Bhuvaneshwari Jayanti 2025

Bhuvaneshwari Jayanti 2025 Date: भुवनेश्वरी जयंती: देवी मां की आराधना से मिलेगा सौभाग्य, राशिनुसार ऐसे करें पूजा

Bhuvaneshwari Jayanti: हिंदू धर्म में, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को भुवनेश्वरी जयंती मनाई जाती है। यह दिन देवी भुवनेश्वरी की साधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन मां भुवनेश्वरी का अवतरण हुआ था। दस महाविद्याओं में से एक, मां भुवनेश्वरी, इस ब्रह्मांड की समस्त शक्ति का आधार हैं। उनका स्वरूप अत्यंत कांतिपूर्ण और सौम्य है, और स्वयं भगवान शंकर ने भी उनके पाठ से समस्त आगमों तथा तंत्रों में विज्ञानी हुए हैं। Bhuvaneshwari Jayanti इस विशेष दिन पर मां भुवनेश्वरी की आराधना करने से भक्तों को सौभाग्य और समृद्धि प्राप्त होती है।

मां भुवनेश्वरी की महिमा और पूजा का महत्व: मां भुवनेश्वरी को ब्रह्मांड की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है, जो सृष्टि के पालन, पोषण और संहार का कार्य करती हैं। गुरु के सानिध्य में, गुरु के मुख से अभ्यास करके, जो मनुष्य शिवालय, शून्य घर या चौराहे पर इनके मंत्र का जप करता है, वह योगी बन जाता है। Bhuvaneshwari Jayanti 2025 Date जो एकाग्रचित्त होकर इसे सदा पढ़ता या सुनता है, Bhuvaneshwari Jayanti वह दीर्घायु और सुखी होता है, उसकी वाणी ओजस्वी हो जाती है। ऐसा व्यक्ति गुरु के चरणों में श्रद्धावान होकर स्त्रियों का प्रिय होता है।

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दुर्भाग्य और कष्टों से मुक्ति का उपाय: मंत्रमहार्णव के अनुसार, जो नारी दुर्भाग्य, धन-धान्य की कमी, रोग और कष्टों से पीड़ित है, उसे भोजपत्र पर देवी का मंत्र लिखकर अपने बाएं हाथ में बांधना चाहिए। ऐसा करने से उसे सुख और सौभाग्य दोनों प्राप्त होते हैं। पुरुषों को यही मंत्र अपने दाहिने हाथ में बांधना चाहिए। अतः, यदि आप भी इन सभी चीज़ों को प्राप्त करना चाहते हैं, तो Bhuvaneshwari Jayanti भुवनेश्वरी जयंती के दिन आपको मां भुवनेश्वरी की साधना अवश्य करनी चाहिए।

भुवनेश्वरी देवी के मंत्र और पूजा विधि: भुवनेश्वरी देवी का एकाक्षरी मंत्र ‘ह्रीं’ है। उनका विशेष मंत्र है: ‘ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्ये नम:’

पूजा विधि: इस मंत्र का कम से कम 1100 बार जाप करना चाहिए। किसी भी मंत्र का जितना जाप किया जाता है, उसके जप का 10 प्रतिशत हवन, 10 प्रतिशत तर्पण, 10 प्रतिशत मार्जन और 10 प्रतिशत ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए।

हवन सामग्री: मां भुवनेश्वरी का होम पीपल, गूलर, पलाश, बरगद की समिधाएं, पीली सरसों, खीर और घी आदि से किया जाता है। मंत्र जाप के बाद आप इनमें से किसी भी एक चीज़ का होम कर सकते हैं।

Bhuvaneshwari Jayanti: देवी मां की आराधना से मिलेगा सौभाग्य, राशिनुसार ऐसे करें पूजा

राशि अनुसार भुवनेश्वरी जयंती Bhuvaneshwari Jayanti के विशेष उपाय: भुवनेश्वरी जयंती के दिन विभिन्न राशि के जातक अपनी समस्याओं के निवारण और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए विशेष उपाय कर सकते हैं:

मेष राशि: मां भुवनेश्वरी के मंत्र “ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्ये नम:” का जाप करने के बाद पीपल की समिधा से हवन करें। इससे जीवन में आ रही परेशानियों से छुटकारा मिलेगा।

वृष राशि: मां भुवनेश्वरी के मंत्र “ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्ये नम:” का जाप करके दूध-चावल से बनी खीर का होम करें। इससे व्यापार में वृद्धि के लिए आर्थिक मदद मिलेगी।

मिथुन राशि: ब्राह्मी और घी को देवी भुवनेश्वरी के मंत्र “ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्ये नम:” से अभिमंत्रित करके पूरे एक साल तक पिएं। इससे आपमें सुंदर कविता करने की अद्भुत क्षमता आएगी।

कर्क राशि: मां भुवनेश्वरी के मंत्र “ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्ये नम:” का जाप करके बरगद की समिधा से हवन करें। इससे हर तरह के वाद-विवाद से छुटकारा मिलेगा।

सिंह राशि: मां भुवनेश्वरी के मंत्र “ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्ये नम:” का जाप करके गूलर की समिधा से होम करें। Bhuvaneshwari Jayanti इससे विरोधियों से छुटकारा मिलेगा और भय दूर होगा।

कन्या राशि: मां भुवनेश्वरी के मंत्र “ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्ये नम:” का जाप करके पीली सरसों का होम करें। इससे आप किसी को भी अपने वश में करने की क्षमता हासिल कर लेंगे।

तुला राशि: मां भुवनेश्वरी के मंत्र “ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्ये नम:” का जाप करके घी, मधु और शक्कर से युक्त खीर से होम करें। इससे आपको नौकरी में तरक्की मिलेगी।

वृश्चिक राशि: मां भुवनेश्वरी के मंत्र “ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्ये नम:” का जाप करके चंदन के जल से युक्त चावल से होम करें। आप जिस भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना चाहते हैं, आपको उस क्षेत्र में सफलता अवश्य मिलेगी।

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धनु राशि: सुख-सौभाग्य पाने के लिए, भोजपत्र पर देवी भुवनेश्वरी का एकाक्षरी मंत्र “ह्रीं” लिखकर स्त्रियों को अपने बाएं हाथ में और पुरुषों को अपने दाहिने हाथ में बांधना चाहिए। Bhuvaneshwari Jayanti इससे शीघ्र ही सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होगी और जीवन में कोई अड़चन नहीं आएगी।

मकर राशि: जीवन में खुशहाली के लिए, अपने सामने एक लोटा जल लेकर बैठ जाएं और देवी भुवनेश्वरी के मंत्र “ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्ये नम:” का 21 बार जाप करें। जाप करने के बाद उस जल से अपना अभिषेक करें। ऐसा करने से आपके जीवन में खुशहाली बनी रहेगी.

कुंभ राशि: मां भुवनेश्वरी के मंत्र “ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्ये नम:” का जाप करके देवी को चंदन, अगर, कपूर और केसर की गंध अर्पित करके, पलाश की समिधा से हवन करें। ऐसा करने से आपको श्रेष्ठ वाणी की प्राप्ति होगी और आप सभी को जल्द ही प्रभावित कर पाने में सफल होंगे।

मीन राशि: शुद्ध जल लेकर, उसे देवी के मंत्र “ॐ ह्रीं भुवनेश्वर्ये नम:” से इक्कीस बार अभिमंत्रित करना चाहिए और अभिमंत्रित करने के बाद उस जल को पीना चाहिए। इस प्रकार मंत्र से अभिमंत्रित जल का पान करने से आपकी बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होगी।

निष्कर्ष: भुवनेश्वरी जयंती (Bhuvaneshwari Jayanti) का यह पावन अवसर मां भुवनेश्वरी की कृपा प्राप्त करने का एक अद्भुत मौका है। ऊपर बताए गए उपायों और मंत्रों का विधि-विधान से पालन करके आप देवी मां को प्रसन्न कर सकते हैं और उनके आशीर्वाद से अपने जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता प्राप्त कर सकते हैं। Bhuvaneshwari Jayanti अपनी राशि के अनुसार उपाय करके आप अपनी विशिष्ट इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं और जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर कर सकते हैं।

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