श्रीलक्ष्मीधराष्टकं shreelakshmeedharaashtakan
श्रीलक्ष्मीधराशतकम् एक संस्कृत वर्णनात्मक कविता है जो भगवान विष्णु और उनकी पत्नी लक्ष्मी की महिमा का वर्णन करती है। यह कविता संत कवि विद्यापति द्वारा रचित है। यह कविता वराष्टक छंद में रचित है, जिसमें प्रत्येक चरण में आठ अक्षर होते हैं। श्रीलक्ष्मीधराशतकम् की पहली दो पंक्तियाँ निम्नलिखित हैं: shreelakshmeedharaashtakan श्रीलक्ष्मीधराशतकम् श्रीलक्ष्मीधर, श्रीलक्ष्मीधर, हे जगदीश्वर,

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