खटलापुरा मंदिर:भोपाल, मध्यप्रदेश, भारत

यह राम मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि, यहां मुख्य रूप से भगवान हनुमानजी विराजमान हैं।

मध्यप्रदेश के भोपाल शहर में छोटा तालाब के किनारे स्थि​त प्राचीन खटलापुरा मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह राम मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि, यहां मुख्य रूप से भगवान हनुमानजी विराजमान हैं। मंदिर का ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सुखद अहसास की अनुभूति कराता है। हर साल मंदिर में लगने वाला डोल-ग्यारस का मेला एक और मुख्य आकर्षण है। खटलापुरा मंदिर में भगवान राम, शिव, गणेशजी, लक्ष्मण व माता सीता की प्रतिमा भी स्थापित है।

हनुमान जयंती पर यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। मंदिर के पिछले हिस्से में एक घाट है, जहां हर साल पितृपक्ष में लोग विधि विधान से पिंड दान करते हैं और पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण करते हैं। तालाब किनारे बना यह मंदिर किसी के भी मन को मोह लेता है। इसी कारण यह स्थल आस्था के साथ साथ पिकनिक स्पॉट भी बनता जा रहा है।

Khatlapura Mandir:मंदिर का इतिहास

इस मंदिर का इतिहास अयोध्या से जुड़ा हुआ है। बताया जाता है कि मंदिर की स्थापना 1840 में अयोध्या से आए संतों ने की थी। साल 1969 में उदासीन पंचायती बड़ा अखाड़ा ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया। मंदिर में सबसे पहले हनुमानजी को स्थापित किया गया था। मंदिर विस्तार के बाद यहां अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। मंदिर के पुजारी बाबा प्रेमदासजी बताते हैं कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए अखाड़ा बनाया गया था। हालांकि, अब अखाड़े की जगह बजरंग व्यायाम शाला संचालित की जाती है।

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मंदिर का महत्व

हनुमान जयंती पर बजरंगबली के दर्शन से हर कष्ट दूर होते हैं। माना जाता है कि मंदिर में विराजमान हनुमानजी की पूजा अर्चना से भक्तों पर भगवान राम की कृपा बरसती है। नवरात्रि व गणेश चतुर्थी पर भी खटलापुरा मंदिर में विषेष पूजा-अर्चना होती है। भाग्योदय के लिए इस मंदिर में दर्शन करने की मान्यता भी है।

मंदिर की वास्तुकला

तालाब के किनारे बना खटलापुरा मंदिर मन को शांति की अनुभूति कराता है। मंदिर को वास्तुदोष को देखते हुए बनाया गया है। यहां मुख्य रूप से भगवान हनुमान जी की बड़ी प्रतिमा विराजमान है। इनके साथ मंदिर में शीतला माता, मां दुर्गा, शिवलिंग, राम दरबार, श्रीगणेश, सांई बाबा की प्रतिमा के भी दर्शन होते हैं। परिसर में वर्षों पुराना एक विशालकाय पीपल का पेड़ है। ​मंदिर के पिछले हिस्से में तालाब किनारे एक घाट बना है, जहां हर वर्ष भारी संख्या में गणेश व दुर्गा विसर्जन होता है।

सुबह मंदिर में होने वाली आरती का समय

06:00 AM – 07:00 AM

खटलापुरा मंदिर प्रतिदिन 24 घंटे खुला रहता है

12:00 AM – 12:00 PM

मंदिर का प्रसाद

खटलापुरा मंदिर में मुख्य रूप से विराजमान हनुमान जी को बेसन के लड्डू व दूध से बने पेड़े का भोग लगाया जाता है। इसके अतिरिक्त मंदिर में विराजमान अन्य देवी-देवताओं को नारियल, मिश्री, बताशा, फूल आदि अर्पित किया जाता है।

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