May 28, 2025

चंडी देवी मंदिर:हरिद्वार, उत्तराखंड, भारत

चंडी देवी का यह मंदिर सिद्ध पीठ के रूप में जाना जाता है। चंडी देवी मंदिर उत्तराखंड राज्य के पवित्र शहर हरिद्वार में चंडी देवी मंदिर स्थित है। हिन्दुओं का यह प्रसिद्ध मंदिर हिमालय के सबसे दक्षिणी पर्वत श्रृंखला शिवालिक पहाड़ियों के पूर्वी भाग वाले शिखर पर नील पर्वत पर स्थित है। हरिद्वार के अंदर स्थित पांच तीर्थों में इस धार्मिक मंदिर का भी स्थान है। चंडी देवी का यह मंदिर सिद्ध पीठ के रूप में जाना जाता है। देवी चंडी को समर्पित इस मंदिर के दर्शन के लिए देश के हर कोने से लोग अपनी कामना लेकर माता के दरबार में आते है। विशेष अवसरों पर मंदिर में भारी भीड़ भी देखने को मिलती है। चंडी देवी मंदिर का इतिहास चंडी देवी मंदिर के इतिहास को लेकर कई किद्वन्तियाँ हैं। जिसमे कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण कश्मीर के राजा सुच्चत सिंह ने सन 1929 में करवाया था। इसके अलावा दूसरी किद्वंती के अनुसार मंदिर में जो मूर्तियां स्थापित है वह आठवीं सदी की मानी जाती है। चंडी देवी का यह मंदिर सिद्ध पीठ के रूप में जाना जाता है। जिन्हे आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित करवाया गया था। वह हिन्दू धर्म के पूजनीय संतों में से एक थे। इस मंदिर से जुडी एक और पौराणिक कथा है जिसके अनुसार कुछ समय पहले देवता इंद्र के राज्य पर शुंभ और निशुंभ नामक राक्षसों ने कब्जा कर लिया था। सभी देवताओं को स्वर्ग से निकाल दिया था। देवताओं अपनी इस समस्या को लेकर माता पार्वती के पास पहुंचे। तब माता ने चंडी के रूप को धारण किया और राक्षसों के समक्ष प्रकट हुईं। जब शुंभ ने उस असाधारण महिला की सुंदरता को देखा वो मोहित हो गया और माता चंडी से विवाह करने की इच्छा जताई। जब माता ने इनकार किया तो शुंभ ने अपने राक्षस चंद और मुंड को उन्हें मारने के लिए भेजा। परन्तु माता ने उनका वध कर दिया। इसके बाद शुंभ और निशुंभ दोनों ने माता को मरने का प्रयास किया लेकिन यह दोनों भी माता ने हाथों मारे गया। इसके बाद माता ने नील पर्वत के ऊपर थोड़ी देर विश्राम किया। ऐसा माना जाता है कि माता के इसी स्थान पर चंडी देवी का मंदिर बनाया गया। इस पर्वत श्रृंखला में स्थित 2 चोटियों को शुंभ और निशुंभ कहते है। मंदिर का महत्व चंडी देवी मंदिर के लिए माना जाता है कि इस मंदिर में सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। इस कारण यहाँ पर भक्तों का ताँता लगा रहता है। चंडी देवी मंदिर में माता पार्वती के उग्र रूप की पूजा अर्चना की जाती है। इनका यह रूप माँ काली से समान है। कुम्भ मेले के समय श्रद्धालु माता के दर्शन करने जरूर आते है। हरिद्वार में तीन सिद्ध पीठ मंदिर स्थापित है जिसमे से एक पीठ माँ चंडी देवी को समर्पित है। दूसरा पीठ माँ मनसा देवी को समर्पित है और तीसरा माता माया देवी को समर्पित है। मंदिर की वास्तुकला चंडीदेवी मंदिर ऊँचाई पर स्थित होने के कारण मुख्य मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां है। यदि आप रोप वे से जाते है तो भी आपको जो की लगभग 350 चढ़ना होगा। मंदिर तक पहुंचते समय चारों तरफ जंगल का नजारा बहुत ही मनमोहक रहता है। मंदिर की वास्तुकला उत्तर भारतीय शैली में है। मंदिर के समीप हनुमानजी की माँ अंजना माता का मंदिर भी स्थित है। जो भक्त चंडी देवी मंदिर में आते है वह इस मंदिर में भी दर्शन के लिए जरूर जाते हैं। चंडी देवी मंदिर का समय चंडी देवी मंदिर खुलने का समय 05:00 AM – 08:00 PM मंदिर का प्रसाद चंडी देवी मंदिर में सूखा मेवा, चना चिरौंजी का भोग लगाया जाता है। साथ ही चुनरी चढ़ाई जाती है। माता को फूल भी अर्पित किये जाते है

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Nirjala Ekadashi 2025 Date:कब है निर्जला एकादशी,व्रत के दिन नहीं करें ये काम, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त

Nirjala Ekadashi 2025 Muhurat :निर्जला एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि निर्जला एकादशी पर विष्णु भगवान की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के पापों का नाश हो जाता है। Nirjala Ekadashi 2025 Muhurat, निर्जला एकादशी 2025 हर साल ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाता है। निर्जला एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि निर्जला एकादशी पर विष्णु भगवान की पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के पापों का नाश हो जाता है। हिन्दू धर्म में एकादशी तिथि विशेष महत्व रखती है। इस साल जून के पहले हफ्ते में निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इसलिए आइए जानते हैं निर्जला एकादशी की सही डेट, पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और व्रत पारण का समय- कब है निर्जला एकादशी When is Nirjala Ekadashi ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 06 जून 2025 को 02:15 ए एम बजे होगी, जिसका समापन 07 जून 2025 को 04:47 ए एम तक होगा। लेकिन उदया तिथि के चलते निर्जला एकादशी का व्रत शुक्रवार, 6 जून के दिन रखा जाएगा। गृहस्थ लोग 6 जून के दिन यह व्रत रखेंगे वहीं, वैष्णव संप्रदाय के लोग 7 जून के दिन यह व्रत रखेंगे। निर्जला एकादशी क्या है? What is Nirjala Ekadashi ? निर्जला एकादशी हिंदू धर्म में सबसे कठिन और महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक मानी जाती है। ‘निर्जला’ का अर्थ है ‘बिना जल के’, अर्थात इस व्रत में भक्त न तो भोजन करते हैं और न ही पानी ग्रहण करते हैं। ये व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित है। मान्यता है कि इस एकादशी का व्रत रखने से साल की सभी 24 एकादशियों का पुण्य प्राप्त हो जाता है। ये व्रत आत्म-अनुशासन, भक्ति और तप का प्रतीक है, जो भक्तों को मोक्ष, समृद्धि और पापों से मुक्ति दिलाता है। निर्जला एकादशी का महत्व Importance of Nirjala Ekadashi निर्जला एकादशी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यधिक है। ये व्रत न केवल भक्तों के शारीरिक और मानसिक शुद्धिकरण में मदद करता है, बल्कि ये भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का भी सशक्त माध्यम है। निर्जला एकादशी की कथा:Story of Nirjala Ekadashi निर्जला एकादशी की कथा महाभारत के पांडव भाई भीम से जुड़ी है, इसलिए इसे भीमसेनी या पांडव एकादशी भी कहा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, भीम भोजन के अत्यधिक शौकीन थे और सभी एकादशियों का व्रत रखने में असमर्थ थे, जबकि उनके भाई और द्रौपदी नियमित रूप से एकादशी व्रत रखते थे। भीम को चिंता थी कि वे भगवान विष्णु का अपमान कर रहे हैं। तब उन्होंने ऋषि वेदव्यास से मार्गदर्शन मांगा। वेदव्यास ने उन्हें सलाह दी कि वे ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को निर्जला व्रत रखें, जिसका पुण्य सभी एकादशियों के बराबर है। भीम ने इस व्रत को पूर्ण भक्ति के साथ रखा और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त की। तभी से ये व्रत भीमसेनी एकादशी के नाम से प्रसिद्ध हुआ। निर्जला एकादशी पूजा-विधि:Nirjala Ekadashi puja method पूजा प्रक्रिया Nirjala Ekadashi Puja Process व्रत के नियम और सावधानियां Rules and precautions for Nirjala Ekadashi fast क्या करें What to do क्या न करें what not to do

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Sapne Me Chudiya Dekhna:सपने में चूड़ियां देखना शुभ या अशुभ? जानिए असली मतलब !

Sapne me Chudiya Dekhna कैसा माना जाता है यह सवाल आपके मन में अवश्य ही आ रहा होगा क्योंकि अगर आपने भी इस तरीके का कोई सपना देखा है तो आपके मन में की तरह-तरह के सवाल आ रहे होंगे जिससे आप भी परेशान होंगे तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आपको अपने सपने से परेशान होने की कोई भी आवश्यकता नहीं है क्योंकि हर एक सपना का कोई ना कोई अर्थ होता है और हो सकता है कि आपके द्वारा देखा गया सपना शुभ हो।  अगर आपने भी अपने सपने में चूड़ियां देखी है Sapne Me Chudiya Dekhna तो जरूर से आपके मन में भी यह सवाल आ रहा होगा की आपके ऐसा सपना क्यों देखा और इस सपने का क्या अर्थ होगा तो अब आपको इन सब सवालों से परेशान होने की आवश्यकता नही है।  Sapne Me Chudiya Dekhna:सपने में चूड़ियां देखना शुभ या अशुभ Sapne me Chudi Tutna ( सपने में चूड़ी टूटने का मतलब क्या होता है? ) अगर आपने अपने सपने में चूड़ियां देखी है तब तो यह सपना शुभ है लेकिन अगर आपने अपने सपने में चूड़ी टूटते हुए देखी है तो आप भी सोच रहे होंगे की चूड़ी टूटने का मतलब क्या होता है? Sapne Me Chudiya Dekhna तो आपको बता दे की इसके अर्थ होता है की आने वाले समय में आपको मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है और आपको और आपके परिवार में नकारात्मक ऊर्जा बनेगी जिससे आपको सावधान रहना चाहिए। सपने में कांच की चूड़ियां देखना Sapne mein kanch ki chudiyan dekhna सपने में कांच की चूड़ियां देखना : सपने में कांच की चूड़ियां देखना बहुत ही शुभ होता है। कुंवारी लड़की के द्वारा और शादीशुदा लड़की के द्वारा देखी गई सपने में कांच की चूड़ियां सुहाग की निशानी मानी जाती है। कुंवारी लड़की सपने में कांच की चूड़ियां देखी है तब इसका मतलब होता है कि जल्द ही उसकी शादी होने वाली है और उसकी कोई अच्छा पार्टनर मिलने वाला है। यदि शादीशुदा महिला सपने में कांच की चूड़ियां देखी है तब इसका मतलब होता है Sapne Me Chudiya Dekhna कि उसे महिला के जीवनसाथी के साथ प्रेम संबंध और ज्यादा गहरी होने वाले हैं और उसका पार्टनर उसे भविष्य में बहुत ज्यादा प्यार करेगा । सपने में चूड़ी खरीदने का मतलब Sapne mein chudi kharidne ka matlab सपने में चूड़ी खरीदने का मतलब : सपने में चूड़ी देखने वाला सपना प्रेम संबंधों की और इशारा और संकेत करता है । कुंवारी लड़की यदि सपने में चूड़ी खरीदने का सपना देखते हैं तब यह सपना बताता है कि जल्द ही कुछ लड़की की सफाई होने वाली है और उसको अच्छा जीवनसाथी मिलने वाला है । यदि कोई शादीशुदा महिला सपने में चूड़ी खरीदने का सपना देखते हैं तब यह सपना बताता है Sapne Me Chudiya Dekhna कि उसे महिला के संबंध पार्टनर के साथ अच्छे रहने वाले हैं । सपने में हरे रंग की चूड़ियां देखना Sapne mein hare rang ki chudiyan dekhna सपने में हरे रंग की चूड़ियां देखना : इस सपने का मतलब होता है कि भविष्य में आपके पार्टनर के साथ संबंध बहुत ही अच्छे रहने वाले हैं और आपका पार्टनर आपसे बहुत ही अधिक प्यार और प्रेम करेगा। सपने में हरे रंग की चूड़ियां देखना इस बात की ओर संकेत करता है कि आपके और आपके पार्टनर के बीच रिश्ता अच्छा रहने वाला है और दोनों की सोच भी सकारात्मक रहेगी । सपने में हरी चूड़ी देखने का मतलब Sapne mein Hari chudi dekhne ka matlab Sapne Me Chudiya Dekhna सपने में हरी चूड़ी देखना प्यार में बढ़ोतरी की ओर संकेत करता है। जिस भी महिला को सपने में हरी चूड़ी दिखाई देती है उसे महिला को उसके पार्टनर से भरपूर प्यार मिलता है और सहयोग भी मिलता है । सपने में हरी चूड़ी दिखाई देने का मतलब होता है कि उसे महिला को पति से इज्जत मान सम्मान और प्यार मिलेगा । सपने में हरी चूड़ी देखने का मतलब बहुत ही सौभाग्य की बात होती है। ऐसा सपना उन्हीं खास लोगों को आता है। जिनकी किस्मत चमकने वाली होती है। सपने में हरी चूड़ी देखने वाले व्यक्ति को जल्दी बहुत फायदा होने वाला है, हो सकता है। Sapne Me Chudiya Dekhna उसके व्यापार में उसे कोई बहुत बड़ी डील मिलने वाली हो या इस सपने का मतलब यह भी होता है, कि आपको कहीं से धन की प्राप्ति होने वाली है। अगर कुंवारी लड़कियां विवाहित महिला सपने में हरी चूड़ी देखते है। इसका मतलब उन्हें बहुत ही अच्छा पति मिलने वाला है या उनके पति उनसे बहुत प्रेम करता है। तभी उनको यह सपना आता है। सपने में चूड़ी पहनना कैसा होता है sapne mein chudi pahnana kaisa hota hai सपने में चूड़ी पहनना बहुत ही शुभ होता है। सपने में चूड़ी पहनने का मतलब होता है कि जल्द ही आप मांगलिक होने वाले हैं। इस सपने का अर्थ और मतलब होता है कि जल्द ही आपकी सगाई और शादी होने वाली है Sapne Me Chudiya Dekhna और आपको अच्छा रिश्ता मिलाने वाला है। सपने में चूड़ी पहनना इस बात की और संकेत करता है कि आपकी सगाई का रिश्ता आ सकता है या फिर आपकी शादी का शुगुन आ सकता है। सपने में हरी चूड़ी पहनना sapne mein Hari chudi pahnana सपने में हरी चूड़ी पहनना अच्छा सपना माना जाता है। इसका मतलब यह होता है, कि जो महिला सपने में हरी चूड़ी देख पहनने का सपना देखता है इसका मतलब यह होता है, कि उसमें लड़की किस्मत बदलने वाली है। वह बहुत ही भाग्यशाली लेना है, Sapne Me Chudiya Dekhna क्योंकि किसी विवाहित महिला के लिए सपने में हरी चूड़ियां पहनने का मतलब पति पत्नी के बीच प्रेम का बढना होता है। इसके अलावा अगर कुंवारी लड़की भी सपने में हरी चूड़ियां पहनने का सपना देखती है, तो यह बहुत ही भाग्यशाली सपना होता है। सपने में लाल रंग की चूड़ियां देखना sapne mein Lal rang ki chudiyan dekhna सपने में लाल रंग की चूड़ियां देखना : लाल रंग की चूड़ियां सुहाग का प्रतीक होती है। Sapne Me Chudiya Dekhna कुंवारी लड़की को सपने में लाल रंग की चूड़ियां दिखाई

Sapne Me Chudiya Dekhna:सपने में चूड़ियां देखना शुभ या अशुभ? जानिए असली मतलब ! Read More »