2021

पौराणिक वृतांत- एक राक्षस ‘गयासुर’ के कारण गया बना है मोक्ष स्‍थली

बिहार की राजधानी पटना से करीब 104 किलोमीटर की दूरी पर बसा है गया जिला। धार्मिक दृष्टि से गया न सिर्फ हिन्दूओं के लिए बल्कि बौद्ध धर्म मानने वालों के लिए भी आदरणीय है। बौद्ध धर्म के अनुयायी इसे महात्मा बुद्ध का ज्ञान क्षेत्र मानते हैं जबकि हिन्दू गया को मुक्तिक्षेत्र और मोक्ष प्राप्ति का

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इस कारण देवर्षि नारद को बनना पड़ा था एक बार बंदर !

 श्री नारद बड़े ही तपस्वी और ज्ञानी ऋषि हुए जिनके ज्ञान और तप की माता पार्वती भी प्रशंसक थीं। तब ही एक दिन माता पार्वती श्री शिव से नारद मुनि के ज्ञान की तारीफ करने लगीं। शिव ने पार्वती जी को बताया कि नारद बड़े ही ज्ञानी हैं। लेकिन किसी भी चीज का अंहकार अच्छा

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कहानी बालक ध्रुव के ध्रुव तारा बनने की

स्वयंभुव मनु और शतरुपा के दो पुत्र थे-प्रियवत और उत्तानपाद। उत्तानपाद की सुनीति और सुरुचि नामक दो पत्नियां थीं। राजा उत्तानपाद को सुनीति से ध्रुव और सुरुचि से उत्तम नामक दो पुत्र उत्पन्न हुए। यद्पि सुनीति बड़ी रानी थी परन्तु उत्तानपाद का प्रेम सुरुचि के प्रति अधिक था। एक बार सुनीति का पुत्र ध्रुव अपने

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अक्षत का क्या मतलब होता है और हिन्दू धर्म में पूजा में इसका क्या महत्व है ?

अक्षत का अर्थ है बिना टूटे चावल। क्योंकि अक्षत शिवलिंग स्वरूप होते हैं और गेहूं का आकार योनि की तरह होता है, जिसे नवरात्रों में माँ की पूजा के पहले गेहूं के जवाव बोए जाते हैं। अक्षत शिवलिंग स्वरूप होने से धन्य-धान्य के प्रतीक हैं। समृद्धि कारक अक्षत चावलों से निकलने वाली सूक्ष्म तरंगे देवताओं

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धनतेरस पर जरूरी है इन छह चीजों की खरीदारी

धनतेरस को साल के सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है. कई लोग इस दिन आभूषण और घर का सामान खरीदते हैं तो कुछ जरूरत का सामान. मान्यता है कि इससे सुख-समृद्धि आती है. आप सोच रहे हैं कि आपको क्या खरीदना चाहिए तो हम कुछ चीजों के बारे में बता रहे हैं

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दशहरे के दिन अवश्य पढ़ना चाहिए रामायण के यह श्लोक

आप सभी को बता दें कि हिंदू धर्म में पूजा पाठ का विशेष महत्व होता हैं, इसी के साथ धार्मिक कथाओं की माने तो प्रभु श्री राम को श्री हरि विष्णु भगवान का सातवां अवतार कहा गया है. कहते हैं इस अवतार में भगवान श्री विष्णु ने समस्त लोकों को मित्रता और मर्यादा में रहने

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राशिफल 12 अक्टूबर 2021 : मेष आज दोपहर…

मेष पॉजिटिव- आज दिन की शुरुआत अच्छी होगी। समान विचारधारा के लोगों से मेल मिलाप नई ऊर्जा प्रदान करेगा। लक्ष्य प्राप्ति में किसी निकट संबंधी का भी सहयोग प्राप्त होगा। ज्ञान विज्ञान के क्षेत्र में विद्यार्थियों की रुचि बनी रहेगी।नेगेटिव- समय के दूसरे पक्ष में ऐसा महसूस होगा कि जैसे परिस्थितियां आपके हाथ से निकलती जा रही

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जानिए मंगलवार का पंचांग, शुभ मुहूर्त और राहुकाल

आज आश्विन शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि और मंगलवार का दिन है। सप्तमी तिथि आज रात 9 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। आज नवरात्र के सप्तमी तिथि में माता दुर्गा के सातवीं शक्ति मां कालरात्रि की पूजा की जायेगी। आज दोपहर पहले 11 बजकर 27 मिनट तक रवि योग रहेगा। साथ ही आज दोपहर पहले

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Dussehra 2021: कब है दशहरा? जानें तिथि, महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त

विजय दशमी पूजा मुहूर्त  विजय मुहूर्त: 15 अक्टूबर को दोपहर 1 बजकर 38 मिनट से लेकर 2 बजकर 24 मिनट तकरहेगा। इस बीच आप कोई भी कार्य करके अपनी जीत सुनिश्चित कर सकते हैं। अश्विन मास शुक्ल पक्ष दशमी तिथि शुरू – 14 अक्टूबर 2021 को शाम 6 बजकर 52 मिनट सेअश्विन मास शुक्ल पक्ष तिथि समाप्त

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नवरात्रि के 5वें दिन होगी मां स्कंदमाता की पूजा, इन उपायों को अपनाकर समस्याओं से पाएं निवारण

शारदीय नवरात्र के पंचमी तिथि को मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा की जाएगी। दरअसल,अश्विनी शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि आज देर रात 2 बजकर 14 मिनट तक रहेगी। दोपहर 3 बजकर 4 मिनट तक आयुष्मान योग रहेगा। साथ ही आज दोपहर 2 बजकर 44 मिनट तक अनुराधा नक्षत्र रहेगा। आचार्य इंदु प्रकाश

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कैसे करें घट स्थापना, जानें महत्व, सामग्री, शुभ मुहूर्त और भोग

Navratri Ghat Sthapana 2021: नवरात्रि में घट स्थापना या कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है. नवरात्रि के प्रथम दिन ही कलश स्थापना या घट स्थापना की जाती है. हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है. साल भर में चार नवरात्रि पड़ती हैं. लेकिन धूम-धाम से चैत्र और शारदीय नवरात्रि को मनाया जाता है.

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कर्म का फल “एक या दूसरे अवतार” में नही बल्कि “एक से दूसरे युग” मे भी मिल सकता है।

“श्री कृष्ण” ने कंस को उनके जन्म के 14 वर्ष बाद मारा और फिर वासुदेव जी – देवकी जी को कारागार से मुक्त करवा दिया। देवकी जी ने श्री कृष्ण से पूछा, “बेटा, तुम जन्म से जानते थे कि तुम भगवान हो, तो हमें 14 वर्ष तक जेल में क्यों रहने दिया?” अगर चाहते तो

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