Rohini Vrat 2023: रोहिणी व्रत पर हो रहा है दुर्लभ ‘भद्रावास’ योग का निर्माण, प्राप्त होगा अक्षय फल
रोहिणी व्रत के दिन सर्वप्रथम वणिज करण का निर्माण हो रहा है। वणिज करण सुबह 09 बजकर 51 मिनट तक है। इसके बाद विष्टि करण का निर्माण हो रहा है जो रात 09 बजकर 30 मिनट तक है। इस दौरान कोई भी शुभ काम करने की मनाही होती है। वहीं रात्रि में 09 बजकर 30

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