Sankata Mata Aarti:संकटा माता आरती
Sankata Mata Aarti:संकटा माता की आरती करने से अनेक आध्यात्मिक, मानसिक, और भौतिक लाभ प्राप्त होते हैं। संकटा माता को संकटों को हरने वाली देवी माना जाता है। उनकी आराधना से भक्त को जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है। Sankata Mata Aarti:संकटा माता की आरती करने के फायदे 1. Sankata Mata Aarti संकटों और बाधाओं से मुक्ति 2. सुख-समृद्धि में वृद्धि 3. स्वास्थ्य लाभ 4. भय और नकारात्मकता का नाश 5. परिवारिक सुख और सामंजस्य 6. आध्यात्मिक जागरूकता 7. मनोकामनाओं की पूर्ति 8. शत्रुओं पर विजय 9. धार्मिक पुण्य का संचय आरती का समय और विधि सारांश Sankata Mata Aarti:संकटा माता की आरती करने से व्यक्ति को न केवल संकटों से मुक्ति मिलती है, बल्कि जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि का आगमन भी होता है। माता की कृपा से भक्त का जीवन सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है और वह हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है। Sankata Mata Aarti:संकटा माता आरती जय जय संकटा भवानी,करहूं आरती तेरी ।शरण पड़ी हूँ तेरी माता,अरज सुनहूं अब मेरी ॥जय जय संकटा भवानी..॥ नहिं कोउ तुम समान जग दाता,सुर-नर-मुनि सब टेरी ।कष्ट निवारण करहु हमारा,लावहु तनिक न देरी ॥जय जय संकटा भवानी..॥ काम-क्रोध अरु लोभन के वशपापहि किया घनेरी ।सो अपराधन उर में आनहु,छमहु भूल बहु मेरी ॥जय जय संकटा भवानी..॥ हरहु सकल सन्ताप हृदय का,ममता मोह निबेरी ।सिंहासन पर आज बिराजें,चंवर ढ़ुरै सिर छत्र-छतेरी ॥जय जय संकटा भवानी..॥ खप्पर, खड्ग हाथ में धारे,वह शोभा नहिं कहत बनेरी ॥ब्रह्मादिक सुर पार न पाये,हारि थके हिय हेरी ॥जय जय संकटा भवानी..॥ असुरन्ह का वध किन्हा,प्रकटेउ अमत दिलेरी ।संतन को सुख दियो सदा ही,टेर सुनत नहिं कियो अबेरी ॥जय जय संकटा भवानी..॥ गावत गुण-गुण निज हो तेरी,बजत दुंदुभी भेरी ।अस निज जानि शरण में आयऊं,टेहि कर फल नहीं कहत बनेरी ॥जय जय संकटा भवानी..॥ जय जय संकटा भवानी,करहूं आरती तेरी ।भव बंधन में सो नहिं आवै,निशदिन ध्यान धरीरी ॥ जय जय संकटा भवानी,करहूं आरती तेरी ।शरण पड़ी हूँ तेरी माता,अरज सुनहूं अब मेरी ॥
KARMASU