Kavacha Stotram

Sri Venkateswara Vajra-Kavacha Stotram : श्रीवेंकटेश्वर वज्र कवच स्तोत्र…

।। मार्कण्डेय उवाच ।।

नारायणं परब्रह्म सर्वकारणकारणम् ।
प्रपद्ये वेङ्कटेशाख्यं तदेव कवचं मम ॥ 1 ॥

सहस्रशीर्षा पुरुषो Kavacha Stotram वेङ्कटेशश्शिरोऽवतु ।
प्राणेशः प्राणनिलयः प्राणान् रक्षतु मे हरिः ॥ 2 ॥

आकाशराट्सुतानाथ आत्मानं मे सदावतु ।
देवदेवोत्तमो पायाद्देहं मे वेङ्कटेश्वरः ॥ 3 ॥

सर्वत्र सर्वकालेषु Kavacha Stotram मङ्गाम्बाजानिरीश्वरः ।
पालयेन्मां सदा कर्मसाफल्यं नः प्रयच्छतु ॥ 4 ॥

य एतद्वज्रकवचमभेद्यं वेङ्कटेशितुः ।
सायं प्रातः पठेन्नित्यं मृत्युं तरति निर्भयः ॥ 5 ॥

।। इति श्रीवेंकटेश्वर वज्र कवच स्तोत्र संपूर्णम् ।।

Sri Venkateswara Vajra-Kavacha Stotram :श्रीवेंकटेश्वर वज्र कवच स्तोत्र 

।। markandeya uvach ।।

narayanam parabram sarvakaranakaranam ।
prapadye venkateshakhyam tadev kavacham mam ॥ 1 ॥

sahasrashirsha purusho venkateshashshiro̕vatu ।
praneshah prananilayah pranan rakshatu me harih ॥ 2 ॥

akasharatsutanath aatmanam me sadavatu ।
devdevottamo payaddeham me venkateshvarah ॥ 3 ॥

sarvatra sarvakaleshu mangambajanirishvarah ।
palayenmaam sada karmasafalyam nah prayachatu ॥ 4 ॥

ya etadvajrakavachamabhedyam venkateshituh ।
sayam pratah pathennityam mrutyum tarati nirbhayah ॥ 5 ॥

।। iti sri venkateswara vajra-kavach stotram sampurnam ।।

श्रीवेंकटेश्वर वज्र कवच स्तोत्र विशेषताए:

श्रीवेंकटेश्वर वज्र कवच स्तोत्र के साथ-साथ यदि श्री वेंकटेश्वर अष्टकम का पाठ किया जाए तो, इस स्तोत्र का बहुत लाभ मिलता है, यह स्तोत्र शीघ्र ही फल देने लग जाते है| यदि साधक इस स्तोत्र का पाठ प्रतिदिन करने से बुराइया खुद- ब- खुद दूर होने लग जाती है साथ ही सकरात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है| अपने परिवार जनों का स्वस्थ्य ठीक रहता है और लम्बे समय से बीमार व्यक्ति को इस स्तोत्र का पाठ सच्चे मन से करने पर रोग मुक्त हो जाता है| यदि मनुष्य जीवन की सभी प्रकार के भय, डर से मुक्ति चाहता है तो वह इस स्तोत्र का पाठ करे|

श्रीवेंकटेश्वर वज्र कवच स्तोत्र के पाठ करने से मनोवांछित कामना पूर्ण होती है| और नियमित रुप से करने से रुके हुए कार्य भी पूर्ण होने लगते है | और साधक के जीवन में रोग, भय, दोष, शोक, बुराइया, डर दूर हो जाते है साथ ही श्री वेंकटेश जी की पूजा करने से आयु, यश, बल, और स्वास्थ्य में वृद्धि प्राप्त होती है। याद रखे इस पाठ को करने से पूर्व अपना पवित्रता बनाये रखे| इससे मनुष्य को जीवन में बहुत अधिक लाभ प्राप्त होता है|

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