवन में सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। Bagalamukhi Jayanti Kab Hai 2025 Me इस शुभ अवसर पर शक्तिपीठ मंदिरों में मां की विशेष पूजा की जाती है। बगलामुखी जयंती, बगलामुखी माता के अवतार दिवस के रूप में मनाया जाता हैं। जिन्हें माता पीताम्बरा या ब्रह्मास्त्र विद्या भी कहा जाता है। उसके पास पीले रंग के कपड़े के साथ माथे पर सुनहरे रंग का चंद्रमा है। माँ की पूजा दुश्मन को हराने, प्रतियोगिताओं और अदालत के मामलों को जीतने के लिए जानी जाती हैं। माँ बगलामुखी मंत्र स्वाधिष्ठान चक्र की कुंडलिनी जागृति के लिए उपयोग करते हैं। Bagalamukhi Jayanti Kab Hai 2025 Me भक्त इस दिन अन्न का दान करते हैं, तथा माँ मंगलग्रह से संबंधित समस्याओं की समाधान देवी हैं। माँ बगलामुखी के बारे में जानें:Know about Maa Baglamukhi बगला एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ दुल्हन है, अर्थात दुल्हन की तरह आलौकिक सौन्दर्य और अपार शक्ति की स्वामिनी होने के कारण देवी का नाम बगलामुखी पड़ा। देवी को बगलामुखी, पीताम्बरा, बगला, वल्गामुखी, वगलामुखी, ब्रह्मास्त्र विद्या आदि नामों से भी जाना जाता है। Bagalamukhi Jayanti Kab Hai 2025 Me माँ बागलमुखी मंत्र कुंडलिनी के स्वाधिष्ठान चक्र को जागृति में सहयता करतीं हैं। देवी बगलामुखी का सिंहासन रत्नो से जड़ा हुआ है और उसी पर सवार होकर देवी शत्रुओं का नाश करती हैं। देवी बगलामुखी दसमहाविद्या में आठवीं महाविद्या हैं यह स्तम्भन की देवी हैं। Bagalamukhi Jayanti Kab Hai 2025 Me संपूर्ण ब्रह्माण्ड की शक्ति का समावेश हैं माता शत्रुनाश, वाकसिद्धि, वाद विवाद में विजय के लिए इनकी उपासना की जाती है। इनकी उपासना से शत्रुओं का नाश होता है तथा भक्त का जीवन हर प्रकार की बाधा से मुक्त हो जाता है। कहा जाता है कि देवी के सच्चे भक्त को तीनों लोक मे अजेय है, वह जीवन के हर क्षेत्र में सफलता पाता है। पीले फूल और नारियल चढाने से देवी प्रसन्न होतीं हैं। Bagalamukhi Jayanti Kab Hai 2025 Me देवी को पीली हल्दी के ढेर पर दीप-दान करें, देवी की मूर्ति पर पीला वस्त्र चढाने से बड़ी से बड़ी बाधा भी नष्ट होती हैं। माँ बगलामुखी पौराणिक कथा को विस्तार से जानें! बगलामुखी जयंती शुभ मुहूर्त (Bagalamukhi Jayanti Shubh Muhurat) वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 04 मई को सुबह 07 बजकर 18 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन यानी 05 मई को सुबह 07 बजकर 35 मिनट पर समाप्त होगी। When will Baglamukhi Jayanti be celebrated:कब मनाई जाएगी बगलामुखी जयंती? पंचांग गणना और ज्योतिष निर्णय के अनुसार, 05 मई को बगलामुखी जयंती मनाई जाएगी। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर दुर्लभ वृद्धि योग का निर्माण हो रहा है। वृद्धि योग पूर्ण रात्रि तक है। इसके साथ ही रवि योग और सर्वार्थ शिववास योग का संयोग बन रहा है। इन योग में देवी मां बगलामुखी की पूजा करने से सुखों में वृद्धि होगी। पूजा विधि Puja vidhi वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर सूर्योदय के समय उठें। इस समय देवी मां बगलामुखी को प्रणाम कर दिन की शुरुआत करें। घर की साफ-सफाई करें। दैनिक कामों से निपटने के बाद गंगाजल युक्त पानी से स्नान करें। इसके बाद आचमन कर नवीन(नया) लाल रंग के कपड़े पहनें और सूर्य देव को जल का अर्घ्य दें। इसके बाद पंचोपचार कर विधिवत देवी मां बगलामुखी की पूजा करें। साधक पूजा हेतु मंदिर भी जा सकते हैं। Bagalamukhi Jayanti Kab Hai 2025 Me आसान शब्दों में कहें तो मंदिर जाकर देवी मां बगलामुखी की पूजा कर सकते हैं। पूजा के समय देवी मां बगलामुखी को फूल, फल, वस्त्र आदि चीजें अर्पित करें। पूजा के समय दुर्गा चालीसा का पाठ और मंत्रों का जप करें। अंत में आरती कर सुखों में वृद्धि की कामना करें।

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Sapne Me Bhagwan Krishna Ko Dekhne Ka Matlab:क्या आपको भी सपने में दिखते हैं भगवान श्रीकृष्ण? तो जान लें क्या होता है इसका मतलब

Sapne Me Bhagwan Krishna Ko Dekhne Ka Matlab:सपने में भगवान कृष्ण का दिखाई देना शुभ संकेत माना गया है। मान्यता है कि आपकी समस्याएं जल्द ही खत्म हो सकती हैं।  Dream Astrology: सपने आगामी जीवन के संकेत होते हैं। इनमें कुछ सपने अच्छे होते हैं, तो कुछ सपने बुरे होते हैं। अच्छे सपने को देख लोग प्रसन्न हो जाते हैं। वहीं, बुरे सपने को देख डर जाते हैं। कई सपने ऐसे होते हैं, जिन्हें देख लोग फूले नहीं समाते हैं। Sapne Me Bhagwan Krishna Ko Dekhne Ka Matlab इनमें एक भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन हैं। अगर आप भी सपने में भगवान श्रीकृष्ण और उनसे जुड़ी चीजों को देखते हैं, तो समझ लें कि आपकी किस्मत जल्द बदलने वाली है। आइए, इन सपनों के बारे में विस्तार से जानते हैं- सपने में भगवान कृष्ण का दिखाई देना:Sapne Me Bhagwan Krishna Ko Dekhne Ka Matlab स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में भगवान कृष्ण का दिखाई देना बहुत ही शुभ माना गया है। इसका अर्थ होता है कि आपकी तमामा परेशानियां जल्द ही दूर हो सकती हैं और आपका समय अच्छा हो सकता है। सपने में भगवान कृष्ण और राधा का साथ में दिखाई देना:Seeing Lord Krishna and Radha together in dreams सपने में भगवान कृष्ण और राधा का साथ में दिखाई देना बहुत ही शुभ माना गया है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार आपके वैवाहिक जीवन में खुशियां आ सकती हैं और भौतिक सुखों में बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं अगर अविवाहित व्यक्ति यह सपना देखता है, Sapne Me Bhagwan Krishna Ko Dekhne Ka Matlab तो इसका अर्थ होता है कि उसका जल्द ही प्रेम विवाह हो सकता है। विवाहित व्यक्ति को सपने में भगवान कृष्ण और राधा को साथ में देखना सकारात्मक संकेत माना गया है। मान्यता है कि जल्द की आपको पारिवारिक विवाद और गृह क्लेश से मुक्ति मिल सकती है। वहीं अगर कारोबारी जातक यह सपना देखता है, तो इसका संकेत होता है कि जल्द ही धन लाभ होने वाला है। सपने में बाल गोपाल को भोजन कराते देखना:Seeing Bal Gopal being fed in the dream सपने में अगर आप बाल गोपाल को अपनी गोद में बैठाकर भोजन करा रहे हैं,तो यह शुभ संकेत माना गया है। इसका अर्थ होता है कि आप पर भगवान कृष्ण की कृपा बनी हुई है। आपकी मनोकामनाएं जल्द ही पूरी हो सकती हैं। Sapne Me Bhagwan Krishna Ko Dekhne Ka Matlab आप जो भी कार्य करेंगे उसमें सफलता जरूर मिलेगी। गर्भवती महिला को सपने में बाल गोपाल दिखाई देना:Pregnant woman seeing Bal Gopal in her dream सपने में गर्भवती महिला को बाल गोपाल दिखाई देना शुभ संकेत माना गया है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार आपको पुत्र रत्न की प्राप्ति हो सकती है। सपने में भगवान कृष्ण को देखना:Seeing Lord Krishna in dreams जगत के पालनहार भगवान श्रीकृष्ण को बांसुरी बेहद प्रिय है। अगर आप अपने सपने में भगवान कृष्ण को बांसुरी बजाते देख रहे हैं, तो ये शुभ संकेत हैं। इस सपने का मतलब यह होता है Sapne Me Bhagwan Krishna Ko Dekhne Ka Matlab कि आने वाले समय में आपको अपार धन की प्राप्ति होगी। साथ ही आपके सुख और सौभाग्य में भी वृद्धि होगी। इस सपने का अर्थ यह भी है कि मुरली मनोहर आपसे प्रसन्न हैं। उनकी कृपा आप पर बरसने वाली है। अगर आप अपने सपने में भगवान श्रीकृष्ण को गोपियों को साथ देखते हैं, तो ये संकेत हैं कि आपका आने वाले समय बेहद शुभ रहने वाला है। आप अपने पुराने मित्रों के साथ शुभ समय बिता सकते हैं। इससे आपके जीवन में व्याप्त दुख और संकट दूर हो जाएंगे। कुल मिलाकर कहें तो आने वाले समय में आपको ढेर सारी खुशियां मिलने वाली हैं। स्वप्न शास्त्र के जानकारों की मानें तो सपने में भगवान श्रीकृष्ण या लड्डू गोपाल को देखना बेहद शुभ होता है। इस सपने का मतलब होता है कि आपके जीवन में कुछ बढ़िया होने वाला है। आपके आय और सौभाग्य में वृद्धि होगी। Sapne Me Bhagwan Krishna Ko Dekhne Ka Matlab आप अपने जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल कर सकते हैं। आसान शब्दों में कहें तो आपका भाग्योदय होने वाला है। सपने में बाल गोपाल को भोजन कराना भी शुभ होता है। इस सपने का मतलब होता है Sapne Me Bhagwan Krishna Ko Dekhne Ka Matlab कि बांके बिहारी कृष्ण कन्हैया की कृपा आप पर बनी है। उनकी कृपा से आपकी हर इच्छा यथाशीघ्र पूरी होने वाली है।

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Buddh Stotra

Buddh Stotra | बुध स्तोत्र

Buddh Stotra बुद्ध स्तोत्र: बुध ग्रह, बुध ग्रह, हमारी जन्म कुंडली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि यह हमारे जीवन को प्रभावित करता है। पौराणिक हिंदू पौराणिक कथाओं में, बुद्ध को देवता भी माना जाता है। ज्योतिष में, बुध ग्रह (बुद्ध ग्रह) तर्क, चुस्त दिमाग और याददाश्त, बुद्धि और बुद्धि का प्रतिनिधित्व करता है। बुध को सभी नौ ग्रहों में राजकुमार का स्थान दिया गया है। यह शुभ ग्रहों के साथ होने पर अच्छे परिणाम देता है और पाप ग्रहों के साथ होने पर बुरे परिणाम देता है। आपने सुना होगा कि कई बार, बुध ग्रह की स्थिति हमारे जीवन में नकारात्मक या बुरे प्रभाव पैदा कर सकती है Buddh Stotra जैसे व्यापार में नुकसान, स्वास्थ्य समस्याएं, शिक्षा में रुकावट और कई अन्य चीजें। जब कोई ग्रह गोचर के दौरान अशुभ परिणाम देता है, तो उस ग्रह के बुरे प्रभावों को शांत करने के लिए उपाय करना आवश्यक होता है। किसी ग्रह की महादशा या दशा के दौरान किए जाने वाले उपायों का अभ्यास लाभकारी परिणाम प्राप्त करने में मदद करता है। बुध ज्योतिष में एक युवा ग्रह है। यह हमारे सौरमंडल का एक तेज़ गति से चलने वाला ग्रह है Buddh Stotra और हमारे जीवन को कई तरह से प्रभावित करता है। बुध एक ऐसा ग्रह है जो बुद्धि, व्यापार, संचार कौशल, भाषण, व्यापार और वाणिज्य, सांख्यिकी, गणित, वाक्पटुता, कौशल, मित्र, ज्योतिष आदि प्रदान करता है। इसे वैदिक ज्योतिष में एक लाभकारी ग्रह माना जाता है, लेकिन दूसरी ओर, जब बुध किसी भी पाप ग्रह के साथ जन्म कुंडली के किसी भी घर में बैठता है, तो यह एक पापी ग्रह की तरह कार्य करता है। यह मिथुन और कन्या राशियों का स्वामी है और कन्या राशि में उच्च और मीन राशि में नीच का हो जाता है। Buddh Stotra सूर्य और शुक्र बुध के स्वाभाविक मित्र हैं। Buddh Stotra बुद्ध स्तोत्र के लाभ: शुद्ध मन से बुद्ध स्तोत्र का जाप करने से बुद्ध ग्रह के नकारात्मक प्रभाव शांत होंगे, आपके जीवन से बुराई दूर रहेगी और स्वास्थ्य और धन में सुधार होगा।यह देखा गया है कि नियमित रूप से बुद्ध स्तोत्र का जाप करने से बुद्धि, संचार कौशल में सुधार होता है और यहाँ तक कि मजबूत रिश्ते भी बनते हैं। बुद्ध स्तोत्र का हमारे स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है क्योंकि यह हमें रक्त शर्करा और रक्तचाप के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है।बुद्ध स्तोत्र हमें मानसिक शांति प्रदान करता है और बुराइयों को दूर रखता है। यहां तक ​​कि जो छात्र अपने परिणामों और एकाग्रता की कमी के बारे में चिंतित हैं, वे भी बुद्ध स्तोत्र का जाप कर सकते हैं क्योंकि यह आपकी ध्यान केंद्रित करने की क्षमता का निर्माण करता है। Buddh Stotra किसको यह स्तोत्र पढ़ना चाहिए: बुद्ध के बुरे प्रभावों, तंत्र के बुरे प्रभावों, कम संचार कौशल या दूसरों को तथ्यों के साथ समझाने में विफल होने वाले लोगों को बुद्ध स्तोत्र का जाप करना चाहिए। बुध स्तोत्र | Buddh Stotra पीताम्बर: पीतवपुः किरीटश्र्वतुर्भजो देवदु: खपहर्ता। धर्मस्य धृक् सोमसुत: सदा मे सिंहाधिरुढो वरदो बुधश्र्व ।।1।। प्रियंगुकनकश्यामं रुपेणाप्रतिमं बुधम्। सौम्यं सौम्य गुणोपेतं नमामि शशिनंदनम ।।2।। सोमसूनुर्बुधश्चैव सौम्य: सौम्यगुणान्वित:। सदा शान्त: सदा क्षेमो नमामि शशिनन्दनम् ।।3।। उत्पातरूप: जगतां चन्द्रपुत्रो महाधुति:। सूर्यप्रियकारी विद्वान् पीडां हरतु मे बुध: ।।4।। शिरीष पुष्पसडंकाश: कपिशीलो युवा पुन:। सोमपुत्रो बुधश्र्वैव सदा शान्ति प्रयच्छतु ।।5।। श्याम: शिरालश्र्व कलाविधिज्ञ: कौतूहली कोमलवाग्विलासी । रजोधिकोमध्यमरूपधृक्स्यादाताम्रनेत्रीद्विजराजपुत्र: ।।6।। अहो चन्द्र्सुत श्रीमन् मागधर्मासमुद्रव:। अत्रिगोत्रश्र्वतुर्बाहु: खड्गखेटक धारक: ।।7।। गदाधरो न्रसिंहस्थ: स्वर्णनाभसमन्वित:। केतकीद्रुमपत्राभ इंद्रविष्णुपूजित: ।।8।। ज्ञेयो बुध: पण्डितश्र्व रोहिणेयश्र्व सोमज:। कुमारो राजपुत्रश्र्व शैशेव: शशिनन्दन: ।।9।। गुरुपुत्रश्र्व तारेयो विबुधो बोधनस्तथा। सौम्य: सौम्यगुणोपेतो रत्नदानफलप्रद: ।।10।। एतानि बुध नमामि प्रात: काले पठेन्नर:। बुद्धिर्विव्रद्वितांयाति बुधपीड़ा न जायते ।।11।।

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