शीतला माता मंदिर:इंदौर, मध्य प्रदेश, भारत

Sheetla Mata Mandir:शीतला माता का यह मंदिर “शीतला माता वाटरफॉल “के नाम से भी जाना जाता है।

Sheetla Mata Mandir:शीतला माता मंदिर इंदौर से 55 किमी की दूरी पर मानपुर के रामपुरिया बुजर्ग गांव में स्थित है शीतला माता मंदिर। इस मंदिर से केवल 3 किमी की दूरी पर है शीतला माता जलप्रपात। जो भक्त यहाँ माता के दर्शन करने आते हैं। वह दर्शन के साथ साथ प्रकृति का भी आनंद लेते हैं। माता का यह मंदिर अति प्राचीन है और यह हजारों फ़ीट नीचे खाई में एक गुफा में स्थित है। शीतला माता का यह मंदिर “शीतला माता वाटरफॉल “के नाम से भी जाना जाता है।

शीतला माता मंदिर का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। मंदिर के स्थापत्य की कोई सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। परन्तु ऐसा कहा जाता है कि माता की प्रतिमा स्वयं से प्रकट हुई हैं। यह प्रतिमा 1000 साल पुरानी है। किदवंती यह भी है कि इस मंदिर का जीर्वोद्धार सन् 1857 में किया गया था।

इस मंदिर कि ऐसी मान्यता है कि यहाँ पर माता के दर्शन करने के लिए शेर आता है और वह माता के दर्शन करके चला जाता है। कहा जाता है कि माता भक्तों के दुःख और मुसीबतों को दूर करती हैं। इस स्थान पर तीन खूबसूरत गुफाएं भी हैं और यह भी माना जाता है कि होल्कर राज्य के पिंडारी यहीं छिपे थे। स्कंद पुराण के अनुसार शीतला माता चेचक रोग की देवी हैं, जो सभी भक्तों के चेचक रोग को हर लेती हैं।

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मंदिर की वास्तुकला की बात करें तो मंदिर बहुत ही प्राचीन है और यह एक प्राकृतिक गुफा में स्थित है। इस कारण यहाँ पर कोई भी निर्माण कार्य नहीं हो सकता है। वहीं पाषाण रूप में शीतला माता विराजित है। उनका रंग सिंदूरी है। गुफा में प्रवेश करने पर आप माता के दर्शन कर सकते है। मंदिर के पास ही बहुत खूबसूरत झरनें भी है। मंदिर में भगवान शिव की पिंडी भी विराजित हैं। साथ ही नंदी जी भी विराजमान हैं। कहा जाता है कि भगवान शिव का यह रूप नेपाल के पशुपतिनाथ के जैसा ही है।

शीतला माता मंदिर खुलने का समय

08:00 AM – 05:00 PM

मंदिर में चना चिरौंजी ,लड्डू का भोग लगाया जाता है। आप माता को चुनरी भी चढ़ा सकते है। पुष्प भी अर्पण किये जाते है।

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