Rin Mochan Angaraka Stotram:ऋणमोचन अंगारक स्तोत्रम्: कर्ज से मुक्ति पाने का दिव्य उपाय

STOTRAM
Rin Mochan Angaraka Stotram:ऋणमोचन अंगारक स्तोत्रम्: कर्ज से मुक्ति पाने का दिव्य उपाय
KARMASU 18 December 2024 2 मिनट पढ़ें
STOTRAM📅 18 December 2024⏱ 2 मिनट

Rin Mochan Angaraka Stotram:ऋणमोचन अंगारक स्तोत्रम् एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है जो विशेष रूप से मंगल दोष को दूर करने और ऋण से मुक्ति पाने के लिए पाठ किया जाता है। इसे भगवान हनुमान और अंगारक (मंगल ग्रह) की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धापूर्वक पढ़ा जाता है।

Rin Mochan Angaraka Stotram

Rin Mochan Angaraka Stotram:ऋणमोचन अंगारक स्तोत्रम् विशेषताएं:

Rin Mochan Angaraka Stotram:ऋणमोचन अंगारक स्तोत्र पाठ के साथ मंगल गृह कवच का पाठ किया जाये तो यह स्तोत्र शीघ्र फल देने लगता है। इस स्तोत्र के पाठ करने के साथ ऋण मुक्ति यन्त्र की नित्य पूजा करते है तो जल्द ही साधक का कर्जा उतरने लगता है। यदि ऋणमोचन अंगारक स्तोत्र का पाठ करते समय मंगल गुटिका धारण करता है तो साधक की जन्मकुंडली से मंगल गृह के दुष्प्रभाव दूर होने लगता है।

अथ ऋणग्रस्तस्य ऋणविमोचनार्थं अङ्गारकस्तोत्रम् ।

🙏 पूजा सेवाएँ — अभी बुक करें

स्कन्द उवाच ।

ऋणग्रस्तनराणां तु ऋणमुक्तिः कथं भवेत् ।

ब्रह्मोवाच ।

वक्ष्येऽहं सर्वलोकानां हितार्थं हितकामदम् । अस्य श्री अङ्गारकमहामन्त्रस्य गौतम ऋषिः ।

अङ्गारको देवता । मम ऋणविमोचनार्थे अङ्गारकमन्त्रजपे विनियोगः ।

ध्यानम् ।

रक्तमाल्याम्बरधरः शूलशक्तिगदाधरः । चतुर्भुजो मेषगतो वरदश्च धरासुतः ॥ १॥

मङ्गलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः । स्थिरासनो महाकायो सर्वकामफलप्रदः ॥ २॥

लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां कृपाकरः । धरात्मजः कुजो भौमो भूमिदो भूमिनन्दनः ॥ ३॥

अङ्गारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः । सृष्टेः कर्ता च हर्ता च सर्वदेशैश्च पूजितः ॥ ४॥

एतानि कुजनामानि नित्यं यः प्रयतः पठेत् । ऋणं न जायते तस्य श्रियं प्राप्नोत्यसंशयः ॥ ५॥

अङ्गारक महीपुत्र भगवन् भक्तवत्सल । नमोऽस्तु ते ममाशेषं ऋणमाशु विनाशय ॥ ६॥

रक्तगन्धैश्च पुष्पैश्च धूपदीपैर्गुडोदनैः । मङ्गलं पूजयित्वा तु मङ्गलाहनि सर्वदा ॥ ७॥

एकविंशति नामानि पठित्वा तु तदन्तिके । ऋणरेखा प्रकर्तव्या अङ्गारेण तदग्रतः ॥ ८॥

ताश्च प्रमार्जयेन्नित्यं वामपादेन संस्मरन् । एवं कृते न सन्देहः ऋणान्मुक्तः सुखी भवेत् ॥ ९॥

महतीं श्रियमाप्नोति धनदेन समो भवेत् । भूमिं च लभते विद्वान् पुत्रानायुश्च विन्दति ॥ १०॥

मूलमन्त्रः।

अङ्गारक महीपुत्र भगवन् भक्तवत्सल । नमस्तेऽस्तु महाभाग ऋणमाशु विनाशय ॥ ११॥

अर्घ्यम् । भूमिपुत्र महातेजः स्वेदोद्भव पिनाकिनः । ऋणार्थस्त्वां प्रपन्नोऽस्मि गृहाणार्घ्यं नमोऽस्तु ते ॥ १२॥

। इति ऋणमोचन अङ्गारकस्तोत्रं सम्पूर्णम् ।

Rin Mochan Angaraka Stotram
मंत्र पढ़ें और सुनें — सिर्फ़ KARMASU App परऐसे और मंत्र, स्तोत्र एवं पूजा-विधि App में पाएँ
Play Store से पाएँ
शेयर करें:WhatsAppFacebookX

KARMASU वीडियो

छोटे वीडियो — देखें, सुनें और सीखें

YouTube पर देखें ↗
Durga Mata Ji Ke 5 Important Mantra | माँ दुर्गा के 5…
Sunday Mantra for Peace | रविवार सूर्य देव का आशीर्वाद मंत्र |…
Shaniwar Special Shani Dev Mantra 🕉️ | शनि देव को प्रसन्न करने…
Shaniwar Special Shani Dev Mantra 🕉️ | शनि देव को प्रसन्न करने…
Shukravar Special 108 Lakshmi Mata Ke Mantra 🙏 | शुक्रवार को जरूर…
Budhvar Special Ganesh Ji Ke 108 Powerful Mantra 🙏 | बुधवार को…
Hanuman Ji Powerful Mantra | मंगलवार को जरूर सुनें हनुमान जी का…
रविवार स्पेशल मंत्र जरूर सुनें |रविवार के चमत्कारी सूर्य मंत्र |Surya Mantra…
Title: Durga Saptashati Path Ke Fayde | दुर्गा सप्तशती पाठ के चमत्कारी…
Shanivar Special Shani Ji Ke 108 Mantra | शनिवार विशेष शनि देव…
Om Namah Shivaya Mantra Jaap | ॐ नमः शिवाय मंत्र जाप |…
Laxmi Mata Friday Special Mantra 108 Times | शुक्रवार विशेष महालक्ष्मी मंत्र…
App Download