March 2023

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की होती है पूजा, जानें इनके मंत्र, आरती और कथा

नवरात्रि में रोज की भांति सबसे पहले कलश की पूजा कर माता कूष्मांडा को नमन करें। हो सके तो मां कूष्मांडा की पूजा में बैठने के लिए हरे या संतरी रंग के कपड़े पहनें। नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा होती है। मां के इस रूप को लेकर मान्यता है कि इन्होंने ही

नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की होती है पूजा, जानें इनके मंत्र, आरती और कथा Read More »

नवरात्रि के तीसरे दिन होती है मां चंद्रघंटा की पूजा, जानिए इसकी विधि, मंत्र और कथा

मां चंद्रघंटा का स्वरूप सौम्यता एवं शांति से भरा-पूरा है, मां चंद्रघंटा और इनकी सवारी शेर दोनों का शरीर सदैव ही सोने की तरह चमकता है चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन दुर्गा मां के चंद्रघंटा रूप की पूजा की जाती है। नौ दिनों तक चलने वाली नवरात्रि के दौरान मां के नौ रूपों की पूजा

नवरात्रि के तीसरे दिन होती है मां चंद्रघंटा की पूजा, जानिए इसकी विधि, मंत्र और कथा Read More »

देवशयनी एकादशी – व्रत कथा, महत्व व पूजन विधि

आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहते हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार, इस दिन से भगवान विष्णु चार महीने तक पाताल में शयन करते हैं। ये चार महीने चातुर्मास कहलाते हैं। चातुर्मास को भगवान की भक्ति करने का समय बताया गया है। इस दौरान कोई मांगलिक कार्य भी नहीं किए जाते।

देवशयनी एकादशी – व्रत कथा, महत्व व पूजन विधि Read More »

पूर्णिमा व्रत कथा पूजन विधि

हिन्दू मान्यतानुसार पूर्णिमा तिथि चन्द्रमा को सबसे प्रिय होती है। पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा अपने पूरे आकार में होता है। पूर्णिमा के दिन पूजा-पाठ करना और दान देना बेहद शुभ माना जाता है। बैशाख, कार्तिक और माघ की पूर्णिमा को तीर्थ स्नान और दान पुण्य दोनों के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। इस दिन

पूर्णिमा व्रत कथा पूजन विधि Read More »

नवरात्र का दूसरा दिन : जानिए मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि, मंत्र और महत्व

आज शारदीय नवरात्र का दूसरा दिन है और इस दिन मां दुर्गा के दूसरे स्वरूप ब्रह्माचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। मां ब्रह्माचारिणी के नाम में ही उनकी शक्तियों की महिमा का वर्णन मिलता है। ब्रह्म का अर्थ होता है तपस्या और चारिणी का अर्थ होता है आचरण करने वाली। अर्थात तप का आचरण करने

नवरात्र का दूसरा दिन : जानिए मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि, मंत्र और महत्व Read More »

नवरात्रि के पहले दिन करें मां शैलपुत्री की पूजा, इस व्रत कथा के श्रवण से होगा सुख-समृद्धि का आगमन

मां शैलपुत्री पूजा विधिऐसे में पहले कलश स्थापना करें और पूजा का संकल्प लें। फिर मां शैलपुत्री को धूप, दीप दिखाकर अक्षत, सफेद फूल, सिंदूर, फल चढ़ाएं। मां के मंत्र का उच्चारण करें और कथा पढ़ें। भोग में आप जो भी दूध, घी से बनी चीजें लाएं हैं वो चढ़ाएं। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा विधि-विधान के साथ

नवरात्रि के पहले दिन करें मां शैलपुत्री की पूजा, इस व्रत कथा के श्रवण से होगा सुख-समृद्धि का आगमन Read More »

नवरात्र व्रत की पावन व्रत कथा विस्तार से यहां पढ़ें

ब्राह्मणी के वचन सुन मां दुर्गा ने कहा- हे ब्राह्मणी! मैं तुम्हें संपूर्ण पापों को दूर करने वाले नवरात्र व्रत की विधि बतलाती हूं- चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से लेकर नौ दिन तक व्रत करें यदि दिन भर का व्रत न कर सकें तो एक समय भोजन करें। नवरात्रि व्रत कथा के

नवरात्र व्रत की पावन व्रत कथा विस्तार से यहां पढ़ें Read More »

रोहिणी व्रत के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, जानें महत्व

पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन समय में चंपापुरी नाम का एक नगर था। यहां पर राजा माधवा अपनी रानी लक्ष्मीपति के साथ रहते थे। उनके 8 बच्चे थे। इनमें से 7 पुत्र और 1 बेटी जिसका नाम रोहिणी था। एक बार राजा ने निमित्‍तज्ञानी से पूछा कि कौन उसकी बेटी का वर होगा? तो उन्होंने

रोहिणी व्रत के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, जानें महत्व Read More »

हरतालिका तीज व्रत का रहस्य- बारहवें सतयुग की कथा

हरतालिका तीज व्रत का रहस्य- बारहवें सतयुग की कथा-  भगवान शिव को पती रुप में प्राप्त करने के लिए गिरिजा तथा अनुराधा नाम की दो कुमारियों ने भगवान शिव की घोर तपस्या की। शिव जी माता गिरिजा की तपस्या से ख़ुश हुए। और उन्हें मनोवांछित वर प्रदान किया । इधर अनुराधा घोर तप मे लीन

हरतालिका तीज व्रत का रहस्य- बारहवें सतयुग की कथा Read More »

हिन्दू धर्म के पौराणिक काल के 7 रहस्यमयी लोग

भारत चमत्कारों और रहस्यों से भरा देश है। भारत को देवभूमि कहे जाने के कई कारणों में से एक कारण यह ‍भी है कि यहां का दर्शन, धर्म और अध्यात्म सत्य सनातन है। इसके कारण ही दुनिया के अन्य धर्मों की उत्पत्ति हुई। ऋग्वेद दुनिया का प्रथम ऐसा धर्म ग्रंथ है जिसमें दर्शन, अध्यात्म, विज्ञान,

हिन्दू धर्म के पौराणिक काल के 7 रहस्यमयी लोग Read More »

जब सत्यभामा को हुआ रूप का घमंड

श्रीकृष्ण भगवान द्वारका में रानी सत्यभामा के साथ सिंहासन पर विराजमान थे। निकट ही गरूड़ और सुदर्शन चक्र भी बैठे हुए थे। तीनों के चेहरे पर दिव्य तेज झलक रहा था। बातों  ही बातों में रानी सत्यभामा ने श्रीकृष्ण से पूछा कि हे प्रभु! आपने त्रेतायुग में राम के रूप में अवतार लिया था, सीता

जब सत्यभामा को हुआ रूप का घमंड Read More »

भगवान श्रीहरि विष्णु के दशावतार की पौराणिक एवं प्रामाणिक कथाएं

भगवान श्रीहरि विष्‍णु ने धर्म की रक्षा हेतु हर काल में अवतार लिया। वैसे तो भगवान विष्णु के अनेक अवतार हुए हैं लेकिन उनमें 10 अवतार ऐसे हैं, जो प्रमुख रूप से स्थान पाते हैं। यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत हैं भगवान श्रीहरि विष्णु के 10 अवतार यानी दशावतार की पौराणिक एवं प्रामाणिक कथाएं।  1.

भगवान श्रीहरि विष्णु के दशावतार की पौराणिक एवं प्रामाणिक कथाएं Read More »

App Download