Dream Science:सपने में बाढ़ या समुद्र का पानी देखना

Dream Science:सपना एक ऐसा शब्द है , जिसे हममें से सभी कभी न कभी जरूर देखते है । सपने पर किसी का कोई भी नियंत्रण नहीं होता है । सपने कभी अचे होते है तो कभी बुरे । कई बार हम सपने देखते है और बहुत परेशान होते है , और यही सोचते रहते है की आखिर वप सपना आया क्यों । जबकि कई बार हम अच्छे सपने देखते है और जो कई दिनों तक अच्छा लगता है। सपने में पानी देखना , यह सपना बहुत लोगो को आता है ।शास्त्रों के अनुसार सपने में पानी को देखना हमारे जीवन में होनेवाली अच्छी और बुरी चीजों को दर्शाता है। यह इस बात पर निर्भर करता है की पानी को आपने किस रूप में देखा है अपने सपने में। सपने में साफ पानी देखना:seeing clear water in dream स्वप्नशास्त्र के अनुसार सपने में साफ पानी देखना बहुत ही शुभ माना जाता है। यह इस चीज को दर्शाता है Dream Science की आने वाले दिनों में आपको अपने व्यापर , धन में वृद्धि होगी । सपने में बहता हुआ पानी देखना seeing flowing water in dream सपने में बहता हुआ पानी देखना शुभ संकेत है। यह आपके जीवन में आनेवाली सफलता को दर्शाता है । Dream Science आपके जीवा में सुख , समृद्धि आएगी और आप आगे बढ़ने में सफल होंगे। सपने में अपने आप को तैरते देखना:Dreaming of yourself swimming सपने में अपने आप को तैरते देखने का यह दर्शाता है की आपको आने वाले समय में कष्ट दूर होगा। सपने में बाढ़ का पानी देखना Seeing flood water in dream अगर आपको सपने में बाढ़ का पानी दिखे तो यह एक अशुभ सपना माना जाता है । हो सकता की आनेवाली निकट समय में परेशानियों को सामना करना पड़े। अगर आप अपने आप को बाढ़ के पानी से बचते दिखते है , यह एक अच्छा संकेत है। हो सकता है की आपके जीवन में आनेवाली और चल रही परेशानियों से छुटकारा मिले । इसके लिए बस आपको सकारात्मक काम करने की आवश्यकता है। Dream Science:सपने में पानी में अपने आप को डूबते हुए देखना अगर आप अपने आप को पानी में डूबते हुए देखते है तो यह एक नकरात्मक संकेत है। आपको आने वाले समय में सावधान होने की आवश्यकता है। सपने में समुद्र की पानी देखनाseeing sea water in dream अगर आप सपने में समुद्र की पानी देखते है तो यह एक संकेत है की, आपको अपनी गलतियां सुधारने की आवश्यकता है। Dream Science:सपने में अपने आप को पानी में नहाते देखना सपने में अपने आप को नहाते देखने का मतलब है आपके आयु , स्वास्थ में वृद्धि होगी। रोगी व्यक्ति सपने में अपने आप को पानी में नहाते देखे तोई या उसके लिए काफी अच्छा होता है।

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Saphala Ekadashi 2024: साल की आखिरी एकादशी पर इस विधि से करें पूजा, हर कार्य में मिलेगी सफलता

Saphala Ekadashi 2024: साल में 24 एकादशी का व्रत रखा जाता है, जो सभी भगवान विष्णु को समर्पित है। एकादशी व्रत हर माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर रखा जाता है, जो हर माह में दो बार आती हैं। Saphala Ekadashi 2024: साल में 24 एकादशी का व्रत रखा जाता है, जो सभी भगवान विष्णु को समर्पित है। एकादशी व्रत हर माह के शुक्ल और कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर रखा जाता है, जो हर माह में दो बार आती हैं। मान्यताओं के अनुसार सभी एकादशी अपना विशेष महत्व रखती हैं, परंतु सफला को सबसे प्रमुख माना गया है। पंचांग के अनुसार पौष माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस साल 26 दिसंबर 2024 को सफला एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। इस दिन सृष्टि के संचालक भगवान विष्णु की आराधना करने पर सभी कार्यों में सफलता हासिल होती हैं। कहते हैं कि सफला एकादशी पर लंबे समय से रुके हुए कार्यों को करने पर उनमें सफलता अवश्य मिलती हैं। Saphala Ekadashi 2024 धार्मिक ग्रंथों के अनुसार सफला एकादशी अपने में ही सफलता के अर्थ से परिपूर्ण है, इस तिथि पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना से साधक को हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है। ऐसे में आइए इस दिन की पूजा विधि के बारे में जानते हैं। Saphala Ekadashi 2024:सफला एकादशी तिथि 2024 पौष माह के कृष्ण पक्ष की Saphala Ekadashi 2024 एकादशी तिथि की शुरुआत 25 दिसंबर 2024 को रात 10 बजकर 29 मिनट पर होगी। इस तिथि का समापन 27 दिसंबर को रात 12 बजकर 43 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार 26 दिसंबर 2024 को सफला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। शुभ योग Saphala Ekadashi 2024 पंचांग के अनुसार 26 दिसंबर 2024 को सफला एकादशी के दिन सुकर्मा योग का निर्माण हो रहा है, जो रात 10 बजकर 23 मिनट पर समाप्त होगा। सफला एकादशी पर स्वाती नक्षत्र भी बनेगा, जो 18:09 मिनट तक रहेगा। Saphala Ekadashi 2024 इस दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:01 से 12:42 मिनट तक है।  सफला एकादशी पूजा मुहूर्त Saphala Ekadashi puja muhurat सफला एकादशी पर पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 12 मिनट से सुबह 8 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। आप इस अवधि में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा कर सकते हैं। पूजा विधि Saphala Ekadashi Puja vidhi भगवान विष्णु की आरतीॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥ जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय…॥ मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।तुम बिनु और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय…॥ तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय…॥ तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय…॥ तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय…॥दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे। अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय…॥ विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय…॥ तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय…॥ जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय…॥ डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए KARMASU.IN उत्तरदायी नहीं है। 

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Vegetable names in Sanskrit with English Hindi meaning | सब्जियों के नाम संस्कृत में

Vegetable names in Sanskrit with English Hindi meaning | सब्जियों के नाम संस्कृत में जिन सब्जियों का हम भोजन में उपयोग करते हैं उनके संस्कृत नाम जानना काफी रोचक और उपयोगी है। यहाँ साधारणतः प्रयोग होने वाली सब्जियों के संस्कृत नाम उनके अंग्रेजी और हिंदी नामों के साथ दिए गए हैं। To know the Sanskrit names of the vegetables we consume is quite interesting and useful. Here are the commonly used vegetable names in Sanskrit along with their English and Hindi names. S.No. English हिन्दी संस्कृत 1 Bitter Gourd करेला कारवेल्लम् 2 Brinjal बैंगन वृन्ताकम्  3 Carrot  गाजर गृञ्जनकम् 4 Cauliflower  फूल गोभी गोजिह्वा  5 Chilli मिर्च मरीचः / मरीचिका 6 Cucumber खीरा उर्वारूकम्  7 Curry Leaves कढ़ीपत्ता कृष्णनिम्बम् 8 Drumstick सहजन शिग्रुः 9 Garlic  लहसुन लशुनम्  10 Ginger  अदरक आर्द्रकम्  11 Green Leaves साग शाकम् 12 Ladyfinger भिंडी भिण्डीनकम्  13 Onion  प्याज पलाण्डुः  14 Pointed Gourd परवल पटोलः  15 Potato  आलू आलुकम्  16 Radish  मूली मूलकम्  17 Tomato  टमाटर रक्ताङ्गकः 

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Rinharta Ganesh Stotra:ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र: कर्ज से मुक्ति पाने का चमत्कारी उपाय

Rinharta Ganesh Stotra:ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र भगवान गणेश को समर्पित है। ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत अधिक लाभकारी होता है जब किसी व्यक्ति का कर्ज बहुत बढ़ गया हो, यह उन लोगों के लिए बहुत लाभकारी है, जो कर्जदार हैं। जो लोग ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र का नियमित जाप करते हैं, उन्हें जीवन में कर्ज से जूझना नहीं पड़ता है और जिनका कर्ज नहीं उतर रहा है, उन्हें भी नियमित रूप से इसका जाप करना चाहिए। Rinharta Ganesh Stotra यह ब्रह्माण्ड पुराण से है। यह बहुत ही पवित्र और शक्तिशाली स्तोत्र है जिसका अगर हर दिन विश्वास, भक्ति और एकाग्रता के साथ जाप किया जाए तो भक्तों के सभी कर्ज उतर जाते हैं। यह भक्त की सभी मनोकामनाएं भी पूरी करता है। ‘ऋणहर्ता’ Rinharta Ganesh Stotra भगवान गणेश का दूसरा नाम है और जिसका अंग्रेजी अर्थ है ‘धन देने वाला’। हिंदी में ऋणहर्ता का अर्थ ‘ऋण’ या ‘ऋणं’ शब्दों से लिया गया है जिसका अर्थ है ‘ऋण’ और ‘हरता’ का अर्थ है ‘हटाने वाला’। गणपति किसी तरह से शरीर में बुद्धि का प्रतीक भी हैं। Rinharta Ganesh Stotra हिंदू धर्म के अनुसार, वह सृष्टि की प्रक्रिया में प्रकृति के सर्वोच्च रूप महा का प्रतिनिधित्व करते हैं। आधुनिक भाषा में, बुद्धि उच्च मन का प्रतिनिधित्व करती है और तर्क और विवेक के लिए महत्वपूर्ण है। Rinharta Ganesh Stotra:ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र के लाभ Rinharta Ganesh Stotra:ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र का जाप करने से भगवान गणेश का आह्वान किया जाता है कि वे व्यक्ति के कल्याण के बीच आने वाली हर बाधा को दूर करें और धन, बुद्धि, सौभाग्य, समृद्धि और सभी प्रयासों में सफलता प्राप्त करने में मदद करें।ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र आपको लंबे समय से बकाया ऋण से छुटकारा पाने में मदद करेगा।यह आपके द्वारा झेली जा रही वित्तीय समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने में मदद करता है।देवी लक्ष्मी को भी माता माना जाता है, क्योंकि पार्वती ने उन्हें गणेश को अपना पुत्र मानने की अनुमति दी थी। देवी लक्ष्मी के साथ, वे समृद्धि, प्रचुरता, धन, खुशी, पैसा, संपत्ति, सौभाग्य और सभी Rinharta Ganesh Stotra भौतिक सफलताएँ प्रदान करते हैं। इस तरह सभी ऋण समाप्त हो जाते हैं।ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र का जाप न केवल व्यक्ति के प्रयासों के लिए पुरस्कार देता है बल्कि व्यक्ति की प्रगति को गति देता है और जीवन में एक बेहतर व्यक्ति बनने में मदद करता है।ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र जीवन में धन और समृद्धि के लिए भगवान गणेश का मंत्र है क्योंकि भगवान गणेश से ऋण और गरीबी को दूर रखने और जीवन में प्रचुरता लाने का अनुरोध किया जाता है। Rinharta Ganesh Stotra:किसको इस स्तोत्र का जाप करना चाहिए जो व्यक्ति विनाश के कगार पर है, उसे आर्थिक स्थितियों में बदलाव के लिए नियमित रूप से ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र का जाप करना चाहिए। ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र | Rinharta Ganesh Stotra Lyrics Rinharta Ganesh Stotra:यह धन-दायी प्रयोग है। यदि यह प्रयोग नियमित करना हो, तो साधक अपने द्वारा रोज के पहने हुए वस्त्रों में कर सकता है, किन्तु, यदि प्रयोग पर्व विशेष मात्र में करना हो, तो पीले रंग के आसन पर पीले वस्त्र धारण कर पीले रंग की माला या पीले सूत में बनी स्फटिक की माला से करे, व भगवान् गणेश की पूजा में ‘दूर्वा-अंकुर’ चढ़ाए, यदि हवन करना हो, तो ‘लाक्षा’ एवं ‘दूर्वा’ से हवन करे, विनियोग, न्यास, ध्यान कर आवाहन और पूजन करे,‘पूजन’ के पश्चात् ‘कवच’ पाठ कर ‘स्तोत्र’ का पाठ करे। विनियोगः सीधे हाथ में जल लेकर विनियोग पढ़कर जल भूमि पर छोड़ दे। ॐ अस्य श्रीऋण-हरण-कर्तृ-गणपति-मन्त्रस्य सदा-शिव ऋषिः, अनुष्टुप छन्दः, श्रीऋण-हर्ता गणपति देवता, ग्लौं बीजं, गं शक्तिः, गों कीलकं, मम सकल-ऋण-नाशार्थे जपे विनियोगः। ऋष्यादि-न्यासः सदा-शिव ऋषये नमः शिरसि, अनुष्टुप छन्दसे नमः मुखे, श्रीऋण-हर्ता गणपति देवतायै नमः हृदि, ग्लौं बीजाय नमः गुह्ये, गं शक्तये नमः पादयो, गों कीलकाय नमः नाभौ, मम सकल-ऋण-नाशार्थे जपे विनियोगाय नमः अञ्जलौ। कर-न्यासः ॐ गणेश अंगुष्ठाभ्यां नमः, ऋण छिन्धि तर्जनीभ्यां नमः, वरेण्यं मध्यमाभ्यां नमः, हुं अनामिकाभ्यां नमः, नमः कनिष्ठिकाभ्यां नमः, फट् कर-तल-कर-पृष्ठाभ्यां नमः। षडंग-न्यासः ॐ गणेश हृदयाय नमः, ऋण छिन्धि शिरसे स्वाहा, वरेण्यं शिखायै वषट्, हुं कवचाय हुम्, नमः नेत्र-त्रयाय वौषट्, फट् अस्त्राय फट्। ध्यानः ॐ सिन्दूर-वर्णं द्वि-भुजं गणेशं, लम्बोदरं पद्म-दले निविष्टम्। ब्रह्मादि-देवैः परि-सेव्यमानं, सिद्धैर्युतं तं प्रणमामि देवम्।। ‘आवाहन’ आदि कर पञ्चोपचारों से अथवा ‘मानसिक पूजन’ करे। ।।कवच-पाठ।। ॐ आमोदश्च शिरः पातु, प्रमोदश्च शिखोपरि, सम्मोदो भ्रू-युगे पातु, भ्रू-मध्ये च गणाधीपः। गण-क्रीडश्चक्षुर्युगं, नासायां गण-नायकः, जिह्वायां सुमुखः पातु, ग्रीवायां दुर्म्मुखः।। विघ्नेशो हृदये पातु, बाहु-युग्मे सदा मम, विघ्न-कर्त्ता च उदरे, विघ्न-हर्त्ता च लिंगके। गज-वक्त्रो कटि-देशे, एक-दन्तो नितम्बके, लम्बोदरः सदा पातु, गुह्य-देशे ममारुणः।। व्याल-यज्ञोपवीती मां, पातु पाद-युगे सदा, जापकः सर्वदा पातु, जानु-जंघे गणाधिपः। हरिद्राः सर्वदा पातु, सर्वांगे गण-नायकः।। ।।स्तोत्र-पाठ।। सृष्ट्यादौ ब्रह्मणा सम्यक्, पूजितः फल-सिद्धये। सदैव पार्वती-पुत्रः, ऋण-नाशं करोतु मे।।1 त्रिपुरस्य वधात् पूर्वं-शम्भुना सम्यगर्चितः। हिरण्य-कश्यप्वादीनां, वधार्थे विष्णुनार्चितः।।2 महिषस्य वधे देव्या, गण-नाथः प्रपूजितः। तारकस्य वधात् पूर्वं, कुमारेण प्रपुजितः।।3 भास्करेण गणेशो हि, पूजितश्छवि-सिद्धये। शशिना कान्ति-वृद्धयर्थं, पूजितो गण-नायकः। पालनाय च तपसां, विश्वामित्रेण पूजितः।।4 ।।फल-श्रुति।। इदं त्वृण-हर-स्तोत्रं, तीव्र-दारिद्र्य-नाशनम्, एक-वारं पठेन्नित्यं, वर्षमेकं समाहितः। दारिद्र्यं दारुणं त्यक्त्वा, कुबेर-समतां व्रजेत्।। मन्त्रः- “ॐ गणेश ! ऋणं छिन्धि वरेण्यं हुं नमः फट्” (15 अक्षर) उक्त मन्त्र का अन्त में कम-से-कम 21 बार ‘जप करे। 21,000 ‘जप’ से इसका ‘पुरश्चरण’ होता है। वर्ष भर ‘स्तोत्र’ पढ़ने से दारिद्र्य-नाश होता है तथा लक्ष्मी-प्राप्ति होती है। ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र विशेषताएं: ऋणहर्ता गणेश स्तोत्र पाठ के साथ-साथ यदि गणेश सहस्त्रनाम, गणेश स्तुति और गणेश चालीसा का पाठ करते है, तो साधक के सभी कार्यो में विघ्न दूर होने लगते है साथ ही सफलता प्राप्त होने लगती है। इस स्तोत्र का पाठ करने के साथ, श्री गणेश यन्त्र की पूजा करते है और गणेश आरती का पाठ करते है, तो साधक को कर्ज की समस्या से मुक्ति मिलती है और आय में वृद्धि मिलने लगती है।

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Rinmochan Stotra:”ऋणमोचन स्तोत्र: कर्ज से मुक्ति पाने का अद्भुत उपाय”

Rinmochan Stotra:ऋणमोचन स्तोत्र भगवान गणेश को समर्पित है। ऋणमोचन स्तोत्र किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत अधिक लाभकारी होता है जब किसी व्यक्ति का कर्ज बहुत बढ़ गया हो, यह उन लोगों के लिए बहुत लाभकारी है, जो कर्जदार हैं। जो लोग नियमित रूप से ऋणमोचन स्तोत्र का जाप करते हैं, उन्हें जीवन में कर्ज से जूझना नहीं पड़ता है और जिनका कर्ज नहीं उतर रहा है, उन्हें भी नियमित रूप से इसका जाप करना चाहिए। यह ब्रह्माण्ड पुराण से है। यह बहुत ही पवित्र और शक्तिशाली ऋणमोचन स्तोत्र है जिसे अगर हर दिन विश्वास, भक्ति और एकाग्रता के साथ जप किया जाए तो भक्तों के सभी कर्ज दूर हो जाते हैं। यह भक्त की सभी मनोकामनाएं भी पूरी करता है। ‘ऋणमोचन’ Rinmochan Stotra भगवान गणेश का दूसरा नाम है और जिसका अंग्रेजी अर्थ है ‘धन देने वाला’। हिंदी में ऋणमोचन का अर्थ ‘ऋण’ या ‘ऋणम’ शब्दों से लिया गया है जिसका अर्थ है ‘ऋण’ और ‘मोचन’ का अर्थ है ‘हटाने वाला’। गणपति किसी तरह से शरीर में बुद्धि का प्रतीक भी हैं। हिंदू धर्म के अनुसार, वह सृष्टि की प्रक्रिया में प्रकृति के सर्वोच्च रूप महा का प्रतिनिधित्व करते हैं। आधुनिक भाषा में, बुद्धि उच्च मन का प्रतिनिधित्व करती है और तर्क और विवेक के लिए महत्वपूर्ण है। ऋणमोचन स्तोत्र लाभ:Rinmochan Stotra ऋणमोचन स्तोत्र का जाप करने से भगवान गणेश का आह्वान किया जाता है कि वे व्यक्ति के कल्याण के बीच आने वाली हर बाधा को दूर करें और धन, बुद्धि, सौभाग्य, समृद्धि और सभी प्रयासों में सफलता प्राप्त करने में मदद करें। ऋणमोचन स्तोत्र आपको लंबे समय से बकाया कर्ज से छुटकारा पाने में मदद करेगा। ये आपके द्वारा झेली जा रही वित्तीय समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने में मदद करते हैं। देवी लक्ष्मी को भी माता माना जाता है, क्योंकि पार्वती ने उन्हें गणेश को अपना पुत्र मानने की अनुमति दी थी। देवी लक्ष्मी के साथ, वे समृद्धि, प्रचुरता, धन, खुशी, पैसा, संपत्ति, सौभाग्य और सभी भौतिक सफलताएँ प्रदान करते हैं। इस तरह सभी ऋण समाप्त हो जाते हैं। ऋणमोचन स्तोत्र का जाप न केवल व्यक्ति के प्रयासों के लिए पुरस्कार देता है बल्कि व्यक्ति की प्रगति को गति देता है और जीवन में एक बेहतर व्यक्ति बनने में मदद करता है। ऋणमोचन स्तोत्र जीवन में धन और समृद्धि के लिए भगवान गणेश का मंत्र है क्योंकि भगवान गणेश से ऋण और गरीबी को दूर रखने और जीवन में प्रचुरता लाने का अनुरोध किया जाता है। Rinmochan Stotra:इस स्तोत्र का जाप किसे करना चाहिए? जो व्यक्ति विनाश के कगार पर है, उसे आर्थिक स्थितियों में बदलाव के लिए नियमित रूप से ऋणमोचन स्तोत्र का जाप करना चाहिए। ऋणमोचन स्तोत्र | Rinmochan Stotra  मंगलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रद:। स्थिरामनो महाकाय: सर्वकर्मविरोधक:।। लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां। कृपाकरं। वैरात्मज: कुजौ भौमो भूतिदो भूमिनंदन:।। धरणीगर्भसंभूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्। कुमारं शक्तिहस्तं च मंगलं प्रणमाम्यहम्। अंगारको यमश्चैव सर्वरोगापहारक:। वृष्टे: कर्ताऽपहर्ता च सर्वकामफलप्रद:।। एतानि कुजनामानि नित्यं य: श्रद्धया पठेत्। ऋणं न जायते तस्य धनं शीघ्रमवाप्रुयात् ।। स्तोत्रमंगारकस्यैतत्पठनीयं सदा नृभि:। न तेषां भौमजा पीडा स्वल्पाऽपि भवति क्वचित्।। अंगारको महाभाग भगवन्भक्तवत्सल। त्वां नमामि ममाशेषमृणमाशु विनाशय:।। ऋणरोगादिदारिद्रयं ये चान्ये ह्यपमृत्यव:। भयक्लेश मनस्तापा: नश्यन्तु मम सर्वदा।। अतिवक्र दुराराध्य भोगमुक्तजितात्मन:। तुष्टो ददासि साम्राज्यं रुष्टो हरसि तत्क्षणात्।। विरञ्चि शक्रादिविष्णूनां मनुष्याणां तु का कथा। तेन त्वं सर्वसत्वेन ग्रहराजो महाबल:।। पुत्रान्देहि धनं देहि त्वामस्मि शरणं गत:। ऋणदारिद्रयं दु:खेन शत्रुणां च भयात्तत:।। एभिद्र्वादशभि: श्लोकैर्य: स्तौति च धरासुतम्। महतीं श्रियमाप्रोति ह्यपरा धनदो युवा:। Rinmochan Stotra:ऋणमोचन स्तोत्र विशेषताएं Rinmochan Stotra:ऋणमोचन स्तोत्र के पाठ के साथ यदि आप ऋणमोचन अंगारका स्तोत्र और ऋणहर्ता गणपति स्तोत्र का पाठ करते है तो साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। इस स्तोत्र का पाठ करने के साथ ऋण मुक्ति यन्त्र की पूजा करने से धन से जुडी सभी समस्याएँ दूर होने लगती है। ऋणमोचन स्तोत्र का पाठ करते समय गणपति कवच धारण करते है तो जीवन में सुख समृद्धि की प्राप्ति होने लगती है।

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Paush Purnima:पौष पूर्णिमा: शुभ तिथि, धार्मिक महत्व और पूजा विधि

Paush Purnima:हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण तिथियों में से एक है। यह दिन चंद्रमा की पूर्णता का प्रतीक है और पौष मास के शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि के रूप में मनाया जाता है। जनवरी 2025 में पौष पूर्णिमा का व्रत, पूजन और इससे जुड़ी पौराणिक कथा धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। इस दिन का महत्व न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में है, Paush Purnima बल्कि यह व्रत आत्मशुद्धि और मोक्ष प्राप्ति का भी एक साधन माना जाता है। जनवरी 2025 में पौष पूर्णिमा की तिथि और समय (January Purnima 2025 Date and Time) सत्यनारायण व्रत कब है? – सोमवार, 13 जनवरी 2025 | पौष शुक्ल पूर्णिमा पूर्णिमा प्रारंभ – 13 जनवरी 2025 5:03 AMपूर्णिमा समाप्त – 14 जनवरी 2025 3:56 AMपूर्णिमा चन्द्रोदय – 5:04 PM 13 जनवरी को प्रातः 05:03 बजे आरंभ होकर 14 जनवरी को प्रातः 03:56 बजे समाप्त होगा। पौष पूर्णिमा से जुड़ी पौराणिक कथा (Paush Purnima Katha) पौराणिक कथाओं Paush Purnima के अनुसार, एक समय की बात है जब कार्तिका नाम की नगरी में चंद्रहाश नामक राजा का शासन था। उसी नगर में धनेश्वर नामक एक ब्राह्मण भी रहता था। धनेश्वर की पत्नी बहुत ही सुशील और रूपवान थी। उनके घर में धन-धान्य की कोई कमी नहीं थी, लेकिन उनके जीवन में एक बड़ी कमी थी—संतान का अभाव। यह उनके लिए अत्यंत दुख का कारण था। एक बार उस गांव में एक योगी आया। वह योगी अन्य सभी घरों से भिक्षा लेकर गंगा किनारे जाकर भोजन करने लगा, लेकिन उसने धनेश्वर के घर से भिक्षा नहीं ली। इस बात से व्यथित होकर धनेश्वर ने योगी से इसका कारण पूछा। योगी ने उत्तर दिया, “निसंतान के घर का अन्न पतितों के अन्न के समान होता है, और जो व्यक्ति पतितों का अन्न खाता है, वह स्वयं भी पतित हो जाता है। इसलिए, मैंने तुम्हारे घर से भिक्षा लेने से इनकार कर दिया।” योगी की इस बात से धनेश्वर अत्यंत दुखी हुआ और उसने योगी से संतान प्राप्ति का उपाय पूछा। योगी ने सलाह दी, “तुम मां चंडी की आराधना करो।” धनेश्वर ने इस सुझाव को मानकर वन में जाकर मां चंडी की कठोर तपस्या शुरू कर दी। उन्होंने नियमित रूप से उपवास करते हुए मां चंडी की आराधना की।धनेश्वर की तपस्या से प्रसन्न होकर मां चंडी ने सोलहवें दिन उन्हें स्वप्न में दर्शन दिया। उन्होंने वरदान देते हुए कहा, “तुम्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति होगी। लेकिन ध्यान रहे, अगर तुम दोनों पति-पत्नी लगातार 32 पूर्णिमा व्रत रखोगे, तो तुम्हारा पुत्र दीर्घायु होगा।” मां चंडी के इस आशीर्वाद से धनेश्वर ने व्रत का पालन किया और उन्हें संतान सुख प्राप्त हुआ। कहा जाता है कि पूर्णिमा का व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और विशेष फल की प्राप्ति होती है। दुर्गम दैत्य और पौष पूर्णिमा की कथा:(Story of inaccessible monster and Paush Purnima) एक अन्य कथा में बताया गया है कि दुर्गम नामक एक शक्तिशाली दैत्य ने अपने आतंक से तीनों लोकों में हाहाकार मचा दिया था। उसके अत्याचारों के कारण पृथ्वी पर सौ वर्षों तक बारिश नहीं हुई। बारिश न होने के कारण पृथ्वी पर अकाल पड़ गया और लोग अन्न और जल के अभाव में अपने प्राण त्यागने लगे। इस स्थिति से मुक्ति दिलाने के लिए देवी-देवताओं ने मां दुर्गा से प्रार्थना की। उनकी प्रार्थना सुनकर मां दुर्गा ने शाकंभरी के रूप में अवतार लिया। कहा जाता है कि मां शाकंभरी की सौ आंखें थीं। धरती पर अवतरित होते ही उन्होंने रोना शुरू कर दिया। उनके आंसुओं से पूरी धरती जलमग्न हो गई, जिससे जल की कमी पूरी हो गई और धरती पर एक बार फिर हरियाली लौट आई। इसके बाद मां शाकंभरी ने दुर्गम दैत्य का अंत किया और पृथ्वी को उसके अत्याचारों से मुक्त कराया। तब से पौष पूर्णिमा का दिन मां शाकंभरी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनकी पूजा के लिए विशेष माना जाता है। पौष पूर्णिमा की पूजा विधि (Paush Purnima Puja Vidhi) पौष पूर्णिमा Paush Purnima के दिन स्नान के बाद पवित्र मन से पूजा की तैयारी करें। सबसे पहले गेहूं और अन्य अनाज के पांच छोटे ढेर बनाएं। इन ढेरों पर भगवान विष्णु, सूर्य, रुद्र, ब्रह्मा और देवी लक्ष्मी को प्रतीक रूप में स्थापित करें। यदि उनके चित्र या मूर्ति उपलब्ध न हों, तो ध्यानपूर्वक उनके नाम का स्मरण करते हुए प्रत्येक ढेर पर एक पुष्प अर्पित करें। इसके बाद क्रमवार इनकी पूजा करें। घी का दीपक जलाएं और तिल, गुड़, तथा फल का प्रसाद अर्पित करें। भगवान की आरती करें और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करें। Paush Purnima अगले दिन इस अनाज को किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर दें।शाम को खीर का प्रसाद बनाकर देवी लक्ष्मी को अर्पित करें और उनकी आरती करें। ऐसा करने से घर में दुख और दरिद्रता समाप्त होती है और सुख-शांति का वास होता है। पौष पूर्णिमा से कल्पवास की शुरुआत (Paush Purnima Aur Kalpvaas) पौष पूर्णिमा के दिन से माघ स्नान का शुभारंभ होता है। इस व्रत के नियम अनुसार माघ के पूरे महीने सूर्योदय से पूर्व स्नान करना चाहिए। जितनी देर से स्नान करेंगे, उतना ही पुण्य कम प्राप्त होगा। माघ मास में भीषण ठंड के बावजूद जो व्यक्ति धर्मपरायण होकर सूर्योदय से पहले गंगा स्नान करता है, वह मोक्ष का अधिकारी बनता है।

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Sapne me gay dekhna:सपने में गायों का झुंड दिखे तो खुश हो जाइये, आपके साथ होने वाला है कुछ अच्छा

Sapne me gay dekhna: हिंदू धर्म में गाय का बड़ा महत्व है। इनको माता के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि इसमें कई देवता निवास करते हैं। इसलिए इनकी सेवा से पुण्यफल मिलता है। इनका सपने में दिखना भी शुभ होता है। इसके कुछ संकेत होते हैं तो आइये जानते हैं कि सपने में गायों का झुंड दिखने पर क्या फल प्राप्त होगा। Sapne me gay dekhna:सोते समय कई लोग सपने देखते हैं, स्वप्न शास्त्र के अनुसार ये स्वप्न अनायास नहीं आते। इन सपनों का अर्थ होता है, इसमें भविष्य के संकेत छिपे होते हैं। इनमें से कुछ सपने हमारे जीवन में कुछ अच्छा बदलाव आने के भी संकेत होते हैं। यदि सपने में आपने गाय देखी है तो समझ लीजिए आने वाले हैं अच्छे दिन…यहां जानें गाय, गीता और गंगा देखने पर क्या बदलेगा Sapne me gay dekhna:सपने में गाय का दिखना Sapne me gay dekhna:अगर आपको सपने में गाय दिखी है तो आपके साथ कुछ अच्‍छा होने वाला है। Sapne me gay dekhna हिंदू धर्म के अनुसार गाय में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। इसलिए सपने में गाय का दिखना मंगलकारी संकेत है। इस सपने का मतलब है कि आपको आने वाले दिनों में कोई ऐसी खबर मिल सकती है जिससे आपका मन प्रसन्‍न होगा। घर में आती है समृद्धि:Sapne me gay dekhna: स्वप्न शास्त्र के Sapne me gay dekhna अनुसार सपने में गाय दिखना, संतान प्राप्ति या घर-परिवार में शिशु के जन्‍म का संकेत भी देता है। यह संकेत होता है आपके घर में सुख-समृद्धि और खुशियों का वास होने वाला है। साथ ही यह आपमें सकारात्‍मक ऊर्जा और शक्‍ति का संचार होने का संकेत है। सपने में गाय का दूध पीने का अर्थ:Meaning of drinking cow milk in a dream स्वप्न शास्त्र के अनुसार आप सपने में गाय का दूध पी रहे हैं तो इसका अर्थ है भविष्य में आपके स्वास्थ्य में सुधार, ज्ञान और धन में बढ़ोतरी होगी और आपकी किस्मत चमक सकती है। इसके अलावा सपने में गाय को रोटी खिला रहे हैं तो इसका अर्थ है आपको किसी बीमारी से छुटकारा मिलने वाला है। गाय का झुंड देखना:Watching a herd of cows आप सपने में गाय को चारा खाते हुए देखते हैं तो आपके जीवन में खुशी, सफलता और समृद्धि आएगी। जबकि सपने में गायों का झुंड देखा है तो यह आपके जीवन में समृद्धि, धन-धान्य में वृद्धि का संकेत है। यह अर्थ है कि भविष्य में आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने वाली है। सफेद गाय या बछड़ा देखना:Seeing a white cow or calf यदि आप सपने में सफेद रंग की गाय या बछड़ा देखते हैं तो आपको सफेद वस्तुओं के कारोबार में लाभ मिलने के योग बनते हैं। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार आपको शकर, दूध, पनीर के व्यापार में लाभ तथा सुख-शांति मिलेगी। यदि आपको सपने में गाय की बछिया दूध पीते दिखाई दें तो यह शुभ शगुन माना गया है। यह सपना अपार धन प्राप्ति का संकेत है। सपने में रंभाना सुनना:hear mooing in dream सपने में गाय की आवाज सुनाई देना लाभ प्राप्ति की ओर इशारा करता है, यह एक शुभ स्वप्न है, जो आने वाले दिनों में सुख-समृद्धि मिलने की पूर्व सूचना है। बछड़े को दूध पीते देखना:Watching a calf drink milk अगर सपने में बछड़े को गाय का दूध पीते हुए देखें तो यह धन के मामले में अच्छा शगुन माना गया है। इससे धन की प्राप्ति होती है। सपने में बछड़े के साथ गाय को देखना:Seeing a cow with a calf in a dream Sapne me gay dekhna:सपने में गाय के साथ यदि बछड़ा दिखाई देता है तो यह अत्यंत शुभ फल देना वाला स्वप्न है, जिसका अर्थ आने वाले दिनों में धन से जुड़े मामलों में वृद्धि होने की संभावना तथा एक शुभ संकेत है। सपने में गीता देखना:see gita in dream स्‍वप्‍न शास्‍त्र के Sapne me gay dekhna अनुसार सपने में गीता दिखना शुभ होता है। अगर आपको सपने में पवित्र गीता दिखी है तो इसका अर्थ है कि आपको आने वाले दिनों में कोई अच्‍छी खबर मिलने वाली है। इसके अलावा इस सपने का यह अर्थ भी होता है कि आपकी कोई योजना सफल होने वाली है। संभव है कि आने वाले समय में आपकी कोई इच्‍छा पूरी हो जाए। सपने में गीता दिखने का एक अर्थ है कि आप पर भगवान कृष्‍ण की कृपा बरसने वाली है।

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Rinmochan Mahaganpati Stotra:ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र: कर्ज मुक्ति का चमत्कारी उपाय

Rinmochan Mahaganpati Stotra:ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र (ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र हिंदी) भगवान गणेश को समर्पित है। यह स्तोत्र किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत अधिक लाभकारी होता है जब किसी व्यक्ति का कर्ज बहुत बढ़ जाता है, यह उन लोगों के लिए बहुत फायदेमंद है, जो कर्जदार हैं। जो लोग नियमित रूप से ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र का जाप करते हैं, उन्हें जीवन में कर्ज से जूझना नहीं पड़ता है और जिनका कर्ज नहीं उतर रहा है उन्हें भी नियमित रूप से इसका जाप करना चाहिए। यह ब्रह्माण्ड पुराण से है। यह बहुत ही पवित्र और शक्तिशाली स्तोत्र है जिसे अगर हर दिन विश्वास, भक्ति और एकाग्रता के साथ जप किया जाए तो भक्तों के सभी कर्ज दूर हो जाते हैं। Rinmochan Mahaganpati Stotra यह भक्त की सभी मनोकामनाएं भी पूरी करता है। ‘ऋणमोचन’ भगवान गणेश का दूसरा नाम है और जिसका अंग्रेजी अर्थ है ‘धन देने वाला’। हिंदी में, ऋणमोचन का अर्थ ‘ऋण’ या ‘ऋणम’ शब्दों से लिया गया है जिसका अर्थ है ‘ऋण’ और ‘मोचन’ का अर्थ है ‘हटाने वाला’। गणपति किसी तरह से शरीर में बुद्धि का प्रतीक भी हैं। Rinmochan Mahaganpati Stotra हिंदू धर्म के अनुसार, वह सृष्टि की प्रक्रिया में प्रकृति के सर्वोच्च रूप महा का प्रतिनिधित्व करते हैं। आधुनिक भाषा में, बुद्धि उच्च मन का प्रतिनिधित्व करती है और तर्क और विवेक के लिए महत्वपूर्ण है। Rinmochan Mahaganpati Stotra:ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र के लाभ: स्तोत्र का जाप करने से भगवान गणेश का आह्वान किया जाता है, जो व्यक्ति के कल्याण के बीच आने वाली हर बाधा को दूर करते हैं और धन, बुद्धि, सौभाग्य, समृद्धि और सभी प्रयासों में सफलता प्राप्त करने में मदद करते हैं। ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र आपको लंबे समय से बकाया ऋण से छुटकारा पाने में मदद करेगा। ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने में मदद करता है, Rinmochan Mahaganpati Stotra:जिससे आप वित्तीय समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। देवी लक्ष्मी को भी माता माना जाता है, क्योंकि पार्वती ने उन्हें गणेश को अपना पुत्र मानने की अनुमति दी थी। देवी लक्ष्मी के साथ, वह समृद्धि, प्रचुरता, धन, खुशी, पैसा, संपत्ति, सौभाग्य और सभी भौतिक सफलताएं प्रदान करते हैं। इस तरह सभी ऋण समाप्त हो जाते हैं। ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र का जाप न केवल व्यक्ति के प्रयासों के लिए पुरस्कार देता है, बल्कि व्यक्ति की प्रगति को गति देता है और जीवन में एक बेहतर व्यक्ति बनने में मदद करता है। Rinmochan Mahaganpati Stotra:ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र जीवन में धन और समृद्धि के लिए भगवान गणेश का मंत्र है क्योंकि भगवान गणेश से ऋण और गरीबी को दूर रखने और जीवन में प्रचुरता लाने का अनुरोध किया जाता है।इस स्तोत्र का जाप किसे करना चाहिए:जो व्यक्ति विनाश के कगार पर है, उसे आर्थिक स्थितियों में बदलाव के लिए नियमित रूप से इस ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र का जाप करना चाहिए। ऋणमोचन महागणपति स्तोत्र | Rinmochan Mahaganpati Stotra Lyrics विनियोग ॐ अस्य श्रीऋण-मोचन महा-गणपति-स्तोत्र-मन्त्रस्य भगवान् शुक्राचार्य ऋषिः, ऋण-मोचन-गणपतिः देवता, मम-ऋण-मोचनार्थं जपे विनियोगः। ऋष्यादि-न्यास भगवान् शुक्राचार्य ऋषये नमः शिरसि, ऋण-मोचन-गणपति देवतायै नमः हृदि, मम-ऋण-मोचनार्थे जपे विनियोगाय नमः अञ्जलौ। मूल-स्तोत्र ॐ स्मरामि देव-देवेश।वक्र-तुण्डं महा-बलम्। षडक्षरं कृपा-सिन्धु, नमामि ऋण-मुक्तये।।1।। महा-गणपतिं देवं, महा-सत्त्वं महा-बलम्। महा-विघ्न-हरं सौम्यं, नमामि ऋण-मुक्तये।।2।। एकाक्षरं एक-दन्तं, एक-ब्रह्म सनातनम्। एकमेवाद्वितीयं च, नमामि ऋण-मुक्तये।।3।। शुक्लाम्बरं शुक्ल-वर्णं, शुक्ल-गन्धानुलेपनम्। सर्व-शुक्ल-मयं देवं, नमामि ऋण-मुक्तये।।4।। रक्ताम्बरं रक्त-वर्णं, रक्त-गन्धानुलेपनम्। रक्त-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।5।। कृष्णाम्बरं कृष्ण-वर्णं, कृष्ण-गन्धानुलेपनम्। कृष्ण-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।6।। पीताम्बरं पीत-वर्णं, पीत-गन्धानुलेपनम्। पीत-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।7।। नीलाम्बरं नील-वर्णं, नील-गन्धानुलेपनम्। नील-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।8।। धूम्राम्बरं धूम्र-वर्णं, धूम्र-गन्धानुलेपनम्। धूम्र-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।9।। सर्वाम्बरं सर्व-वर्णं, सर्व-गन्धानुलेपनम्। सर्व-पुष्पै पूज्यमानं, नमामि ऋण-मुक्तये।।10।। भद्र-जातं च रुपं च, पाशांकुश-धरं शुभम्। सर्व-विघ्न-हरं देवं, नमामि ऋण-मुक्तये।।11।। फल-श्रुति – यः पठेत् ऋण-हरं-स्तोत्रं, प्रातः-काले सुधी नरः। षण्मासाभ्यन्तरे चैव, ऋणच्छेदो भविष्यति जो व्यक्ति उक्त “ऋण-मोचन-स्तोत्र’ का नित्य प्रातः काल पाठ करता है, उसका छः मास में ऋण-निवारण होता है।

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Rinmochan Narsingh Stotra:ऋणविमोचन नृसिंह स्तोत्र का चमत्कारी प्रभाव

Rinmochan Narsingh Stotra:ऋणविमोचन नृसिंह स्तोत्र भगवान नृसिंह का एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है, जिसका पाठ ऋणों से मुक्ति और आर्थिक समृद्धि प्राप्त करने के लिए किया जाता है। यह स्तोत्र भक्त को ऋण, भय और दुखों से बचाने में सहायक है। Rinmochan Narsingh Stotra:पाठ विधि Rinmochan Narsingh Stotra:ऋणविमोचन नृसिंह स्तोत्र विशेषताएँ Rinmochan Narsingh Stotra:ऋणविमोचन नृसिंह स्तोत्र के साथ-साथ यदि नरसिंह सहस्त्रनाम और नरसिंह अष्टकम का पाठ किया जाए तो, इस स्तोत्र का बहुत लाभ मिलता है यह स्तोत्र शीघ्र ही फल देने लग जाता है। इस स्तोत्र का पाठ करने के साथ ऋण मोचन लक्ष्मी यन्त्र की पूजा करते है तो आपको धन का आगमन होने लगेगा। ऋणमोचन नृसिंह स्तोत्र का पाठ करत्ते समय नरसिंह गुटिका धारण करते है तो साधक के जीवन से नकारात्मक शक्तियों का दुष्प्रभाव कम होने लगता है। Rinmochan Narsingh Stotra (ऋणविमोचन नृसिंह स्तोत्र) देवता कार्यसिध्यर्थं सभास्तम्भसमुद्भवम् श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये लक्ष्म्यालिङ्गितवामाङ्गं भक्तानामवरदायकम् श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये आन्त्रमालाधरं शङ्खचक्राब्जायुधधारिणम् श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये स्मरणात्सर्वपापघ्नं कद्रुजं विषनाशनम् श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये सिंहनादेन महता दिग्दन्तिभयनाशनम् श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये प्रह्लादवरदं श्रीशं दैत्येश्वरविदारिणम् श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये क्रूरग्रहपीड़िताणां भक्तानाम् अभयप्रदम् श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये वेद्वेदान्त यज्ञेशं ब्रह्मरुद्रादिवंदितम् श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये य इदं पठते नित्यं ऋणमोचनसंज्ञितम् अनृणीजायते सद्यो धनं शीघ्रमवाप्नुयात् इति श्रीनृसिंहपुराणे ऋणमोचनस्तोत्रं सम्पूर्णम्

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Rin Mochan Angaraka Stotram:ऋणमोचन अंगारक स्तोत्रम्: कर्ज से मुक्ति पाने का दिव्य उपाय

Rin Mochan Angaraka Stotram:ऋणमोचन अंगारक स्तोत्रम् एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है जो विशेष रूप से मंगल दोष को दूर करने और ऋण से मुक्ति पाने के लिए पाठ किया जाता है। इसे भगवान हनुमान और अंगारक (मंगल ग्रह) की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धापूर्वक पढ़ा जाता है। Rin Mochan Angaraka Stotram:ऋणमोचन अंगारक स्तोत्रम् विशेषताएं: Rin Mochan Angaraka Stotram:ऋणमोचन अंगारक स्तोत्र पाठ के साथ मंगल गृह कवच का पाठ किया जाये तो यह स्तोत्र शीघ्र फल देने लगता है। इस स्तोत्र के पाठ करने के साथ ऋण मुक्ति यन्त्र की नित्य पूजा करते है तो जल्द ही साधक का कर्जा उतरने लगता है। यदि ऋणमोचन अंगारक स्तोत्र का पाठ करते समय मंगल गुटिका धारण करता है तो साधक की जन्मकुंडली से मंगल गृह के दुष्प्रभाव दूर होने लगता है। Rin Mochan Angaraka Stotram:ऋणमोचन अंगारक स्तोत्रम् अथ ऋणग्रस्तस्य ऋणविमोचनार्थं अङ्गारकस्तोत्रम् । स्कन्द उवाच । ऋणग्रस्तनराणां तु ऋणमुक्तिः कथं भवेत् । ब्रह्मोवाच । वक्ष्येऽहं सर्वलोकानां हितार्थं हितकामदम् । अस्य श्री अङ्गारकमहामन्त्रस्य गौतम ऋषिः । अङ्गारको देवता । मम ऋणविमोचनार्थे अङ्गारकमन्त्रजपे विनियोगः । ध्यानम् । रक्तमाल्याम्बरधरः शूलशक्तिगदाधरः । चतुर्भुजो मेषगतो वरदश्च धरासुतः ॥ १॥ मङ्गलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः । स्थिरासनो महाकायो सर्वकामफलप्रदः ॥ २॥ लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां कृपाकरः । धरात्मजः कुजो भौमो भूमिदो भूमिनन्दनः ॥ ३॥ अङ्गारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः । सृष्टेः कर्ता च हर्ता च सर्वदेशैश्च पूजितः ॥ ४॥ एतानि कुजनामानि नित्यं यः प्रयतः पठेत् । ऋणं न जायते तस्य श्रियं प्राप्नोत्यसंशयः ॥ ५॥ अङ्गारक महीपुत्र भगवन् भक्तवत्सल । नमोऽस्तु ते ममाशेषं ऋणमाशु विनाशय ॥ ६॥ रक्तगन्धैश्च पुष्पैश्च धूपदीपैर्गुडोदनैः । मङ्गलं पूजयित्वा तु मङ्गलाहनि सर्वदा ॥ ७॥ एकविंशति नामानि पठित्वा तु तदन्तिके । ऋणरेखा प्रकर्तव्या अङ्गारेण तदग्रतः ॥ ८॥ ताश्च प्रमार्जयेन्नित्यं वामपादेन संस्मरन् । एवं कृते न सन्देहः ऋणान्मुक्तः सुखी भवेत् ॥ ९॥ महतीं श्रियमाप्नोति धनदेन समो भवेत् । भूमिं च लभते विद्वान् पुत्रानायुश्च विन्दति ॥ १०॥ मूलमन्त्रः। अङ्गारक महीपुत्र भगवन् भक्तवत्सल । नमस्तेऽस्तु महाभाग ऋणमाशु विनाशय ॥ ११॥ अर्घ्यम् । भूमिपुत्र महातेजः स्वेदोद्भव पिनाकिनः । ऋणार्थस्त्वां प्रपन्नोऽस्मि गृहाणार्घ्यं नमोऽस्तु ते ॥ १२॥ । इति ऋणमोचन अङ्गारकस्तोत्रं सम्पूर्णम् ।

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Guru Gobind Singh Jayanti:गुरु गोबिन्द सिंह जयन्ती कब है? पढ़ें उनके ये 15 प्रेरणादायक विचार

Guru Gobind Singh Jayanti:सिखों के दसवें एवं अंतिम गुरु Guru Gobind Singh Jayanti श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्म दिवस पर मनाई जाती है यह गुरु गोबिंद सिंह जयंती। सिख संप्रदाय में गुरुओं की जयंती को प्रकाश पर्व के नाम से जाता है। प्रकाश पर्व को सिख संप्रदाय में सबसे ऊँचा उत्सव माना जाता है। अतः इस उत्सव को गुरु गोबिंद सिंह प्रकाश पर्व कहा जाता है। Guru Gobind Singh Jayanti:गुरू गोबिंद सिंह जी सिखों के दसवें गुरू थे. उनका जन्म पौष मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी के दिन 1666 में बिहार के पटना शहर में हुआ था. साल 2024 में 17 जनवरी, बुधवार के दिन गुरू गोबिंद सिंह जयंती पड़ेगी. Guru Gobind Singh Jayanti:इनके पिता श्री गुरू तेग बहादुर सिंह जी सिखों के 9वें गुरू थे. इनके शुरुवाती चार साल पटना में ही बीते. इसके बाद उनका परिवार आनंदपुर साहिब आ गया. गुरू गोबिंद सिंह जी ने योद्धा बनने के लिए कला सीखी और साथ ही संस्कृत और फारसी भाषा का भी ज्ञान लिया. इनके पिता ने धर्म परिवर्तन के खिलाफ खुद का बलिदान दे दिया. लोगों को धर्म परिवर्तन से बचाने के लिए दिल्ली के चांदनी चौक पर इनके पिता गुरू तेग बहादुर जी का गला औरंगजेब ने सिर धड़ से अलग कर दिया. इसके बाद उनके बेटे गुरू गोबिंद सिंह जी को 10वां गुरू घोषित किया गया. उ समय उनकी उम्र 10 साल थी. गुरु गोबिंद सिंह के विचार Guru Gobind Singh Jayanti 1- अगर आप केवल भविष्य के बारे में सोचते रहेंगे, तो वर्तमान भी खो देंगे।2.- जब आप अपने अन्दर से अहंकार मिटा देंगे, तभी आपको वास्तविक शांति प्राप्त होगी।3 – मैं उन लोगों को पसंद करता हूँ जो सच्चाई के मार्ग पर चलते हैं।4- ईश्वर ने हमें जन्म दिया है ताकि हम संसार में अच्छे काम करें और बुराई को दूर करें।5- इंसान से प्रेम ही ईश्वर की सच्ची भक्ति है। 6 -अच्छे कर्मों से ही आप ईश्वर को पा सकते हैं। अच्छे कर्म करने वालों की ही ईश्वर मदद करता है।7- असहायों पर अपनी तलवार चलाने वाले का खून ईश्वर बहाता है। 8- बगैर गुरु के किसी को भगवान का नाम नहीं मिलता।9 – जितन संभव हो सके, जरूरतमंद लोगों की मदद करनी चाहिए।10- अपनी कमाई का दसवां हिस्सा दान करें।  11- छोटे से छोटे काम में भी लापरवाही न बरतें। सभी कार्यों को लगन और मेहनत के साथ करें। 12- मनुष्य अनंत जीवन का एक भाग है इस जीवन का कोई अंत नहीं है। इसे अपने कर्मों से सुंदर बनाएं। 13- सत्कर्म कर्म के द्वारा सच्चा गुरु प्राप्त होता है और गुरु के मार्गदर्शन से भगवान मिलते हैं। 14- किसी भी व्यक्ति की चुगली और निंदा करने से बचें और किसी से ईर्ष्या करने के बजाय अपने कर्म पर ध्यान दें। 15- एक सुंदर जीवन के लिए आहार और व्यायाम ही काफी नहीं है, बल्कि गरीब और बेसहारा लोगों की सेवा भी जरूरी है।

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Dream Science:सपने में दिख जाएं ये 5 चीजें तो समझ जाइए चमकने वाली है किस्मत, आप बनने वाले हैं अमीर

Dream Science:सपने में हम कुछ भी देख सकते हैं। सपनों पर किसी का वश नहीं होता है। लेकिन, स्वप्न शास्त्र में कुछ सपने ऐसे बताए गए हैं जिनका आना बहुत ही शुभ माना गया है। इस तरह के सपनों का अर्थ है कि आपको आने वाले समय में मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होगा। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने में गुलाब का फूल समेत 5 चीजे दिखाई देना आपके अमीर Dream Science बनने का संकेत हो सकता है। आइए जानते हैं सपने में यदि नीचे बताई गई 5 चीजें दिखाई दे रही हैं तो इसका अर्थ क्या है। सपने हमारे अवचेतन मन के संकेत होते हैं और कई बार यह हमारे जीवन में होने वाले शुभ या अशुभ घटनाओं का संकेत देते हैं। ज्योतिष और स्वप्न शास्त्र के अनुसार, यदि सपने में कुछ विशेष चीजें दिखाई दें, तो यह इस बात का संकेत Dream Science हो सकता है कि आपकी किस्मत बदलने वाली है और आप धनवान बनने वाले हैं। हर किसी का सपना होता है कि वह बहुत अमीर बन जाए। इसके लिए व्यक्ति काफी मेहनत भी करता है। मेहनत के साथ साथ किस्मत का साथ देना भी बहुत जरूरी है। कई बार व्यक्ति को जो सपने दिखाई देते हैं वह भी धन लाभ और अमीर बनने के संकेत देते हैं। स्वप्न शास्त्र में ऐसे सपनों के बारे में विस्तार से बताया गया है। जिन्हें देखने से पता चलता है Dream Science कि आपके जीवन में कुछ अच्छा होने वाला है। स्वप्न शास्त्र के अनुसार, सपने में यदि ये 5 चीजें दिखाई दे जाएं तो इसका अर्थ है कि आपकी किस्मत चमकने वाली है। मां लक्ष्मी का आपके घर में वास होने जा रहा है। Dream Science:सोना या गहने दिखना seeing gold or jewelry यदि आप सपने में सोना, चांदी या अन्य कीमती गहने देखते हैं, तो यह धन प्राप्ति का संकेत है। यह सपना बताता है कि आपके जीवन में जल्द ही आर्थिक संपन्नता आने वाली है। सपने में झाड़ू का देखने seeing broom in dream स्वप्न शास्त्र के अनुसार, यदि आपको सपने में झाड़ू दिखाई देती है तो इसका अर्थ है कि जल्द ही आपकी किस्मत बदलते वाली हैं। मां लक्ष्मी का आपके घर में वास होने जा रहा है। इस तरह के सपने आपके धनवान होने के संकेत देते हैं। साफ और स्वच्छ पानी clear and clean water सपने में स्वच्छ पानी का देखना शुभ माना जाता है। यह संकेत देता है कि आपकी परेशानियां समाप्त होंगी और धन-समृद्धि के रास्ते खुलेंगे। सपने में खाली बर्तन देखना Seeing empty utensils in dream यदि किसी व्यक्ति को सपने में खाली बर्तन दिखाई देते हैं तो स्वप्न शास्त्र के अनुसार, इस तरह के सपने आपके घर में मां लक्ष्मी के आगमन होने वाला है। आपके सभी काम बनते जाएंगे। आपको अचानक धन लाभ मिल सकता है। साथ ही इस तरह के सपने आपकी सभी समस्याएं समाप्त होने वाली है। सपने में उल्लू देखना seeing an owl in a dream स्वप्न शास्त्र के अनुसार, Dream Science अगर किसी को सपने में उल्लू दिखाई देता है तो यह बहुत ही शुभ संकेत हैं। दरअसल, उल्लू माता लक्ष्मी का वाहन है। इस तरह के सपने संकेत देते हैं कि आप पर माता लक्ष्मी की कृपा होने वाली है। आपको अचानक बड़ी मात्रा में धन लाभ हो सकता है सपने में सफेद मिठाई देखना seeing white sweets in dream अगर सपने में सफेद मिठाई दिखाई दे तो इसका अर्थ है कि आपके जीवन में ढेर सारी खुशियां आने वाली हैं।Dream Science माता लक्ष्मी की आप पर कृपा होने वाली है साथ ही आपको जल्द ही कोई खुशखबरी भी मिलने वाली है। सपने में गुलाब का फूल दिखाई देना Seeing roses in dreams यदि आपको सपने में गुलाब के फूल दिखाई देता है तो इस तरह के सपनों का अर्थ है कि आपकी किस्मत का सितारा बुलंद होने वाला है। माता लक्ष्मी आपको बड़ी मात्रा में धन लाभ दिखाई दे सकता है। इस तरह के सपने संकेत देते हैं कि आपकी आर्थिक समस्याएं दूर होने वाली है।

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