हनुमान जी व्रत कथा | Mangalwar Vrat Katha In Hindi

केशवदत्त नाम का एक ब्राह्मण था, जो अपनी पत्नी अंजली के साथ ऋषिनगर गांव में खुशी से रहता था। गांव के सभी लोग ब्राह्मण परिवार का बहुत सम्मान करते थे। उनके पास खूब धन-संपत्ति थी, लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी। इस कारण दोनों पति-पत्नी दुखी थे। पुत्र प्राप्ति के लिए दोनों हनुमान जी की

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राधा अष्‍टमी व्रत की कहानी  | Radha Ashtami Vrat Katha In Hindi

राधा माता गोलोक में श्रीकृष्ण के साथ रहती थीं। एक दफा कृष्ण भगवान को गोलोक में राधा रानी कहीं नजर नहीं आईं। कुछ देर बाद कन्हैया अपनी सखी विराजा के साथ घूमने चले गए। यह बात जब राधा रानी को मालूम हुई, तो उन्हें गुस्सा आया और वो सीधे कन्हैया के पास पहुंची। वहां पहुंचकर

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सत्यनारायण की व्रत कथा – चतुर्थ अध्याय | Satyanarayan Vrat Katha (Chapter Four)

सर्व शास्त्र ज्ञाता सूत जी ऋषियों और मुनियों को आगे की कहानी सुनाते हुए कहते हैं, “राजा की आज्ञा के बाद वो साधु अपने दामाद के साथ घर की तरफ निकल पड़ा। कुछ दूर जाने के बाद रास्ते में उसे एक व्यक्ति मिला, जो डंडे के सहारे चल रहा था। वो व्यक्ति असल में खुद

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सोलह सोमवार व्रत कथा | Solah Somvar Vrat Katha In Hindi

भगवान शिव अपनी पत्नी पार्वती के साथ एक बार घूमते हुए धरती के अमरावती शहर पहुंचे। वहां शिव जी का एक बड़ा-सा मंदिर राजा ने बनवाया था। शिव-पार्वती दोनों को वह मंदिर पसंद आया, इसलिए दोनों वहीं रहने लगे। कुछ दिनों बाद मां पार्वती ने भोले नाथ से कहा, “प्रभु! मुझे चौसर खेलने की इच्छा

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शिव व्रत कथा | Sawan Somvar Vrat Katha In Hindi

एक समय की बात है, अमरपुर नामक नगर में एक धनवान व्यवसायी रहता था। उसका व्यापार बहुत दूर तक फैला हुआ था। यहां के सभी नगरवासी उसका बहुत आदर करते थे। उस व्यापारी के पास किसी भी चीज की कमी नहीं थी, लेकिन फिर भी वह अपने जीवन में सुखी नहीं था। दरअसल, उस व्यापारी

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बृहस्पति व्रत कथा | Brihaspati Vrat Katha In Hindi

सालों पहले एक गांव में ऐसा गरीब धार्मिक ब्राह्मण रहता था, जिसकी को‌ई संतान नहीं थी। वह रोज नहा-धोकर मन से देवताओं की पूजा करते हुए संतान की मांग करता, लेकिन ब्राह्मण की पत्नी खूब आलसी थी। वह न स्नान करती थी और न ही पूजा-पाठ। पत्नी की इस आदत से ब्राह्मण दुखी रहता था।

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राम जन्म की कथा |  Ram Janam Katha In Hindi

एक समय की बात है, अयोध्या के महाराज दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए यज्ञ रखा। इस यज्ञ के लिए राजा दशरथ ने अपनी चतुरंगिणी सेना को काले कान वाले घोड़े को छोड़ने का आदेश भेजा। उनकी इच्छा थी कि इस महान यज्ञ में हर कोई शामिल हो, इसलिए राजा ने सभी ऋषि-मुनियों व विद्वान

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विष्णु भगवान की व्रत कथा |  Vishnu Bhagwan Ki Katha In Hindi

एक समय की बात है, जब ऋषि मुनियों ने यह जानने का निर्णय लिया कि त्रिदेवों यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश में से सर्वश्रेष्ठ कौन है। इस बात का पता लगाने की जिम्मेदारी भृगु ऋषि को दी गई। भृगु ऋषि इस बात का पता लगाने के लिए सबसे पहले ब्रह्मा लोक गए और वहां पहुंचकर

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दशा माता की कथा | Dasha Mata Vrat Katha In Hindi

सालों पहले नल नामक एक राजा राज किया करते थे। उनकी पत्नी का नाम दमयंती था। दोनों अपने दो बेटों के साथ सुखी जीवन जी रहे थे। राजा के शासन में प्रजा भी काफी समृद्ध और सुखी थी। कुछ समय बाद होली दशा का त्योहार आया। दोपहर के समय जब रानी अपने कमरे में आराम

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सरस्वती पूजा (वसंत पंचमी) की व्रत कथा |  Saraswati Puja (Basant Panchmi) Ki Katha

कई हजारों साल पहले ब्रह्मा जी ने विष्णु भगवान के आदेश पर सृष्टि रचना की। उस समय उन्होंने सभी तरह के जीव जन्तुओं के साथ ही मनुष्यों को भी बनाया। सृष्टि की रचना के बाद ब्रह्मा जी धरती पर आकर भ्रमण करने लगे। तब उन्होंने देखा की हर तरफ शांति है और किसी तरह की

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सत्यनारायण की व्रत कथा – द्वितीय अध्याय |  Satyanarayan Vrat Katha (Chapter 2)

ऋषि मुनियों को नारद और भगवान विष्णु की कहानी सुनाने के बाद श्री सूत जी ने कहा, “हे मुनिगण! जिस व्यक्ति ने सबसे पहले इस व्रत को किया था मैं उसके बारे में भी आप लोगों को बताता हूं, ध्यान से सुनें।” एक समय की बात है, सुंदर काशीपुरी नामक नगरी में एक बेहद गरीब

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सत्यनारायण की व्रत कथा- प्रथम अध्याय | Satyanarayan Vrat Katha (Chapter 1)

बहुत समय पहले की बात है, सर्वशास्त्र ज्ञाता श्री सूतजी से हजारों की संख्या में ऋषि-मुनि गण मिलने पहुंचे। वहां पहुंचकर सभी मुनियों ने सूत जी को नमन किया और पूछा, “हे परमपिता! कलयुग के समय में ईश्वर की भक्ति के लिए मनुष्यों को क्या करना होगा? कलयुग में उन्हें मोक्ष की प्राप्ति कैसे होगी?

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