महाभारत की कहानी: दानवीर कर्ण | Danveer Karan Ki Katha

महाभारत की कथा में कई महान चरित्रों का जिक्र है। उन्हीं में से एक थे दानवीर कर्ण। श्रीकृष्ण हमेशा कर्ण की दानवीरता की प्रशंसा करते थे। वहीं, अर्जुन और युधिष्ठिर भी दान-पुण्य करते रहते थे, लेकिन श्रीकृष्ण कभी उनकी प्रशंसा नहीं करते थे। एक दिन अर्जुन ने श्रीकृष्ण से इसका कारण पूछा। श्रीकृष्ण बोले, “समय

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महाभारत की कहानी: भीष्म पितामह के पांच चमत्कारी तीर

यह बात उस समय की है, जब कुरुक्षेत्र में कौरवों और पांडवों के बीच युद्ध चल रहा था। पितामह भीष्म कौरवों की ओर से युद्ध लड़ रहे थे, लेकिन कौरवों के सबसे बड़े भाई दुर्योधन को लगता था कि भीष्म पितामह पांडवों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते हैं। दुर्योधन का मानना था कि पितामह भीष्म

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महाभारत की कहानी: राजा शिवी चक्रवर्ती | King Shibi Story In Hindi

बहुत समय पहले की बात है, उशीनगर नाम के एक राज्य में एक राजा राज किया करता था। उस राजा का नाम था शिवी। वह एक चक्रवर्ती सम्राट था और अपनी महानता और दयालुता के कारण प्रसिद्ध था। उसकी दया के बारे में ऐसा कहा जाता था कि उसके दरबार से कोई भी खाली हाथ

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महाभारत की कहानी: भक्त ध्रुव की कथा | Dhruv Ki Kahani

एक बार की बात है, राजा उत्तानपाद थे और उनकी दो रानियां थीं। एक रानी का नाम सुनीति और दूसरी रानी का नाम सुरुचि था। सुनीति बड़ी रानी और सुरुचि छोटी रानी थी। रानी सुनीति के पुत्र का नाम ध्रुव और रानी सुरुचि के पुत्र का नाम उत्तम था। राजा उत्तानपाद का रूझान छोटी रानी

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भगवान शिव कैसे बने नीलकंठ | Shiv Ne Vish Kyu Piya

भगवान शिव को कई नामों से जाना जाता है, उन्हीं में से एक नाम है नीलकंठ। भगवान शिव के हर नाम के पीछे एक कहानी छुपी है और उसी तरह नीलकंठ नाम से भी एक कहानी जुड़ी है। एक बार की बात है, देवता और राक्षस समुद्र से अमृत निकालने के लिए समुद्र मंथन कर

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रामायण की कहानी: भगवान राम ने दिया हनुमान को मृत्यु दंड

हनुमान जी को भगवान राम का सबसे प्रिय भक्त माना जाता है। हनुमान जी भगवान राम से बहुत प्रेम करते थे। जब श्री राम अयोध्या के राजा बने तब हनुमान जी दिन रात उनकी सेवा में लगे रहते। एक दिन की बात है श्री राम जी के दरबार में एक सभा चल रही थी। उस

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रामायण की कहानी: लक्ष्मण जी नहीं सोए 14 साल

रामचंद्र जी को जब उनके पिता दशरथ राजपाट सौंपने वाले थे, तभी उनकी दूसरी पत्नी कैकेयी को उनकी दासी मथंरा ने खूब भड़काया। मंथरा ने कहा कि राजा तो आपके बेटे भरत को बनना चाहिए। इसके बाद कैकेयी ने राजा दशरथ से दो वर मांगे, पहला भरत को गद्दी मिलनी चाहिए और दूसरा राम को

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रामायण की कहानी: कुंभकरण की नींद

रामायण में रावण के भाई कुम्भकरण की भूमिका भी अद्भुत है। वो अपने विशाल शरीर और अपनी भूख से ज्यादा अपनी गहरी नींद के लिए जाना जाता था। माना जाता है कि राक्षस वंश का होने के बावजूद कुम्भकरण बुद्धिमान और बहादुर था। उसकी ताकत से देवराज इंद्र भी ईर्ष्या करते थे। एक बार रावण,

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भगवान शिव को तीसरी आंख कैसे मिली

भगवान शिव जी की हर प्रतिमा में उनके मस्तक पर एक आंख दिखाई देती है। इसे भोलेनाथ की तीसरी आंख कहते हैं। भगवान शिव के मस्तक पर तीसरी आंख है, इसलिए उन्हें त्रिलोचन भी कहा जाता है। वैसे क्या आप जानते हैं कि शिव जी को यह तीसरी आंख कैसे मिली? इस घटना के पीछे

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शिव-पार्वती विवाह कथा-पुराणों व तुलसीदास के अनुसार

शिव-पार्वती विवाह कथा-पुराणों के अनुसार~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~माता सती को ही पार्वती, दुर्गा, काली, गौरी, उमा, जगदम्बा, गिरीजा, अम्बे, शेरांवाली, शैलपुत्री, पहाड़ावाली, चामुंडा, तुलजा, अम्बिका आदि नामों से जाना जाता है। इनकी कहानी बहुत ही रहस्यमय है। यह किसी एक जन्म की कहानी नहीं कई जन्मों और कई रूपों की कहानी है।देवी भागवत पुराण में माता के 18

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इस कथा के बिना अधूरा है सोमवार का व्रत, भगवान शिव पूरी करेंगे सभी इच्छाएं

एक बार किसी एक नगर में एक साहूकार था। उसके घर में धन की कोई कमी नहीं थी लेकिन कोई संतान न होने के कारण वह बहुत दुखी था। संतान प्राप्ति के लिए वह हर सोमवार को व्रत रखता था और पूरी श्रद्धा के साथ शिव मंदिर जाकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा

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भगवान शिव को प्रसन्न करने के सबसे सरल व आसान उपाय

सनातन धर्म के आदिपंच देवों में से एक शंकर जी को संहार का देवता कहा जाता है। शंंकर जी सौम्य आकृति एवं रौद्ररूप दोनों के लिए विख्यात हैं। अन्य देवों से माना गया है। सृष्टि की उत्पत्ति, स्थिति एवं संहार के अधिपति शिव हैं। त्रिदेवों में भगवान शिव संहार के देवता माने गए हैं। शिव

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