2022

शुक्रवार संतोषी माता व्रत कथा (Shukravar Santoshi Mata Vrat Katha)

शुक्रवार के दिन माँ संतोषी का व्रत-पूजन किया जाता है। इस पूजा के दौरान माता की आरती, पूजन तथा अंत में माता की कथा सुनी जाती है। आइए जानें! शुक्रवार के दिन की जाने वाली संतोषी माता व्रत कथा..संतोषी माता व्रत कथा-एक बुढ़िया थी, उसके सात बेटे थे। 6 कमाने वाले थे जबकि एक निक्कमा

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अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा | बृहस्पतिदेव की कथा (Shri Brihaspatidev Ji Vrat Katha)

॥ अथ श्री बृहस्पतिवार व्रत कथा ॥भारतवर्ष में एक प्रतापी और दानी राजा राज्य करता था। वह नित्य गरीबों और ब्राह्मणों की सहायता करता था। यह बात उसकी रानी को अच्छी नहीं लगती थी, वह न ही गरीबों को दान देती, न ही भगवान का पूजन करती थी और राजा को भी दान देने से

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बुद्धवार व्रत कथा और पूजन विधि – Budhwar Vrat Katha

बुद्धवार व्रत विधि ग्रह शांति तथा सर्व-सुखों की इच्छा रखने वालों को बुद्धवार का व्रत करना चाहिये. इस व्रत में दिन-रात में एक ही बार भोजन करना चाहिए. इस व्रत के समय हरी वस्तुओं का उपयोग करना श्रेष्ठतम है. इस व्रत के अंत में शंकर जी की पूजा, धूप, बेल-पत्र आदि से करनी चाहिए . 

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Hanuman Ji Vrat Katha: मंगलवार के व्रत में पढ़ें ये व्रत कथा और इस विधि से पूजन करने से प्रसन्न होंगे बजरंगबली

Hanuman Ji Vrat Katha: हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन भगवान हनुमान को समर्पित है. इस दिन हनुमान जी की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि बजरंगबली की पूजा करने से व्यक्ति को बल, बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है. जिस जातक की कुंडली में सूर्य कमजोर स्थिति में होता

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सोमवार व्रत कथा (Somvar Vrat Katha)

किसी नगर में एक धनी व्यापारी रहता था। दूर-दूर तक उसका व्यापार फैला हुआ था। नगर के सभी लोग उस व्यापारी का सम्मान करते थे। इतना सब कुछ संपन्न होने के बाद भी वह व्यापारी बहुत दुःखी था, क्योंकि उसका कोई पुत्र नहीं था। जिस कारण अपने मृत्यु के पश्चात् व्यापार के उत्तराधिकारी की चिंता

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फाल्गुन गणेश चतुर्थी व्रत कथा

संकष्टी चतुर्थी के व्रत में गणेश जी की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पूर्णिमा के बाद आने वाली चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं। फाल्गुन का महीना हिंदू वर्ष का आखिरी महीना होता है। इस महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी या संकष्टी चतुर्थी व्रत की पूजा की

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Sankashti Chaturthi 2022 Katha: संकष्टी चतुर्थी पर पढ़ें यह व्रत कथा, संकटों का हरण करेंगे विघ्नहर्ता गणेश

Sankashti Chaturthi 2022 Katha: फाल्गुन माह की संकष्टी चतुर्थी 20 फरवरी दिन रविवार को है, य​ह द्विज​प्रिय संकष्टी चतुर्थी (Dwijapriya Sankashti Chaturthi) है. यह फरवरी की आखिरी चतुर्थी व्रत है. इस दिन विघ्नहर्ता श्री गणेश जी (Lord Ganesha) की विधिपूर्वक पूजा अर्चना करते हैं, उनकी आरती (Aarti) उतारते हैं और संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा का पाठ करते हैं. रात के समय में चंद्रमा

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वट सावित्री व्रत कथा

वट सावित्री व्रत को सौभाग्य देने वाला और संतान की प्राप्ति में सहायक व्रत माना गया है। इस व्रत की तिथि को लेकर भिन्न मत हैं। स्कंद पुराण तथा भविष्योत्तर पुराण के अनुसार ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को यह व्रत करने का विधान है, वहीं निर्णयामृत आदि के अनुसार ज्येष्ठ मास की

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पद्मिनी एकादशी व्रत कथा

अधिकमास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्मिनी एकादशी या कमला एकादशी कहते हैं। वैसे तो प्रत्येक वर्ष 24 एकादशियां होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है, तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। अधिकमास में 2 एकादशियां होती हैं, जो पद्मिनी एकादशी (शुक्ल पक्ष) और परमा एकादशी (कृष्ण पक्ष) के नाम से

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परमा एकादशी व्रत कथा

धिकमास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी कहते हैं। वैसे तो प्रत्येक वर्ष 24 एकादशियां होती हैं। जब अधिकमास या मलमास आता है, तब इनकी संख्या बढ़कर 26 हो जाती है। अधिकमास में 2 एकादशियां होती हैं, जो पद्मिनी एकादशी (शुक्ल पक्ष) और परमा एकादशी (कृष्ण पक्ष) के नाम से जानी जाती हैं।काम्पिल्य

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योगिनी एकादशी व्रत कथा

आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी का नाम योगिनी एकादशी है। इसके व्रत से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। यह व्रत इहलोक में भोग तथा परलोक में मुक्ति देने वाला हैं। योगिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु और पीपल के वृक्ष की पूजा का विधान हैं।कुबेर नाम का एक राजा अलकापुरी नाम की

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कामिका एकादशी व्रत कथा

श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी का नाम कामिका एकादशी है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से हर बिगड़े काम बनते हैं। व्रत करने से उपासकों के साथ-साथ उनके पित्रों के कष्ट भी दूर हो जाते हैं और उपासकों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। संसार सागर तथा

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