Surya Gochar 2025: सनातन धर्म में संक्रांति का विशेष महत्व है, और जब सूर्य देव एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस दिन को संक्रांति कहा जाता है। वर्ष 2025 में, कन्या संक्रांति तब मनाई जाएगी जब सूर्य देव अपनी सिंह राशि को छोड़कर कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। यह दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दोनों दृष्टियों से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। खास बात यह है कि इस वर्ष Surya Gochar 2025 कन्या संक्रांति के साथ ही विश्वकर्मा पूजा भी मनाई जाएगी, जिससे इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इसके अतिरिक्त, इस दिन इंदिरा एकादशी भी मनाई जाएगी, जो इसके आध्यात्मिक महत्व को और बढ़ा देती है। Surya Gochar 2025: कन्या संक्रांति कब है तिथि, शुभ मुहूर्त और जानें किन राशियों….. कन्या संक्रांति 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त ज्योतिषियों के अनुसार, साल 2025 में कन्या संक्रांति की तिथि और शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं: • संक्रांति प्रवेश: 17 सितंबर 2025, देर रात 01:54 बजे • पुण्य काल: सुबह 05:36 बजे से दोपहर 11:44 बजे तक • महापुण्य काल: सुबह 05:36 बजे से 07:39 बजे तक • सूर्योदय: 05:36 AM • सूर्यास्त: 05:51 PM • ब्रह्म मुहूर्त: 04:02 से 04:49 बजे • विजय मुहूर्त: 01:46 से 02:35 PM • गोधूलि बेला: 05:51 से 06:15 PM • निशीथ काल: 11:20 से 12:07 AM कन्या संक्रांति का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व Surya Gochar 2025: कन्या संक्रांति वह दिन है जब सूर्य देव सिंह राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश करते हैं। यह घटना न केवल ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से भी विशेष मानी जाती है। कन्या राशि में सूर्य का गोचर बुद्धि, सेवा, व्यवस्था और कर्म का प्रतीक माना जाता है। यह दिन सकारात्मक ऊर्जा, आत्मशुद्धि और कर्मयोग की भावना को बढ़ाने वाला होता है। सनातन शास्त्रों के अनुसार, कन्या संक्रांति के दिन शिल्पकार विश्वकर्मा जी का अवतरण हुआ था, इसलिए हर साल कन्या संक्रांति के दिन विश्वकर्मा पूजा भी मनाई जाती है। Surya Gochar 2025 विशेष रूप से इंजीनियरिंग, तकनीकी और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह दिन अत्यंत पवित्र और फलदायक होता है। जो लोग मशीनरी, तकनीकी या कारीगरी से जुड़े हैं, Surya Gochar 2025 उनके लिए यह दिन विशेष रूप से लाभकारी माना गया है। पूजन एवं दान विधि कन्या संक्रांति के शुभ अवसर पर सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने और पुण्य कमाने के लिए इन विधियों का पालन करें: • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। • पूर्व दिशा की ओर मुख कर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें। • अपने पूजा स्थल और कार्यस्थल को स्वच्छ करके दीपक और पुष्प अर्पित करें। • लाल वस्त्र, तिल का तेल, घी, गुड़ आदि का दान करें। • आध्यात्मिक मंत्रों का जप करें, जैसे – “ॐ सूर्याय नमः” या “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”। • परिवार सहित सात्विक भोजन बनाएं और जरूरतमंदों में बांटें। • इस दिन क्रोध, विवाद और अहंकार से दूर रहें। सूर्य गोचर 2025: इन राशियों को मिलेगी करियर में गुड न्यूज! Surya Gochar 2025 ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 17 सितंबर 2025 को सूर्य देव के सिंह राशि से कन्या राशि में गोचर करने से कुछ राशियों के जातकों को करियर में विशेष लाभ और मानसिक तनाव से मुक्ति मिल सकती है। आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में: मेष राशि (Aries) सूर्य देव के राशि परिवर्तन से मेष राशि के जातकों को काफी हद तक लाभ मिलता दिख रहा है। सूर्य देव की दृष्टि षष्ठ भाव में होने से आपके पराक्रम में वृद्धि होगी। आपके शत्रुओं में आपका भय रहेगा, और आप कई मामलों में कठोर निर्णय ले सकते हैं। आपके भाग्य में वृद्धि होगी, लेकिन आपको धर्म पथ पर चलना होगा और माता-पिता का सम्मान करना होगा। आप न्यायप्रिय होंगे, जिससे समाज में आपकी लोकप्रियता बढ़ेगी। करियर और कारोबार में मनमुताबिक सफलता मिलेगी, और आप कुछ नया करने की योजना भी बना सकते हैं। धनु राशि (Sagittarius) सूर्य देव के कन्या राशि में गोचर करने से धनु राशि के जातकों को भी विशेष फायदा हो सकता है। सूर्य देव की दृष्टि आपके करियर भाव में रहेगी, जिससे आपको अनुकूल परिणाम मिल सकते हैं। Surya Gochar 2025 आपकी बुद्धि और प्रगाढ़ होगी, जिससे आप जीवन में कई सही फैसले ले पाएंगे। आपमें नेतृत्व करने की क्षमता बढ़ेगी और आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी होगी, जिससे आप बड़ी सफलता पाने में सफल होंगे। पिता के साथ संबंध मधुर रहेंगे और सरकारी तंत्र से आपको सम्मान मिल सकता है। कई जातकों को सरकारी नौकरी से संबंधित कोई बड़ी खुशखबरी भी मिल सकती है। Surya Gochar 2025 आपके व्यवहार से लोग प्रभावित हो सकते हैं। माता का विशेष ख्याल रखने की सलाह दी गई है। निष्कर्ष कन्या संक्रांति 2025 एक अत्यंत शुभ और फलदायक तिथि है, खासकर जब यह विश्वकर्मा पूजा और इंदिरा एकादशी के साथ पड़ रही है। इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और सूर्य देव का आशीर्वाद मिलता है। यह गोचर कई राशियों के लिए करियर और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा। September 2025 Vrat Tyohar List: ये है सितंबर के व्रत की लिस्ट, जानिए कब से शुरू हो रहे हैं शारदीय नवरात्र ?