DURGA

Devi Skandmata

Devi Skandmata: मंत्र, प्रार्थना, स्तुति, ध्यान, स्तोत्र, कवच और आरती

Devi Skandmata मां दुर्गा का रूप हैं और माना जाता है कि वे अपने भक्तों की रक्षा करती हैं, जैसे एक मां अपने बच्चे को नुकसान से बचाती है। Devi Skandmata एक शक्तिशाली देवी हैं जिनके प्यार और देखभाल ने भगवान कार्तिकेय को राक्षस तारकासुर को हराने में मदद की। भगवान शिव और मां पार्वती

Devi Skandmata: मंत्र, प्रार्थना, स्तुति, ध्यान, स्तोत्र, कवच और आरती Read More »

Skanda Mata

Skanda Mata Puja Vidhi: नवरात्रि के 5वें दिन करें मां स्कंदमाता का पूजन: विधि, मंत्र और आरती सहित सम्पूर्ण जानकारी

Skanda Mata Ki Puja Kese Kare: नवरात्रि का पावन पर्व, देवी दुर्गा की शक्ति और भक्ति का उत्सव है. नौ दिनों और दस रातों तक चलने वाले इस महापर्व में, प्रत्येक दिन मां दुर्गा के एक विशिष्ट स्वरूप की पूजा की जाती है. Skanda Mata Puja Vidhi पांचवां दिन मां दुर्गा के पंचम स्वरूप, मां

Skanda Mata Puja Vidhi: नवरात्रि के 5वें दिन करें मां स्कंदमाता का पूजन: विधि, मंत्र और आरती सहित सम्पूर्ण जानकारी Read More »

Maa Kushmanda

Maa Kushmanda: मंत्र, प्रार्थना, स्तुति, ध्यान, स्तोत्र, कवच और आरती

Maa Kushmanda को शक्ति का एक रूप माना जाता है और उन्हें इस ब्रह्मांड को बनाने वाली के रूप में जाना जाता है। वह थी जिन्होंने अंधेरे को दूर किया और तीन दिव्य देवी और अन्य देवताओं को भी बनाया। कल्प (कल्पपंथ) के अंत के बाद, पराशक्ति ने देवी कुष्मांडा का रूप धारण किया और ब्रह्मांड

Maa Kushmanda: मंत्र, प्रार्थना, स्तुति, ध्यान, स्तोत्र, कवच और आरती Read More »

Maa Chandraghanta

Maa Chandraghanta:मां चंद्रघंटा का मंत्र, प्रार्थना, स्तुति, ध्यान, स्तोत्र, कवच और आरती

Maa Chandraghanta देवी पार्वती का विवाहित रूप हैं। भगवान शिव से विवाह के बाद देवी महागौरी ने अपने माथे को आधा चंद्र से सजाना शुरू किया और जिसके कारण देवी पार्वती को देवी चंद्रघंटा के नाम से जाना जाने लगा। नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है

Maa Chandraghanta:मां चंद्रघंटा का मंत्र, प्रार्थना, स्तुति, ध्यान, स्तोत्र, कवच और आरती Read More »

Durga Panchami

Durga Panchami 2025 Start Date: दुर्गा पूजा 2025: कब से शुरू होगी यह महापर्व, जानें शुभ तिथियां और महत्व !

Durga Panchami: हिंदू धर्म में दुर्गा पूजा का विशेष महत्व है। यह एक प्रमुख त्योहार है जो शारदीय नवरात्रि के दौरान मनाया जाता है और दुर्गोत्सव के नाम से भी जाना जाता है। विशेष रूप से पूर्वी भारत, जैसे बंगाल, ओडिशा, असम, त्रिपुरा, बिहार और झारखंड में इसे बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता

Durga Panchami 2025 Start Date: दुर्गा पूजा 2025: कब से शुरू होगी यह महापर्व, जानें शुभ तिथियां और महत्व ! Read More »

bhavAnIstuti

Himalayaraja Krita Shailaputri Stutih: हिमालयराजकृत शैलपुत्रीस्तुतिः

Himalayaraja Krita Shailaputri Stutih: हिमालयराजकृत शैलपुत्रीस्तुतिः हिमालय उवाच ।मातस्त्वं कृपयागृहे मम सुता जातासि नित्यापि यद्भाग्यं मे बहुजन्मजन्मजनितं मन्ये महत्पुण्यदम् ।दृष्टं रूपमिदं परात्परतरां मूर्तिं भवान्या अपि माहेशीं प्रति दर्शयाशु कृपया विश्वेशि तुभ्यं नमः ॥ १॥ श्रीदेव्युवाच ।ददामि चक्षुस्ते दिव्यं पश्य मे रूपमैश्वरम् ।छिन्धि हृत्संशयं विद्धि सर्वदेवमयीं पितः ॥ २॥ श्रीमहादेव उवाच ।इत्युक्त्वा तं गिरिश्रेष्ठं दत्त्वा विज्ञानमुत्तमम्

Himalayaraja Krita Shailaputri Stutih: हिमालयराजकृत शैलपुत्रीस्तुतिः Read More »

bhavAnIstuti

DurgAsUktam: दुर्गासूक्तम्

DurgAsUktam: दुर्गासूक्तम् ॥ अथ दुर्गा सूक्तम् ॥ ॐ जातवेदसे सुनवाम सोम मरातीयतो निदहाति वेदः ।स नः पर्षदति दुर्गाणि विश्वा नावेव सिन्धुं दुरिताऽत्यग्निः ॥ १॥ तामग्निवर्णां तपसा ज्वलन्तीं वैरोचनींकर्मफलेषु जुष्टाम् । दुर्गां देवीꣳ शरणमहंप्रपद्ये सुतरसि तरसे नमः ॥ २॥ अग्ने त्वं पारया नव्यो अस्मान्थ्स्वस्तिभिरति दुर्गाणि विश्वा ।पूश्च पृथ्वी बहुला न उर्वी भवा तोकाय तनयाय शंयोः ॥

DurgAsUktam: दुर्गासूक्तम् Read More »

bhavAnIstuti

Shri Durgamba Stotram:श्रीदुर्गाम्बास्तोत्रम्

Shri Durgamba Stotram:श्रीदुर्गाम्बास्तोत्रम् ज्ञानमात्रावशेषाया निष्पप्रपञ्चा निरङ्कुशा ।चिदानन्दघनात्यच्छा दुर्गाम्बां तां उपास्महे ॥ १॥ मन्त्राणां मातृका देवि ज्ञानानां ज्ञानरूपिणी ।ज्ञानानां चिन्मयातीता शून्यानां शून्यसाक्षिणी ॥ २॥ यस्याः परतरं नास्ति सैषा दुर्गा प्रकीर्तिता ।दुर्गात्सन्त्रायते यस्मात् देवी दुर्गेति कथ्यते ॥ ३॥ प्रपद्ये शरणं देवि दुराचारविधातिनीम् ।नमामि भवभीतोऽहं संसारार्णवतारिणीम् ॥ ४॥ इति श्रीसमर्थरामदासानुग्रहित श्रीरामपदपङ्कजभृङ्गायमानश्रीमत्परमहंसपरिव्राजकाचार्यवरभगवताश्रीश्रीधरस्वामिनाविरचितं श्रीदुर्गाम्बास्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥

Shri Durgamba Stotram:श्रीदुर्गाम्बास्तोत्रम् Read More »

bhavAnIstuti

Shri mahAchaNDyaShTottarashatanAmAvalI:श्रीमहाचण्ड्यष्टोत्तरशतनामावली

Shri mahAchaNDyaShTottarashatanAmAvalI:श्रीमहाचण्ड्यष्टोत्तरशतनामावली ॐ अस्यश्री महाचण्डी महामन्त्रस्य दीर्घतमा ऋषिः ककुप्छन्दः श्री महाचण्डिका दुर्गा देवता ॥ ह्रां – ह्रीं इत्यादिना न्यासमाचरेत्ध्यानम्शशलाञ्छनसम्युतां त्रिनेत्रांवरचक्राभयशङ्खशूलपाणिम् ।असिखेटकधारिणीं महेशीं त्रिपुरारातिवधूं शिवांस्मरामि ॥ मन्त्रः – ॐ ह्रीं श्च्यूं मं दुं दुर्गायै नमः ॐ ॥ ॥अथ महाचण्डी नामावलिः॥ ॐ चण्डिकायै नमः ।ॐ मङ्गलायै नमः ।ॐ सुशीलायै नमः ।ॐ परमार्थप्रबोधिन्यै नमः ।ॐ दक्षिणायै नमः ।ॐ

Shri mahAchaNDyaShTottarashatanAmAvalI:श्रीमहाचण्ड्यष्टोत्तरशतनामावली Read More »

bhavAnIstuti

Devistuti ShakrAdaya or Mahishantakarisuktam:शक्रादयकृता देवीस्तुतिः अथवा महिषन्तकरीसूक्तम्

Devistuti ShakrAdaya or Mahishantakarisuktam:शक्रादयकृता देवीस्तुतिः अथवा महिषन्तकरीसूक्तम् दुर्गा सप्तशत्यान्तर्गतम् ॥ अथ चतुर्थोऽध्यायः ॥ ऋषिरुवाच ॥ १॥ शक्रादयः सुरगणा निहतेऽतिवीर्ये तस्मिन्दुरात्मनि सुरारिबले च देव्या । तां तुष्टुवुः प्रणतिनम्रशिरोधरांसा वाग्भिः प्रहर्षपुलकोद्गमचारुदेहाः ॥ २॥ देव्या यया ततमिदं जगदात्मशक्त्या निश्शेषदेवगणशक्तिसमूहमूर्त्या । तामम्बिकामखिलदेवमहर्षिपूज्यां भक्त्या नताः स्म विदधातु शुभानि सा नः ॥ ३॥ यस्याः प्रभावमतुलं भगवाननन्तो ब्रह्मा हरश्च न हि वक्तुमलं

Devistuti ShakrAdaya or Mahishantakarisuktam:शक्रादयकृता देवीस्तुतिः अथवा महिषन्तकरीसूक्तम् Read More »

bhavAnIstuti

Shri Durganama Shodashi: श्रीदुर्गानामषोडशी

Shri Durganama Shodashi: श्रीदुर्गानामषोडशी दुर्गा नारायणीशाना विष्णुमाया शिवा सती ।नित्या सत्या भगवती शर्वाणी सर्वमङ्गळा ।अम्बिका वैष्णवी गौरी पार्वती च सनातनी ॥ एषा नाम्नां षोडशिका श्रीदुर्गायाः प्रियङ्करी ।कीर्तनादाशु सुखदा सर्वोपद्रवनाशिनी ।ॐ दुर्गायै नमः । नारायण्यै नमः । ईशानायै नमः । विष्णुमायायैनमः । शिवायै नमः । सत्यै नमः । नित्यायै नमः । सत्यायै नमः ।भगवत्यै नमः ।

Shri Durganama Shodashi: श्रीदुर्गानामषोडशी Read More »

bhavAnIstuti

ShrIdurgAsaptashlokI: श्रीदुर्गासप्तश्लोकी

ShrIdurgAsaptashlokI: श्रीदुर्गासप्तश्लोकी । अथ सप्तश्लोकी दुर्गा ।शिव उवाचदेवि त्वं भक्तसुलभे सर्वकार्यविधायिनी ।कलौ हि कार्यसिद्ध्यर्थमुपायं ब्रूहि यत्नतः ॥ देव्युवाचश‍ृणु देव प्रवक्ष्यामि कलौ सर्वेष्टसाधनम् ।मया तवैव स्नेहेनाप्यम्बास्तुतिः प्रकाश्यते ॥ ॐ अस्य श्रीदुर्गासप्तश्लोकीस्तोत्रमहामन्त्रस्य नारायण ऋषिः ।अनुष्टुभादीनि छन्दांसि । श्रीमहाकालीमहालक्ष्मीमहासरस्वत्यो देवताः ।श्रीदूर्गाप्रीत्यर्थं सप्तश्लोकी दुर्गापाठे विनियोगः ॥ ज्ञानिनामपि चेतांसि देवी भगवती हि सा ।बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति ॥ १॥ दुर्गे

ShrIdurgAsaptashlokI: श्रीदुर्गासप्तश्लोकी Read More »

App Download