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Vishnu Ji 108 Naam:विष्णु के 108 नाम अर्थ और मंत्र सहित जरूर पढ़ें

Vishnu Ji Ke 108 Naam In Hindi:विष्णु हिंदू धर्म के तीन प्रमुख देवताओं में से एक हैं। उन्हें संहारकर्ता के रूप में जाना जाता है। विष्णु के 108 नाम हैं, जिनमें से प्रत्येक का अपना अर्थ और महत्व है। भगवान विष्णु के 108 नाम । Lord Vishnu 108 Name In Hindi 1. विष्णु- ॐ विष्णवे नमः।- सर्वोत्तम

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Shree Ram Bhagwan Story:भगवान राम के बारे में सुनी-अनसुनी 10 कथाएं

भगवान विष्णु के अवतार श्री राम का नाम कौन नहीं जानता है। रामायण महाकाव्य के रचयिता महर्षि वाल्मीकि ने अपने ग्रंथ में लिखा है कि भगवान श्री राम में वैदिक सनातन धर्म की आत्मा कहे जाने वाले सभी गुण विद्यमान है।  Shree Ram भगवान श्री राम का जीवन परिचय त्रेतायुग में जन्में भगवान श्री राम

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Shree Ram भगवान श्रीराम को रामचंद्र जी क्यों कहा जाता है, जानिए यह पौराणिक कथा

Shree Ram मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम को सनातन संस्कृति का आधार माना जाता है। भगवान श्री राम, विष्णु जी के अवतार हैं। रामचरित मानस के अनुसार, भगवान श्री राम के शासन काल को राम राज्य कहा जाता है। भगवान श्री राम ने अपने जीवन काल में हमेशा एक न्यायप्रिय और प्रजाप्रिय राजा की तरह शासन

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महाभारत में श्रीकृष्ण और अर्जुन के ये संवाद हैं जीवन का असली सूत्र, जरूर जानें

महाभारत युद्ध के दौरान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कुछ उपदेश दिए, जिसके बाद अर्जुन ने युद्ध शुरू की और कौरवों को पराजित कर दिया. महाभारत के युद्ध को बुराई पर अच्छाई की जीत माना जाता है. महाभारत के दौरान भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जो उपदेश दिए, उसे जीवन का असली सूत्र माना गया है.

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 भगवान श्री कृष्ण द्वारा दिया गया वह ज्ञान जिससे आप भी बन सकते हैं सफल

भगवान श्री कृष्ण ने महाभारत के रणभूमि में अर्जुन के मन में धर्म और युद्ध के बीच चल रहे ध्वन्ध को गीता के उपदेश के माध्यम से समझाया था। उन्हीं उपदेशों को समझने से वर्तमान के समय में भी व्यक्ति सफलता हासिल कर सकता है। श्री कृष्ण का जीवन ऐसी ही बातों से भरा पड़ा

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सपने में मंदिर देखना

हमारी नींद में सपने क्यों आते हैं? सपनों के आने का वास्तविक कारण क्या है़ ? क्या उन सपनों का हमारे पूर्व जन्म या वर्तमान जन्म से कोई जुड़ाव होता है? नींद में दिखने वाले स्वप्न कितने सच होते हैं और कितने झूठ? हमारे जीवन से स्वप्नों का क्या संबंध है? कोई स्वप्न हमें क्या

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भगवान श्रीकृष्ण से पहले देवी योगमाया ने यशोदा मैया के गर्भ से लिया था जन्म, एक ही दिन मनाया जाता है जन्मोत्सव

महारास प्रसंग के समय रास पंचाध्यायी के प्रथम श्लोक में श्री शुकदेव जी कहते हैं- “योगमायामुपाश्रिता” अर्थात योगमाया का ही आश्रय ग्रहण कर भगवान श्रीकृष्ण ने महारास की इच्छा की. देश-दुनिया में आज धूमधाम से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है. भाद्रपद मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी योगेश्वर श्रीकृष्ण के प्राकट्य के साथ-साथ

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महाभारत की कहानी: द्रोपदी का चीर हरण | Draupadi Ka Cheer Haran

महाभारत ऐसा महाकाव्य है, जिसमें कई छोटी-बड़ी शिक्षाप्रद घटनाओं का जिक्र है। द्रौपदी चीरहरण भी महाभारत की ऐसी ही घटना है। द्रौपदी पांचाल देश की राजकुमारी थी और उसका विवाह अर्जुन से हुआ था। अर्जुन ने द्रौपदी के स्वयंवर में मछली की आंख में निशाना साधकर उससे विवाह किया था, लेकिन माता कुंती के अंजाने

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जानिए आखिर क्यों साधु-संत और ऋषि मुनि पहनते है लकड़ी के खड़ाऊ

आपने अक्सर साधु-संत और ऋषि मुनि के पैरों में लकड़ी के खड़ाऊ पहने देखा होगा इनका चलन कई लाखो साल पहले से चला आ रहा है। आज भी कई साधू संत इन्हे ही इस्तेमाल करते है लेकिन अब इनका प्रचलन कम हो गया है, लेकिन आपको बता दे कि इसके पीछे कई धर्मिक और वैज्ञानिक

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वट सावित्री व्रत में क्यों की जाती है वट वृक्ष की पूजा, जानिए पौराणिक महत्व

हिंदू धर्म की महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु के लिए वट सावित्री व्रत रखती हैं. यह त्यौहार ज्येष्ठ माह की अमावस्या के दिन पड़ता है. इस बार यह त्यौहार 30 मई को मनाया जाएगा. इस दिन महिलाएं व्रत रहकर वट वृक्ष की पूजा करती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि

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होली का वास्तविक स्वरुप

इस पर्व का प्राचीनतम नाम वासन्ती नव सस्येष्टि है अर्थात् बसन्त ऋतु के नये अनाजों से किया हुआ यज्ञ, परन्तु होली होलक का अपभ्रंश है। यथा–तृणाग्निं भ्रष्टार्थ पक्वशमी धान्य होलक: (शब्द कल्पद्रुम कोष) अर्धपक्वशमी धान्यैस्तृण भ्रष्टैश्च होलक: होलकोऽल्पानिलो मेद: कफ दोष श्रमापह।(भाव प्रकाश) अर्थात्―तिनके की अग्नि में भुने हुए (अधपके) शमो-धान्य (फली वाले अन्न) को

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बसंत पंचमी क्यों मनाई जाती है

वसंत पञ्चमी या श्रीपंचमी एक हिन्दू त्यौहार है। इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। … वसंत ऋतु का स्वागत करने के लिए माघ महीने के पाँचवे दिन एक बड़ा जश्न मनाया जाता था जिसमें विष्णु और कामदेव की पूजा होती हैं। यह वसंत पंचमी का त्यौहार कहलाता था।वसंत पञ्चमी या श्रीपंचमी एक हिन्दू त्यौहार है। इस

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