2022

महाभारत की कहानी: अर्जुन और चिड़िया की आंख | Arjun Aur Chidiya Ki Aankh

यह द्वापरयुग के उन दिनों की बात है, जब पांचों पांडव और कौरव पुत्र, गुरु द्रोणाचार्य से अपनी शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। उन दिनों पांडव धनुर्विद्या का ज्ञान प्राप्त कर रहे थे। एक दिन गुरु द्रोणाचार्य ने उनकी परीक्षा लेने का विचार किया। परीक्षा के लिए गुरुदेव ने पांचों पांडव – युद्धिष्ठिर, भीम, अर्जुन,

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महाभारत की कहानी: कर्ण के जन्म की कथा | Karn Ka Janam Kaise Hua

यह कहानी ऐसे योद्धा की जिसे लोग दानवीर कर्ण के नाम से जानते हैं। कर्ण पांडवों में सबसे बड़े थे और इस बात का पता सिर्फ माता कुंती को ही था। कर्ण का जन्म कुंती के विवाह से पहले ही हो गया था। इसलिए, लाेकलाज के डर से कुंती ने कर्ण को छोड़ दिया था,

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महाभारत की कहानी: भीम और हिडिंबा का विवाह | Bheem Hidimba Ka Vivah

द्वापर युग की बात है। यह बात हर कोई जानता था कि कौरव, पांडवों को हमेशा से अपना शत्रु मानते थे और कैसे भी करके उन्हें मारने की योजना बनाते रहते थे। एक बार जब पांचों पांडव और कुंती वार्णावर्त नगर में महादेव का मेला देखने गए, तब दुर्योधन ने उन्हें मारने की योजना बनाई।

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महाभारत की कहानी: चक्रव्यूह में अभिमन्यु का वध | Mahabharat Abhimanyu Vadh

कुरुक्षेत्र में कौरवों और पांडवों के बीच 18 दिन तक घमासान युद्ध चला था। एक ओर धर्म के लिए लड़ने वाले पांडव थे, तो दूसरी ओर छल कपट और धोखा देने में माहिर कौरव। उन्होंने छल से युद्ध जीतने के लिए एक रणनीति बनाई। उनकी योजना थी कि वो अर्जुन को युद्ध में उलझाकर चारों

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महाभारत की कहानी: द्रोपदी का चीर हरण | Draupadi Ka Cheer Haran

महाभारत ऐसा महाकाव्य है, जिसमें कई छोटी-बड़ी शिक्षाप्रद घटनाओं का जिक्र है। द्रौपदी चीरहरण भी महाभारत की ऐसी ही घटना है। द्रौपदी पांचाल देश की राजकुमारी थी और उसका विवाह अर्जुन से हुआ था। अर्जुन ने द्रौपदी के स्वयंवर में मछली की आंख में निशाना साधकर उससे विवाह किया था, लेकिन माता कुंती के अंजाने

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महाभारत की कहानी: दानवीर कर्ण | Danveer Karan Ki Katha

महाभारत की कथा में कई महान चरित्रों का जिक्र है। उन्हीं में से एक थे दानवीर कर्ण। श्रीकृष्ण हमेशा कर्ण की दानवीरता की प्रशंसा करते थे। वहीं, अर्जुन और युधिष्ठिर भी दान-पुण्य करते रहते थे, लेकिन श्रीकृष्ण कभी उनकी प्रशंसा नहीं करते थे। एक दिन अर्जुन ने श्रीकृष्ण से इसका कारण पूछा। श्रीकृष्ण बोले, “समय

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महाभारत की कहानी: भीष्म पितामह के पांच चमत्कारी तीर

यह बात उस समय की है, जब कुरुक्षेत्र में कौरवों और पांडवों के बीच युद्ध चल रहा था। पितामह भीष्म कौरवों की ओर से युद्ध लड़ रहे थे, लेकिन कौरवों के सबसे बड़े भाई दुर्योधन को लगता था कि भीष्म पितामह पांडवों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते हैं। दुर्योधन का मानना था कि पितामह भीष्म

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महाभारत की कहानी: राजा शिवी चक्रवर्ती | King Shibi Story In Hindi

बहुत समय पहले की बात है, उशीनगर नाम के एक राज्य में एक राजा राज किया करता था। उस राजा का नाम था शिवी। वह एक चक्रवर्ती सम्राट था और अपनी महानता और दयालुता के कारण प्रसिद्ध था। उसकी दया के बारे में ऐसा कहा जाता था कि उसके दरबार से कोई भी खाली हाथ

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महाभारत की कहानी: भक्त ध्रुव की कथा | Dhruv Ki Kahani

एक बार की बात है, राजा उत्तानपाद थे और उनकी दो रानियां थीं। एक रानी का नाम सुनीति और दूसरी रानी का नाम सुरुचि था। सुनीति बड़ी रानी और सुरुचि छोटी रानी थी। रानी सुनीति के पुत्र का नाम ध्रुव और रानी सुरुचि के पुत्र का नाम उत्तम था। राजा उत्तानपाद का रूझान छोटी रानी

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भगवान शिव कैसे बने नीलकंठ | Shiv Ne Vish Kyu Piya

भगवान शिव को कई नामों से जाना जाता है, उन्हीं में से एक नाम है नीलकंठ। भगवान शिव के हर नाम के पीछे एक कहानी छुपी है और उसी तरह नीलकंठ नाम से भी एक कहानी जुड़ी है। एक बार की बात है, देवता और राक्षस समुद्र से अमृत निकालने के लिए समुद्र मंथन कर

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रामायण की कहानी: भगवान राम ने दिया हनुमान को मृत्यु दंड

हनुमान जी को भगवान राम का सबसे प्रिय भक्त माना जाता है। हनुमान जी भगवान राम से बहुत प्रेम करते थे। जब श्री राम अयोध्या के राजा बने तब हनुमान जी दिन रात उनकी सेवा में लगे रहते। एक दिन की बात है श्री राम जी के दरबार में एक सभा चल रही थी। उस

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रामायण की कहानी: लक्ष्मण जी नहीं सोए 14 साल

रामचंद्र जी को जब उनके पिता दशरथ राजपाट सौंपने वाले थे, तभी उनकी दूसरी पत्नी कैकेयी को उनकी दासी मथंरा ने खूब भड़काया। मंथरा ने कहा कि राजा तो आपके बेटे भरत को बनना चाहिए। इसके बाद कैकेयी ने राजा दशरथ से दो वर मांगे, पहला भरत को गद्दी मिलनी चाहिए और दूसरा राम को

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