Durga Ashtami:दुर्गा अष्टमी व्रत तिथि 2023

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Durga Ashtami:दुर्गा अष्टमी व्रत तिथि 2023
KARMASU 13 December 2023 3 मिनट पढ़ें
DURGA📅 13 December 2023⏱ 3 मिनट
  • शुक्ल पक्ष अष्टमी
  • बुधवार, 20 दिसंबर 2023
  • अष्टमी तिथि आरंभ: 19 दिसंबर 2023 दोपहर 01:07 बजे
  • अष्टमी समाप्ति तिथि: 20 दिसंबर 2023 सुबह 11:14 बजे

हिन्दू धर्म में अष्टमी का महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। अष्टमी के दिन देवी दुर्गा की पूजा व व्रत किया जाता है। हर हिन्दू मास में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को दुर्गाष्टमी Durga Ashtami का व्रत किया जाता है। इस व्रत का देवी दुर्गा का मासिक व्रत भी कहा जाता है। हिन्दू कैलेण्डर में अष्टमी दो बार आती है एक कृष्ण पक्ष में दूसरी शुक्ल पक्ष में। शुक्ल पक्ष की अष्टमी में देवी दुर्गा का व्रत किया जाता है।

अश्विन मास में आने वाली शारदीय नवरात्रि के उत्सव के दौरान पड़ने वाली अष्टमी को और चैत्र नवरात्रि के उत्सव के दौरान पड़ने वाली अष्टमी को महाष्टमी व दुर्गाष्टमी Durga Ashtami कहा जाता है। 

Durga Ashtami:दुर्गा अष्टमी व्रत तिथि 2023

Durga Ashtami व्रत का महत्व:

  • महागौरी को शांति, पवित्रता और आशीर्वाद की देवी माना जाता है। दुर्गा अष्टमी का व्रत करने से भक्तों को आध्यात्मिक उन्नति, मोक्ष की प्राप्ति और सभी मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
  • यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं द्वारा अपने परिवार के कल्याण और बच्चों की अच्छी सेहत के लिए किया जाता है।
  • माना जाता है कि यह व्रत बुरी शक्तियों से रक्षा करता है, पापों को दूर करता है और संकटों से मुक्ति दिलाता है।

व्रत की विधि:

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  • व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले स्नान करने और स्वच्छ वस्त्र धारण करने से होती है।
  • घर के मंदिर या पूजा स्थान को साफ करें और देवी महागौरी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  • देवी को फूल, फल, मिठाई और अन्य भोग चढ़ाएं।
  • देवी की आरती करें और “ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते” मंत्र का जाप करें।
  • दिन भर उपवास रखें और सात्विक भोजन करें।
  • शाम को फिर से देवी की आरती करें और अगले दिन सुबह व्रत का पारण करें।
  • व्रत खोलने से पहले किसी गरीब या जरूरतमंद को भोजन और दान दें।

व्रत के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें:

  • शराब, मांस, मछली और अंडे जैसे तामसिक भोजन का सेवन न करें।
  • क्रोध, ईर्ष्या और द्वेष जैसे नकारात्मक भावनाओं से दूर रहें।
  • सत्य, अहिंसा और दया जैसे सद्गुणों का पालन करें।
  • दिन भर ध्यान और मंत्रों का जाप करें।

मासिक दुर्गा अष्टमी:

दुर्गा अष्टमी व्रत केवल नवरात्रि के दौरान ही नहीं, बल्कि हर महीने में भी किया जा सकता है। माना जाता है कि मासिक दुर्गा अष्टमी व्रत करने से भक्तों को मनचाही वस्तु की प्राप्ति होती है और सभी प्रकार के दुखों और कष्टों से मुक्ति मिलती है।

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