June 23, 2022

योगिनी एकादशी व्रत के दिन पढ़ें यह कथा, मिटेंगे दुख और पाप

आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष का योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi) व्रत 24 जून शुक्रवार को है। यह एकादशी पापों के प्रायश्चित के लिए विशेष महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन श्री हरि के ध्यान, भजन और कीर्तन से सभी तरह के पापों से मुक्ति मिलती है। योगिनी एकादशी के दिन उपवास रखने और साधना करने से समस्याओं का अंत हो जाता है। यहां तक कि पीपल का पेड़ काटने का पाप भी इस एकादशी पर नष्ट हो जाता है। इस व्रत को विधिपूर्वक करने से 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य प्राप्त होता है। जो लोग योगिनी एकादशी व्रत रहेंगे, वे योगिनी एकादशी व्रत कथा को अवश्य पढ़ें। ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक, देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं। इस दौरान भगवान शंकर सृष्टि का संचालन करते हैं। इन महीनों में शुभ कार्यों की मनाही होती है। निर्जला एकादशी और देवशयनी एकादशी के बीच योगिनी एकादशी व्रत रखा जाता है। इसलिए इसे बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। योगिनी एकादशी का शुभ मुहूर्त योगिनी एकादशी का व्रत 24 जून को रखा जाएगा। एकादशी तिथि 23 जून रात 9:41 बजे से शुरू होगी और 24 जून को सूर्योदय तक रहेगी। 25 जून को एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा। योगिनी एकादशी व्रत के नियम – सुबह नहाकर सूर्य देव को जल अर्पित करें। इसके बाद पीले कपड़े पहनकर भगवान विष्णु की पूजा करें।– श्रीहरि को पीले फूल, पंचामृत और तुलसी दल अर्पित करें।– इसके बाद श्री हरि और मां लक्ष्मी के मन्त्रों का जाप करें। किसी निर्धन व्यक्ति को जल, अनाज, कपड़े, जूते और छाते का दान करें। – इस दिन केवल जल और फल ग्रहण करके ही उपवास रखें।

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इस शुभ संयोग में शुरू होगा सावन का महीना, जानें कितने होंगे सोमवार व्रत

ऐसी मान्यताएं हैं कि श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. इस साल श्रावण मास जुलाई से 12 अगस्त तक रहने वाला है हिंदुओं की धार्मिक आस्था का महीना सावन धीरे-धीरे नजदीक आता जा रहा है. यह महीना भगवान शिव (Lord Shiva) का पसंदीदा वक्त माना जाता है और इस दौरान बड़ी संख्या में लोग व्रत रखकर शिव की आराधना करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि सावन में भगवान अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. सावन में सोमवार का व्रत रखकर पूरी विधि के साथ पूजा-अर्चना करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं. महादेव के भक्त इस वक्त यह जानना चाहते हैं कि साल 2022 में सावन का महीना कब शुरू होगा. इसके अलावा इस महीने में कितने सोमवार आएंगे और किस तरह पूजा करने से भक्तों को पूरा लाभ मिलेगा. कब से शुरू होगा सावन का महीना? श्री रामदेव मिश्रा शास्त्री जी का कहना है कि 13 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के साथ आषाढ़ का महीना खत्म हो जाएगा. 14 जुलाई से सावन का पवित्र महीना शुरू हो जाएगा. उनके मुताबिक इस बार सावन में 4 सोमवार होंगे. सावन का महीना 12 अगस्त को खत्म हो जाएगा. सावन में भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से जीवन में सुख-शांति आती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. सावन के पावन महीने में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने का विशेष महत्व माना गया है. इसके अलावा सावन में काल सर्पदोष शांति के लिए विशेष पूजा कराई जा सकती है. महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से भी लोगों को परेशानियों से मुक्ति मिल जाएगी. इस सावन में कितने सोमवार? सावन का महीना 14 जुलाई यानी गुरुवार से शुरू होगा. इस पवित्र महीने का पहला सोमवार 18 जुलाई को होगा. दूसरा सोमवार 25 जुलाई, तीसरा सोमवार 1 अगस्त और चौथा सोमवार 8 अगस्त को होगा. आचार्य सर्वेश पांडे के मुताबिक इस साल सावन में केवल चार सोमवार ही होंगे क्योंकि सावन का महीना 12 अगस्त को खत्म हो जाएगा.

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