Govardhan Puja

Govardhan Puja 2025 Niyam: गोवर्धन पूजा के दिन क्या करें और क्या नहीं? जानें शुभ मुहूर्त और अन्नकूट के नियम

Govardhan Puja 2025: गोवर्धन पूजा, जिसे अन्नकूट पूजा भी कहते हैं, यह पर्व दीपावली के ठीक अगले दिन बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह शुभ दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह त्योहार भगवान श्रीकृष्ण द्वारा ब्रजवासियों को देवराज इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन

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Sapne Mein Prasad Dekhna: सपने में प्रसाद देखना क्या है बूंदी, पंचामृत और बांटने का गहरा रहस्य ?

Sapne Mein Prasad Pana: रात्रि में हम जो सपने देखते हैं, उन पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं होता। अक्सर हम इन्हें सामान्य समझकर छोड़ देते हैं, लेकिन स्वप्न शास्त्र के अनुसार, हमारे देखे गए सपनों का एक दूसरा अर्थ भी निकलता है। कई बार ये सपने भविष्य में हमारे साथ घटने वाली घटनाओं की तरफ़

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Lakshmanakritam Ramanatha Stotram: लक्ष्मणकृतं रामनाथस्तोत्रम्

Lakshmanakritam Ramanatha Stotram: लक्ष्मणकृतं रामनाथस्तोत्रम् लक्ष्मण उवाच ।नमस्ते रामनाथाय त्रिपुरघ्नाय शम्भवे ।पार्वतीजीवितेशाय गणेशस्कन्दसूनवे ॥ १३॥ नमस्ते सूर्यचद्राग्निलोचनाय कपर्दिने ।नमः शिवाय सोमाय मार्कण्डेयभयच्छिदे ॥ १४॥ नमः सर्वप्रपञ्चस्य सृष्टिस्थित्यन्तहेतवे ।नम उग्राय भीमाय महादेवाय साक्षिणे ॥ १५॥ सर्वज्ञाय वरेण्याय वरदाय वराय ते ।श्रीकण्ठाय नमस्तुभ्यं पञ्चपातकभेदिने ॥ १६॥ नमस्तेऽस्तु परानन्दसत्यविज्ञानरूपिणे ।नमस्ते भवरोगघ्न स्नायूनां पतये नमः ॥ १७॥ पतये तस्कराणां

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Shri Lakshminrisimhastavana Stotram:श्रीलक्ष्मीनृसिंहस्तवनस्तोत्रम्

Shri Lakshminrisimhastavana Stotram:श्रीलक्ष्मीनृसिंहस्तवनस्तोत्रम् श्रीगणेशाय नमः । श्रीलक्ष्मीनृसिंहाय नमः ।अथ ध्यानम् ।लक्ष्मीशोभितवामभागममलं सिंहासने सुन्दरंसव्ये चक्रधरं च निर्भयकरं वामेन चापं वरम् ।सर्पाधीशकृतान्तपत्रममलं Lakshminrisimhastavana श्रीवत्सवक्षःस्थलंवन्दे देवमुनीन्द्रवन्दितपदं लक्ष्मीनृसिंहं विभुम् ॥ १॥ नमोऽस्तु लीलामयविग्रहाय स्वरूपदृष्ट्या हतसद्भ्रमाय ।नमः परानन्दपरालयाय स्वभावसम्पत्तिमहोदयाय ॥ २॥ नमो गुणानां पतये महिम्ने विकारधाम्नेऽखिलकारणाय ।नमो जगद्भासयते गरिम्णे सते चिदात्माकृतये गुणाय ॥ ३॥ त्वमादिरस्यासि निदानमध्यं विश्वाकृतिस्त्वं प्रलयो विभुस्त्वम् ।त्वं

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Diwali

Diwali Par Kya Kare Hindi: दीपावली पर क्या करें, सुबह से लेकर रात तक की 25 जरूरी बातें

Diwali:अभी कार्तिक मास चल रहा है और इस महीने में धनतेरस, दीपावली, देवउठनी एकादशी और देव दीपावली जैसे व्रत-पर्व मनाए जाते हैं। दीपावली पर घर में सुख-समृद्धि बनाए रखने की कामना से देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इस साल दीपोत्सव 5 नहीं, 6 दिनों का है, क्योंकि कार्तिक मास की अमावस्या 20-21 अक्टूबर

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Diwali 2025

Diwali 2025 Subh Muhurat: दीवाली से पहले मिल रहे हैं ये शुभ संकेत, समझिए मां लक्ष्मी आने वाली हैं आपके घर

दीवाली (Diwali 2025) हिंदुओं के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह पर्व हर साल कार्तिक अमावस्या पर मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक अमावस्या पर ही प्रभु श्री रामचंद्र, सीता माता व लक्ष्मण जी के संग वनवास से अयोध्या वापस लौटे थे। Diwali 2025 इस दिन लोग अपने घरों को दीयों

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Kamala Ashtakam:कमलाष्टकम्

Kamala Ashtakam:कमलाष्टकम् न्यङ्कावरातिभयशङ्काकुले धृतदृगङ्कायतिः प्रणमतां शङ्काकलङ्कयुतपङ्कायताश्मशितटङ्कायितस्वचरिता ।त्वं कालदेशपदशङ्कातिपातिपतिसङ्काश वैभवयुता शं काममातरनिशं कामनीयमिह सङ्काशयाशु कृपया ॥ १॥ आचान्तरङ्गदलिमोचान्तरङ्गरुचिवाचां तरङ्गगतिभिः काचाटनाय कटुवाचाटभावयुतनीचाटनं न कलये ।वाचामगोचरसदाचारसूरिजनताचातुरीविवृतये प्राचां गतिं कुशलवाचां जगज्जननि याचामि देवि भवतीम् ॥ २॥ चेटीकृतामरवधूटीकराग्रधृतपेटीपुटार्घ्यसुमनो- वीटीदलक्रमुकपाटीरपङ्कनवशाटीकृताङ्गरचना ।खेटीकमानशतकोटीकराब्जजजटाटीरवन्दितपदा या टीकतेऽब्जवनमाटीकतां हृदयवाटीमतीव कमला ॥ ३॥ स्वान्तान्तरालकृतकान्तागमान्तशतशान्तान्तराघनिकराः शान्तार्थकान्तवकृतान्ता भजन्ति हृदि दान्ता दुरन्ततपसा ।यां तानतापभवतान्तातिभीतजगतां तापनोदनपटुं मां तारयत्वशुभकान्तारतोऽद्य हरिकान्ताकटाक्षलहरी ॥ ४॥

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ShrIaShTalakShmImahAmantram:श्रीअष्टलक्ष्मीमहामन्त्रम्

ShrIaShTalakShmImahAmantram:श्रीअष्टलक्ष्मीमहामन्त्रम् (ऋषिः – छन्दः – देवता – ध्यान सहितम्)श्रीलक्ष्मीनारायणःअस्य श्रीरमानाथमहामन्त्रस्य –नारायण ऋषिः – विराट् छन्दः – लक्ष्मीनारायणो देवता –अं बीजं – उं शक्तिः – मं कीलकं –अस्य श्रीलक्ष्मीनारायणप्रसादसिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः ।ॐ अङ्गुष्ठाभ्यां नमः ॐ नं तर्जनीभ्यां नमःॐ रं मध्यमाभ्यां नमः ॐ यं अनामिकाभ्यां नमःॐ णं कनिष्ठिकाभ्यां नमः ॐ यं करतलकरपृष्ठाभ्यां नमःॐ हृदयाय नमः ॐ नं

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Chhath Puja 2025 Vrat Niyam:इन चीजों के बिना अधूरा है छठ व्रत, जानें पूजा सामग्री और सही नियम

Chhath Puja: छठ व्रत, सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित एक महत्वपूर्ण हिंदू पर्व है. यह व्रत चार दिनों तक चलता है और इसमें कुछ विशेष सामग्रियों का उपयोग किया जाता है. आइए छठ व्रत की पूजा सामग्री और सही नियमों के बारे में जानते हैं. Kab Hai Chhath Puja 2025: छठ व्रत का

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Chhath Puja 2025 Date And Time: छठ पूजा नहाय-खाए से उषा अर्घ्य तक, जानें 4 दिनों के शुभ मुहूर्त और महत्व

Chhath Puja 2025: कार्तिक माह का सबसे बड़ा और लोक आस्था का महापर्व ‘छठ पूजा’ (Chhath Puja 2025) इस वर्ष 25 अक्टूबर से 28 अक्टूबर 2025 तक मनाया जाएगा. यह चार दिवसीय पर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है. मान्यता है कि छठी मैया (जो ब्रह्मा जी की मानस पुत्री या प्रकृति का

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Shri Sita Lakshmi Stotram: श्रीसीतालक्ष्मीस्तोत्रम्

Shri Sita Lakshmi Stotram: श्रीसीतालक्ष्मीस्तोत्रम् ॐ श्रीरामजयम् ।ॐ सद्गुरुश्रीत्यागराजस्वामिने नमो नमः । ॐ भूमिपुत्र्यै च विद्महे । रामपत्न्यै च धीमहि ।तन्नः सीता प्रचोदयात् ॥ सीता श्रीरामसज्जाया सानन्दवाक्स्वरूपिणी ।सा सम्पूर्णसुमाङ्गल्या ज्वलदग्निशुचिस्फुरा ॥ १॥ (१) मदम्बा श्रीमहालक्ष्मीर्मच्चित्तविलसत्प्रभा ।क्षमागुण्यातिसान्त्वा मा सहजस्थितसद्गुणा ॥ २॥ क्षपानाथप्रभारूपा चन्द्रार्कमुखमण्डला ।सानसीविग्रहाभासा चारुसारप्रभासिनी ॥ ३॥ पदकोकनदात्नाभा पदाम्बुजसुलक्षणा । (२)पदपावित्र्यलक्षण्या पदाश्रितसुरक्षणा ॥ ४॥ कराम्भोजाभयादात्री स्मिताम्भोरुहलोचनी

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Lakshmihayagriva PrabodhikastutiH:लक्ष्मीहयग्रीवप्राबोधिकस्तुतिः

Lakshmihayagriva PrabodhikastutiH:लक्ष्मीहयग्रीवप्राबोधिकस्तुतिः ज्ञानानन्दमयं देवं निर्मलस्फटिकाकृतिम् ।आधारं सर्वविद्यानां हयग्रीवमुपास्महे ॥ विशुद्धविज्ञानघनस्वरूपं विज्ञानविश्राणनबद्धदीक्षम् ।दयानिधिं देहभृतां शरण्यं देवं हयग्रीवमहं प्रपद्ये ॥ १॥ प्राची सन्ध्या काचिदन्तर्निशायाः प्रज्ञादृष्टेरञ्जनश्रीरपूर्वा ।वक्त्री वेदान्भातु मे वाजिवक्त्रा वागीशाख्या वासुदेवस्य मूर्तिः ॥ २॥ कौसल्या सुप्रजा राम पूर्वा सन्ध्या प्रवर्तते ।उत्तिष्ठ नरशार्दूल कर्तव्यं दैवमान्हिकम् ॥ ३॥ वीर सौम्य विबुध्यस्व कौसल्यानन्दवर्धन ।जगद्धिसर्वं स्वपिति त्वयि सुप्ते नरोत्तम ॥ ४॥

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