महाकालेश्वर की ये अद्भुत पौराणिक कथाएं, आज भी है लोगों से अनजान

उज्जैनी में चंद्रसेन  नाम का राजा राज किया करता था।वह भगवान शिव का बहुत बड़ा भक्त था। शिवगणों में मणिभद्र नामक गण उसका मित्र था। एक बार मणिभद्र ने राजा चंद्रसेन को बहुत ही अद्भुत चिंतामणि प्रदान की। चंद्रसेन ने उसे अपने गले में पहन लिया  पहनने के बाद प्रभामंडल तो जगमगा  उठा साथ ही

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भगवान ब्रह्मा द्वारा बनाई गई इस सृष्टि की अद्भुत पौराणिक कथा

हिंदू धर्म के कुछ संप्रदाय पूरी सृष्टि और उसकी ब्रह्मांडीय गतिविधि को तीन देवताओं के प्रतीक के रूप में देखते हैं, जो हिंदू त्रिमूर्ति का गठन करते हैं: ब्रह्मा – निर्माता, विष्णु – पालनकर्ता, और शिव– संहारक पौराणिक कथाओं के अनुसार संपूर्ण विश्व के निर्माण से पूर्व, दूध का केवल एक सफेद समुद्र मौजूद था, जिसे

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बाल ब्रह्मचारी होने के बाद भी हनुमान जी को क्यों करने पड़े 3 विवाह पढ़ें पूरी कथा

ऐसी मान्यता है कि हनुमान जी का विवाह नहीं हुआ था और वे बाल ब्रह्मचारी थे लेकिन ऐसा नहीं है. कुछ शास्त्रों में हनुमान जी के विवाहित होने की बात कही गई है. श्रीराम भक्त हनुमान जी के देश और दुनिया में करोड़ों भक्त हैं. लोगों की बजरंगबली में बड़ी श्रद्धा है. कहते हैं हनुमान

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पवनपुत्र हनुमान बचपन में बेहद नटखट थे जानें उनसे जुड़ी रोचक बातें

हनुमान बाल्यकाल से ही बहुत चंचल स्वभाव के थे जनता से रिश्ता वेबडेस्क।त्रेता युग में जब श्रीराम ने अयोध्या में अवतार लिया तो उनकी सेवा करने के लिए भगवान शंकर ने भी अपने अंश से वायु के द्वारा कपिराज केसरी की पत्नी अंजना माता के यहां वानर रूप में अवतार लिया. यह छोटा सा बालक

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जानकी या सीता नवमी

महत्वपूर्ण जानकारी जानकी या सीता नवमी 2023 शनिवार, 29 अप्रैल 2023 नवमी तिथि शुरू – 28 अप्रैल 2023 अपराह्न 04:01 बजे नवमी तिथि समाप्त – 29 अप्रैल 2023 को शाम 06:22 बज सीता नवमी हिन्दू धर्म का महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन को देवी सीता की जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। विवाहित महिलाएं

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सीता नवमी से जुडी पौराणिक कथा

पौराणिक कथा कथा यह है कि मां लक्ष्मी जी का अवतार सीता माता अपने पिछले जन्म में मुनि कुषध्वजा की बहुत ही सुंदर पुत्री वेदावती थी। वे भगवान विष्णु की भक्त थी वे हर समय केवल उनकी पूजा में ही लीन रहती थी, उनका प्रण था कि वे भगवान विष्णु के अतिरिक्त किसी और से विवाह

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हिन्दू धर्म के 29 ऐसे रहस्य, जो अनसुलझे हैं

हिन्दू धर्म या कहें कि भारतीय संस्कृति में प्रचलित और ग्रंथों में उल्लेखित भारत के 29 ऐसे रहस्य हैं, जो अभी तक अनसुलझे हुए हैं और संभवत: उनमें से कुछ का रहस्य मानव कभी नहीं जान पाएगा। प्राचीन सभ्यताओं, धर्म, समाज और संस्कृतियों का महान देश भारत वैसे भी रहस्य और रोमांच के लिए जाना

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डाकू अंगुलिमाल और महात्मा बुद्ध

बहुत पुरानी बात है मगध राज्य में एक सोनापुर नाम का गाँव था। उस गाँव के लोग शाम होते ही अपने घरों में आ जाते थे। और सुबह होने से पहले कोई कोई भी घर के बाहर कदम भी नहीं रखता था।इसका कारण डाकू अंगुलीमाल था। डाकू अंगुलीमाल मगध के जंगलों की गुफा में रहता

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कृष्ण, बलराम और राक्षस

महाभारत काल की बात है। एक बार कृष्ण और बलराम किसी जंगल से गुजर रहे थे। चलते-चलते काफी समय बीत गया और अब सूरज भी लगभग डूबने वाला था। अँधेरे में आगे बढना संभव नहीं था, इसलिए कृष्ण बोले, “ बलराम, हम ऐसा करते हैं कि अब सुबह होने तक यहीं ठहर जाते हैं, भोर

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मत्स्य अवतार की कथा पढ़ें

मत्स्य अवतार भगवान विष्णु के प्रथम अवतार है। मछली के रूप में अवतार लेकर भगवान विष्णु ने एक ऋषि को सब प्रकार के जीव-जंतु एकत्रित करने के लिए कहा और पृथ्वी जब जल में डूब रही थी, तब मत्स्य अवतार में भगवान ने उस ऋषि की नाव की रक्षा की। इसके पश्चात ब्रह्मा ने पुन:

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हनुमानजी की जन्म कथा

धार्मिक शास्त्रों के अनुसार साल में दो तिथियों पर हनुमानजी जन्म दिवस मनाए जाने की परंपरा है। चैत्र महीने की पूर्णिमा और कार्तिक माह की चतुर्दशी तिथि पर हनुमान जयंती मनाई जाती है। इसमें से एक तिथि पर भगवान हनुमान का जन्मदिवस के रूप में और दूसरी तिथि विजय दिवस के तौर पर मनाई जाती।

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गंगा जन्म की कथा 

ऋषि विश्वामित्र ने इस प्रकार कथा सुनाना आरम्भ किया, “पर्वतराज हिमालय की अत्यंत रूपवती, लावण्यमयी एवं सर्वगुण सम्पन्न दो कन्याएँ थीं। सुमेरु पर्वत की पुत्री मैना इन कन्याओं की माता थीं। हिमालय की बड़ी पुत्री का नाम गंगा तथा छोटी पुत्री का नाम उमा था। गंगा अत्यन्त प्रभावशाली और असाधारण दैवी गुणों से सम्पन्न थी।

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