श्री सत्यनारायण कथा – पंचम अध्याय (Shri Satyanarayan Katha Pancham Adhyay)
सूतजी बोले: हे ऋषियों ! मैं और भी एक कथा सुनाता हूँ, उसे भी ध्यानपूर्वक सुनो! प्रजापालन में लीन तुंगध्वज नाम का एक राजा था। उसने भी भगवान का प्रसाद त्याग कर बहुत ही दुख सान किया। एक बार वन में जाकर वन्य पशुओं को मारकर वह बड़ के पेड़ के नीचे आया। वहाँ उसने
श्री सत्यनारायण कथा – पंचम अध्याय (Shri Satyanarayan Katha Pancham Adhyay) Read More »

KARMASU