September 2022

शिव का रहस्य

महाशिवपुराण जैसे अनेक ग्रंथ जहाँ हमें शिव सागर की गहराइयों में ले जाते हैं। वहीं भगवान शिव के अनगिनत रहस्यों से परिचित कराते है़। आज भगवान शिव के रहस्यों से आपको हम परिचित करायेंगे। पशुपति नाथ की अदभुत लीला को जानकर हर कोई भगवान महाकाल के चरणों में नतमस्तक हो जाता है़। क्योंकि तीनों लोकों

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सपने में मंदिर देखना

हमारी नींद में सपने क्यों आते हैं? सपनों के आने का वास्तविक कारण क्या है़ ? क्या उन सपनों का हमारे पूर्व जन्म या वर्तमान जन्म से कोई जुड़ाव होता है? नींद में दिखने वाले स्वप्न कितने सच होते हैं और कितने झूठ? हमारे जीवन से स्वप्नों का क्या संबंध है? कोई स्वप्न हमें क्या

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पौराणिक रहस्य कथा

हमारे पौराणिक ग्रंथों को रचते समय विद्वान लेखकों ने ऐसे-ऐसे हैरतअंगेज रहस्यों का उल्लेख किया है़ कि जिसको जानने के बाद हर कोई आश्चर्य में पड़ जाता है़। तब सभी के मन में कौतूहल जन्म ले लेता है़ और हृदय में यही सवाल उठ खड़ा होता है कि क्या ऐसा भी हो सकता है ?

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हनुमान जी की कथा-हनुमान

हनुमान जी की कथा-हनुमान वानरराज केसरी और अप्रतिम सुंदरी अंजना को शिव की कृपा से पुत्र की प्राप्ति हुई जिसका नाम अंजनेय था। अंजना को अपने पुत्र को छोड़कर वापस स्वर्ग जाना था। अंजनेय दुःखी थे। उन्होंने अपनी माँ से कहा, “माँ, तुम्हारे बिना मैं कैसे रहूँगा? मैं क्या खाऊँगा?  अंजना ने प्यार से अपने

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भगवान शिव की कहानी-स्वयंभू और उनकी तीसरी आँख

भगवान शिव की कहानी-स्वयंभू और उनकी तीसरी आँख हिन्दू धर्म में तीन प्रमुख देव हैं- ब्रह्मा, विष्णु और महेश, जो त्रिदेव के नाम से जाने जाते हैं। इन त्रिदेवों में ब्रह्मा सृष्टि की रचना करते हैं, विष्णु पालन करते हैं और महेश अर्थात् शिव विनाश करते हैं।  हजारों वर्ष पूर्व की स्वर्ग की यह बात

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गंगा जन्म की कहानी

गंगा नदी के धरती पर अवतरण, उनके अस्तित्व और शिव जी के संबंध में कई कथाएँ हैं। उनमें से प्रसिद्ध कथा यह बताती है कि गंगा नदी का उद्गम देवी पार्वती के पसीने से हुआ था।  पिछली कथा में हमने पढ़ा कि किस प्रकार देवी पार्वती ने अपने हाथों से शिव भगवान की आँखें बंद

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नौवें दिन होती है मां सिद्धिदात्री की पूजा

साथ ही मां सिद्धिदात्री की कृपा से महादेव का आधा शरीर देवी की हो गई थी और वह अर्धनारीश्वर कहलाए। नवरात्र के नौवें दिन इनकी पूजा के बाद ही नवरात्र का समापन माना जाता है। नवें दिन सिद्धिदात्री की पूजा करने के लिए नवाहन का प्रसाद और नवरस युक्त भोजन और नौ प्रकार के फल फूल

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आठवें दिन होती है मां महागौरी की पूजा, जानें पूजा विधि, मंत्र और कथा

महागौरी की कथामाता की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनको गंगा में स्नान करने के लिए कहा। जिस समय माता पार्वती गंगा में स्नान करने गईं, तब देवी का एक स्वरूप श्याम वर्ण के साथ प्रकट हुईं, जो कौशिकी कहलाईं और एक स्वरूप उज्जवल चंद्र के समान प्रकट हुआ, जो महागौरी कहलाईं नवरात्रि के

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सातवें दिन होती है माता कालरात्रि की पूजा, पढ़ें विधि और व्रत कथा

इसे सुनेंभगवान शिव ने माता से अनुरोध किया। इसके बाद मां पार्वती ने स्वंय शक्ति व तेज से मां कालरात्रि को उत्पन्न किया। इसके बाद जब मां दुर्गा ने दैत्य रक्तबीज का अंत किया और उसके शरीर से निकलने वाले रक्त को मां कालरात्रि ने जमीन पर गिरने से पहले ही अपने मुख में भर

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नवरात्रि के छठे दिन होती है मां कात्यायनी की पूजा, जानें देवी मां की आरती, मंत्र, भोग व कथा

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा करने का विधान है. कात्यायनी देवी दुर्गा जी का छठा अवतार हैं. शास्त्रों के अनुसार देवी ने कात्यायन ऋषि के घर उनकी पुत्री के रूप में जन्म लिया, इस कारण इनका नाम कात्यायनी पड़ गया. दिव्य रुपा कात्यायनी देवी का शरीर सोने के समाना चमकीला है. मां दुर्गा

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पांचवें दिन होती है स्कंदमाता की पूजा, जानिए कथा, आरती, मंत्र और सभी संबंधित जानकारी

नवरात्रि में पांचवें दिन इस देवी की पूजा-अर्चना की जाती है। कहते हैं कि इनकी कृपा से मूढ़ भी ज्ञानी हो जाता है। स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण इन्हें स्कंदमाता नाम से अभिहित किया गया है। इनके विग्रह में भगवान स्कंद बालरूप में इनकी गोद में विराजित हैं नवरात्रि के पांचवें दिन स्कंदमाता की पूजा होती

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देवी चंद्रघंटा की साधना से मिलता है यह लाभ, जगाएं अपने अंदर माता की शक्तियों को

माता का तीसरा स्वरूपनवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इस दिन मां चंद्रघंटा को दूध का भोग चढ़ाएं और उसे जरूरतमंद को दान कर देना चाहिए। ऐसा करने से धन-वैभव और ऐशवर्य की प्राप्ति होती है। नवरात्रि की तृतीय देवी चन्द्रघंटा मणिपुर चक्र पर विराज कर मानव

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