2025

Puratanapureshvari

Shriannapurnasahasranamastotram: श्रीअन्नपूर्णासहस्रनामस्तोत्रम्

Shriannapurnasahasranamastotram: श्रीअन्नपूर्णासहस्रनामस्तोत्रम् श्रीरुद्रयामले कैलासशिखरासीनं देवदेवं महेश्वरम् ।प्रणम्य दण्डवद्भूमौ पार्वती परिपृच्छति ॥ १॥ श्रीपार्वत्युवाच ।अन्नपूर्णा महादेवी त्रैलोक्ये जीवधारिणी ।नाम्नां सहस्रं तस्यास्तु कथयस्व महाप्रभो ॥ २॥ श्रीशिव उवाच ।श‍ृणु देवि वरारोहे जगत्कारणि कौलिनि ।आराधनीया सर्वेषां सर्वेषां परिपृच्छसि ॥ ३॥ सहस्रैर्नामभिर्दिव्यैस्त्रैलोक्यप्राणिपूजितैः ।अन्नदायास्स्तवं दिव्यं यत्सुरैरपि वाञ्छितम् ॥ ४॥ कथयामि तव स्नेहात्सावधानाऽवधारय ।गोपनीयं प्रयत्नेन स्तवराजमिदं शुभम् ॥ ५॥ न प्रकाश्यं

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Puratanapureshvari

Annapurnakavacham: अन्नपूर्णाकवचम्

Annapurnakavacham: अन्नपूर्णाकवचम् द्वात्रिंशद्वर्णमन्त्रोऽयं शङ्करप्रतिभाषितः ।अन्नपूर्णा महाविद्या सर्वमन्त्रोत्तमोत्तमा ॥ १॥ पूर्वमुत्तरमुच्चार्य सम्पुटीकरणमुत्तमम् ।स्तोत्रमन्त्रस्य ऋषिर्ब्रह्मा छन्दो त्रिष्टुबुदाहृतः ॥ २॥ देवता अन्नपूर्णा च ह्रीं बीजमम्बिका स्मृता ।स्वाहा शक्तिरिति ज्ञेयं भगवति कीलकं मतम् ॥ ३॥ धर्माऽर्थ-काम-मोक्षेषु विनियोग उदाहृतः ।ॐ ह्रीं भगवति माहेश्वरि अन्नपूर्णायै स्वाहा ।सप्तार्णवमनुष्याणां जपमन्त्रः समाहितः ॥ ४॥ अन्नपूर्णे इमं मन्त्रं मनुसप्तदशाक्षरम् ।सर्व सम्पत्प्रदो नित्यं सर्वविश्वकरी तथा ॥

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Vamana Jayanti 2025

Vamana Jayanti 2025 Date: वामन जयंती 2025: तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजन विधि – पाएं भगवान विष्णु का आशीर्वाद !

Vamana Jayanti 2025 Date: भगवान विष्णु के पांचवें अवतार वामन देव को समर्पित वामन जयंती 2025 का पावन पर्व गुरुवार, 4 सितंबर 2025 को मनाया जाएगा। इसे वामन द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह उत्सव भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को पड़ता है। भक्तों का

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Bhuvaneshvari Jayanti

Bhuvaneshvari Jayanti 2025 Date:भुवनेश्वरी जयंती 2025: तिथि, महत्व और पूजा विधि –जानें देवी भुवनेश्वरी की महिमा

Bhuvaneshvari Jayanti 2025: हिंदू धर्म में, शक्ति स्वरूपा देवी के दस रूप हैं, जिन्हें दश महाविद्या कहा जाता है। इन दस महाविद्याओं में देवी भुवनेश्वरी चौथी महाविद्या हैं। वह अपने भक्तों को अभय सहित अनेक प्रकार की सिद्धियां प्रदान करती हैं। गृहस्थ लोग संतान प्राप्ति की कामना से देवी भुवनेश्वरी की पूजा करते हैं। Bhuvaneshvari

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Radha Ashtami

Radha Ashtami Vrat Niyam: राधा अष्टमी व्रत में इन नियमों का रखें ध्यान, वरना अधूरी रह सकती है पूजा….

Radha Ashtami Vrat Niyam: हिंदू धर्म में राधा अष्टमी का पर्व अत्यंत पावन और श्रद्धा से भरा हुआ दिन माना जाता है। यह दिन भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त और प्रेम स्वरूपा श्री राधा रानी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। Radha Ashtami खासकर ब्रजभूमि, मथुरा और वृंदावन जैसे तीर्थस्थलों पर इस दिन

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Mystery of dreams

Mystery of dreams: सपनों का रहस्य रोने और परीक्षा छूटने के सपनों का क्या है मतलब ?

Crying and Exams Dreams: What Do They Mean? | Dream Science Mystery of dreams: क्या आपने कभी सपने में खुद को रोते हुए देखा है? या फिर कभी ऐसा हुआ है कि आपकी परीक्षा छूट गई हो ? सपने हमारे जीवन का एक अनसुलझा और रहस्यमय हिस्सा होते हैं, जो अक्सर हमें भविष्य के बारे

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bhavAnIstuti

shrI ChaNDIpAThaH: श्रीचण्डीपाठः

ShrI ChaNDIpAThaH: श्रीचण्डीपाठः ॥ ॐ श्री देवैः नमः ॥ ॥ अथ चंडीपाठः ॥ या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता ।नमस्तस्यै १४ नमस्तस्यै १५ नमस्तस्यै नमो नमः ॥ ५-१६॥ या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभिधीयते ।नमस्तस्यै १७ नमस्तस्यै १८ नमस्तस्यै नमो नमः ॥ ५-१९॥ या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेण संस्थिता ।नमस्तस्यै २० नमस्तस्यै २१ नमस्तस्यै नमो नमः ॥ ५-२२॥ या

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ChaNDikA HRidaya stotram: चण्डिकाहृदयस्तोत्रम्

ChaNDikA HRidaya stotram: चण्डिकाहृदयस्तोत्रम् अस्य श्री चण्डिका हृदय स्तोत्र महामन्त्रस्य ।मार्क्कण्डेय ऋषिः, अनुष्टुप्च्छन्दः, श्री चण्डिका देवता ।ह्रां बीजं, ह्रीं शक्तिः, ह्रूं कीलकं,अस्य श्री चण्डिका प्रसाद सिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः ।ह्रां इत्यादि षडंग न्यासः । ध्यानं ।सर्वमंगळ मांगल्ये शिवे सर्वार्त्थ साधिके ।शरण्ये त्र्यम्बके गौरी नारायणी नमोऽस्तुते ॥ ब्रह्मोवाच ।अथातस्सं प्रवक्ष्यामि विस्तरेण यथातथं ।चण्डिका हृदयं गुह्यं श‍ृणुष्वैकाग्रमानसः ।

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Shri Chamunda Stutih: श्रीचामुण्डा स्तुतिः

Shri Chamunda Stutih: श्रीचामुण्डा स्तुतिः जयस्व देवि चामुण्डे जय भूताऽपहारिणि ।जय सर्वगते देवि कालरात्रि नमोऽस्तु ते ॥ १॥ विश्वमूर्तियुते शुद्धे विरूपाक्षी त्रिलोचने ।भीमरूपे शिवे विद्ये महामाये महोदरे ॥ २॥ मनोजये मनोदुर्गे भीमाक्षि क्षुभितक्षये ।महामारि विचित्राङ्गि गीतनृत्यप्रिये शुभे ॥ ३॥ विकरालि महाकालि कालिके पापहारिणि ।पाशहस्ते दण्डहस्ते भीमहस्ते भयानके ॥ ४॥ चामुण्डे ज्वलमानास्ये तीक्ष्णदंष्ट्रे महाबले ।शिवयानप्रिये देवी

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Shri Durga Panjara Stotram:श्रीदुर्गा पञ्जरस्तोत्रम्

Shri Durga Panjara Stotram:श्रीदुर्गा पञ्जरस्तोत्रम् विनियोगःॐ अस्य श्रीदुर्गा पञ्जरस्तोत्रस्य सूर्य ऋषिः, त्रिष्टुप्छन्दः,छाया देवता, श्रीदुर्गा पञ्जरस्तोत्र पाठे विनियोगः ।ध्यानम् ।ॐ हेम प्रख्यामिन्दु खण्डात्तमौलिं शङ्खाभीष्टा भीति हस्तां त्रिनेत्राम् ।हेमाब्जस्थां पीन वस्त्रां प्रसन्नां देवीं दुर्गां दिव्यरूपां नमामि ।अपराध शतं कृत्वा जगदम्बेति चोच्चरेत् ।यां गतिं समवाप्नोति नतां ब्रह्मादयः सुराः ।सापराधोऽस्मि शरणं प्राप्तस्त्वां जगदम्बिके ॥ १॥ मार्कण्डेय उवाच –दुर्गे दुर्गप्रदेशेषु

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Santan Saptami

Santan Saptami 2025: 29 या 30 अगस्त? जानें सही तिथि, पूजा विधि और महत्व

Santan Saptami;प्रत्येक वर्ष भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को संतान सप्तमी का व्रत रखा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए किया जाता है।Santan Saptami 2025 माताएं अपने बच्चों के कल्याण के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं।सनातन धर्म

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Ganesh Visarjan

Ganesh Visarjan 2025 date: अनंत चतुर्दशी से पहले इन दिनों में कर सकते हैं बप्पा को विदा, जानें गणेश जी के विसर्जन की तिथियां…

Ganesh Visarjan: हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से गणेश उत्सव का शुभारंभ होता है. यह पर्व दस दिनों तक पूरे भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जाता है, और अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति बप्पा के विसर्जन के साथ इसका समापन होता है. गणेश चतुर्थी का महत्व इसलिए भी विशेष

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