मंगला गौरी स्तोत्र:Mangla Gauri Stotram

ॐ रक्ष-रक्ष जगन्माते देवि मङ्गल चण्डिके ।
हारिके विपदार्राशे हर्षमंगल कारिके ॥

हर्षमंगल दक्षे च हर्षमंगल दायिके ।
शुभेमंगल दक्षे च शुभेमंगल चंडिके ॥

मंगले मंगलार्हे च सर्वमंगल मंगले ।
सता मंगल दे देवि सर्वेषां मंगलालये ॥

पूज्ये मंगलवारे च मंगलाभिष्ट देवते ।
पूज्ये मंगल भूपस्य मनुवंशस्य संततम् ॥

मंगला धिस्ठात देवि मंगलाञ्च मंगले ।
संसार मंगलाधारे पारे च सर्वकर्मणाम् ॥

देव्याश्च मंगलंस्तोत्रं यः श्रृणोति समाहितः ।
प्रति मंगलवारे च पूज्ये मंगल सुख-प्रदे ॥

तन्मंगलं भवेतस्य न भवेन्तद्-मंगलम् ।
वर्धते पुत्र-पौत्रश्च मंगलञ्च दिने-दिने ॥

मामरक्ष रक्ष-रक्ष ॐ मंगल मंगले ।

॥ इति मंगला गौरी स्तोत्र सम्पूर्णं ॥

Shri Dattatreya Apradh Kshamapan Stotra: श्रीदत्तात्रेय अपराध क्षमापन स्तोत्र…. Kshamapan Stotra

Shri Dattatreya Apradh Kshamapan Stotra: श्रीदत्तात्रेय अपराध क्षमापन स्तोत्र….

Shri Dattatreya Apradh Kshamapan Stotra : श्री दत्तात्रेय अपराध क्षमापन स्तोत्र: भगवान दत्तात्रेय को हिंदू त्रिमूर्ति – ब्रह्मा, विष्णु और…

Sri Tripurasundari Vedasara Stotram : श्रीत्रिपुर सुन्दरी वेदसार स्तोत्रम Vedasara Stotram

Sri Tripurasundari Vedasara Stotram : श्रीत्रिपुर सुन्दरी वेदसार स्तोत्रम

श्रीत्रिपुर सुन्दरी वेदसार स्तोत्रम हिंदी पाठ : Sri Tripurasundari Vedasara Stotram in Hindiकस्तूरीपङ्कभास्वद्गलचलदमलस्थूलमुक्तावलीकाज्योत्स्नाशुद्धावदाता शशिशिशुमकुटालंकृता ब्रह्मपत्नी ।साहित्यांभोजभृङ्गी कविकुलविनुता Vedasara Stotram सात्विकीं वाग्विभूतिंदेयान्मे…

Shri Tripura Sundari Stotram: श्री त्रिपुरसुंदरी स्तोत्रम्…. Sundari Stotram

Shri Tripura Sundari Stotram: श्री त्रिपुरसुंदरी स्तोत्रम्….

Shri Tripura Sundari Stotram : श्री त्रिपुरसुंदरी स्तोत्रम्: त्रिपुरसुंदरी एक देवी हैं, जो सुंदरता का प्रतीक हैं। माना जाता है…

Mangla Gauri Stotram:मंगला गौरी स्तोत्र विशेषताए

Mangla Gauri Stotram:मंगला गौरी स्तोत्र के साथ-साथ यदि शिव परद गौरी गनेशकि पुजा कि जाए तो, इस स्तोत्र का बहुत लाभ मिलता है, यह स्तोत्र शीघ्र ही फल देने लग जाते है| यदि साधक इस स्तोत्र  का पाठ प्रतिदिन करने से बुराइया खुद- ब- खुद दूर होने लग जाती है साथ ही सकरात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है| अपने परिवार जनों का स्वस्थ्य ठीक रहता है और लम्बे समय से बीमार व्यक्ति को इस स्तोत्र का पाठ सच्चे मन से करने पर रोग मुक्त हो जाता है| यदि मनुष्य जीवन की सभी प्रकार के भय, डर से मुक्ति चाहता है तो वह इस स्तोत्र का पाठ करे|

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *