सकट चौथ पौराणिक व्रत कथा – श्री महादेवजी पार्वती (Sakat Chauth Pauranik Vrat Katha – Shri Mahadev Parvati)

एक बार महादेवजी पार्वती सहित नर्मदा के तट पर गए। वहाँ एक सुंदर स्थान पर पार्वतीजी ने महादेवजी के साथ चौपड़ खेलने की इच्छा व्यक्त की।तब शिवजी ने कहा: हमारी हार-जीत का साक्षी कौन होगा? पार्वती ने तत्काल वहाँ की घास के तिनके बटोरकर एक पुतला बनाया और उसमें प्राण-प्रतिष्ठा करके उससे कहा: बेटा! हम चौपड़

सकट चौथ पौराणिक व्रत कथा – श्री महादेवजी पार्वती (Sakat Chauth Pauranik Vrat Katha – Shri Mahadev Parvati) Read More »

सकट चौथ पौराणिक व्रत कथा – राजा हरिश्चंद्र.. (Sakat Chauth Pauranik Vrat Katha)

प्रथम कथाकहते हैं कि सतयुग में राजा हरिश्चंद्र के राज्य में एक कुम्हार था। एक बार तमाम कोशिशों के बावजूद जब उसके बर्तन कच्चे रह जा रहे थे तो उसने यह बात एक पुजारी को बताई।उस पर पुजारी ने बताया कि किसी छोटे बच्चे की बलि से ही यह समस्या दूर हो जाएगी। इसके बाद

सकट चौथ पौराणिक व्रत कथा – राजा हरिश्चंद्र.. (Sakat Chauth Pauranik Vrat Katha) Read More »

अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा | बृहस्पतिदेव की कथा (Shri Brihaspatidev Ji Vrat Katha)

॥ अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा ॥भारतवर्ष में एक प्रतापी और दानी राजा राज्य करता था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्मणों की सहायता करता था। यह बात उसकी रानी को अच्छी नहीं लगती थी, वह न ही गरीबों को दान देती, न ही भगवान का पूजन करती थी और राजा को भी दान देने से

अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा | बृहस्पतिदेव की कथा (Shri Brihaspatidev Ji Vrat Katha) Read More »

शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा (Shukravar Santoshi Mata Vrat Katha)

शुक्रवार के दिन माँ संतोषी का व्रत-पूजन किया जाता है। इस पूजा के दौरान माता की आरती, पूजन तथा अंत में माता की कथा सुनी जाती है। आइए जानें! शुक्रवार के दिन की जाने वाली संतोषी माता व्रत कथा..संतोषी माता व्रत कथा-एक बुढ़िया थी, उसके सात बेटे थे। 6 कमाने वाले थे जबकि एक निक्कमा

शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा (Shukravar Santoshi Mata Vrat Katha) Read More »

षटतिला एकादशी व्रत कथा (Shat Tila Ekadashi Vrat Katha)

जय श्री हरि !पौष पुत्रदा एकादशी के उपरांत, माघ माह के कृष्ण पक्ष मे आने वाली इस एकादशी को षटतिला एकादशी कहा जाता है।1. तिल स्नान2. तिल का उबटन3. तिल का हवन4. तिल का तर्पण5. तिल का भोजन और6. तिलों का ‍दान, तिल के ये 6 प्रयोग इस व्रत मैं अवश्य करें। इनके प्रयोग के कारण यह षटतिला एकादशी

षटतिला एकादशी व्रत कथा (Shat Tila Ekadashi Vrat Katha) Read More »

रोहिणी शकट भेदन, दशरथ रचित शनि स्तोत्र कथा (Rohini Shakat Bhed Dasharath Rachit Shani Stotr Katha)

प्राचीन काल में दशरथ नामक प्रसिद्ध चक्रवती राजा हुए थे। राजा के कार्य से राज्य की प्रजा सुखी जीवन यापन कर रही थी सर्वत्र सुख और शांति का माहौल था।उनके राज्यकाल में एक दिन ज्योतिषियों ने शनि को कृत्तिका नक्षत्र के अन्तिम चरण में देखकर कहा कि अब यह शनि रोहिणी नक्षत्र का भेदन कर

रोहिणी शकट भेदन, दशरथ रचित शनि स्तोत्र कथा (Rohini Shakat Bhed Dasharath Rachit Shani Stotr Katha) Read More »

शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा (Shukravar Santoshi Mata Vrat Katha)

शुक्रवार के दिन माँ संतोषी का व्रत-पूजन किया जाता है। इस पूजा के दौरान माता की आरती, पूजन तथा अंत में माता की कथा सुनी जाती है। आइए जानें! शुक्रवार के दिन की जाने वाली संतोषी माता व्रत कथा..संतोषी माता व्रत कथा-एक बुढ़िया थी, उसके सात बेटे थे। 6 कमाने वाले थे जबकि एक निक्कमा

शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा (Shukravar Santoshi Mata Vrat Katha) Read More »

षटतिला एकादशी व्रत कथा (Shat Tila Ekadashi Vrat Katha)

जय श्री हरि !पौष पुत्रदा एकादशी के उपरांत, माघ माह के कृष्ण पक्ष मे आने वाली इस एकादशी को षटतिला एकादशी कहा जाता है।1. तिल स्नान2. तिल का उबटन3. तिल का हवन4. तिल का तर्पण5. तिल का भोजन और6. तिलों का ‍दान, तिल के ये 6 प्रयोग इस व्रत मैं अवश्य करें। इनके प्रयोग के कारण यह षटतिला एकादशी

षटतिला एकादशी व्रत कथा (Shat Tila Ekadashi Vrat Katha) Read More »

रोहिणी शकट भेदन, दशरथ रचित शनि स्तोत्र कथा (Rohini Shakat Bhed Dasharath Rachit Shani Stotr Katha)

शनि का रोहणी में जाना देवता और असुर दोनों ही के लिये कष्टकारी और भय प्रदान करनेवाला है तथा रोहिणी-शकट-भेदन से बारह वर्ष तक अत्यंत दुःखदायी अकाल पड़ता है। प्राचीन काल में दशरथ नामक प्रसिद्ध चक्रवती राजा हुए थे। राजा के कार्य से राज्य की प्रजा सुखी जीवन यापन कर रही थी सर्वत्र सुख और

रोहिणी शकट भेदन, दशरथ रचित शनि स्तोत्र कथा (Rohini Shakat Bhed Dasharath Rachit Shani Stotr Katha) Read More »

सोमवती अमावस्या व्रत कथा (Somvati Amavasya Vrat Katha)

सोमवती अमावस्या व्रत कथा के अनुसार, एक गरीब ब्राह्मण परिवार था, उस परिवार में पति-पत्नी एवं उसकी एक पुत्री भी थी। उनकी पुत्री समय के गुजरने के साथ-साथ धीरे-धीरे बड़ी होने लगी। उस पुत्री में बढ़ती उम्र के साथ सभी स्त्रियोचित सगुणों का विकास हो रहा था। वह कन्या सुंदर, संस्कारवान एवं गुणवान थी, परंतु गरीब

सोमवती अमावस्या व्रत कथा (Somvati Amavasya Vrat Katha) Read More »

सोमवार व्रत कथा (Somvar Vrat Katha)

किसी नगर में एक धनी व्यापारी रहता था। दूर-दूर तक उसका व्यापार फैला हुआ था। नगर के सभी लोग उस व्यापारी का सम्मान करते थे। इतना सब कुछ संपन्न होने के बाद भी वह व्यापारी बहुत दुःखी था, क्योंकि उसका कोई पुत्र नहीं था। जिस कारण अपने मृत्यु के पश्चात् व्यापार के उत्तराधिकारी की चिंता

सोमवार व्रत कथा (Somvar Vrat Katha) Read More »

अपने बच्चों को यह सुनाएं I ईश्वर कि नहीं माता-पिता की पूजा करें

आप किस को खुश करना चाहते हो ईश्वर को यदि आप अपने माता पिता को ही नहीं खुश कर सकते हो तो ईश्वर भला आपसे क्यों खुश होंगे क्योंकि जितने भी हमारे वेद हैं पुराण हैं गीता है वह भी आपसे यही बताती है कि अपने माता-पिता में ही भगवान को देखो आप किसकी पूजा

अपने बच्चों को यह सुनाएं I ईश्वर कि नहीं माता-पिता की पूजा करें Read More »

App Download