Jagannath Bhagwan:जगन्नाथ रथ यात्रा से जुड़े ये रोचक तथ्य, जब 9 दिनों की यात्रा पर निकलते हैं भगवान

MYTHOLOGICAL STORIES
Jagannath Bhagwan:जगन्नाथ रथ यात्रा से जुड़े ये रोचक तथ्य, जब 9 दिनों की यात्रा पर निकलते हैं भगवान
KARMASU 8 July 2024 4 मिनट पढ़ें
MYTHOLOGICAL STORIESPUJA📅 8 July 2024⏱ 4 मिनट

जगन्नाथ रथ यात्रा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस रथ यात्रा का आयोजन प्रतिवर्ष उड़ीसा के जगन्नाथ मंदिर से होता है। यह रथ यात्रा हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल आषाढ़ माह में शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को निकाली जाती है। ऐसा माना जाता है कि आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन भगवान श्री कृष्ण यानी कि भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ 9 दिनों की यात्रा पर निकलते हैं। इस साल भी यह यात्रा 12 जुलाई, सोमवार से शुरू होकर आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि, यानी देवशयनी एकादशी 20 जुलाई, मंगलवार के दिन समाप्त होगी।

Jagannath Bhagwan:जगन्नाथ रथ यात्रा से जुड़े ये रोचक तथ्य, जब 9 दिनों की यात्रा पर निकलते हैं भगवान

हर साल इस यात्रा में भक्तों का तांता लग जाता है, लेकिन इस बार कोरोना वायरस की वजह से भक्तों को इस यात्रा में शामिल होने का अवसर नहीं मिल पाएगा और मंदिर के कुछ सीमित पुजारियों के द्वारा इस रस्म को पूरा किया जाएगा। ऐसी मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ जी का विशाल रथ 9 दिनों के लिए बाहर यात्रा पर निकलता है। इस यात्रा में सबसे आगे बलभद्र का रथ चलता है जिसे तालध्वज कहा जाता है। मध्य में सुभद्रा जी का रथ चलता है जिसे दर्पदलन या पद्म रथ कहा जाता है। सबसे अंत में भगवान जगन्नाथ का रथ चलता है

Jagannath Bhagwan:मौसी के घर जाते हैं भगवान जगन्नाथ

मान्यतानुसार इस यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ मुख्य मंदिर से निकलकर अपनी मौसी के घर जाते हैं। पुरी स्थित गुंडिचा मंदिर को उनकी मौसी का घर माना जाता है। कहा जाता है कि इसी मंदिर में 9 दिन तक भगवान अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा जी के साथ निवास करते हैं। पंडित श्री माधव चंद्र महापात्रा जी ने हमें बताया कि वास्तव में गुंडिचा मंदिर में ही Jagannath Bhagwan भगवान जगन्नाथ जी का अवतरण हुआ था और ये उनका जन्म स्थल माना जाता है। रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की मूर्तियों को तीन अलग-अलग दिव्य रथों पर रखकर नगर भ्रमण कराया जाता है। इस दौरान जगन्नाथ मंदिर में भगवान का स्थान खाली हो जाता है। केवल रुकमणी जी, जो माता लक्ष्मी का अवतार हैं वही मुख्य जगन्नाथ मंदिर में विराजमान रहती हैं। इन 9 दिनों में संपूर्ण पूजा पाठ गुंडिचा मंदिर में ही संपन्न होता है तथा भगवान वहीं निवास करते हैं।

🙏 पूजा सेवाएँ — अभी बुक करें

Jagannath Bhagwan:कैसे हुई रथ परंपरा प्रारंभ

जब राजा इंद्रद्युम ने जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की मूर्तियां बनवाई तो रानी गुंडिचा ने मूर्तियां बनाते हुए मूर्तिकार विश्वकर्मा और मूर्तियों को देख लिया जिसके चलते मूर्तियां अधूरी ही रह गई तब आकाशवाणी हुई कि भगवान इसी रूप में स्थापित होना चाहते हैं। इसके बाद राजा ने इन्हीं अधूरी मूर्तियों को मंदिर में स्थापित कर दिया। उस वक्त भी आकाशवाणी हुई कि भगवान जगन्नाथ साल में एक बार अपनी जन्मभूमि मथुरा जरूर आएंगे। स्कंदपुराण के उत्कल खंड के अनुसार राजा इंद्रद्युम ने आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के दिन प्रभु के उनकी जन्मभूमि जाने की व्यवस्था की। तभी से यह परंपरा रथयात्रा के रूप में चली आ रही है।

Jagannath Rath Yatra 2024:इस दिन गुंडीचा मंदिर पहुंचेंगे भगवान जगन्नाथ कितने दिन रुकते हैं मौसी के घर

रथों का निर्माण

रथों का निर्माण नीम की पवित्र अखंडित लकड़ी से होता है, जिसे दारु कहते हैं। रथों के निर्माण में किसी भी प्रकार के कील, कांटों और धातु का उपयोग नहीं करते हैं। रथों के निर्माण के लिए काष्ठ का चयन बसंत पंचमी पर होता है और निर्माण कार्य अक्षया तृतीया पर प्रारंभ होता है।

महत्वपूर्ण पड़ाव

  • यात्रा का पहला पड़ाव “गुंडीचा मंदिर” है, जहाँ भगवान 9 दिनों तक विश्राम करते हैं।
  • इसके बाद, रथ “नरेन्द्र विहार” जाते हैं, जहाँ भगवान “बलभद्र” की बहन “शंखोदरी” से मिलते हैं।
  • यात्रा का समापन “बालुकुंड” में होता है, जहाँ भगवान समुद्र को दर्शन देते हैं।

रथ यात्रा का धार्मिक महत्व

  • यह माना जाता है कि भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों से मिलने के लिए रथ यात्रा पर निकलते हैं।
  • यात्रा में शामिल होने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और पापों का नाश होता है।
  • यह त्यौहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भी है।

कुछ रोचक तथ्य

  • रथ यात्रा भारत की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी रथ यात्राओं में से एक है।
  • इस त्यौहार को 1000 से भी अधिक वर्षों से मनाया जा रहा है।
  • 2023 में, जगन्नाथ रथ यात्रा 1 जुलाई से 10 जुलाई तक आयोजित की गई थी।
  • 2024 में, यह 7 जुलाई से 15 जुलाई तक आयोजित की जाएगी।

KARMASU वीडियो

छोटे वीडियो — देखें, सुनें और सीखें

YouTube पर देखें ↗
हनुमान जी की पूजा में क्या चढ़ाएं और क्या नहीं | Hanuman…
Durga Mata Ji Ke 5 Important Mantra | माँ दुर्गा के 5…
Sunday Mantra for Peace | रविवार सूर्य देव का आशीर्वाद मंत्र |…
Shaniwar Special Shani Dev Mantra 🕉️ | शनि देव को प्रसन्न करने…
Shaniwar Special Shani Dev Mantra 🕉️ | शनि देव को प्रसन्न करने…
Shukravar Special 108 Lakshmi Mata Ke Mantra 🙏 | शुक्रवार को जरूर…
Budhvar Special Ganesh Ji Ke 108 Powerful Mantra 🙏 | बुधवार को…
Hanuman Ji Powerful Mantra | मंगलवार को जरूर सुनें हनुमान जी का…
रविवार स्पेशल मंत्र जरूर सुनें |रविवार के चमत्कारी सूर्य मंत्र |Surya Mantra…
Title: Durga Saptashati Path Ke Fayde | दुर्गा सप्तशती पाठ के चमत्कारी…
Shanivar Special Shani Ji Ke 108 Mantra | शनिवार विशेष शनि देव…
Om Namah Shivaya Mantra Jaap | ॐ नमः शिवाय मंत्र जाप |…
App Download