विक्रम बेताल की अंतिम कहानी: भिक्षु शान्तशील की कथा

MYTHOLOGICAL STORIES
विक्रम बेताल की अंतिम कहानी: भिक्षु शान्तशील की कथा
KARMASU 10 August 2022 3 मिनट पढ़ें
MYTHOLOGICAL STORIES📅 10 August 2022⏱ 3 मिनट

चौबीस बार लगातार प्रयास करने के बाद, आखिरकार राजा विक्रमादित्य शव को श्मशान ले जाने में कामयाब हो जाते हैं और बेताल शव को त्याग देता है। आगे जानिए क्या हुआ जब राजा विक्रमादित्य शव को लेकर योगी के पास पहुंचे।

राजा विक्रमादित्य और उसके कंधे पर शव को देखकर योगी बहुत खुश हुआ। उसने खुशी जताते हुए राजा से कहा, “हे राजन, आपने इस मुश्किल काम को करके यह साबित कर दिया कि आप सभी राजाओं में सबसे श्रेष्ठ हैं।” यह कहते हुए उसने राजा के कंधे से शव को उतारा और उसे तंत्र साधना के लिए तैयार करने लगा।

जब तंत्र साधना हो गई तो उसने राजा से कहा, “हे राजन, अब आप इसे लेटकर प्रणाम करें।” इतना सुनते ही राजा को बेताल की बात याद आ गई। उसने योगी को कहा, “मुझे ऐसा करना नहीं आता, इसलिए आप मुझे पहले करके बता दें, फिर में ऐसा कर लूंगा।”

🙏 पूजा सेवाएँ — अभी बुक करें

विक्रम बेताल की अंतिम कहानी: भिक्षु शान्तशील की कथा

जैसे ही योगी प्रणाम करने के लिए झुका, राजा ने उसका सिर काट दिया। यह सब देखकर बेताल बहुत खुश हुआ और बोला, “राजन यह योगी विद्वानों का राजा बनना चाहता था, लेकिन अब तुम बनोगे विद्वानों के राजा। मैंने तुम्हें बहुत परेशान किया, अब तुम्हें जो चाहिए मांग लो।”

यह सुनते ही राजा ने बोला, “अगर आप खुश हैं तो मैं यही चाहता हूं कि आपने जो मुझे चौबीस कहानियां सुनाई हैं, उनके साथ यह पच्चीसवीं कहानी भी पूरी दुनिया में मशहूर हो जाए और हर कोई इन्हें आदर के साथ पढ़ें।”

बेताल ने यह सुनते ही कहा, “जैसी आपकी इच्छा, ऐसा ही होगा, ये कहानियां ‘बेताल-पच्चीसी’ के नाम से जानी जाएंगी और जो भी इन्हें ध्यान से पढ़ेगा या सुनेगा, उनके पाप खत्म हो जाएंगे।”

इतना कहकर बेताल चला गया और उसके जाने के बाद शिवजी ने राजा को दर्शन दिए। शिवजी ने प्रकट होकर राजा से कहा, “तुमने इस दुष्ट योगी को मारकर एक अच्छा काम किया है। अब तुम जल्द ही सात द्वीपों समेत पाताल और पृथ्वी पर राज करोगे। जब तुम्हारा इन सभी चीजों से मन भर जाए, तो तुम मेरे पास चले आना।” इतना कहकर शिवजी वहां से चले गए।

इसके बाद राजा अपने नगर गए और वहां जब सब को राजा की वीरता के बारे में पता चला तो सभी ने राजा की प्रशंसा की और खुशियां मनाई। कुछ ही वक्त बाद राजा विक्रमादित्य धरती और पाताल के राजा बन गए। जब उनका मन भर गया, तो वे भगवान शिवजी के पास चले गए।

  • समाप्त

कहानी से सीख:

बुराई की कभी जीत नहीं होती है। अगर व्यक्ति का मन साफ हो और उसमें धैर्य हो, तो उसे हर जगह मान-सम्मान मिलता है।

KARMASU वीडियो

छोटे वीडियो — देखें, सुनें और सीखें

YouTube पर देखें ↗
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ 🪔✨ | Happy Diwali 2026 |
धनतेरस 2026 विशेष महापूजा | धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर पूजा |…
KARMASU
KARMASU
धनतेरस 2026 विशेष महापूजा | धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर पूजा |…
बुधवार विशेष गणेश मंत्र जाप | Wednesday Special Ganesh Mantra 108 Times
Rama ekadashi 2026
Mahalaxmi Puja (Lakshmi Puja) for Diwali 2026
मंगलवार Special हनुमान मंत्र | Hanuman Ji Powerful Mantra for Strength, Peace…
The most powerful mantras to Lakshmi and Lord Kuber on Dhanteras
Career Growth & Promotion के लिए विशेष पूजा | Career Success &…
नुमान जी के पवित्र नाम | Sacred Names of Lord Hanuman
App Download