May 15, 2025

वीरभद्र मंदिर:ऋषिकेश, उत्तराखंड, भारत

भगवान शिव के क्रोध से हुयी थी वीरभद्र की उत्पत्ति वीरभद्र मंदिर:उत्तराखंड के ऋषिकेश में स्थित है वीरभद्र मंदिर। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। इस मंदिर में भगवान शिव के अवतार वीरभद्र की पूजा अर्चना की जाती है। इस मंदिर में शिवरात्रि और सावन के अवसर पर रात्रि जागरण और विशेष पूजा का

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भारत माता मन्दिर:इंदौर, मध्य प्रदेश, भारत

इस मंदिर को बनाने के पीछे लोगों के मन में राष्ट्रधर्म की भावना विकसित करना मकसद है। भारत माता मन्दिर भारत में मंदिरों में आमतौर पर देवी देवताओं के साथ लोग अपने आराध्य की मूर्ति स्थापित कर उनकी पूजा अर्चना की जाती है, लेकिन मध्य प्रदेश के इंदौर में एक ऐसा मंदिर है, जहां भारत

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Mahakali Stotra:महाकाली स्तोत्र

Mahakali Stotra महाकाली स्तोत्र: मां कालिका के स्वरूप में जो बात भयावह है, वह भक्तों को उससे कहीं अधिक सुखद और आनंदित करने वाली है। आमतौर पर मां काली की पूजा तपस्वी और तांत्रिक ही करते हैं। ऐसा माना जाता है कि मां Mahakali Stotra काली काल का अतिक्रमण कर मोक्ष प्रदान करती हैं। वे

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Mahakaal Stotra:महाकाल स्तोत्र

Mahakaal Stotra महाकाल स्तोत्र: महाकाल स्तोत्र का वर्णन स्वयं भगवान महाकाल ने देवी भैरवी को किया था। महाकाल स्तोत्र की महिमा का वर्णन जितना किया जाए उतना कम है। महाकाल स्तोत्र में भगवान महाकाल के विभिन्न नामों का वर्णन किया गया है। यह शिव भक्तों के लिए वरदान है। महाकाल स्तोत्र के जाप से साधक

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 Lucky Dreams in Brahm Muhurt:ब्रह्म मुहूर्त में दिखे ये सपने तो हो जाएंगे खुश, घर में छाई कंगाली जल्द होगी दूर

Lucky Dreams in Brahm Muhurt:स्वप्न शास्त्र अनुसार अगर आप ब्रह्म मुहूर्त में खुद को नदी में स्नान करते हुए या डुबकी लगाते हुए देखते हैं तो यह सपना बहुत शुभ माना गया है रात में सोते समय अमूमन हर इंसान सपने देखता है. कभी सपना बहुत ही खुशनुमा होता है, तो कभी बहुत ही कष्टदायक.

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Dhumavati Jayanti 2025 Date:धूमावती जयंती कब है? सातवीं महाविद्या की पूजा से दरिद्रता होगी दूर,ये 7 मंत्र गरीबी को करेंगे दूर

Dhumavati Jayanti 2025 Date: ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी तिथि को मां धूमावती की उत्पत्ति हुई थी, इसलिए हर साल ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी को धूमावती जयंती मनाते हैं. मां धूमावती की पूजा और व्रत करने से दुख और दरिद्रता का नाश होता है, धन-वैभव में बढ़ोत्तरी होती है. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते

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