Ganga Saptami 2024: सर्वार्थ सिद्धि योग में आज करें गंगा सप्तमी का पूजन, जानें शुभ मुहूर्त

गंगा सप्तमी: पवित्र गंगा नदी का महत्व और उत्सव गंगा सप्तमी, जिसे “गंगोत्री सप्तमी” और “हस्तिनापुर सप्तमी” के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है।गंगा सप्तमी के दिन पुष्य नक्षत्र, सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग का संयोग भी बनने जा रहा है. इस दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग 13 मई को सुबह 11 बजकर 23 मिनट से शुरू होगा और समापन 14 मई को दोपहर 1 बजकर 5 मिनट पर होगा. वहीं, सर्वार्थ सिद्धि योग इस दिन दोपहर 1 बजकर 5 मिनट पर शुरू होगा और समापन 15 मई को सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर होगावैशाख शुक्ल की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी का पर्व मनाया जाता है. इस दिन गंगा घाट पर आस्था की डुबकी लेकर मां गंगा से मनोवांछित वरदान प्राप्त किया जा सकता है. पापों का नाश और पितृ दोष दूर करने के लिए भी गंगा सप्तमी पर विशेष उपाय किए जा सकते हैं. यह त्यौहार माँ गंगा के पृथ्वी पर अवतरण का प्रतीक है। गंगा सप्तमी का महत्व: गंगा सप्तमी का उत्सव: गंगा सप्तमी पर धन प्राप्ति के उपाय  गंगा सप्तमी पर चांदी या स्टील के लोटे में गंगाजल भरकर उसमें पांच बेलपत्र डाल लें. कोशिश करें कि इस दिन सुबह या शाम घर से नंगे पैर निकलें. भगवान शिवलिंग पर एक धारा से यह गंगाजल नमः शिवाय मंत्र का जाप करते हुए अर्पण करें. ऐसा करते हुए भोलेबाबा को बेलपत्र भी अर्पण करें. ये उपाय करने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होने के साथ व्यक्ति को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे. गंगा सप्तमी के कुछ विशेष उपाय:Ganga Saptami 2024 गंगा सप्तमी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह पवित्र गंगा नदी के प्रति श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। इस दिन गंगा स्नान, पूजा, और दान करने से पापों का नाश होता है, पुण्य लाभ होता है, और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

Ganga Saptami 2024: सर्वार्थ सिद्धि योग में आज करें गंगा सप्तमी का पूजन, जानें शुभ मुहूर्त Read More »