AARTI

Shri Jagganath Sandhya Aarti:श्री जगन्नाथ संध्या आरती

Jagganath Sandhya Aarti:श्री जगन्नाथ संध्या आरती के लाभ Jagganath Sandhya Aarti:श्री जगन्नाथ जी की संध्या आरती का पाठ करना एक पवित्र अनुष्ठान है जो भक्तों को अनेक लाभ प्रदान करता है। यह आरती न केवल भक्ति भाव को बढ़ाती है बल्कि आध्यात्मिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आइए जानते हैं इस आरती के कुछ प्रमुख लाभ: Jagganath Sandhya Aarti:श्री जगन्नाथ संध्या आरती का पाठ कैसे करें: कहां से करें आरती: Jagganath Sandhya Aarti:आप जगन्नाथ पुरी मंदिर में जाकर संध्या आरती में शामिल हो सकते हैं या घर पर भी आरती का पाठ कर सकते हैं। ध्यान रखें: निष्कर्ष: Jagganath Sandhya Aarti:श्री जगन्नाथ संध्या आरती का पाठ एक शक्तिशाली साधन है जो मन को शांत करने और आध्यात्मिक उन्नति करने में मदद करता है। यदि आप नियमित रूप से आरती का पाठ करते हैं तो आपको कई लाभ प्राप्त हो सकते हैं। श्री जगन्नाथ संध्या आरती (Shri Jagganath Sandhya Aarti) अनंत रूप अन्नांत नामअनंत रूप अन्नांत नाम,अनंत रूप अन्नांत नाम,आधी मूला नारायाणाआधी मूला नारायाणा अनंत रूप अन्नांत नाम,अनंत रूप अन्नांत नाम,आधी मूला नारायाणाआधी मूला नारायाणा विस्वा रूपा विस्वा धाराविस्वा रूपा विस्वा धाराविस्ववयापका नारायाणाविस्ववयापका नारायाणाविस्वा तेजसा प्रज्ञा स्वरूपाविस्वा तेजसा प्रज्ञा स्वरूपा हे ढाया सिंधो कृष्णा हे ढायाअनंता सयाना हे जगानाथाअनंता सयाना हे जगानाथाकमला नयना हे माधवाकमला नयना हे माधवाकरुणा सागरा कालिया नर्धनाकरुणा सागरा कालिया नर्धना हे ढाया सिंधो कृष्णाहे ढाया सिंधो कृष्णाहे कृपा सिंधो कृष्णाहे कृपा सिंधो कृष्णा अनंत रूप अन्नांत नाम,अनंत रूप अन्नांत नाम,आधी मूला नारायाणाआधी मूला नारायाणा

Shri Jagganath Sandhya Aarti:श्री जगन्नाथ संध्या आरती Read More »

Tukaram Aarti:तुकाराम आरती

Tukaram Aarti:तुकाराम महाराज की आरती करने के अनेक लाभ हो सकते हैं। यह आरती भक्तों के जीवन में आध्यात्मिक, मानसिक, और भावनात्मक शांति प्रदान करती है। इसके प्रमुख फायदे निम्नलिखित हैं: 1. Tukaram Aarti:आध्यात्मिक उन्नति 2. Tukaram Aarti:मन की शांति 3. Tukaram Aarti:कर्मों की शुद्धि 4. Tukaram Aarti:सद्गुणों का विकास 5. Tukaram Aarti:पारिवारिक समृद्धि 6. भक्ति और ध्यान का प्रभाव 7. ईश्वर से जुड़ाव 8. संकटों का निवारण तुकाराम महाराज की आरती न केवल आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है बल्कि जीवन में आनंद और प्रेरणा का स्रोत भी बनती है। इसे नियमित रूप से करने से भक्ति और आस्था का विकास होता है। Tukaram Aarti:तुकाराम आरती आरती तुकाराम ।स्वामी सद्गुरु धाम ॥सच्चिदानंद मूर्ती ।पाय दाखवी आम्हा ॥ आरती तुकाराम ।स्वामी सद्गुरु धाम ॥सच्चिदानंद मूर्ती ।पाय दाखवी आम्हा ॥ राघवे सागरात ।पाषाण तारीले ॥तैसे हें तुकोबाचे ।अभंग उदकी रक्षिले ॥आरती तुकाराम ॥ आरती तुकाराम ।स्वामी सद्गुरु धाम ॥सच्चिदानंद मूर्ती ।पाय दाखवी आम्हा ॥ तुकिता तुलनेसी ।ब्रह्म तुकासी आले ॥म्हणोनि रामेश्वरे ।चरणी मस्तक ठेविले ॥ आरती तुकाराम ।स्वामी सद्गुरु धाम ॥सच्चिदानंद मूर्ती ।पाय दाखवी आम्हा ॥ आरती तुकाराम ।स्वामी सद्गुरु धाम ॥सच्चिदानंद मूर्ती ।पाय दाखवी आम्हा ॥

Tukaram Aarti:तुकाराम आरती Read More »

Shri Baba Balaknath Aarti:बाबा बालक नाथ आरती

Baba Balaknath Aarti:बाबा बालक नाथ आरती के फायदे Baba Balaknath Aarti:बाबा बालक नाथ जी की आरती का पाठ करने से मन को शांति मिलती है Baba Balaknath Aarti और आध्यात्मिक उन्नति होती है। मान्यता है कि इस आरती के नियमित पाठ से कई लाभ प्राप्त होते हैं, जैसे कि Baba Balaknath Aarti:बाबा बालक नाथ आरती का पाठ कैसे करें Baba Balaknath Aarti:कहां से करें आरती Baba Balaknath Aarti:आप बाबा बालक नाथ जी के मंदिर में जाकर आरती में शामिल हो सकते हैं या घर पर भी आरती का पाठ कर सकते हैं। Shri Baba Balaknath Aarti:बाबा बालक नाथ आरती ॐ जय कलाधारी हरे,स्वामी जय पौणाहारी हरे,भक्त जनों की नैया,दस जनों की नैया,भव से पार करे,ॐ जय कलाधारी हरे ॥ बालक उमर सुहानी,नाम बालक नाथा,अमर हुए शंकर से,सुन के अमर गाथा ।ॐ जय कलाधारी हरे ॥ शीश पे बाल सुनैहरी,गले रुद्राक्षी माला,हाथ में झोली चिमटा,आसन मृगशाला ।ॐ जय कलाधारी हरे ॥ सुंदर सेली सिंगी,वैरागन सोहे,गऊ पालक रखवालक,भगतन मन मोहे ।ॐ जय कलाधारी हरे ॥ अंग भभूत रमाई,मूर्ति प्रभु रंगी,भय भज्जन दुःख नाशक,भरथरी के संगी ।ॐ जय कलाधारी हरे ॥ रोट चढ़त रविवार को,फल, फूल मिश्री मेवा,धुप दीप कुदनुं से,आनंद सिद्ध देवा ।ॐ जय कलाधारी हरे ॥ भक्तन हित अवतार लियो,प्रभु देख के कल्लू काला,दुष्ट दमन शत्रुहन,सबके प्रतिपाला ।ॐ जय कलाधारी हरे ॥ श्री बालक नाथ जी की आरती,जो कोई नित गावे,कहते है सेवक तेरे,मन वाच्छित फल पावे ।ॐ जय कलाधारी हरे ॥ ॐ जय कलाधारी हरे,स्वामी जय पौणाहारी हरे,भक्त जनों की नैया,भव से पार करे,ॐ जय कलाधारी हरे ॥

Shri Baba Balaknath Aarti:बाबा बालक नाथ आरती Read More »

Guru Nanak Aarti:गुरु नानक आरती

Guru Nanak Aarti:गुरु नानक आरती के फायदे Guru Nanak Aarti:गुरु नानक देव जी की आरती सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, Guru Nanak Aarti बल्कि यह मन को शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरने का एक शक्तिशाली साधन है। इस आरती के नियमित जाप से व्यक्ति को कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। यहां कुछ प्रमुख फायदे दिए गए हैं: Guru Nanak Aarti:गुरु नानक देव जी की आरती का महत्व: Guru Nanak Aarti:गुरु नानक देव जी की आरती का जाप कैसे करें: निष्कर्ष: Guru Nanak Aarti:गुरु नानक देव जी की आरती एक शक्तिशाली साधन है जो व्यक्ति को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाने में मदद करता है। यह न केवल व्यक्तिगत जीवन में बल्कि समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक है। Guru Nanak Aarti:गुरु नानक आरती श्री गुरु नानक देव आरती ॥ धनासरी महला १ आरती ੴ सतिगुर प्रसादि ॥गगन मै थालु रवि चंदु दीपकबने तारिका मंडल जनक मोती ॥ धूपु मल आनलो पवणु चवरो करेसगल बनराइ फूलंत जोती ॥ कैसी आरती होइ भव खंडना तेरी आरती ॥अनहता सबद वाजंत भेरी रहाउ ॥ सहस तव नैन नन नैन है तोहि कउसहस मूरति नना एक तोही ॥ सहस पद बिमल नन एक पद गंध बिनुसहस तव गंध इव चलत मोही ॥ सभ महि जोति जोति है सोइ ॥तिस कै चानणि सभ महि चानणु होइ ॥ गुर साखी जोति परगटु होइ ॥जो तिसु भावै सु आरती होइ ॥ हरि चरण कमल मकरंद लोभित मनोअनदिनो मोहि आही पिआसा ॥ कृपा जलु देहि नानक सारिंगकउ होइ जा ते तेरै नामि वासा ॥ गगन मै थालु, रवि चंदु दीपक बने,तारका मंडल, जनक मोती।धूपु मलआनलो, पवण चवरो करे,सगल बनराइ फुलन्त जोति॥कैसी आरती होइ॥भवखंडना तेरी आरती॥अनहत सबद बाजंत भेरी॥

Guru Nanak Aarti:गुरु नानक आरती Read More »

Shri Ganesh Shendur Laal Chadhayo Aarti:श्री गणेश – शेंदुर लाल चढ़ायो आरती

Ganesh Shendur Laal Chadhayo Aarti:श्री गणेश – शेंदुर लाल चढ़ायो आरती के फायदे Ganesh Shendur Laal Chadhayo Aarti:श्री गणेश की आरती विशेषकर “शेंदुर लाल चढ़ायो” वाला मंत्र बहुत ही प्रसिद्ध और भक्तों द्वारा प्रिय है। इस आरती के गायन से व्यक्ति को कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं। यहां कुछ प्रमुख लाभ दिए गए हैं “शेंदुर लाल चढ़ायो” मंत्र का विशेष महत्व कैसे करें आरती निष्कर्ष श्री गणेश की आरती, विशेषकर “शेंदुर लाल चढ़ायो” वाला मंत्र, भक्तों के लिए एक शक्तिशाली साधन है। यह न केवल आध्यात्मिक लाभ प्रदान करता है बल्कि व्यक्ति के जीवन में समृद्धि और सफलता लाने में भी मदद करता है। क्या आप गणेश जी के बारे में और जानना चाहते हैं? यहां कुछ अन्य प्रश्न पूछे जा सकते हैं: Shri Ganesh Shendur Laal Chadhayo Aarti:श्री गणेश – शेंदुर लाल चढ़ायो आरती शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको ।दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको ।हाथ लिए गुडलद्दु सांई सुरवरको ।महिमा कहे न जाय लागत हूं पादको ॥जय देव जय देव.. जय देव जय देव,जय जय श्री गणराजविद्या सुखदाताधन्य तुम्हारा दर्शनमेरा मन रमता,जय देव जय देव ॥ अष्टौ सिद्धि दासी संकटको बैरि ।विघ्नविनाशन मंगल मूरत अधिकारी ।कोटीसूरजप्रकाश ऐबी छबि तेरी ।गंडस्थलमदमस्तक झूले शशिबिहारि ॥जय देव जय देव.. जय देव जय देव,जय जय श्री गणराजविद्या सुखदाताधन्य तुम्हारा दर्शनमेरा मन रमता,जय देव जय देव ॥ भावभगत से कोई शरणागत आवे ।संतत संपत सबही भरपूर पावे ।ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे ।गोसावीनंदन निशिदिन गुन गावे ॥ जय देव जय देव,जय जय श्री गणराजविद्या सुखदाताधन्य तुम्हारा दर्शनमेरा मन रमता,जय देव जय देव ॥

Shri Ganesh Shendur Laal Chadhayo Aarti:श्री गणेश – शेंदुर लाल चढ़ायो आरती Read More »

Tulsi Mata Aarti:तुलसी माता आरती

Tulsi Mata Aarti:दत्ताची आरतीचे फायदे Tulsi Mata Aarti:दत्ताची आरती हा एक पवित्र अनुष्ठान आहे जो भक्ती आणि श्रद्धेचे प्रतीक आहे. दत्तगुरुंच्या चरणी ही आरती गाणे हा एक आध्यात्मिक अनुभव आहे जो अनेक प्रकारे फायदेशीर ठरू शकतो. Tulsi Mata Aarti:दत्ताची आरतीचे काही प्रमुख फायदे खालीलप्रमाणे आहेत Tulsi Mata Aarti:दत्ताची आरती करताना काही गोष्टी लक्षात ठेवा अंततः, दत्ताची आरती हा एक वैयक्तिक अनुभव आहे. प्रत्येक व्यक्तीला याचा वेगवेगळ्या प्रकारे अनुभव येतो. जर तुम्ही दत्तगुरुंच्या भक्त असाल तर दत्ताची आरती तुमच्या आध्यात्मिक वाटचालीत एक महत्त्वपूर्ण टप्पा ठरू शकते. Tulsi Mata Aarti:तुलसी माता आरती जय जय तुलसी माता,मैया जय तुलसी माता ।सब जग की सुख दाता,सबकी वर माता ॥॥ जय तुलसी माता…॥ सब योगों से ऊपर,सब रोगों से ऊपर ।रज से रक्ष करके,सबकी भव त्राता ॥॥ जय तुलसी माता…॥ बटु पुत्री है श्यामा,सूर बल्ली है ग्राम्या ।विष्णुप्रिय जो नर तुमको सेवे,सो नर तर जाता ॥॥ जय तुलसी माता…॥ हरि के शीश विराजत,त्रिभुवन से हो वंदित ।पतित जनों की तारिणी,तुम हो विख्याता ॥॥ जय तुलसी माता…॥ लेकर जन्म विजन में,आई दिव्य भवन में ।मानव लोक तुम्हीं से,सुख-संपति पाता ॥॥ जय तुलसी माता…॥ हरि को तुम अति प्यारी,श्याम वर्ण सुकुमारी ।प्रेम अजब है उनका,तुमसे कैसा नाता ॥हमारी विपद हरो तुम,कृपा करो माता ॥ [Extra]॥ जय तुलसी माता…॥ जय जय तुलसी माता,मैया जय तुलसी माता ।सब जग की सुख दाता,सबकी वर माता ॥

Tulsi Mata Aarti:तुलसी माता आरती Read More »

Datta Aarti:दत्ताची आरती

Datta Aarti:दत्ताची आरतीचे फायदे Datta Aarti:दत्ताची आरती हा एक पवित्र अनुष्ठान आहे जो भक्ती आणि श्रद्धेचे प्रतीक आहे. दत्तगुरुंच्या चरणी ही आरती गाणे हा एक आध्यात्मिक अनुभव आहे जो अनेक प्रकारे फायदेशीर ठरू शकतो. Datta Aarti:दत्ताची आरतीचे काही प्रमुख फायदे खालीलप्रमाणे आहेत Datta Aarti:दत्ताची आरती करताना काही गोष्टी लक्षात ठेवा अंततः, दत्ताची आरती हा एक वैयक्तिक अनुभव आहे. प्रत्येक व्यक्तीला याचा वेगवेगळ्या प्रकारे अनुभव येतो. जर तुम्ही दत्तगुरुंच्या भक्त असाल तर दत्ताची आरती तुमच्या आध्यात्मिक वाटचालीत एक महत्त्वपूर्ण टप्पा ठरू शकते. Datta Aarti:दत्ताची आरती त्रिगुणात्मक त्रैमूर्ती दत्त हा जाणा ।त्रिगुणी अवतार त्रैलोक्य राणा ।नेती नेती शब्द न ये अनुमाना ॥सुरवर मुनिजन योगी समाधी न ये ध्याना ॥ जय देव जय देव जय श्री गुरुद्त्ता ।आरती ओवाळिता हरली भवचिंता ॥ सबाह्य अभ्यंतरी तू एक द्त्त ।अभाग्यासी कैची कळेल हि मात ॥पराही परतली तेथे कैचा हेत ।जन्ममरणाचाही पुरलासे अंत ॥ दत्त येऊनिया ऊभा ठाकला ।भावे साष्टांगेसी प्रणिपात केला ॥प्रसन्न होऊनि आशीर्वाद दिधला ।जन्ममरणाचा फेरा चुकवीला ॥ दत्त दत्त ऐसें लागले ध्यान ।हरपले मन झाले उन्मन ॥मी तू पणाची झाली बोळवण ।एका जनार्दनी श्रीदत्तध्यान ॥

Datta Aarti:दत्ताची आरती Read More »

Ram Lala Ki Aarti:आरती राम लला की

Ram Lala Ki Aarti:आरती राम लला की के फायदे Ram Lala Ki Aarti:आरती एक धार्मिक अनुष्ठान है जो भक्ति और श्रद्धा को व्यक्त करने का एक माध्यम है। Ram Lala Ki Aarti राम लला भगवान राम का एक रूप हैं, जिन्हें हिंदू धर्म में आदर्श पुरुष माना जाता है। इसलिए, आरती राम लला की करने से कई लाभ मिल सकते हैं। ये लाभ मुख्यतः मानसिक और आध्यात्मिक होते हैं। Ram Lala Ki Aarti:यहां कुछ प्रमुख लाभ दिए गए हैं ध्यान रखें Ram Lala Ki Aarti:आरती राम लला की के फायदे आरती कीजे श्रीरामलला की ।पूण निपुण धनुवेद कला की ॥ धनुष वान कर सोहत नीके ।शोभा कोटि मदन मद फीके ॥ सुभग सिंहासन आप बिराजैं ।वाम भाग वैदेही राजैं ॥ कर जोरे रिपुहन हनुमाना ।भरत लखन सेवत बिधि नाना ॥ शिव अज नारद गुन गन गावैं ।निगम नेति कह पार न पावैं ॥ नाम प्रभाव सकल जग जानैं ।शेष महेश गनेस बखानैं ॥ भगत कामतरु पूरणकामा ।दया क्षमा करुना गुन धामा ॥ सुग्रीवहुँ को कपिपति कीन्हा ।राज विभीषन को प्रभु दीन्हा ॥ खेल खेल महु सिंधु बधाये ।लोक सकल अनुपम यश छाये ॥ दुर्गम गढ़ लंका पति मारे ।सुर नर मुनि सबके भय टारे ॥ देवन थापि सुजस विस्तारे ।कोटिक दीन मलीन उधारे ॥ कपि केवट खग निसचर केरे ।करि करुना दुःख दोष निवेरे ॥ देत सदा दासन्ह को माना ।जगतपूज भे कपि हनुमाना ॥ आरत दीन सदा सत्कारे ।तिहुपुर होत राम जयकारे ॥ कौसल्यादि सकल महतारी ।दशरथ आदि भगत प्रभु झारी ॥ सुर नर मुनि प्रभु गुन गन गाई ।आरति करत बहुत सुख पाई ॥ धूप दीप चन्दन नैवेदा ।मन दृढ़ करि नहि कवनव भेदा ॥ राम लला की आरती गावै ।राम कृपा अभिमत फल पावै ॥

Ram Lala Ki Aarti:आरती राम लला की Read More »

Baba Goraknath Aarti:बाबा गोरखनाथ आरती

Baba Goraknath Aarti:बाबा गोरखनाथ आरती के लाभ Baba Goraknath Aarti:बाबा गोरखनाथ, नाथ संप्रदाय के एक प्रमुख संत हैं और उन्हें योगीश्वर भी कहा जाता है। Baba Goraknath Aarti उनकी आरती का गायन न केवल आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करता है बल्कि कई अन्य लाभ भी देता है। Baba Goraknath Aarti:बाबा गोरखनाथ आरती के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं: कब करें आरती: कैसे करें आरती: ध्यान रखें: Baba Goraknath Aarti:बाबा गोरखनाथ आरती जय गोरख देवा,जय गोरख देवा ।कर कृपा मम ऊपर,नित्य करूँ सेवा ॥ शीश जटा अति सुंदर,भाल चन्द्र सोहे ।कानन कुंडल झलकत,निरखत मन मोहे ॥ गल सेली विच नाग सुशोभित,तन भस्मी धारी ।आदि पुरुष योगीश्वर,संतन हितकारी ॥ नाथ नरंजन आप ही,घट घट के वासी ।करत कृपा निज जन पर,मेटत यम फांसी ॥ रिद्धी सिद्धि चरणों में लोटत,माया है दासी ।आप अलख अवधूता,उतराखंड वासी ॥ अगम अगोचर अकथ,अरुपी सबसे हो न्यारे ।योगीजन के आप ही,सदा हो रखवारे ॥ ब्रह्मा विष्णु तुम्हारा,निशदिन गुण गावे ।नारद शारद सुर मिल,चरनन चित लावे ॥ चारो युग में आप विराजत,योगी तन धारी ।सतयुग द्वापर त्रेता,कलयुग भय टारी ॥ गुरु गोरख नाथ की आरती,निशदिन जो गावे ।विनवित बाल त्रिलोकी,मुक्ति फल पावे ॥

Baba Goraknath Aarti:बाबा गोरखनाथ आरती Read More »

Bharat Mata Ki Aarti:भारत माता की आरती

Bharat Mata Ki Aarti:भारत माता की आरती के लाभ Bharat Mata Ki Aarti:भारत माता की आरती करना मात्र एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रभक्ति और देश प्रेम का प्रतीक भी है। यह आरती न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करती है बल्कि देश के प्रति समर्पण की भावना को भी जागृत करती है। Bharat Mata Ki Aarti:भारत माता की आरती के कुछ प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं: Bharat Mata Ki Aarti:कब करें आरती: Bharat Mata Ki Aarti:कैसे करें आरती: ध्यान रखें: Bharat Mata Ki Aarti:भारत माता की आरती आरती भारत माता की,जगत के भाग्य विधाता की ।आरती भारत माता की,ज़गत के भाग्य विधाता की । सिर पर हिम गिरिवर सोहै,चरण को रत्नाकर धोए,देवता गोदी में सोए,रहे आनंद, हुए न द्वन्द,समर्पित छंद,बोलो जय बुद्धिप्रदाता की,जगत के भाग्य विधाता की आरती भारत माता की,जगत के भाग्यविधाता की । जगत में लगती है न्यारी,बनी है इसकी छवि न्यारी,कि दुनियाँ देख जले सारी,देखकर झलक,झुकी है पलक, बढ़ी है ललक,कृपा बरसे जहाँ दाता की,जगत के भाग्य विधाता की आरती भारत माता की,जगत के भाग्यविधाता की । गोद गंगा जमुना लहरे,भगवा फहर फहर फहरे,लगे हैं घाव बहुत गहरे,हुए हैं खण्ड, करेंगे अखण्ड,देकर दंड मौत परदेशी दाता की,जगत के भाग्य विधाता की आरती भारत माता की,जगत के भाग्यविधाता की । पले जहाँ रघुकुल भूषण राम,बजाये बँसी जहाँ घनश्याम,जहाँ का कण कण तीरथ धाम,बड़े हर धर्म, साथ शुभ कर्म,लढे बेशर्म बनी श्री राम दाता की,जगत के भाग्य विधाता की आरती भारत माता की,जगत के भाग्यविधाता की । बड़े हिन्दू का स्वाभिमान ,किया केशव ने जीवनदान,बढाया माधव ने भी मान,चलेंगे साथ,हाथ में हाथ, उठाकर माथ,शपथ गीता गौमाता की,जगत के भाग्य विधाता कीआरती भारत माता की,जगत के भाग्यविधाता की ।

Bharat Mata Ki Aarti:भारत माता की आरती Read More »

Shakumbhari Devi Ki Aarti:श्री शाकुम्भरी देवी जी की आरती

Shakumbhari Devi Ki Aarti:श्री शाकुम्भरी देवी जी की आरती के लाभ Shakumbhari Devi Ki Aarti:श्री शाकुम्भरी देवी जी की आरती का गायन मात्र ही मन को शांति और आत्मविश्वास प्रदान करता है। यह माना जाता है कि उनकी कृपा से भक्तों के सभी संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। Shakumbhari Devi Ki Aarti:श्री शाकुम्भरी देवी जी की आरती के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं: Shakumbhari Devi Ki Aarti:कब करें आरती: कैसे करें आरती: ध्यान रखें: Shakumbhari Devi Ki Aarti:श्री शाकुम्भरी देवी जी की आरती हरि ओम श्री शाकुम्भरी अंबा जी की आरती क़ीजोएसी अद्वभुत रूप हृदय धर लीजोशताक्षी दयालू की आरती किजो तुम परिपूर्ण आदि भवानी माँ,सब घट तुम आप भखनी माँशकुंभारी अंबा जी की आरती किजो तुम्ही हो शाकुम्भर,तुम ही हो सताक्षी माँशिवमूर्ति माया प्रकाशी माँशाकुम्भरी अंबा जी की आरती किजो नित जो नर नारी अंबे आरती गावे माँइच्छा पूरण किजो,शाकुम्भर दर्शन पावे माँशाकुम्भरी अंबा जी की आरती किजो जो नर आरती पढ़े पढ़ावे माँ,जो नर आरती सुनावे माँबस बैकुण्ठ शाकुम्भर दर्शन पावेशाकुम्भरी अंबा जी की आरती किजो

Shakumbhari Devi Ki Aarti:श्री शाकुम्भरी देवी जी की आरती Read More »

Kushmanda Aarti:कूष्मांडा आरती

Kushmanda Aarti:मां कूष्मांडा आरती के लाभ Kushmanda Aarti:मां कूष्मांडा की आरती का गायन मात्र ही मन को शांति और आत्मविश्वास प्रदान करता है। यह माना जाता है कि उनकी कृपा से भक्तों के सभी संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। Kushmanda Aarti:मां कूष्मांडा आरती के प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं: कब करें आरती: कैसे करें आरती: ध्यान रखें: अन्य लाभ: निष्कर्ष: Kushmanda Aarti:मां कूष्मांडा की आरती का गायन एक पवित्र अनुष्ठान है Kushmanda Aarti जो भक्तों को शांति, आत्मविश्वास और आध्यात्मिक विकास प्रदान करता है। Kushmanda Aarti:कूष्मांडा आरती माँ कूष्मांडा आरती:कूष्मांडा जय जग सुखदानी ।मुझ पर दया करो महारानी ॥ पिगंला ज्वालामुखी निराली ।शाकंबरी मां भोली भाली ॥ लाखों नाम निराले तेरे ।भक्त कई मतवाले तेरे ॥ भीमा पर्वत पर है डेरा ।स्वीकारो प्रणाम ये मेरा ॥ सबकी सुनती हो जगदंबे ।सुख पहुंचती हो मां अंबे ॥ तेरे दर्शन का मैं प्यासा ।पूर्ण कर दो मेरी आशा ॥ मां के मन में ममता भारी ।क्यों ना सुनेगी अरज हमारी ॥ तेरे दर पर किया है डेरा ।दूर करो माँ संकट मेरा ॥ मेरे कारज पूरे कर दो ।मेरे तुम भंडारे भर दो ॥ तेरा दास तुझे ही ध्याए ।भक्त तेरे दर शीश झुकाए ॥

Kushmanda Aarti:कूष्मांडा आरती Read More »