SHIV

Shiva Chalisa:श्रावण मास में पढ़ें पवित्र श्री शिव चालीसा- जय गिरिजा पति दीन दयाला

Shiva Chalisa शिव चालीसा: भोलेनाथ की भक्ति में डूब जाइए Shiva Chalisa आपने जो शिव चालीसा का अंश दिया है, वह निश्चित रूप से भगवान शिव की भक्ति का एक अद्भुत उदाहरण है। “जय गिरिजा पति दीन दयाला” यह पंक्ति भोलेनाथ के दयालु स्वरूप का वर्णन करती है। Shiva Chalisa:शिव चालीसा का महत्व Shiva Chalisa शिव चालीसा भगवान शिव की स्तुति में गाया जाने वाला एक बहुत ही लोकप्रिय स्तोत्र है। यह स्तोत्र भक्तों को शिव भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करता है और मन को शांत करता है। Shiva Chalisa शिव चालीसा के नियमित पाठ से निम्नलिखित लाभ प्राप्त होते हैं: Shiva Chalisa शिव चालीसा का पाठ कैसे करें Shiva Chalisa ।।दोहा।। श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला॥ भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी के॥ अंग गौर शिर गंग बहाये। मुण्डमाल तन छार लगाये॥ वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देख नाग मुनि मोहे॥ मैना मातु की ह्वै दुलारी। बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥ कर त्रिशूल सोहत छवि भारी। करत सदा शत्रुन क्षयकारी॥ नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे। सागर मध्य कमल हैं जैसे॥ कार्तिक श्याम और गणराऊ। या छवि को कहि जात न काऊ॥ देवन जबहीं जाय पुकारा। तब ही दुख प्रभु आप निवारा॥ किया उपद्रव तारक भारी। देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी॥ तुरत षडानन आप पठायउ। लवनिमेष महँ मारि गिरायउ॥ आप जलंधर असुर संहारा। सुयश तुम्हार विदित संसारा॥ त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई। सबहिं कृपा कर लीन बचाई॥ किया तपहिं भागीरथ भारी। पुरब प्रतिज्ञा तसु पुरारी॥ दानिन महं तुम सम कोउ नाहीं। सेवक स्तुति करत सदाहीं॥ वेद नाम महिमा तव गाई। अकथ अनादि भेद नहिं पाई॥ प्रगट उदधि मंथन में ज्वाला। जरे सुरासुर भये विहाला॥ कीन्ह दया तहँ करी सहाई। नीलकण्ठ तब नाम कहाई॥ पूजन रामचंद्र जब कीन्हा। जीत के लंक विभीषण दीन्हा॥ सहस कमल में हो रहे धारी। कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी॥ एक कमल प्रभु राखेउ जोई। कमल नयन पूजन चहं सोई॥ कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर। भये प्रसन्न दिए इच्छित वर॥ जय जय जय अनंत अविनाशी। करत कृपा सब के घटवासी॥ दुष्ट सकल नित मोहि सतावै । भ्रमत रहे मोहि चैन न आवै॥ त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो। यहि अवसर मोहि आन उबारो॥ लै त्रिशूल शत्रुन को मारो। संकट से मोहि आन उबारो॥ मातु पिता भ्राता सब कोई। संकट में पूछत नहिं कोई॥ स्वामी एक है आस तुम्हारी। आय हरहु अब संकट भारी॥ धन निर्धन को देत सदाहीं। जो कोई जांचे वो फल पाहीं॥ अस्तुति केहि विधि करौं तुम्हारी। क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥ शंकर हो संकट के नाशन। मंगल कारण विघ्न विनाशन॥ योगी यति मुनि ध्यान लगावैं। नारद शारद शीश नवावैं॥ नमो नमो जय नमो शिवाय। सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥ जो यह पाठ करे मन लाई। ता पार होत है शम्भु सहाई॥ ॠनिया जो कोई हो अधिकारी। पाठ करे सो पावन हारी॥ पुत्र हीन कर इच्छा कोई। निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई॥ पण्डित त्रयोदशी को लावे। ध्यान पूर्वक होम करावे ॥ त्रयोदशी ब्रत करे हमेशा। तन नहीं ताके रहे कलेशा॥ धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे। शंकर सम्मुख पाठ सुनावे॥ जन्म जन्म के पाप नसावे। अन्तवास शिवपुर में पावे॥ कहे अयोध्या आस तुम्हारी। जानि सकल दुःख हरहु हमारी॥ ॥दोहा॥ नित्त नेम कर प्रातः ही, पाठ करौं चालीसा। तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश॥ मगसर छठि हेमन्त ॠतु, संवत चौसठ जान। अस्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण॥ 

Shiva Chalisa:श्रावण मास में पढ़ें पवित्र श्री शिव चालीसा- जय गिरिजा पति दीन दयाला Read More »

Sawan Somwar 2024: कब है सावन का अंतिम सोमवार? अभी नोट करें शुभ-अशुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Sawan Somwar 2024 date muhurat  Sawan Somwar 2024 भगवान भोलेनाथ का प्रिय माह सावन अब अपने समापन की ओर है. सबसे अच्छी बात ये है कि श्रावण मास का समापन सोमवार के दिन हो रहा है, जो व्रत की दृष्टि से बहुत ही अच्छा माना जाता है. यह इस साल का अंतिम सावन सोमवार व्रत होगा. अंतिम सावन सोमवार के दिन 5 शुभ संयोग बन रहे हैं. वैसे तो आप पूरे साल कभी भी शिव पूजा कर सकते हैं लेकिन सावन सोमवार आपको बार-बार नहीं मिलेगा. अंतिम सावन सोमवार पर आप व्रत और शिव पूजा करके भगवान भोलेनोथ का आशीर्वाद प्राप्त कर लें, वरना इस मौके को चूक गए तो फिर आपको 1 साल तक इंतजार करना होगा. कब है अंतिम सावन सोमवार 2024?Sawan Somwar 2024 इस साल का अंतिम सावन सोमवार व्रत 19 अगस्त को है. अंतिम सावन सोमवार के दिन श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है. वैदिक पंचांग के अनुसार, 19 अगस्त को ही श्रावण तिथि 3:04 एएम से शुरू होगी और रात 11:55 बजे तक रहेगी. सनातन धर्म में सावन के महीने को बेहद शुभ माना जाता है। पंचांग के अनुसार सावन महीने की शुरुआत 22 जुलाई से हुई है और इसका समापन 19 अगस्त को होगा। Sawan Somwar 2024 सावन सोमवार का व्रत करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से साधक को मनचाहा वर की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कब है सावन का अंतिम सोमवार? Sawan Somwar 2024 अंतिम सावन सोमवार 2024 मुहूर्त19 अगस्त को अंतिम सावन सोमवार पर शिव पूजा के लिए सबसे उत्तम समय योग के आधार पर 05:53 ए एम से 08:10 ए एम के बीच है. वैसे पूरे दिन बना शोभन योग भी पूजा पाठ के लिए अच्छा है. Sawan Somwar 2024 अंतिम सावन सोमवार 2024 जलाभिषेक समयSawan Somwar 2024 सावन सोमवार के दिन भगवान शिव का जल से अभिषेक करते हैं. अंतिम सावन सोमवार को आप 05:53 ए एम से शिव जी का जलाभिषेक कर सकते हैं. उस दिन रक्षाबंधन का त्योहार दोपहर से मनाया जाएगा, इसलिए आप जलाभिषेक और शिव पूजा का कार्यक्रम सुबह में कर सकते हैं. सावन का अंतिम सोमवार 2024 की डेट और शुभ मुहूर्त (Sawan Ka Antim Somwar 2024 Date Shubh Muhurat) सावन का अंतिम सोमवार व्रत पूर्णिमा पर किया जाएगा। पंचांग के अनुसार, सावन पूर्णिमा 19 अगस्त को रात 03 बजकर 44 मिनट पर शुरू होगी और 19 अगस्त को रात 11 बजकर 55 मिनट पर होगा। इसी दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 25 मिनट से लेकर 05 बजकर 09 मिनट तक रहेगा। सावन सोमवार पूजा विधि (Sawan Somwar Vrat Puja Vidhi) Sawan Somwar 2024 इस दिन सुबह जल्दी उठें और दिन की शुरुआत देवी-देवता के ध्यान से करें। सूर्य देव को जल अर्पित करें। अब मंदिर की सफाई कर गंगाजल के छिड़काव से शुद्ध करें। चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा को विराजमान करें। इसके बाद भगवान शिव का गुड़, दही, गंगाजल, दूध, घी और शक्कर समेत आदि चीजों से रुद्राभिषेक करें। मां पार्वती को सोलह श्रृंगार की चीजें अर्पित करें। Sawan Somwar 2024 देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें और मंत्रों का जप करें। प्रभु से जीवन में सुख-शांति की कामना करें। सफेद मिठाई, हलवा, दही और फल का भोग लगाएं। इस दिन दान करना बेहद शुभ माना जाता है। Sawan Somwar 2024 अंतिम सावन सोमवार पर 5 शुभ संयोगअंतिम सावन सोमवार Sawan Somwar 2024 के दिन 5 शुभ संयोगों का निर्माण हो रहा है. अंतिम सावन सोमवार पर शोभन योग बन रहा है, जो सूर्योदय से लेकर देर रात 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगा. वहीं रवि योग सुबह में 5 बजकर 53 मिनट से सुबह 8 बजकर 10 मिनट तक रहेगा. रवि योग में सभी दोषों को दूर करने की क्षमता होती है. अंतिम सावन सोमवार पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है, जो 05:53 ए एम से 08:10 ए एम तक रहेगा. इस योग में आप जो भी कार्य करेंगे, वह सफल सिद्ध हो सकता है. ये तीनों ही योग शुभ कार्यों के लिए अच्छे माने जाते हैं. अंतिम सावन सोमवार व्रत पर इन 3 शुभ संयोगों के अलावा सावन Sawan Somwar 2024 पूर्णिमा और रक्षाबंधन भी है. सावन पूर्णिमा के दिन स्नान और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. वहीं सावन पूर्णिमा के दिन भद्रा रहित मुहूर्त में बहनें अपने भाइयों को राखी बांधती हैं और हर्षोल्लास के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाते हैं. भगवान शिव के मंत्र (Lord Shiv Mantra) 1. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ।। 2. मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चिताय नन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय । मन्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजिताय तस्मै मकाराय नम: शिवाय ।। 3. नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय । नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नम: शिवाय ।। 4. शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्द सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय । श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय तस्मै शिकाराय नम: शिवाय ।। Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि KARMASU.IN किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Sawan Somwar 2024: कब है सावन का अंतिम सोमवार? अभी नोट करें शुभ-अशुभ मुहूर्त और पूजा विधि Read More »

Sawan Somwar 2024: सावन के चौथे सोमवार पर करें भगवान शिव का राशि अनुसार अभिषेक, चमक जाएगी आपकी किस्मत

Sawan Somwar 2024 सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और सोमवार को विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं। लेकिन साथ ही कुछ बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है। धार्मिक मान्यता है कि सावन के सोमवार (Sawan Somwar 2024) पर विधिपूर्वक भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से विवाहित स्त्रियों को अखंड सुहाग की प्राप्ति होती है। वहीं अविवाहित जातकों के विवाह में आ रही बाधा दूर होती है। इसके अलावा पूजा के बाद महादेव को प्रिय चीजों का भोग लगाकर लोगों में प्रसाद का वितरण करें। Sawan Somwar 2024: आज सावन महीने का चौथा सोमवार है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने का विधान है। सावन सोमवार के दिन व्रत रखने और भगवान शिव की उपासना करने से जीवन में हर प्रकार के सुख सुविधाओं की प्राप्ति होती है। वहीं इस दिन व्रत करने से कुंवारी कन्याओं को सुयोग्य और मनपसंद जीवनसाथी मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, सावन में महादेव माता पार्वती के साथ धरती पर आते हैं और अपने हर सच्चे भक्त पर अपार कृपा बरसाते हैं।  Sawan Somwar 2024 शिवलिंग पर क्या चढ़ाना चढ़ाना चाहिए? जल, सफेद या पीला चंदन, अक्षत, बेलपत्र, भांग, धतूरा, सफेद फूल, कच्चा दूध, गंगाजल, चीनी, मिश्री, शहद, पंचामृत,  सुपारी, फल और शमी के पत्ते शिवलिंग पर चढ़ाना चाहिए। भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर सावन सोमवार के दिन इन चीजों को अर्पित करना बिल्कुल भी न भूलें। Sawan Somwar 2024 puja vidhi सावन सोमवार पूजा विधि Shiv ji ke Mantra:इन शिव मंत्रों का जाप करें  शिवलिंग पर नहीं अर्पित करें ये चीजें Sawan Somwar ke Chouthe sombar सावन के चौथे सोमवार पर ये काम करने से बचें इसके अलावा, कुछ अन्य सावधानियां बरतनी चाहिए: Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि KARMASU.IN किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Sawan Somwar 2024: सावन के चौथे सोमवार पर करें भगवान शिव का राशि अनुसार अभिषेक, चमक जाएगी आपकी किस्मत Read More »

Sawan 2025: शिव पर चढ़े हुए जल से करें ये काम, तरक्की चूमेगी कदम; महादेव करेंगे बेड़ा पार

Sawan 2025 उज्जैन हिंदू धर्म में भगवान शिव को कल्याण का देवता माना गया है, जिनकी पूजा करने पर साधक के सभी दुख पलक झपकते दूर हो जाते हैं. सनातन परंपरा में हर दिन शिव पूजा के लिए बेहद शुभ माना गया है. यदि कोई साधक किसी शिवालय में जाकर भगवान शिव के निराकार स्वरूप यानी शिवलिंग की विधि-विधान से पूजा करता है तो उस पर देवों के देव महादेव की पूरी कृपा बरसती है. Sawan 2025 मान्यता है कि शिवलिंग की पूजा करने पर साधक की सभी मनोकामनाएं पलक झपकते पूरी होती हैं, लेकिन ध्यान रहे कि शिवलिंग की पूजा का भी अपना एक नियम होता है. शिव पुराण में बताया गया है कि शिवलिंग पर जल चढ़ाने से व्यक्ति को पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. कई लोगों में इस बात को लेकर संशय बना रहता है कि शिवलिंग पर चढ़े हुए जल का क्या करना चाहिए. चलिए जानते हैं उज्जैन के ज्योतिष रवि शुक्ला से कि इस विषय में शिव पुराण क्या कहता है. Sawan 2025 जल पीना शुभ या अशुभ शिवलिंग पर चढ़े हुए जल को चरणामृत के समान माना जाता है. ऐसे में आप इस जल को  प्रसाद के रूप में ग्रहण कर सकते हैं. इसका वर्णन शिव पुराण के 22 अध्याय के 18 श्लोक में भी मिलता है, जिसके अनुसार, शिवलिंग का जल पीने से व्यक्ति को कई प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलती है. दिशा का जरूर रखें ध्यानहिंदू मान्यता के अनुसार शिवलिंग पर कभी भी पूर्व दिशा की ओर मुख करके जल नहीं चढ़ाना चाहिए, क्योंकि सनातन परंपरा के अनुसार यह भगवान शिव का मुख्य प्रवेश द्वार माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार शिवलिंग पर हमेशा उत्तर दिशा की ओर मुख करके जल चढ़ाना चाहिए. शिव पूजन में जरुर रखें परिक्रमा का ध्यानधार्मिक मान्यता है कि शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद परिक्रमा न करें. ऐसा करने से पूजा का फल प्राप्त नहीं होता है. परिक्रमा करने के लिए शिवलिंग पर अर्पित जल को लांघना पड़ता है. Sawan 2025 शास्त्र में ऐसा करने की मनाही है. इसके लिए जल चढ़ाने के बाद परिक्रमा बिल्कुल न करें. Sawan 2025 धार्मिक मान्यताओं और वैज्ञानिक तर्क का संगम Sawan 2025 शिवलिंग पर चढ़ावा चढ़ाना हिंदू धर्म में एक प्राचीन परंपरा है। माना जाता है कि शिवलिंग पर चढ़ाया गया जल देवों के देव महादेव की कृपा प्राप्त करने का एक माध्यम है। यह लेख शिवलिंग पर चढ़ाए गए जल के धार्मिक महत्व और इसके संभावित वैज्ञानिक पक्ष पर प्रकाश डालता है। धार्मिक महत्व: वैज्ञानिक दृष्टिकोण: शिव जल का उपयोग: Sawan 2025 शिवलिंग पर चढ़ाए गए जल को कई तरह से उपयोग किया जा सकता है: सावधानियां: निष्कर्ष: Sawan 2025 शिवलिंग पर जल चढ़ाना एक आध्यात्मिक अनुभव है। यह न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो मन को शांत करती है, वातावरण को शुद्ध करती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाती है। अंत में, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि शिवलिंग पर जल चढ़ाना केवल एक बाहरी क्रिया नहीं है, बल्कि यह एक आंतरिक यात्रा भी है। जब हम शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं, तो हमें अपने भीतर के शिव से जुड़ने का प्रयास करना चाहिए। क्या आप शिवलिंग पर जल चढ़ाने के अन्य तरीकों या इसके लाभों के बारे में अधिक जानना चाहते हैं? यहां कुछ अतिरिक्त सुझाव दिए गए हैं: Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि KARMASU.IN किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Sawan 2025: शिव पर चढ़े हुए जल से करें ये काम, तरक्की चूमेगी कदम; महादेव करेंगे बेड़ा पार Read More »

Sawan Somwar 2024: सावन में अब कितने सोमवार बाकी ? यहां जानें डेट

Sawan 4th Somwar 2024 सावन सोमवार पर शिव पूजा सबसे शुभ फलदायी है. मान्यता है इससे अधूरी इच्छाएं जल्द पूरी होती है. हर तरह का तनाव खत्म होता है. जानें 2024 में सावन का चौथा सोमवार कब है ? Sawan Somwar 2024 सावन का महीना आमतौर पर जुलाई और अगस्त महीने में आता है और इसे शिव भक्तों के लिए बहुत पवित्र माना जाता है। इस महीने में पड़ने वाले सोमवार को विशेष महत्व दिया जाता है और शिव जी की पूजा-अर्चना की जाती है। सावन का चौथा सोमवार 2024 सावन का चौथा सोमवार 12 अगस्त, 2024 को है। Sawan Somwar 2024 सावन का महत्व Sawan Somwar 2024 सावन हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण महीना है, Sawan Somwar 2024 जो भगवान शिव को समर्पित है। इस महीने में शिव भक्त विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखते हैं। मान्यता है कि इस दौरान भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। सावन के सोमवार को विशेष महत्व दिया जाता है। चौथे सोमवार का महत्व Sawan Somwar 2024 सावन के प्रत्येक सोमवार का अपना महत्व होता है, लेकिन चौथा सोमवार भी विशेष माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की आराधना करने से विशेष फल प्राप्त होता है। मान्यता है कि इस दिन की गई पूजा-अर्चना से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। पूजा विधि सावन के सोमवार को सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें। शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और बेल पत्र, धतूरा, फूल आदि अर्पित करें। इसके अलावा, भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें। पूजा के बाद ब्राह्मण को दान करें। व्रत का महत्व सावन के सोमवार को कई लोग व्रत रखते हैं। व्रत रखने से मन की शुद्धि होती है और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। व्रत के दौरान सात्विक भोजन का सेवन करें और मन-वचन से भगवान शिव की आराधना करें। सावन में क्या करें सावन में क्या न करें सावन का चौथा सोमवार एक पवित्र अवसर है। इस दिन भगवान शिव Sawan Somwar 2024 की आराधना करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकते हैं। इसलिए, इस दिन को पूरे मनोयोग से मनाएं और भगवान शिव की कृपा प्राप्त करें। क्यों पूछा जाता है सावन के सोमवार से जुड़ी कुछ रोचक बातें Sawan Somwar 2024: शिव पुराण में शिव को पंचदेवों में प्रधान अनादि सिद्ध परमेश्वर के रूप में स्वीकार किया गया है. कहते हैं कि सावन के हर सोमवार पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय, पूजा की जाती है. इससे भक्तों को विशेष लाभ मिलता है और उनके दुःख-दर्द दूर हो जाते हैं. अब सावन के दो सोमवार शेष हैं. सोमवार की पूजा और व्रत करने से सभी रुके हुए कार्यों को गति मिलती है. वहीं वैवाहिक जीवन खुशहाली के लिए सुहागिनें इस दिन व्रत रखती हैं. चौथा सावन सोमवार कब है, जानें यहां डेट, पूजा मुहूर्त. चौथा सावन सोमवार 2024 डेट (Sawan Somwar 2024 List Date) सावन का चौथा सोमवार 12 अगस्त 2024 को है. इसके बाद सावन का पांचवां सोमवार 19 अगस्त 2024 को होगा. इस दिन सावन की समाप्ति होगी. सावन के सोमवार को घर में सफेद रंग के नटराज, पार्थिव शिवलिंग, स्फटिक के शिवलिंग की स्थापना सर्वोत्तम मानी जाती है. चौथा सावन सोमवार 2024 मुहूर्त (4th Sawan Somwar 2024 Muhurat) पूजा विधि सावन के चौथे सोमवार पर सुबह नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें,  इसके बाद शुभ मुहूर्त में दूध से शिव जी का अभिषेक करें, फिर घी की धारा बनाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं, अब दही, शहद चढ़ाएं. फिर शक्कर से शिवलिंग को स्नान कराएं. स्वच्छ जल से महादेव को स्नान कराएं और फिर चंदन का टीका लगाकर भोलेनाथ पर घी का दीपक फूल, बेलपत्र, भांग की पत्तियां, शमी के पत्ते और मिठाई चढ़ाएं. शिव चालीसा का पाठ करें. आरती के बाद यथाशक्ति दान दें. सावन सोमवार पूजा मंत्र ॐ नंदराज नमः ॐ भूतनाथ नमः ॐ कैलाश पति नमः ॐ ज्योतिलिंग नमः ॐ नटराज नमः Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि KARMASU.IN किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Sawan Somwar 2024: सावन में अब कितने सोमवार बाकी ? यहां जानें डेट Read More »

Sawan2024:सावन का तीसरा सोमवार कल, इस विधि से करें शिव जी की पूजा, भोलेनाथ होंगे प्रसन्न

सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। इस महीने में पड़ने वाले सोमवार को विशेष महत्व दिया जाता है। सावन का तीसरा सोमवार और भी अधिक खास होता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं। सावन का तीसरा सोमवार भगवान शिव को समर्पित एक विशेष दिन होता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इस दिन शिव जी की पूजा करने की विधि और कुछ महत्वपूर्ण मंत्र। Sawan 2024 : प्रतिपदा तिथि शाम 06:03 तक रहेगी फिर द्वितीया तिथि लग जाएगी. इस दिन व्यतीपात और वरीयान योग भी रहेगा. साथ ही आश्लेषा और मघा नक्षत्र भी रहेगा. Sawan Third Somvar 2024 : शिव जी का प्रिय महीना सावन भोलेनाथ के भक्तों के लिए बहुत खास होता है. इस पूरे माह भक्त शिव जी की भक्ति में डूबे होते हैं. सावन के महीने में पड़ने वाले सोमवार व्रत का विशेष महत्व होता है. यह व्रत लड़कियों व महिलाओं के बीच बहुत प्रचलित है. ऐसी मान्यता है कि जो कुंआरी लड़कियां सावन के सोमवार का उपवास करती हैं उनको मनचाहा वर प्राप्त होता है जबकि विवाहित महिलाओं का वैवाहिक जीवन खुशहाल होता है. ऐसे में सावन का तीसरा सोमवार कब है, Hariyali Teej 2024: सावन में कब मनाई जाएगी हरियाली तीज,तिथि, पूजा मुहूर्त और महत्व सावन का तीसरा सोमवार कब 2024 आपको बता दें कि सावन के तीसरे सोमवार का व्रत 5 अगस्त को रखा जाएगा. सावन सोमवार व्रत और मुहूर्त 2024 : Sawan somvar vrat and muhurat 2024 सावन के तीसरे सोमवार को शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी. जो शाम 06:03 तक रहेगी फिर द्वितीया तिथि लग जाएगी. इस दिन व्यतीपात और वरीयान योग भी रहेगा. साथ ही आश्लेषा और मघा नक्षत्र भी रहेगा.  पूजा विधि: विशेष ध्यान रखने योग्य बातें: सावन के तीसरे सोमवार के दिन क्या करें: सावन के तीसरे सोमवार के दिन क्या न करें: सावन के तीसरे सोमवार का महत्व: सावन का तीसरा सोमवार भगवान शिव को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा दिन माना जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सावन में शिव मंत्र : Shiv mantra ॐ नमः शिवाय॥ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ॐ नमो भगवते रूद्राय।ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥ ॐ नमः शिवाय: यह सबसे सरल और प्रभावी मंत्र है।महामृत्युंजय मंत्र: यह मंत्र जीवन और मृत्यु पर विजय दिलाता है।शिव तांडव स्तोत्र: यह स्तोत्र भगवान शिव की शक्ति और शौर्य का वर्णन करता है। शिव जो क्या भोग लगाएं हलवा, दही, भांग, पंचामृत, शहद, दूध, खीर, मालपुआ और ठंडाई आदि का भोग लगा सकते हैं.  (Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. KARMASU.IN इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

Sawan2024:सावन का तीसरा सोमवार कल, इस विधि से करें शिव जी की पूजा, भोलेनाथ होंगे प्रसन्न Read More »

Sawan Shivratri 2024:अगस्त में कब है सावन शिवरात्रि? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री से विधि तक सब कुछ

Sawan Shivratri:सावन शिवरात्रि का त्योहार सावन या सावन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन मनाया जाता है। सावन शिवरात्रि भगवान शिव की पूजा के लिए दूसरा सबसे बड़ा दिन है। सावन का हर दिन शिव पूजा के लिए शुभ होता है, लेकिन सावन की शिवरात्रि का दिन सबसे अच्छा दिन माना जाता है। इस साल सावन शिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग भी बनेगा।  इस दिन लोग व्रत रखते हैं और शिव-पार्वती की पूजा करते हैं। हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस बार मासिक शिवरात्रि 2 अगस्त को मनाई जाएगी।  ऐसे में इस पवित्र दिन पर भग्वान शिव की पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना करें और लिंगाष्टकम स्तोत्र का पाठ करें। Sawan Shivratri सावन शिवरात्रि की तिथि  हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस बार श्रावण मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 2 अगस्त को दोपहर 3:26 बजे शुरू हो रही है। यह 3 अगस्त को अपराह्न 3:50 बजे समाप्त हो रही है। ऐसे में सावन शिवरात्रि 2 अगस्त 2024 को होगी और इसी दिन शिवरात्रि की पूजा और व्रत किया जाएगा।  सावन शिवरात्रि पूजा मुहूर्त रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – सायं  07:11 – रात्रि 09:49 तक (2 अगस्त)रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय – रात्रि  09:49 – रात्रि 12:27 तक (3 अगस्त)रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – रात्रि 12:27 – प्रातः 03:06 तक (3 अगस्त)रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – प्रातः 03:06 – प्रातः  05:44 तक (3 अगस्त)निशिता काल मुहूर्त –         रात्रि  12:06 – रात्रि 12:49 तक (3 अगस्त)शिवरात्रि पारण समय – प्रातः 05:44 – दोपहर 03:49 तक (3 अगस्त) Sawan Shivratri:सावन शिवरात्रि पर पूजन सामग्री सावन शिवरात्रि के दिन आप नीचे दी गई पूजन सामग्री से पूजा करें।  सावन शिवरात्रि पर भोलेनाथ को लगाएं ये भोग Sawan Shivratri:सावन शिवरात्रि पर पूजन के समय आप भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती को खीर, हलवा, ठंडाई, मालपुआ, लस्सी, सफेद बर्फी, सूखा मावा, आदि का भोग लगा सकते हैं।  सावन शिवरात्रि पूजा विधि  सावन शिवरात्रि का महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन महीने की Sawan Shivratri शिवरात्रि को बहुत खास माना जाता है क्योंकि शिवरात्रि भगवान शिव और देवी पार्वती के मिलन का एक विशेष त्योहार है। इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने का विशेष महत्व है। शिवरात्रि भगवान शिव और शक्ति के मिलन का दिन है। ऐसे में मनचाहा वर पाने और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए इस रात महादेव की पूजा करनी चाहिए। माना जाता है कि सावन शिवरात्रि का व्रत और भगवान शिव के साथ माता पार्वती की पूजा करने से अपार कृपा मिलती है। इसके अलावा आप कठिन और असंभव कार्यों को भी पूरा कर सकते हैं। सावन शिवरात्रि की शाम जागरण करने से विशेष लाभ होता है। सावन शिवरात्रि की पूजा निशिता काल में विशेष फलदायी होती है। (रात में होने वाली पूजा को निशिदा पूजा कहा जाता है।) (Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। KARMASU.IN एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

Sawan Shivratri 2024:अगस्त में कब है सावन शिवरात्रि? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री से विधि तक सब कुछ Read More »

Shivling:घर में शिवलिंग स्थापना,कुछ जरूरी नियम ?

हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है और त्रिदेवों में इन्हें भी सर्वोच्च देवता की उपाधि प्राप्त है। यदि आप अपने घर में महादेव की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं और घर में शिवलिंग स्थापित कर रहे हैं। तो इससे जुड़े कुछ खास नियम आज हम आपको बताने जा रहे हैं जिनका पालन करना बेहद जरूरी है। Shivling: महादेव की कृपा के बिना जीवन अधूरा है ऐसे में उनके भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए उनके निमित्त कुछ न कुछ पूजा अनुष्ठान करते ही रहते हैं। वहीं शिवरात्रि,  प्रदोष व्रत और सोमवार का दिन ये सब शिव कृपा पाने के लिए हिंदू धर्म में सबसे प्रमुख दिन बताए गए हैं। माना जाता है कि इन दिनों में यदि आप भोलेबाबा की सच्चे मन से आराधना कर लें तो वह शीघ्र अपनी कृपा बरसा देते हैं। 11 प्रकार के अभिषेक से करें शिवजी को प्रसन्न, हर मनोकामना होगी पूर्ण अधिकतर शिव भक्त उनके मंदिर जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक भी करते हैं। वहीं कुछ ऐसे भक्त भी हैं जो अपने घर में शिवलिंग Shivling की स्थापना करते हैं और नित्य शिव पूजन भी करते हैं। अगर आप भी अपने घर में शिवलिंग की स्थापना करना चाहते हैं तो आज हम आपको इससे जुड़े कुछ जरूरी नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं। शिवलिंग की स्थापना घर में करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होता। यह नियम आज आप भी जान लीजिए। Shivling शिवलिंग स्थापना का शुभ मुहूर्त Shivling शिवलिंग स्थापना की विधि Shivling शिवलिंग की पूजा Shivling शिवलिंग स्थापना के कुछ महत्वपूर्ण नियम घर में शिवलिंग रखने के नियम 

Shivling:घर में शिवलिंग स्थापना,कुछ जरूरी नियम ? Read More »

Sawan Shivratri 2024: कब है सावन शिवरात्रि ? जानें तिथि, Importance And Jalabhishek का उत्तम मुहूर्त

Sawan Shivratri 2024 Date: भगवान शिव को समर्पित सावन 22 जुलाई से शुरू हो गया है, यह 19 अगस्त को समाप्त होगा। सावन शिवरात्रि के दिन घरों और शिवालयों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि सावन Sawan Shivratri 2024 शिवरात्रि के दिन व्रत करने व भगवान शिव का जलाभिषेक करने से भक्त की मनोकामना पूर्ण होती है। जानें इस साल कब है सावन शिवरात्रि व भगवान शिव के पूजन के मुहूर्त Sawan Shivratri 2024 सावन शिवरात्रि 2024 कब है: हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि मनाई जाती है। इसे मासिक शिवरात्रि भी कहते हैं। सावन में आने वाली शिवरात्रि को सावन शिवरात्रि कहा जाता है। इस साल सावन शिवरात्रि 2 अगस्त 2024, शुक्रवार को है। Sawan Shivratri 2024 सावन शिवरात्रि 2024 पूजा का उत्तम मुहूर्त- सावन शिवरात्रि के दिन निशिता काल में पूजन करना सबसे उत्तम माना गया है। इस दिन निशिता काल 03 अगस्त को सुबह 12 बजकर 06 मिनट से सुबह 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। जलाभिषेक की शुभ अवधि 42 मिनट की है। Raksha Bandhan 2024: कब है रक्षा बंधन? जान लें क्या है राखी बांधने का शुभ मुहूर्त चारों पहर की पूजा का समय- रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – 07:10 पी एम से 09:48 पी एम रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय – 09:48 पी एम से 12:27 ए एम, अगस्त 03 रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – 12:27 ए एम से 03:05 ए एम, अगस्त 03 रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – 03:05 ए एम से 05:43 ए एम, अगस्त 03 Sawan Shivratri 2024 सावन शिवरात्रि 2024 व्रत पारण का समय- चतुर्दशी तिथि 02 अगस्त 2024 को दोपहर 03 बजकर 26 मिनट से शुरू होगी जो कि 03 अगस्त को दोपहर 03 बजकर 50 मिनट पर समाप्त होगी। सावन शिवरात्रि व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद किया जाएगा। सावन शिवरात्रि व्रत पारण का शुभ समय 04 अगस्त को 09:29 ए एम से 11:09 ए एम तक रहेगा। सावन शिवरात्रि पूजा सामग्रीसावन शिवरात्रि के शुभ दिन पर महादेव की पूजा करने के लिए कुछ सामग्रियों को जरूर शामिल करना चाहिए। आप पूजा के बर्तन, पंच मिष्ठान्न, बेलपत्र, धतूरा, भांग, बेर, गुलाल, सफेद चंदन,  पंच फल, दक्षिणा, गन्ने का रस, शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा शुद्ध घी, शहद, पंच रस, गंगाजल, जल, दूध दही, कपूर, धूप, दीप, रूई और मां पार्वती के श्रृंगार की सामग्री को भी रखें। जलाभिषेक की विधि सावन शिवरात्रि की तिथि पर सूर्योदय से पहले स्नान कर लें और साफ वस्त्रों को धारण करें। इसके बाद आप निशिता काल मुहूर्त में शिवलिंग का दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, गन्ने के रस आदि से अभिषेक करें। Sawan Shivratri 2024 इस दौरान गंगाजल में काला तिल मिलाकर 108 बार महामृत्युजंय मंत्र का जाप करें और शिवलिंग पर अर्पित करें। बाद में आप महादेव को उनकी प्रिय चीजें अर्पित करते जाएं। सामान अर्पित करने के बाद आप आटे का चौमुखी दीपक जलाएं और शिव मंत्र, शिव चालीसा का पाठ करें। सावन शिवरात्रि महत्व: सावन शिवरात्रि पर ध्यान दें डिस्क्लेम  ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस लेख में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए KARMASU.IN उत्तरदायी नहीं है।

Sawan Shivratri 2024: कब है सावन शिवरात्रि ? जानें तिथि, Importance And Jalabhishek का उत्तम मुहूर्त Read More »

Sawan 2024:11 प्रकार के अभिषेक से करें शिवजी को प्रसन्न, हर मनोकामना होगी पूर्ण

सावन के महीने में रुद्राभिषेक का खास महत्व होता है। भगवान शिव को रुद्राभिषेक बहुत प्रिय है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान भोलेनाथ का सावन में रुद्राभिषेक करने से इंसान के सांसारिक कष्ट दूर हो जाते हैं। Rudrabhishek Pujan in Sawan: श्रावण मास में भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना का विशेष महत्व है। भगवान शिव की पूजा अर्चना में रुद्राभिषेक का काफी महत्व होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल Sawan 2024 सावन मास 22 जुलाई 2024 से शुरू हो रहा है जो 19  अगस्त 2024 को समाप्त होगा। सावन के महीने में रुद्राभिषेक का खास महत्व होता है। भगवान शिव को रुद्राभिषेक बहुत प्रिय है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान भोलेनाथ का सावन में रुद्राभिषेक करने से इंसान के सांसारिक कष्ट दूर हो जाते हैं। इसके साथ ही उन्हें ग्रह दोष से भी मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं रुद्राभिषेक के विधान और महत्व के बारे में।  Sawan 2024 शिवजी को प्रसन्न करने के लिए आप विभिन्न प्रकार के अभिषेक कर सकते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख अभिषेक इस प्रकार हैं: 1. दूध: दूध से अभिषेक करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और पापों का नाश होता है। 2. घी: घी से अभिषेक करने से धन-धान्य की प्राप्ति होती है और रोगों का नाश होता है। 3. शहद: शहद से अभिषेक करने से बुद्धि और विद्या प्राप्त होती है। 4. दही: दही से अभिषेक करने से ग्रहों की शांति होती है और वैवाहिक जीवन सुखमय होता है। 5. गंगाजल: गंगाजल से अभिषेक करने से सभी पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। 6. पंचामृत: पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, और शक्कर) से अभिषेक करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 7. बेल: बेलपत्र से अभिषेक करने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं। 8. भांग: भांग से अभिषेक करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और मन शांत होता है। 9. धतूरा: धतूरे से अभिषेक करने से भगवान शिव भक्तों की रक्षा करते हैं। 10. आंकड़ा: आंकड़े से अभिषेक करने से विघ्नों का नाश होता है और सफलता प्राप्त होती है। 11. चंदन: चंदन से अभिषेक करने से मन को शीतलता प्राप्त होती है और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। अभिषेक करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए: Sawan 2024 सावन मास में भगवान शिव की पूजा करने और उनका अभिषेक करने से आपको अवश्य ही शुभ फल प्राप्त होंगे। घर पर कैसे करें रुद्राभिषेक कई धार्मिक ग्रंथों में रुद्राभिषेक की महिमा का वर्णन मिलता है। मान्यता है यदि आप भोलेनाथ का रुद्राभिषेक करते हैं तो आपकी एक या 2 नहीं बल्कि 18 प्रकार की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सावन माह का सोमवार , प्रदोष या Sawan 2024 शिवरात्रि कोई भी दिन हो सभी मान्य तिथियों में शिव का रुद्राभिषेक जन्म जन्मांतर के पापों से मुक्ति दिलाता है और मोक्ष के द्वार खोलता है।  रुद्राभिषेक का विशेष है महत्वसावन में भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह की पूजा-अर्चना की जाती है. सावन में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है लेकिन कई भक्त इसे करवाने में Sawan 2024 असमर्थ रहते हैं. ऐसे भक्तों को अपनी सभी मनोकामना पूरी करने और कष्टों से मुक्ति पाने के एक सरल उपाय करना चाहिए है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार सावन के प्रत्येक सोमवार को व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ को 11 किलो चावल, 11 बेलपत्र और 11 बादाम अर्पण करना चाहिए और सच्चे मन से अपनी मनोकामना पूर्ति या फिर कष्ट निवारण के लिए प्रार्थना करना चाहिए।  शिवलिंग न होने पर कैसे करें रुद्राभिषेक शिवलिंग पर रुद्राभिषेक करना सबसे उत्तम माना गया है। यदि आप रुद्राभिषेक करना चाहते हैं तो मंदिर में स्थित शिवलिंग पर भी रुद्राभिषेक कर सकते हैं। यदि आपने घर में शिवलिंग स्थापित कर रखा है Sawan 2024 तो भी रुद्राभिषेक किया जा सकता है। यदि घर में शिवलिंग न हो तो आप अंगूठे को शिवलिंग का स्वरूप मानकर उसका अभिषेक भी कर सकते हैं।  Sanatan Dharma 2024:क्या है सनातन धर्म,कैसे प्रचलन में आया Hinduधर्म नाम, जानिए सनातन का सही अर्थ Sawan 2024 रुद्राभिषेक से मिलने वाले फल यदि शिवलिंग का अभिषेक घी की धारा से करें तो वंश बढ़ता है।शिवलिंग पर गाय के दूध से अभिषेक करने से आरोग्य जीवन प्राप्त होता है। शिवलिंग पर शक्कर मिले दूध से अभिषेक करने से व्यक्ति को ज्ञान प्राप्त होता है। शिवलिंग पर भस्म अभिषेक करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है।यदि आपको कोई पुराना रोग है तो शिवलिंग पर शहद से अभिषेक करने से वह समाप्त होती है। 

Sawan 2024:11 प्रकार के अभिषेक से करें शिवजी को प्रसन्न, हर मनोकामना होगी पूर्ण Read More »

SABAN 2024:शुरू हुआ सावन का पावन महीना, पहला सोमवार आज, भगवान भोलेनाथ की इस विधि से करें पूजा अर्चना

SABAN 2024 आज से सावन का पावन महीना शुरू हो गया है. आज पहला सोमवार है. हिन्दू धर्म में सावन का महीना बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण माना जाता है यह महीना भगवान शिव को काफी प्रिय है औय सावन का यह महीना भगवान भोलेनाथ की पूजा के लिए पूरी तरह से समर्पित होता है इस महीने का शिवभक्त बेसब्री से इंतजार करते है क्योंकि भगवान भोले का कृपा पाने के लिए यह महीना सबसे सर्वोत्तम माना गया है मान्यता है कि सावन के पावन महीने में विधिपूर्वक भगवान शंकर की पूजा-अर्चना करने और उनके निमित्त व्रत रखने से वे अपने सभी भक्तों की सभी मनोकामना पूरी करते हैं. SABAN 2024 बाबा भोलेनाथ के साथ ही माता पार्वती का भी भक्तों को आशीर्वाद मिलता है. बता दें, हिन्दू देवताओं में भगवान शिव को सर्वोच्च भगवान माना जाता है भगवान सबसे अधिक पूजे जाने वाले देवी-देवताओं में से भी एक है. वे अपने गले में अक्सर वासुकी नाग धारण किए हुए रहते हैं जो यह दर्शाता है कि वे हिंदू धर्म में सबसे शक्तिशाली देवताओं में से एक है. भगवान भोलेनाथ के अन्य रूपों में शिवलिंग की पूजा अर्चना की जाती है शिवलिंग की पूजा सबसे पवित्र मानी गई है. भक्त अपने भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न को करने के लिए शिवलिंग की पूजा करते हैं सावन के महीने में शिवलिंग की पूजा करने को लेकर शिवपुराण में विशे महत्व बताए गए हैं. SABAN 2024 सावन के महीने में शिवभक्त शिव मदिंरों में पहुंचकर पूजा अर्चना करते है और अपनी मनोकामनाएं भगवान शिव से करते हैं कई लोग अपने घरों में ही भगवान शिव की पूजा करते हैं.  इस बार का सावन बेहद खास माना जा रहा है. इस बार सावन महीने की शुरूआत सोमवार के दिन ही हो गया है. और इसका समापन भी सोमवार के दिन ही होगा. बता दें, सावन महीने का वह पहला दिन आज 22 जुलाई यानी सोमवार से शुरू हो चुका है. सावन का यह पवित्र महीना 19 अगस्त को खत्म होगा. इस दिन भी सोमवार ही पड़ रहा है.   SABAN 2024 सावन में शिव पूजा का महत्व मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव की विधिवत पूजा करने से सारी नकारात्मकता दूर भाग जाती है. शनि दोष भी दूर हो जाता है. बता दें, सावन में सोमवार को सोमवारी और मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखा जाता है. सोमवार का दिन भगवान शिव को पूरी तरह से समर्पित होता है इसद दिन भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग की विशेष पूजा करने का विधान है. सावन के प्रत्येक सोमवार को देवों के देव महादेव की आराधना और विधिवत पूजा-अर्चना करने और व्रत रखने से मनोवांछित फल मिलता है और विशेष शुभ फलों की प्राप्ति होती है. सावन में अगर आप भी भगवान शिव को प्रसन्न कर उनकी असीम कृपा पाना चाहते हैं, तो आपको इसके लिए सही विधि, पूजा सामग्री और पूजा करने के नियमों का पता होना अति आवश्यक है. तो आइए हम आपको विस्तार से बताते हैं कि सावन के पावन महीने में भगवान शिव को पूजा करने की विधि, नियम और पूजन सामाग्री के बारे में.. SABAN 2024 भगवान शिव की पूजा सोमवार को क्यों होती है बता दें, सोमवार का दिन भगवान शिव के हैं उनके भक्त उनकी किसी भी दिन पूजा अर्चना कर सकते हैं लेकिन भगवान शिव की पूजा सोमवार के दिन करने से शिव भक्त और उसके परिवार को बहुत लाभ प्राप्त होते हें. पौराणिक कथा के मुताबिक, भगवान शिव ने एक बार सोमवार के दिन चंद्रमा देवता को श्राप से बचाया था, इसी कारण सोमवार का नाम चंद्र (सोम) के नाम पर रखा गया. उसी समय से सोमवार के दिन शिव पूजा के विधान की शुरूआत हुई. मान्यता है कि बाबा भोलेनाथ शीघ्र ही प्रसन्न होने वाले देवता हैं. अपने भक्तों के द्वारा सिर्फ केवल एक गिलास पानी चढ़ाने से भी प्रसन्न हो जाते हैं. शिव पूजा के लिए सामग्री मान्यता है कि भगवान शिव को प्रसन्न करना बेहद आसान है. अगर आप घर में भगवान शिव की पूजा अर्चना कर रहे है तो आपको सभी अनुष्ठानों के साथ उचित पूजा करने के लिए कुछ जरूरी चीजों की आवश्यकता होगी. इसमें आपको कच्ची दूध, जल (गंगा जल भी हो सकता है), चंदन, बेल पत्र, धतूरे के फूल, फल सहित, दही, शहद, जनेऊ, सफेद मुकुट फूल, अगरबत्ती या धूपबत्ती, घी, पंच पात्र, कपूर, भस्म, पीतल का दीपक, नारियल, साफ कपड़ा, घंटी की जरूरत होगी.  सावन माह में कालाष्टमी: शुभ तिथि, पूजा विधि और महत्व कैसे करें भगवान शिव की पूजाः भगवान शिव की पूजा सोमवार के दिन इस विधि से करनी चाहिए.  सुबह-सबेरे जल्दी से उठ जाएं उसके बाद स्नान करके साफ सुथरे कपड़े पहनें. पूजा स्थल को अच्छे से साफ करें और वहां भगवान शिव की मूर्ति या शिवलिंग स्थापित करें. और पूजा के दौरान बाबा भोलेनाथ को फूल, बिल्वपत्र, धूप-दीप अर्पित करें. इसके बाद भगवान शिव के शिवलिंग का अभिषेक दूध, जल, दही, शहद और गंगाजल से करें. SABAN 2024 अभिषेक के दौरान आप ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें. और अभिषेक के बाद शिवलिंग को स्वच्छ कपड़े से पोछकर साफ कर लें. इसके बाद भगवान शिव को भोग के रुप में मिठाई, फूल, फल चढ़ाएं. आप बाबा भोलेनाथ को उनकी प्रिय चीजें जैसे पान, भांग और बेलपत्र आदि भी चढ़ा सकते हैं. पूजा के दौरान आप शिवलिंग के पास दिया या दूपक जरूर जलाएं. यह भगवान शिव के द्वारा दिए गए बुद्धि और ज्ञान के प्रकाश का प्रतीक होता है.  इसके पश्चात आप महामृत्युंजय मंत्र और ॐ नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करें. प्रत्यके सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने के दौरान इन मंत्रों का जाप करने से भगवान भोलेनाथ अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. और अंत में आप आरती करके प्रार्थना करें और उनका SABAN 2024 आशीर्वाद लेकर पूजा का समापन करें और अपने परिवार के सभी सदस्यों के बीच प्रसाद का वितरण करें. आपको बता दें, भगवान शिव की पूजा के दौरान किसी भी चमड़े की वस्तुओं का प्रयोग न करें, क्योंकि बाबा भोलेनाथ शाकाहारी हैं. आप सावन के पावन महीने में पूजा के दिन मांसाहार और शराब का सेवन करने से

SABAN 2024:शुरू हुआ सावन का पावन महीना, पहला सोमवार आज, भगवान भोलेनाथ की इस विधि से करें पूजा अर्चना Read More »

Sawan 2024: Celebrate a Blessed सावन माह 22 जुलाई से होगा शुरू, दुर्लभ संयोगों से बनेगा खास !

Sawan 2024: Celebrate a Blessed Month with 5 Mondays & Divine Yogas ! सावन का पावन महीना 22 जुलाई 2024 से सोमवार से शुरू होकर 19 अगस्त 2024 को रक्षाबंधन के दिन समाप्त होगा। इस साल सावन मास 5 सोमवार और 2 प्रदोष व्रत लेकर आएगा। सावन 2024: 5 सोमवार और दिव्य योगों से बना होगा अति विशेष | सावन 2024 स्पेशल दुर्लभ संयोगों से इस बार सावन बेहद खास बन रहा है: धार्मिक महत्व Sawan Somwar Dates 2024 : सनातन धर्म में श्रावण मास का विशेष धार्मिक महत्व है। इसे साल का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। श्रावण मास में महादेव की पूजा बड़े ही भक्ति भाव से की जाती है। Sawan 2024 इस बार का श्रावण मास दो दुर्लभ संयोगों से भरा हुआ है। आचार्य दिवाकर मिश्रा के अनुसार इस बार श्रावण मास सोमवार 22 जुलाई से ( Sawan 2024 Start Date ) से प्रारभ हो रहा है और पूरे श्रावण में 5 सोमवार के दिन पड़ेंगे। ऐसे में श्रावण मास में भक्तों के लिए दुर्लभ संयोग है। भगवान शिव के दिन सोमवार को प्रीति आयुष्मान योग के साथ सवार्थसिद्धि योग भी बन रहा है। इसको लेकर ऐसी मान्यता है कि इस योग में जो व्यक्ति पूजा करता है, उसको भगवान शिव से कई गुणा फल की प्राप्ति होती है। ज्योर्तिविदों के अनुसार सावन का महिना भगवान शिव का प्रिय महीना है और इस पूरे माह भगवान शिव की पूजा आराधना की जाती है और श्रद्धालु पूरे माह व्रत भी रखते है। सावन मास के पहले दिन खरीदें यह 10 सामग्री, अच्छे दिनों की होगी शुरुआत Sawan 2024: सभी शिव मंदिरों में होंगे विभिन्न आयोजन प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी राजस्थान के सभी शिव मंदिरों में सावन मास के दौरान विभिन्न आयोजन होंगे। मंदिरों में सावन मास की तैयारियां भी शुरू होने लगी है। लालसोट के घाटेश्वरनाथ महादेव मंदिर, चंद्रेश्वरनाथ महादेव मंदिर, मायला कुआं के पंचेश्वरनाथ महादेव मंदिर एवं मालेश्वर महादेव मंदिर समेत सभी शिव मंदिरों में इस दौरान कावड़ियों द्वारा जलाभिषेक किया जाएगा। इसके अलावा फूल बंगला झांकी, विशेष पूजा अर्चना एवं भजन संध्या समेत विभिन्न आयोजन भी संपन्न होंगे। Sawan 2024 बिल्व पत्र चढ़ाने का महत्व भगवान शिव को भक्त प्रसन्न करने के लिए बिल्व पत्र चढ़ाते है। Sawan 2024 इस संबंध में पौराणिक कथा के अनुसार जब 89 हजार ऋषियों ने महादेव को प्रसन्न करने के लिए परमपिता ब्रह्मा से पूछा तो ब्रह्मदेव ने बताया कि महादेव 100 कमल के फूल चढ़ाने पर इतने प्रसन्न नहीं होते जितना कि एक नील कमल चढ़ाने पर होते हैं, वैसे ही 1000 नील कमल के बराबर एक बिल्व पत्र, 1000 बिल्व पत्र चढ़ाने के बराबर एक समी पत्र का महत्व होता है। 3. ग्रहों की विशेष स्थिति: इस बार सावन मास में ग्रहों की स्थिति भी बहुत ही अनुकूल है। इन ग्रहों की अनुकूल स्थिति के कारण इस साल सावन मास और भी अधिक फलदायी बन रहा है। 4. महत्व: सावन मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होता है। इस महीने में उनकी पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं, पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, सावन मास पवित्रता और आध्यात्मिकता का महीना भी माना जाता है। निष्कर्ष: पांच सोमवार, शुभ योगों और ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण सावन 2024 अत्यंत विशेष और फलदायी होने वाला है। इस महीने में भगवान शिव की पूजा करने से अनेक लाभ प्राप्त हो सकते हैं। इसलिए, इस अवसर का लाभ उठाएं और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करें। Sawan Vrat Tyohar 2024: सावन मास के व्रत और त्योहार 22 जुलाई सोमवार सावन आरंभ 24 जुलाई बुधवार संकष्टी चतुर्थी 25 जुलाई गुरुवार नाग पंचमी 29 जुलाई सावन का दूसरा सोमवार 31 जुलाइ बुधवार कामिका एकादशी 02 अगस्त शुक्रवार मासिक शिवरात्रि 04 अगस्त रविवार हरियाली अमावस्या 05 अगस्त सावन का तीसरा सोमवार 06 अगस्त मंगलवार मंगला गौरी तीज 07 अगस्त बुधवार हरियाली तीज 09 अगस्त शुक्रवार नाग पंचमी (शास्त्रीय) 12 अगस्त सावन का चौथा सोमवार 16 अगस्त शुक्रवार पुत्रदा एकादशी 19 अगस्त सोमवार रक्षाबंधन ( Raksha Bandhan 2024 Date ) (Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. KARMASU.IN इसकी पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें.)

Sawan 2024: Celebrate a Blessed सावन माह 22 जुलाई से होगा शुरू, दुर्लभ संयोगों से बनेगा खास ! Read More »