नहीं, श्रीकृष्ण स्तोत्रम श्रीनृसिंहदेवाचार्य द्वारा रचित नहीं है। श्रीकृष्ण स्तोत्रम की रचना राधाजी ने की थी। राधाजी भगवान कृष्ण की प्रेमिका थीं। वे भगवान कृष्ण की परम भक्त थीं।
श्रीकृष्ण स्तोत्रम की रचना का काल 16वीं शताब्दी माना जाता है। यह स्तोत्रम संस्कृत भाषा में लिखा गया है।
Srikrishna Stotram Srinaradarachitam
श्रीनृसिंहदेवाचार्य 13वीं शताब्दी के एक प्रसिद्ध वैष्णव संत थे। वे भगवान विष्णु के अवतार भगवान नृसिंह के उपासक थे। उन्होंने कई ग्रंथों की रचना की, जिनमें "श्रीनृसिंह पुराण" और "श्रीनृसिंह स्तोत्र" शामिल हैं।
श्रीनृसिंहदेवाचार्य द्वारा रचित "श्रीनृसिंह स्तोत्र" एक प्रसिद्ध स्तोत्र है जो भगवान नृसिंह की महिमा का वर्णन करता है। यह स्तोत्रम 14 श्लोकों में विभाजित है।
श्रीकृष्ण स्तोत्रम और श्रीनृसिंह स्तोत्रम दोनों ही हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण ग्रंथ हैं। ये दोनों स्तोत्रम भगवान कृष्ण और भगवान नृसिंह की महिमा का वर्णन करते हैं।
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