कृतिका नक्षत्र में 16 अगस्त को मनाई जाएगी जन्माष्टमी है – रामदेव मिश्र शास्त्री

🌸 श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ 🌸

जन्माष्टमी—भगवान श्रीकृष्ण के प्रकट होने का पावन दिन—हर वर्ष भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। यह केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, धर्म, नीति, संगीत और संस्कृति का अद्भुत संगम है।

इस वर्ष जन्माष्टमी 16 अगस्त को मनाई जाएगी।

15 अगस्त की रात 12:58 बजे अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी और 16 अगस्त रात 10:30 बजे तक रहेगी।

सूर्योदय पर अष्टमी होने के कारण व्रत 16 अगस्त को होगा।

रोहिणी मतावलंबियों के लिए 17 अगस्त का व्रत मान्य है।


कथा के अनुसार, अत्याचारी कंस को आकाशवाणी से पता चला कि उसकी बहन देवकी की आठवीं संतान उसका अंत करेगी। उसने देवकी-वासुदेव को कारागार में बंद कर उनकी सात संतानों का वध कर दिया।
लेकिन आठवीं संतान के जन्म की रात अद्भुत चमत्कार हुआ—पहरेदार सो गए, बेड़ियाँ खुल गईं और द्वार अपने आप खुल गए। वासुदेव जी शिशु कृष्ण को टोकरी में रखकर यमुना पार गोकुल पहुँचे और नंद-यशोदा को सौंप आए।

गोकुल में कृष्ण ने बाल लीलाएँ करते हुए असुरों का नाश किया और बड़े होकर कंस का वध कर धर्म की स्थापना की।

संदेश: श्रीकृष्ण का जन्म अन्याय, अधर्म और अत्याचार के अंत का प्रतीक है। यह हमें सिखाता है कि सत्य और धर्म की रक्षा के लिए साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प आवश्यक है।

जय श्रीकृष्ण
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