भैरवी साधना एक तीव्र प्रक्रिया है, जिससे लिंग भैरवी देवी की कृपा पाने के लिये जरूरी ग्रहणशीलता बढ़ती है। स्त्री, पुरुष, दोनों ही इसे कर सकते हैं। यहां इस साधना का महत्व बताते हुए, सदगुरु इस साधना से मिलने वाले फायदे भी बता रहे हैं।सदगुरु : आज के तथाकथित आधुनिक समाजों में समय समय पर की जाने वाली साधना को लोग समझ नहीं रहे हैं, जानते ही नहीं हैं – लोग साधना को भूलते जा रहे हैं। आजकल सिर्फ अनपढ़ लोग और गाँवों में रहने वाले लोग ही ऐसी साधना करते हैं। जब लोग पढ़ लिख जाते हैं तो कोई सही काम नहीं करते। आधुनिक शिक्षण लोगों को इधर उधर बिखेरने वाला बना रहा है। ये लोग समूहों में आने से कतराते हैं। उन्हें लगता है कि वे बाकी सब से बेहतर हैं। पर, हर चीज़ के बारे में वे उलझन में होते हैं। जिस बात को अनपढ़ किसान जानते, समझते हैं, ये पढ़े लिखे लोग नहीं जानते पर फिर भी मानते हैं कि वे श्रेष्ठ हैं, सभी लोगों से बेहतर हैं। वे निश्चित तौर पर कहीं गहरे स्तर की उलझन में हैं। साधना एक ऐसा साधन है जो आपको जीवन की लहरों पर सवार होने के काबिल बनाता है। कुछ समय के लिये की जाने वाली साधना का महत्व यही है कि आपके जीवन को आसान बनाने के लिये आपके तंत्र में जैविक बुद्धिमानी को लाया जाये, बढ़ाया जाये। आपको ऐसी कल्पना करने की ज़रूरत नहीं है कि ये सृष्टि कोई समस्या है जिसे आपको सुलझाना है। सृष्टि में कोई समस्या नहीं है। ये एक जबर्दस्त अद्भुत घटना है। आप चाहें तो इस पर सवारी कर सकते हैं या इसके नीचे कुचले जा सकते हैं। चुनना आपको है। अगर आप इस पर सवारी कर लेते हैं तो ये ऐसी अद्भुत घटना है जो किसी की भी कल्पना में न आ सके। अगर आप इसके नीचे कुचले जाते हैं तो ये एक भयानक चीज़ है। 1. साधना – जीवन की लहरों पर सवार होने का तरीका सीखना जीवन की लहरों पर सवार होने का तरीका सीखना ही साधना है। साधना शब्द का शाब्दिक मतलब है कोई साधन या उपकरण। ये एक ऐसा साधन है जो आपको जीवन की लहरों पर सवार होने के काबिल बनाता है। कुछ दिनों पहले, मैं एक अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर था जहाँ एक युवा स्त्री हॉल के अंदर, आने जाने के रास्ते पर बैठी थी, किसी कुर्सी पर नहीं बल्कि अपने बैग पर। हजारों लोग अपनी ट्रॉलियां ले कर इधर उधर आ जा रहे थे, कोई हवाई जहाज पकड़ने के लिये दौड़ रहा था, कोई उतर कर बाहर जा रहा था – पर उसे इन सब से कोई परेशानी नहीं थी, वो अशांत नहीं हो रही थी बल्कि एक छोटा शीशा और बाल तोड़ने की एक छोटी चिमटी ले कर बैठी थी और अपनी भौंहों के फालतू बाल बड़ी कुशलता से निकाल रही थी। मुझे लगा कि उसका फोकस बहुत ऊँचे स्तर का था। छोटा सा वो साधन महत्वपूर्ण था जिसे वो हवाईअड्डे की भीड़भाड़ वाली जगह पर, बीचोबीच बैठी, बड़ी कुशलता से इस्तेमाल कर रही थी जहाँ हज़ारों लोग उसके चारों ओर, इधर उधर आ जा रहे थे। एकदम छोटे में छोटे उपकरण से लेकर बड़े से बड़े उपकरण के इस्तेमाल करने में फोकस और पूरी तरह से शामिल होना ही वो दो बातें हैं जो उपकरण को असरदार बनाती हैं। हाँ, साधन की डिज़ाइन महत्वपूर्ण है, पर फिर भी, जब इतने सारे लोग आपके आसपास घूम रहें हो तो उस छोटी सी चिमटी को आप अपनी आँखों में भी घोंप सकते हैं – यानि आपके शामिल होने का स्तर बहुत अहम हो जाता है। सवाल बस यही है कि यह सब आपके लिये कितना अहम है! आपकी भौंहें नहीं, आपकी आध्यात्मिक प्रक्रिया। अगर आप कोई तीसरी आँख बढ़ा लें, तो ठीक करने के लिये एक और चीज़ होगी। पर, वास्तविकता में, आध्यात्मिक प्रक्रिया से भौंह नहीं आती, सिर्फ आँख आती है। 2. भैरवी साधना से महत्तम फायदा कैसे उठायें साधना की प्रक्रिया को इस तरह बनाया गया है कि कम से कम प्रयास में ज्यादा से ज्यादा परिणाम मिलें। साधना भौहों के बाल तोड़ने की छोटी सी चिमटी की तरह है – अगर आप इसे बहुत ध्यान दे कर, सावधानी से और पूरी तरह शामिल हो कर इस्तेमाल करेंगे तो ये अच्छी तरह काम करेगा, नहीं तो आप अपनी आँखें भी फोड़ सकते हैं। ये उस तरह के परिणाम के लिये नहीं बनाया गया है। इसे बहुत ध्यान दे कर सावधानी से और पूरी तरह शामिल हो कर काम करने के लिये बनाया गया है जिससे आपको सही परिणाम मिलें। उपकरण/ साधन महत्वपूर्ण है पर आप उसको किस तरह इस्तेमाल करते हैं वो ज्यादा महत्वपूर्ण है। अगर मैं आपको किसी चीज़ को सही ढंग से फिट करने को कहूँ और आप पेंचकस का गलत सिरा उस पर लगायें तो शायद आप खुद को ही नुकसान पहुँचायेंगे। भैरवी साधना बहुत सरल है। हम इसे ज्यादा जटिल बना सकते थे पर अगर हम इसे बहुत पेंचीदा और जटिल बना दें तो बहुत से लोग ये नहीं समझेंगे कि ये सब क्या है! पर, आप इसकी सरलता से गफलत में मत आ जाईये। अगर आप खुद को इसमें पूरी तरह से झोंक दें तो आप जिनकी कल्पना भी नहीं कर सकते ऐसे परिणाम आपको मिलेंगे। यही सब जीवन के साथ भी होता है क्योंकि हमें जीवन को बनाना नहीं है, ये तो पहले से ही है। हमें इसे बस ऐसा कर देना है कि ये सबसे ऊँचे स्तर पर, सही ढंग से, कुशलता से काम करे। अगर आपको जीवन बनाना होता तो ये एक अलग तरह की चुनौती होती। पर सब कुछ यहाँ है। आपको इसे सही स्थिति में रखना है, बस यही करना है। और, ये तो साधना करने से ही होगा। 3. भैरवी साधना का महत्व इस साधना की संरचना इरादतन इस तरह से की गयी है कि इसका कुछ भाग आपको पसंद आयेगा और कुछ नापसंद होगा। जो भाग आपको झुका, थका या तोड़ नहीं देगा उसमें तो आप आराम से रहेंगे पर जो आपको पसंद नहीं है, वो ही ज्यादा महत्वपूर्ण है। आपको जो पसंद है उसे अगर आप 100% शामिल हो